नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 3 shama parveen द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 3

घर जा कर रोहित बहुत परेशान हो जाता है उसे कुछ भी समझ में नही आता है कि वो क्या करे। उसे बहुत ही ज्यादा डर भी लगता है कि कहीं अगर घर में किसी को पता चल गया की में ड्रग्स लेता हूं तो पता नही मेरा क्या हाल होगा।

यही सोचते सोचते रोहित सो जाता है।

शाम हो जाती है। रोहित की मां उसके कमरे मे आती है और देखती है कि रोहित सो रहा है। तभी वो उसे उठाती है।

बेटा क्या हुआ तेरी तबियत ठीक नहीं है क्या जो अभी तक सो रहा है।
नही मां मेरी तबियत ठीक है।
तो इतनी शाम हो गई बेटा अभी तक तू सो रहा है आज ट्यूशन नही जाना है क्या।
जाना है मां।
तो फिर जल्दी उठ। जब तक में तेरे लिए कुछ खाने का लाती हूं।
ठीक है मां।

उसके बाद रोहित उठता है और जल्दी से तैयार हो जाता है। और कुछ खा कर ट्यूशन चला जाता है।

ट्यूशन पहुंचते ही उसके सर पूछते हैं कि क्या हुआ रोहित आज तुम इतने लेट आए हो।
सॉरी सर वो में सो गया था इसलिए लेट हो गया।
चलो कोई बात नही आज पहली बार लेट आए हो पर ध्यान रहे अब कभी भी देर से मत आना।
जी सर।
चलो ठीक है अब पढ़ना शुरू कर दो। अगले महीने से तुम्हारे एग्जाम स्टार्ट है।
जी सर।

तभी रोहित पढ़ने लगता है।
थोड़े देर बाद ट्यूशन की छुट्टी हो जाती है। रोहित घर जा रहा होता है तभी रास्ते में उसे राजू मिलता है।

और भाई रोहित केसे हो।
ठीक हु।
कहा जा रहे हो।
ट्यूशन से घर जा रहा हूं।
अच्छा। चलो कोई बात नही घर तो आराम से चले जाना चलो हम दोनो थोड़ा घूम लेते हैं।
नही अभी मन नही कर रहा है।
अरे मन को छोड़ दो मन का क्या है ये तो कहीं भी लग जाता है।
सच में मन नहीं कर रहा है कही जानें का। अगले महीने मेरे एग्जाम है मुझे पढ़ना भी तो है।
अरे भई पढ़ लेना मेने कब मना किया है। पर अभी तुम ट्यूशन से पढ़ कर ही तो जा रहे हो और फिर पढ़ोगे। अरे इस तरह तो तुम्हारी तबियत खराब हो जायेगी। चलो थोड़ा सा घूम लो मेरे साथ। उसके बाद आराम से घर जा कर पढ़ लेना जब तक तुम्हारा मूड भी अच्छा हो जायेगा।

तभी राजू रोहित को जबरदस्ती घूमने के लिए ले जाता है।
काफी देर तक दोनो घूमते रहते हैं। फिर राजू बोलता है।

अरे भाई बहुते थक गए हैं घूमते हुए चलो कुछ खा पी लेते हैं।

अरे भाई यहां पर तो कुछ भी खाने का भी नही है चलो कोई बात नही गन्ने का जूस ही पी लेते हैं।

अच्छा रोहित तुम यहां पर बैठो में अभी जूस ले कर आता हूं।
रोहित वही पर बैठ जाता है।
राजू जूस ले लेता है और फिर चुपके से उसके जूस में ड्रग्स मिला देता है। और फिर उसके पास जाता है।
ये लो भई ठंडा ठंडा जूस पी लो। अच्छा लगेगा।
रोहित जूस पी लेता है।

तब राजू बोलता है कि चलो भाई अब घर चलते हैं तुम्हे पढ़ना भी है।
तब दोनो आराम से घर जा रहे होते हैं तभी अचानक से रोहित को चक्कर आ जाते हैं।
क्या हुआ रोहित।
कुछ नही भाई अचानक से चक्कर आ गया।

चलो कोई बात नही में तुम्हे तुम्हारे घर पर छोड़ देता हूं।

राजू रोहित को उसके घर ले जाता है।
रोहित की एसी हालत देख कर उसकी मां बहुत डर जाती है।
क्या हुआ बेटा।
कुछ भी नही आंटी जी बस इसे अचानक चक्कर आ गया था इसलिए में इसे घर ले आया।
चक्कर केसे आया इसे।
पता नही आंटी।
रोहित की मां डर जाती है और जल्दी से रोहित के पापा को कॉल करके बताती है और बोलती है कि आप जल्दी से घर आ जाइए।

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Ratna Pandey

Ratna Pandey मातृभारती सत्यापित 2 महीना पहले

किशनलाल शर्मा

किशनलाल शर्मा मातृभारती सत्यापित 4 महीना पहले

shama parveen

shama parveen मातृभारती सत्यापित 4 महीना पहले