अतीत के पन्ने - भाग 13 RACHNA ROY द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

अतीत के पन्ने - भाग 13

आलोक ने कहा देखो अगर तुम यहां रहकर पढ़ाई करना चाहते हो तो ठीक है वरना होस्टल में रहकर भी पढ़ाई कर सकते हो।
आलेख ने कहा नहीं नहीं मैं ये हवेली छोड़ कर कहीं नहीं जाऊंगा। एक बार जाकर गलती कर चुका हूं और अब नहीं। यहां मुझे छोटी मां की बातें उनका प्यार,उनकी हंसी उनकी बातें। यही कहीं है और छोटी मां भी है।

आलोक ने कहा चलो खाना खा ले।कल मुझे सुबह जल्दी निकलना होगा।।

आलेख ने कहा अच्छा ठीक है चलिए। फिर दोनों बैठ कर खाना खाने के बाद सोने चले गए।
आलेख अपनी सारी किताबों को बैठ कर कवर चढ़ा दिया। छोटी मां कहां करतीं थीं कि किताबों को कभी खुला नहीं छोड़ना चाहिए नजर लग जाती है।
सब किताबों में कवर चढ़ गया आलेख ने कहा देखो छोटी मां सब कवर चढ़ गया अब खुश हो ना तुम।
ये कहते हुए रोने लगा आलेख तभी फोन की घंटी बजी।
छाया ने कहा अरे बाबू फोन है।
आलेख ने कहा अच्छा आता हूं।
नीचे पहुंच कर फोन लिया और फिर बोला हेलो।
पिया ने कहा मैं पिया बोल रही हुं।
आलेख ने कहा हां पिया बोलों।
पिया ने कहा कल आ रहें हो ना? आलेख ने कहा हां ज़रूर बस स्टैंड पर मिलेंगे।
पिया ने कहा हां ठीक है।
आलेख आज शायद पहली बार हंसा था अरे कमाल की लड़की है।
फिर ऊपर कमरे में जाकर सारी किताबें को बैग में रख दिया और कुछ कापियां भी।

दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर तैयार हो कर नीचे पहुंच गया और फिर नाश्ता करने बैठ गया। आलोक ने कहा कि बेटा मैं आज जा रहा हुं फिर शनिवार को आऊंगा।
आलेख ने कहा कि ठीक है पापा। फिर नाश्ता करने के बाद आलेख ने छोटी मां के फोटो के पास जाकर हाथ जोड़कर प्रार्थना किया और फिर आलोक के पैर छुए और फिर बोला पापा मुझे आशीर्वाद दिजिए की मैं छोटी मां का सपना पूरा कर सकूं।
आलोक ने कहा हां बेटा जरूर । फिर आलोक और आलेख दोनों निकल गए आलोक ने कहा चलो तुमको बस स्टैंड पर छोड़ देता हूं।।

फिर दोनों गाड़ी में बैठ गए और फिर कुछ देर बाद ही बस स्टैंड पर आलेख उतर गया और कहा कि पापा शनिवार को आइएगा।


आलोक ने कहा हां बेटा।
फिर आलोक की गाड़ी निकल गई।
और आलेख जैसे ही बस स्टैंड पर पहुंच गया तो देखा हंसता मुस्कुराता हुआ चेहरा देखकर आलेख बहुत ही खुश हो गया और बोला कि पिया तुम कब आई? पिया ने हंसते हुए कहा अरे अभी आई। एक बस तो गई दुसरे का इंतजार है। आलेख ने कहा ओह मेरी वजह से। पिया ने कहा अरे नहीं तुम खुद को मत इल्जाम लगाओ। ऐसे ही नहीं होता खुद से प्यार करो तभी दूसरों पर विश्वास कर पाओगे। आलेख ने कहा हां ठीक कहा तुमने। चलो बस आ गई। फिर दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर बस में बैठ गए। पिया हंस कर बोली कि अब मेरा हाथ छोड़ सकते हो। आलेख ने कहा ओह सॉरी । मैंने तुम्हारा हाथ थाम लिया और फिर छोड़ने के लिए नहीं। दोनों एक दूसरे को देखने लगें।।

