श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 15 Shiv putri द्वारा आध्यात्मिक कथा में हिंदी पीडीएफ

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श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 15

अब सब लोग होटल पहुंच गए थे । 
थके होने के कारण सब सो गए...
लेकिन हरि और श्री को नींद नहीं आ रही थी । 
श्री कमरे की बालकनी में थी और हरि बाहर टहल रहा था उसने ऊपर मुंह कर के देखा तो श्री जागी हुई थी । उसने श्री को इशारा किया श्री उसके इशारे से नीचे आ गई 
अब दोनों एक साथ होटल के बागान में टहल रहे थे ।

श्री ने कहा चलिए दिखाइए कौनसा आशिर्वाद मिला आपको राधावल्लभ जी से।🥲
हरि ने अपने हाथों में वही फूल माला ले रखी थी जो उसे राधावल्लभ जी के चरणों से मिली थी आशीर्वाद के तौर पर।

हरि ने वो माला श्री के गले में डाल दी और कहा ये है वो आशीर्वाद जो भगवान से मुझे मिला तुम्हे पाने का अधिकार और आशीर्वाद 😌
हरि श्री की तरफ देख मुस्कुराया..😊

श्री के गले में भगवान के चरणों की माला थी और वो भावुक हो गई  🥺
उसकी आवाज अटक गई 
पर उसने बोला  हरि जी क्यूं कर रहे हैं आप ऐसा ..
चलो मान लिया आपको भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो गया लेकिन जब तक गुरुदेव आज्ञा नहीं देंगे हम आपकी कोई बात नहीं मानेंगे ..🥺😑
और एक बात अगर गुरुदेव ने आज्ञा नहीं दी तो आप हमारे विषय में सोचना छोड़ देंगे । और मुझे भूल कर अपनी लाइफ में आगे बढ़ जाएंगे।
वादा कीजिए हमसे..😔

हरि ने श्री के आँसू पौछते हुए कहा नहीं मानूंगा ये बात तो और अगर तुम्हारे गुरुदेव ने आज्ञा नहीं दी तो मैं भी संन्यास ले लूंगा क्यूंकि तुम्हारे शिवाय अब मेरे जीवन में कोई और नहीं आ सकती 🫶🏻 और फिर मैं भी नारायण प्राप्ति में लीन हो जाऊंगा
मैं तुमसे प्यार करता हु इससे आगे मैं कुछ नहीं जानता
श्री I Love you मेरी प्रियतमा I love you 🥰🥰 

श्री उससे दूर हुई और कहा क्या आप पागल हो गए है  
क्या कहा आपने की अगर गुरुदेव आज्ञा नहीं देंगे तो आप संन्यास लेंगे 😠
नहीं हरि जी आप नहीं करोगे ऐसा अगर गुरुदेव की आज्ञा नहीं मिली तो आप अपनी लाइफ में आगे बढ़ोगे मुझे भूल जाओगे आपको मेरी कसम है हरि जी 😑

हरि ने कहा मैं कसम को नहीं मानता और मैं न ही किसी और के साथ खुश हो सकता हु मेरी खुशी तुम हो मेरे जीवन का कारण तुम हो मेरा प्यार तुम हो तो क्यूं किसी और का हो जाऊ 
और पहली बात तो ये कि मैं तुम्हारे गुरुदेव को मना ही लूंगा और तुम्हे संन्यास नहीं लेने दूंगा तुम्हे मुझसे शादी करनी पड़ेगी।😠

श्री ने कहा – देख लेंगे कि आप कैसे मनाते हो गुरुदेव को 
लेकिन अगर वो नहीं माने तो आपको अपनी लाइफ मे आगे बढ़ना होगा । 😠
हरि:— नहीं मैं अपनी लाइफ में तुमसे आगे नहीं बढ़ सकता और मुझे कोई और नहीं चाहिए मुझे तुम चाहिए समझी बस अब इस बारे में कोई बहस नहीं जाओ सो जाओ 😑

श्री अब कुछ नहीं बोल पाई और वहां से अपने कमरे चली गई श्री सो चुकी थी 
हरि भी अपने कमरे में जा कर सो गया ।

अगले दो दिन श्री और हरि का परिवार बरसाना में
श्रीजी ( राधारानी) के सानिध्य में रहे।

