नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 4 shama parveen द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

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नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 4

रोहित के पापा ये सुन कर डर जाते है और जल्दी से घर आ जाते है। तभी रोहित के पापा रोहित की मम्मी से पुछते है, "आखिर क्या हुआ इसे ये अचानक बेहोश केसे हो गया"।

तब रोहित की मम्मी बोलती है, "पता नहीं अचानक इसे क्या हुआ अच्छा खासा ट्यूशन गया था और अब इसका दोस्त इसे इस हालत में ले कर आया है"।

तब रोहित के पापा राजू से पुछते है, "बेटा तुम्हे ये कहा मिला "।

तब राजू बोलता है, "अंकल मै बाजार जा रहा था की मुझे अचानक रोहित मिला और इसे चक्कर आ रहे थे तभी मैं जल्दी से इसे घर ले आया "।

तब रोहित के पापा बोलते है, "थैंक यू बेटा, अगर आज तुम नही होते तो पता नहीं क्या होता "।

तब राजू बोलता है, "अंकल थैंक्स की कोई भी जरूरत नही है, रोहित मेरा भी दोस्त हैं, अच्छा अंकल जी अब मैं चलता हूं "।

उसके बाद राजू चला जाता है।

थोड़ी देर बाद रोहित को होश आ जाता हैं और ये देख कर उसके मम्मी और पापा खुश हो जाते है। तभी रोहित बोलता है, "मै यहां पर केसे आया मैं तो ट्यूशन गया था न"।

तब रोहित की मम्मी बोलती है, "बेटा तुम रास्ते में चक्कर खा कर गिर गए थे तब तुम्हारा दोस्त तुम्हे यहां पर ले कर आया, बेटा अब तुम केसा महसूस कर रहे हो"।

तब रोहित बोलता है, "अब मुझे अच्छा लग रहा है "।

तब रोहित की मम्मी बोलती है, "अब तुम वही खाओगे जो मै तुम्हे बोलूंगी अब तुम अपनी मर्जी से कुछ भी नही खाओगे, देखो आज तुमने अपनी मर्जी चला चला कर क्या हाल कर लिया है अपना "।

तब रोहित के पापा बोलते है, "हा अब इसका अच्छे से ख्याल रखो क्योंकि अब इसके एग्जाम भी आने वाले हैं "।

तब उसकी मम्मी बोलती है, "हा वैसे मेरे बच्चे पर सबकी निगाह भी रहती हैं की कितना प्यारा बच्चा है कितना अच्छा पढ़ता है, मैं कल ही बाबा जी के पास ले जा कर इसकी नज़र उतरवाती हू "।

तब रोहित के पापा बोलते है, "अच्छा ठीक है मगर उससे पहले इसे कुछ खिला तो दो "।

तभी रोहित की मम्मी रोहित के लिए कुछ खाने का ले कर आती है।

उधर राजू अपने आवारा दोस्तो के पास जाता हैं और बोलता है, "भाई उसका तो काम तमाम कर दिया है"।

तब रॉकी बोलता है, "क्यो क्या हुआ"।

तब राजू बोलता है, "उस सीधे सादे संत बच्चे को मेने ड्रग्स का आदि बना दिया है और अब तो उसे उसकी आदत ही हो गई है"।

तब रॉकी बोलता है, "क्या बात, राजू मुझे तो अभी भी यकीन नही हो रहा है की वो गुड बॉय बेड बॉय बन गया है, मगर ये भी सच है कि अगर आज तुम नही होते तो फिर ये सब हो भी नही पाता"।

तब राजू बोलता है, "क्या करु उसकी वजह से मेरी जो इज्जत मिट्टी में मिल रही थी हर कोई उसी के गुण गा रहा था और उसके जैसा बनने को बोल रहा था , अब देखता हूं कोन उसके गुण गाता है, देखा सब मुझे उसके जैसा बनने बोल रहे थे मेने उसे ही अपनी तरह ही बना दिया "।

ये सुनते ही रोकी हंसने लगता है। तभी वहा पर राजू के पापा उसे ढूंढते हुए आ जाते है और वो उनकी सारी बातें सुन लेते है........