श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 13 Janshi Saroha द्वारा आध्यात्मिक कथा में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
श्रेणी
शेयर करे

श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 13

हरि ने पीछे से आवाज देते हुआ कहा अरे मेरी  प्रियतमा सुनो तो...🤭

श्री पीछे मूढ के -क्या कहे रहे हैं आप कहा न हमे मत बोलिए  ये शब्द आप मार खाएंगे हमसे।🤨
हरि हंसते हुए अच्छा बटुकी सी तो हो तुम मुझे मारोगी आओ मारो मेरी प्रियतमा..🤣
श्री– क्या कहा हम बुटकी इतनी हिम्मत आपकी अब देखिए आप सच में पिटोगे हमसे । 🤨

श्री  हरि के पीछे भागी हरि आगे आगे श्री उसके पीछे पीछे थप्पड़ दिखाते हुए और बोलते हुए की रुकिए आप अभी बताते है हम बुटकी है हा। 
हरि आगे भागते हुए हा हो बुटकी हो मेरी प्रियतमा बुटकी
और मारोगी तो तब न जब पकड़ पाओगी बुटकी 😂

श्री और तेज भागने लगी लेकिन हरि को पकड़ नहीं पाई फिर भी भागती रही उसके पीछे ।🙂‍↔️
हरि को जब लगा श्री अब थक गई है तो वो खुद ही रुक गया श्री उसके अचानक रुकने की वजह से उससे जा टकराई । अब 5’ 5 इंच की श्री 6 फुट के हरि से जा टकराई । 🤭🙂‍↕️

हरि ने अपने हाथ श्री के कमर पे रख कर गले लगा लिया ।🤭
श्री एकदम असहज हो गई और 
उसने हरि को धक्का दे दिया । 🙂‍↔️

हरि हंसते हुए क्या हुआ मारो अब मुझे प्रियतमा तुम्हारे हाथों से तो पीटने को भी तैयार हु मैं मारो न ।🤭😅🥰🫣

श्री को अब शर्म महसूस हुई🫣 उसने मन में कहां अभी जमीन फटे और वो उसमें समा जाए ये क्या हुआ🙂‍↕️ अभी उसे ऐसा एहसास ऐसे भाव कैसे प्रकट हो सकते है उसके मन में वो साध्वी बनना चाहती है न अब तो क्यों आ रहे है ये भाव हे नारायण रक्षा करे ।🙏🏻

श्री ने हरि से कहां हरि जी आज के बाद हमारे करीब मत आइएगा नहीं तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा ।😤

हरि ने बेशर्मी से कहां शादी के बाद तो और भी करीब आऊंगा 🤭😉 और तब रोक नहीं पाओगी मुझे क्या कहां तुमने मेरे करीब मत आना मेरा अधिकार होगा जब तुम पर तब कैसे रोको गी मुझे । 😉😂

श्री और भी ज्यादा शर्मा गई 🤭 उसने कहा आपको शर्म नहीं आती हमसे ऐसी बाते करते हुए ।😤

हरि हंसते हुए😂 शर्म वो तुम करो🤭 मैं बेशर्म ही ठीक हु 😌लड़कियां शर्माती हुई ज्यादा प्यारी लगती है☺️ जैसे अभी तुम लग रही हो 🥰।मन कर रहा है कि तुम्हे kiss कर दु ।😘

श्री शर्म के मारे दुबे जा रही थी 🫣🤦🏻अब अगर वो और देर हरी की बात सुनती तो प्राण ही निकल जाते उसके वो हरि को धक्का दे कर वहां से चली गई । 🙂‍↕️🙂‍↔️

हरि हंसते रहा 😂और श्री को जाते हुए देख रहा था । उसने मन में कहां श्री अब बहुत जल्दी तुम मेरी होगी मेरी प्रियतमा। 

श्री कमरे में आ कर अपने नित्य कार्यों में लग गई वो होटल के कमरे में योग कर रही थी लेकिन आज ध्यान कही और ही था वो अपने प्रभु नारायण को याद करने का प्रयास कर रही थी लेकिन बार बार हरि का चेहरा उसके सामने आ रहा था । 🥺
श्री ने आंखे खोली ध्यान भंग हुआ उसने खुद से कहा ये क्या हो रहा है हमे 🥺 । हम फिर अपना संयम खो रहे  है क्यों प्रभु हे नारायण रक्षा कीजिए 🙏🏻इन भाव से  हमारी प्रभु अब आपके शिवाय किसी और के विषय में हम नहीं सोच सकते आप ही हमारे पिता है आप ही सखा है नाथ रक्षा करो प्रभु रक्षा । 🥺

श्री ने सूर्य नमस्कार किया नहाने चली गई । तभी सब लोग 
जग गए । सब लोग नहा धो कर रेस्टोरेंट में आ कर खाना खाने लगे।

सीता आंटी और गीता जी ने हरि और श्री के चेहरे को देखा आज दोनों ही बहुत  थक गये थे पूरी रात सो नहीं पाए । आंटी ने पूछा कि क्या हुआ हरि और श्री थके हुए लग रहे हो दोनों सोए नहीं थे क्या रात में ।