इन दो दिनों में यही रहा कि दोनों परिवारों ने भगवान के दर्शन किए हरि श्री को देखता रहा उससे बात करने की कोशिश करता रहा और श्री, हरि से छिपती रही उसे नजरअंदाज करती रही ।

हरि को अब श्री की हरकतों पे गुस्सा भी आता लेकिन वो श्री को कुछ कहे भी तो नहीं सकता था।

अब दोनों परिवारों के लोग अपने अपने घर जा चुके थे ।

श्री अब अपनी पैकिंग कर रही थी क्यूंकि अब उसे 1 साल के लिए अपनी ट्रेनिंग पे जाना था ।
रात में हरि उसको फोन करता है और कहता है श्री अब जा रही हो 1 साल के लिए लेकिन मुझसे रोज बात करना 
मैं ये एक साल कैसे बिताऊंगा 
जब वापिस आ जाओगी तब तुम्हारे गुरुदेव से मिलूंगा मैं 

श्री — हम्ममम 
हरि — मैने इतना सब बोला और तुम बस hmmm ये क्या बोलो न कुछ प्रिय 
श्री— क्या बोले हम मुझे तो आपकी बाते सुन के बहुत अजीब लगता है और कभी कभी डर भी 
हरि— डर क्यू?
श्री— क्यूंकि आपने कहा कि अगर गुरुदेव नहीं माने तो आप संन्यास लेंगे नहीं हरि जी आप मेरे कारण अपना भविष्य क्यूं खराब कर रहे है
हरि— तो तुम मान जाओ simple 😌
श्री— नहीं,  हम गुरुदेव की आज्ञा के बिना कुछ नहीं करेंगे ।
हरि— तो जब तुम मेरी बात नहीं मान रही तो मैं तुम्हारी बात क्यूं मानू 😑 मैने कहा न मुझे तुम्हारे शिवाय और कोई नहीं चाहिए और तुम नहीं मिली तो सारी जिंदगी अकेले बीता लूंगा मैं 😑

श्री— जो करना है कीजिए मैं अभी पैकिंग कर रही ही बाद मे बात करती हु 
हरि— अरे प्रियतमा ऐसे न कहो और बात करो न श्री please 
श्री— हरि जी अब मुझे नींद आ रही है सो जाइए अब आप और हमने कहा न कि ये प्रियतमा प्रिय मत बोलिए हमें क्या आपको एक बार में समझ नहीं आता ।😑
हरि— ज्यादा मत बोलो प्रियतमा और इंतजार करो शादी होने दो बेटा फिर बताता हु तुमको छोडूंगा नहीं गले से लगा कर रखूंगा 😂

अब हरि की बात सुन के श्री को बहुत गुस्सा और  शर्म महसूस होती है 
लेकिन वो बोली— हरि जी बस कीजिए सो जाइए अब शुभ रात्रि 😑😠

हरि– अरे नहीं न मुझे नींद नहीं आ रही और बात कर लो या फिर तुम मुझे लोरी भी सुना सकती हो तुम्हारी आवाज सुन के नींद आ जाएगी 
श्री हंसते हुए –अच्छा अब आपको मेरी आवाज सुन के नींद आती है लेकिन अफसोस मुझे कोई लोरी नहीं आती और आप कोई बच्चे नहीं हो समझे जो आपको भी लोरी सुननी है 
वैसे भी अब मुझे बहुत नींद आ रही चुप चाप सो जाइए ।

हरि— हा हा सो जाओ अभी तो आराम करो शादी के बाद देखूंगा कितने बहाने बनाती हो तुम 😂😂 
श्री— बस कीजिए अब सो जाइए चुप चाप से नहीं तो😠
हरि— नहीं तो क्या कर लोगी 😏
श्री– आंटी को फोन कर के आपकी शिकायत 😑
हरि— हा कुछ न सुझे बोलने को तो मां का नाम लेकर डरा दो मुझे🙂
श्री– हा डर गए न अब सो जाए और मुझे सोने दे कृपा कर के
हरि — ठीक है शुभ रात्रि कल बात करूंगा और फोन उठा लेना 
श्री— अच्छा ठीक है शुभ रात्रि 😑

