प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • अधूरापन - 6

    अध्याय-६अमृता और भार्गवी दोनों ने मानसकुमार के घर में प्रवेश किया। उनके मन में ज...

  • मेरा पहला घर

    मेरा पहला घरबचपन से ही विनीता के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था—"मेरा अपना घर...

  • तिरंगे की शान

    तिरंगे की शान"  लघुकथा - वंदना शर्मा15 अगस्त का दिन था। सुबह से ही पूरे विद्यालय...

समर्पण By Gyaneshwar Anand Gyanesh

     आज के समय में शायद ही कोई ऐसा कार्यालय हो, जहाँ भ्रष्टाचार ने किसी न किसी रूप में अपनी जड़ें न जमा रखी हों। कहीं रिश्वत के रूप में, कहीं चापलूसी के रूप में और कहीं अपने लोगों...

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अधूरापन - 6 By Falguni Dost

अध्याय-६अमृता और भार्गवी दोनों ने मानसकुमार के घर में प्रवेश किया। उनके मन में जो डर था और उस डर के आधार पर जो उनकी धारणा थी, वह बिल्कुल सच साबित हुई। उन दोनों का मानसकुमार की तरफ...

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मेरा पहला घर By Chandni choudhary

मेरा पहला घरबचपन से ही विनीता के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था—"मेरा अपना घर आखिर है कहाँ?" यह प्रश्न केवल एक जिज्ञासा नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व से जुड़ा एक गहरा विचार था, जो...

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स्ट्रीट लाइट की रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानीजब इरादे बुलंद हों और संकल्प मजबूत, तो गरीबी और अभाव भी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस बात को सच कर दिखाया महाराष्ट्र के जालना जिले...

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तिरंगे की शान By Vandna Sharma

तिरंगे की शान"  लघुकथा - वंदना शर्मा15 अगस्त का दिन था। सुबह से ही पूरे विद्यालय में उत्सव का माहौल था। सभी बच्चे उत्साह से विद्यालय प्रांगण में पंक्तिबद्ध खड़े थे। छात्राओं ने बाल...

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असीमित पुण्य By Kushal K Pawar

बअसीमित पुण्यगुजरात की एक प्रसिद्ध रियासत में राजमाता मीलण देवी रहती थीं। वह भगवान के प्रति अत्यंत श्रद्धालु थीं और धर्म-कर्म में उनका विशेष विश्वास था। एक दिन उन्होंने निश्चय किया...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 20 By Nitya Oswal

हम पूरी जिंदगी इस कोशिश में बिता देते हैं कि समाज में हमारा एक बड़ा नाम हो, लोग हमसे प्यार करें, और हमारे सगे-संबंधी हमेशा हमारे अनुकूल रहें। लेकिन इस दुनिया का एक बहुत कड़वा नियम...

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अधूरी उड़ान - 2 By priyanshi bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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घर की राह By Vijay Erry

घर का राह लेखक: विजय शर्मा एरीशहर की चकाचौंध में खोया हुआ एक युवक था—अर्जुन। दिल्ली की ऊँची इमारतों, तेज़ ट्रैफिक और कभी न खत्म होने वाली भीड़ के बीच वह पिछले सात साल से जी रहा था।...

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मेरा घर By Vijay Erry

मेरा  घर  लेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव की धूल भरी पगडंडी पर चलते हुए जब मैंने पहली बार उस छोटे से मकान को देखा था, तब मेरी उम्र सिर्फ आठ साल थी। बाबा के हाथ में मेरा हाथ था, और अम्मा...

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सपनों का बाज़ार, आरक्षण By Vedanta Life Agyat Agyani

सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा   लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)     विषय: आधुनिक शिक्षा का व्यवसायीकरण, गुरु-संस्कृति क...

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सड़क किनारे की चाय By Chandni choudhary

सड़क किनारे की चाय— चाँदनी चौधरीकुछ समय पहले की बात है। मैं अपने कुछ प्रिय मित्रों के साथ एक यात्रा पर निकली थी। लंबा सफर तय करने के बाद हमने सड़क किनारे बनी एक छोटी-सी चाय की दुका...

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स्कूल का पहला दिन By Vijay Erry

विजय शर्मा एरी   अजनाला, अमृतसर               स्कूल का पहला दिन       सुबह की पहली किरण जब खिड़की से अंदर घुसी, तो रोहन की आँखें पहले से ही खुली हुई थीं। उसने पूरी रात लगभग नहीं सो...

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खेत का बैल By RAVINDRA

गाँव की मिट्टी में जब पहली बारिश की बूँदें गिरतीं, तो सबसे पहले जो आवाज़ सुनाई देती थी, वह थी हल की चरचराहट और बैलों के गले में बँधी घंटियों की टुनटुन। उन्हीं आवाज़ों में एक थी हीर...

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आजादी By shrish sharma

आजादी - एक अधूरे खत की पूरी कहानीसन 1930 की बात है। बंगाल के एक छोटे से गाँव सोनापुर में एक लड़का रहता था - बिरजू। बिरजू की उम्र उस समय महज बारह साल थी। उसके पिता हरिराम काका गाँव...

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परदेस और पराई माटी By sukhvinder Singh Rai

पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज सुबह ही तहसील में कांपते हाथों से अंगूठा लगाकर आए थे विक्रम। उनके हाथों की वो गहरी लकीरें उस म...