कुछ देर बाद ही मेडिकल कॉलेज आ गया। दोनों उतर गए।
फिर कालेज की गेट पर ही कार्ड दिखा कर अन्दर पहुंच गए।
वहां से पता चला कि क्लास का सारा टाइम टेबल सेट होकर बोर्ड पर लग चुका है।सब वहां पहुंच कर डायरी में नोट करने लगे।
पिया और आलेख ने भी सब नोट कर लिया और फिर वहां से क्लास में पहुंच गए।
पहले दिन सबका इंटों हुआ और पहला लेक्चर रासायनिक विज्ञान का था।
लेक्चरर ने कहा कि इसके बाद सबको एक क्लास रूम में जाकर बैठ जाना होगा जहां मेडिकल संबंधित जानकारी दी जाएगी।
सबने हामी भर दी।
आलेख ने कहा आज छोटी मां जरूर ख़ुश हो रही होगी।
पिया ने कहा हां ज़रूर और भी खुश होंगी जब तुम्हें गोल्ड मेडल मिलेगा पता है मेरे भाई सब कुछ बताते रहते हैं तुम्हारे छोटी मां के बारे में।
आलेख पिया को देखने लगा।
फिर दोनों कैंटिन में जाकर बैठ गए।
पिया ने कहा चाय और समोसे।।
आलेख ने कहा हां तुम्हें कैसे पता चला।
पिया ने कहा मुझे सब पता है। फिर कुछ देर बाद वेटर चाय और समोसे देकर गया।
आलेख ने जल्दी से समोसे और चाय पीने लगा।
पिया ने कहा अरे बाबा धीरे धीरे खाओ ना।
आलेख ने कहा जानती हो छोटी मां भी कहा करती थी।


पिया ने कहा हां ठीक है दिल छोटा मत करो। चलो अब हमें जाना होगा।
फिर सब छात्र, छात्रा पहुंच गए जहां पर कुछ टीचर्स उपस्थित थे।
एक टीचर ने बोलना शुरू किया।

आज मैं आपसभी को कुछ बातों का ख्याल रखने को बोल रही हो।
मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए पहले State Level Medical Entrance Exam , AIIMS Entrance Examination , NEET इत्यादि अलग अलग एग्जाम होते थे और उसी के आधार पर एडमिशन मिलता था लेकिन अब सिर्फ NEET का Entrance Exam लिया जाता है और उसी के आधार पर सभी कॉलेजो में एडमिशन होता है चाहे राज्य सरकार के अधीन कॉलेज हो या केंद्र सरकार के. इसलिए अब आपको डायरेक्ट NEET Exam के लिए तैयारी करना चाहिए।

NEET – National Eligibility and Entrance test

एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद क्या होगा?

जब आप एंट्रेंस एग्जाम पास कर लेते है तो रैकिंग के आधार पर आपको एम्बीबीएस (MBBS) करने के लिए मेडिकल कॉलेज आल्लोट किया जाता है जिसमे आपको एडमिशन लेना होगा, एडमिशन लेने के बाद करीब 4.5 साल पढाई करना होगा जिसमे अच्छे नंबर से पास होना होगा. इसके अलावा इस परीक्षा में पास होने के बाद किसी मेडिकल कॉलेज में एक साल का इंटर्नशिप करना होगा.


इस इंटर्नशिप के पूरा होने के बाद आपको मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (MCI) द्वारा मेडिकल डिग्री दिया जाता है जिसके बाद आप किसी भी हॉस्पिटल में डॉक्टर बन सकते है.

आप किसी चीज़ स्पेशलिस्ट बनना चाहते है तो आप एम्बीबीएस (MBBS) की पढाई पूरी करने के आगे की पढाई कर सकते है यानि पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते है

डॉक्टर को कितना सैलेरी मिलता है?

जब आप एक डॉक्टर बन जाते है उसके बाद आरंभ में कम से कम 40-50 हज़ार रुपये महीने का आसानी सैलेरी मिल जाता है। वही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्र सरकार के अस्पतालों में डॉक्टर का आरंभिक वेतन 70-80 हजार रुपये तक दिया जाता है वैसे डॉक्टर बनने के बाद खुद का क्लिनिक खोल कर भी एक अच्छी कमाई कर सकते है |

आशा करती हूं कि आप लोगों को मेरी जानकारी अच्छी लगी होगी।
आज बस इतना ही।
फिर सब वहां से बाहर की ओर निकल गए।
आलेख ने कहा चलो बस पकड़ना होगा।
पिया ने कहा हां ठीक है कल से मैं तुम्हारे घर आऊंगी पढ़ाई करने के लिए।
आलेख ने कहा सच कहा तब तो अच्छा होगा। फिर दोनों बस में बैठ गए और फिर दोनों उतर गए बस स्टैंड पर और वहां से पिया दुसरी तरफ निकल गई और आलेख भी हवेली की ओर बढ़ने लगा।
क्या इनकी जिंदगी एक साथ हो पाएगी। क्या पिया का साथ आलेख को एक बहुत बड़े हादसे से बहार ला पाएगा।
ये सब जानने के लिए अगला अध्याय जरूर पढ़ें।
क्रमशः

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Suresh

Suresh 3 महीना पहले

RACHNA ROY

RACHNA ROY मातृभारती सत्यापित 4 महीना पहले

Deboshree Majumdar

Deboshree Majumdar 4 महीना पहले