दोनों कुछ बोल नहीं पाए बात को ताल दिया ये कहकर कि बस यू ही थक गए कल घूम कर ..🙂
दोनों ने एकसाथ ये बात बोली सब हंसने लगे ।😂

हरि श्री को देखे जा रहा था और श्री शर्मा कर आंखे नीचे की हुई थी मन में यही सोच रही थी मत सोचिए हरि जी हमारे बारे में अब हम संन्यास दीक्षा लेने का निर्णय ले चुके है कोई नहीं बदल सकता मेरे निर्णय को🥹 हरि जी भूल जाइए हमें कृपा कीजिए हम पर 🙏🏻। हम आपके विषय में नहीं सोचना चाहते  हरि जी प्लीज़ । 🥺
मन में सोचते सोचते श्री ने अपना खाना खत्म किया और अपने होटल रूम में चली गई । क्यूंकि हरि उसे देखे जा रहा था और श्री बार बार असहज हो रही थी । 🙃

सब लोग अब दुबारा से राधावल्लभ और राधारमन जी के दर्शन के लिए गए ।🙏🏻
भीड़ बहुत थी आज और आज श्री के पिता की भी एक न चली आज वो ऑफिसर छुट्टी में था जिसे दर्शन कराने थे।🙂
खैर श्री की इच्छा पूरी हुई भीड़ में ही धक्के खाते हुए दर्शन करेंगे । 🙂

अब भीड़ में भगवान के  दर्शन करते हुए सब लोग बाहर निकल गए । श्री और हरि दोनों भीड़ में पीछे रह गए थे श्री अपने पंजों पे खड़े होकर प्रभु के दर्शन बड़ी मुश्किल से कर पा रही थी हरि उसके एकदम पीछे था उसने श्री से कहा मैं कुछ मदद करूं दर्शन कराने में प्रिय🤗
श्री ने कहा कोई आवश्यकता नहीं है ।😏
फिर भी हरि ने उसे गोद में उठा लिया 🥲और कहा अब करो दर्शन अपने प्रभु के अच्छे से मेरी प्रियतमा।🥰
श्री और भी ज्यादा शर्मा गई🫣 उसने कहा नीचे उतारिए हमे ये ये क्या कर रहे है आप छोड़िए हमें हरि जी सब लोग देख रहे हैं नीचे उतारिए हमे हरि जी ।😶

हरि ने कहा सामने अपने प्रभु के दर्शन करो चुप चाप😌 हमे कोई नहीं देख रहा यहां सब भगवान को देखने आए है समझी प्रिय।😌

श्री ने कैसे तैसे राधावल्लभ जी के दर्शन किए और हरि से कहा हो गए हमे दर्शन अब नीचे उतार दीजिए हमे हरि जी 🙂
हरि ने श्री को नीचे उतारा दोनों ने भगवान के आगे हाथ जोड़े और बहार की तरफ जाने लगे । 
बहार आते हुए हरि ने श्री का हाथ पकड़ लिया और सामने देखते हुए बहार निकलने लगा।
श्री ने कहा छोड़िए हाथ हमारा हरि जी ये गलत है 
कोई देख लेगा तो क्या कहेगा ।🤨

हरि हंसते हुए तो मैं कहे दूंगा मेरी पत्नी है🥰
श्री – कितने बेशरम है आप हरि जी आपको लाज नहीं आती और अगर अंकल आंटी देख लेंगे तो 🤨
हरि– तो उनसे कहे दूंगा आपकी होने वाली बहु है 😂😂 

श्री – बस कीजिए आप आपमें बिल्कुल भी लाज नहीं है न बिल्कुल शर्म नहीं आ रही न हमसे ऐसी बाते करते हुए 🤨
हरि हंसते हुए — 😂अरे कहा तो शर्म तुम करो तुम अच्छी लगती हो शरमाते हुए प्रिय ।

श्री को अब चिढ़ हो गई उसने हरि से कैसे तैसे हाथ छुड़वाया और बाकी सब के पास चली गई 🙂‍↔️
हरि भगवान को दुबारा देखते हुए उनसे हाथ जोड़ कर कहता है – हे प्रभु आज तक कुछ नहीं मांगा मैने आपसे बस श्री को मेरे जीवन में शामिल कर दीजिए 🙏🏻  नहीं जी पाऊंगा उसके बिना।🥹


और तभी एक चमत्कार हुआ  राधावल्लभ जी के चरण में पड़ी हुई  फूल माला  वहां के पंडित ने उछाली  और वो फूल माला सीधे हरि के गले में आ के गिरी 🥹मानो प्रभु ने आशीर्वाद दे दिया और ये कहे रहे हो जाओ अब श्री तुम्हारी हुई । 🙏🏻

आज पहली बार हरि ने भगवान का ऐसा चमत्कार देखा प्रभु का आशिर्वाद पा के उसकी आंखों में आसू आ गए🥹 उसने भगवान के आगे हाथ जोड़ते हुए 🙏🏻धन्यवाद कहा और भगवान को देखते देखते मंदिर से बाहर आ गया।

धन्यवाद 
🙏🏻🙌🏻🕉️