श्री फोन बंद कर देती है 
श्री सोने के लिए बेड पे लेटती है लेकिन उसके दिमाग में अभी भी हरि की बात गुंज रही थी मेरी प्रियतमा एक बार शादी हो जाने दो गले से लगा कर रखूंगा😳

श्री ये सब सोच सोच के  शर्मा रही थी ।
उसने अपना मुंह तकिए पे रखा और मुस्कुराती रही ।

फिर एक दम से दिमाग को झटक दिया और मंदिर में भगवान के पास जा के बैठ गई उसने कहा क्यूं नारायण आप मेरे मन में ये भाव दुबारा क्यूं जगा रहे है नाथ ।

क्या आप सच में ये चाहते है नारायण क्या सच में आपने हरि जी को आशीर्वाद दे दिया नाथ नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते नारायण आप मुझे खुद से दूर नहीं कर सकते और सुन लीजिए आप भी आपने दे दिया होगा हरि जी को आशीर्वाद लेकिन हम उन्हें गुरुदेव की परीक्षा में सफल नहीं होने देंगे । क्यूंकि मैं उनका जीवन अपनी वजह से खराब नहीं कर सकती और न ही मैं आपसे दूर रह सकती हु नाथ। 🥺 श्री रोते रोते अपने भगवान से ये सब कहती हुई वही घर के मंदिर में सो गई । 


सुबह हमेशा की तरह श्री की आंख खुल गई उसने देखा कि वो मंदिर में ही सो गई थी 
फिर उसने भगवान के आगे हाथ जोड़े और योग आसन ध्यान पाठ करने के बाद तैयार हो गई
श्री ने अपनी बची हुई पैकिंग पूरी करी 
तब तक सब उठ गए थे .. 
श्री की मम्मी कमरे में आई और श्री के सिर को प्यार से छुआ और बोली अब तो 1 साल बाद अपनी बेटी को देखूंगी बेटा श्री अपना ध्यान रखना अपने खानेपीने का ध्यान रखना 🥺
श्री— मां आप रो मत न प्लीज़ आप तो जानती हो मेरा जाना जरूरी है मेरा करियर जरूरी है मां
गीता जी— हा हा पता है मुझे तेरा करियर भी जरूरी है ठीक है बस अपना ध्यान रखना बच्चा 
श्री अपनी मम्मी के गले लगते हुए ठीक है मां मैं अपना ध्यान रखूंगी आप चिंता मत लीजिए लेकिन वादा कीजिए कि आप भी अपना ध्यान रखोगे।
गीता जी — ठीक है मैं भी रखूंगी अपना ध्यान तू अपनी ट्रेनिंग पे ध्यान दियो जब आएगी तब तुझ से बहुत जरूरी बात करनी है
श्री— मुझे पता है आपको क्या बात करनी है लेकिन मैं उस बारे में कोई बात नहीं करना चाहती बस यही सच है

गीता जी — ज्यादा मत बोल नीचे आ जा खाना खा ले पहले जब आएगी ट्रेनिंग से तब बात करनी है मुझे बस बात खत्म 

श्री ने हा में सर हिलाया अपनी मां के साथ नीचे आ गई ।
सबने मिलकर खाना खाया श्री के पिता ने अपनी बेटी को गले लगाया उसे बहुत आशीर्वाद दिया अपना ध्यान रखने को कहा ।

श्री भी भावुक हों गई थी श्री सबके गले लगी भगवान के मंदिर में आ के अपने लड्डू गोपाल को गले लगाया उनसे भी कहा कि आप अपना ध्यान रखना मुझे हिम्मत देना मेरी ट्रेनिंग पूरी होते ही आ जाऊंगी आपके पास प्रभु जी 🥺 तब तक मां आपका सेवा करेंगी लड्डू जी 🥺 अब अलविदा 1 साल बाद मिलूंगी आपसे नाथ 🥺 

अपने लड्डू जी का आशिर्वाद लेकर श्री चल दी 
LABSNA (उत्तराखंड) में अपनी ट्रेनिंग के लिए ।

अब ये कहानी सीधे 1 साल बाद श्री के अपने ट्रेनिंग से वापिस आने के बाद शुरू होगी 🙏🏻

धन्यवाद 🙏🏻