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सपनें और साइकिल: आरव की सफलता की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

बिहार के एक छोटे से गाँव में रहने वाले आरव का जीवन कभी आसान नहीं था। उसके पिता गाँव में एक छोटी सी दर्जी की दुकान चलाते थे, जिससे बमुश्किल घर का गुजारा होता था। आरव बचपन से ही पढ़ा...

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राहें - 14 By shiromani mathur

मरना तो हैसाकेत कई दिनों से परेशान हो रहा था। बेटी की शादी कीतैयारी पूरी हो चुकी थी, कल बारात आने वाली है और सुनार ने बेटीके आभूषण अभी तक बनाकर नहीं दिये थे। घर में पिताजी भीचिल्ला...

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पीछे छूटा इंसान- भाग 2 By RAVINDRA

उस छोटे से, बदबूदार कमरे में पसरे सन्नाटे को फाड़ती हुई एक नीली रोशनी चमकी।​मेरे हाथ में थमा वह पाँच सौ रुपये का पुराना चाइनीज़ मोबाइल, जिसकी स्क्रीन पर मकड़ी के जाले की तरह दरारें...

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वो लड़की जो कभी - Chapter 12-13 By kanta

वो लड़की जो कभी नहीं हारीअध्याय 12 — वह अनजान सहारासुबह की धूप आँगन में फैली हुई थी। तुलसी के पास रखा दीपक बुझ चुका था, लेकिन उसकी हल्की-सी खुशबू अभी भी हवा में थी।रुहिका अपने कमरे...

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मिट्टी की खुशबू By Jeetendra

राधा शर्मा। उन्नीस साल की। दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास की छात्रा। उसके पिता रामेश्वर शर्मा एक साधारण क्लर्क थे, माँ सरस्वती देवी घर संभालती थीं। घर में हर सुबह गायत्री मंत्र की...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन - 5 By Sapna Badh

बाल गोविन्द जी उस वक्त तक हाथ पैर चलाने लाएक हो ग‌ए थे उन्होंने अपने हाथों से मिश्री और स्वर्ण मुद्राएं के घड़े पकड़ लिए थे।बाल गोविन्द की मजबूत पकड़ देखकर,पीर जी बहुत खुश हुए उन्ह...

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वह जगह जहाँ हम खिलते हैं By Madhavi Tripathi

“मुझे किसी एक दायरे में मत बाँधिए। मैं वहाँ खिलती हूँ जहाँ मुझे अपनापन मिलता है, वहाँ शांत हो जाती हूँ जहाँ मुझे आँका जाता है, और वहाँ धीरे-धीरे खो जाती हूँ जहाँ मेरी ऊर्जा खत्म हो...

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संस्कारों की वापसी By Jeetendra

2019 की शरद ऋतु थी। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ने वाली अनन्या शर्मा, जो उत्तर प्रदेश के एक छोटे कस्बे की रहने वाली थी, पहली बार अपने सीनियर विक्रम मेहता से मिली। विक्रम म...

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गुड सर्वेंट By Wajid Husain

            वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानीहेड पोस्ट ऑफिस की पुरानी इमारत शहर के बीचो-बीच अंग्रेज़ी हुकूमत की अकड़ की तरह खड़ी थी। सुबह के धुंधलके में जब पूरा शहर उनींदा पड़ा रहता,...

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भ्रष्टाचार हटाओ By Skp divine

# **भ्रष्टाचार हटाओ**## **भाग 1: एक रिश्वत की कीमत***"भ्रष्टाचार केवल पैसों की चोरी नहीं, बल्कि किसी के सपनों की हत्या भी है।"*सुबह के पाँच बजे थे। सूरज की पहली किरणें गाँव की कच्च...

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बेटी को संभालते हुए मैंन जो तीन बातें सीखीं By Mere Rab Ki mArzi

जब मेरी बेटी आई, तो लगा जिंदगी बदल गई। पहले दिन रात एक जैसी लगती थी। रोना, दूध, फिर से रोना... मैं थक जाती थी। पर इसी थकान के बीच उसने मुझे 3 सबसे बड़ी बातें सिखाईं।1. सब्र करना सी...

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अनजानी भाषा By Vijay Erry

अनजानी भाषाभाषाएँ केवल शब्दों से नहीं बनतीं। कुछ भाषाएँ आँखों में बसती हैं, कुछ मौन में, और कुछ सीधे आत्मा तक पहुँच जाती हैं।राघव एक प्रसिद्ध भाषाविद् था। उसने संसार की पचास से अधि...

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ज़हरीली थाली By sukhvinder Singh Rai

मिट्टी में ज़हर घोलकर, कैसा स्वाद ढूंढते हो, बीमारियों की फसल बोकर, फौलाद ढूंढते हो। डाइनिंग टेबल पर माहौल खामोश था। आर्यन अपनी थाली के सामने गुमसुम बैठा था, उसके हाथ में रोटी का एक...

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ज़िंदगी अपडेट देती है… हम पुराने संस्करण चलाते रहते हैं By Madhavi Tripathi

ज़िंदगी अपडेट देती है… हम पुराने संस्करण चलाते रहते हैंएक समय ऐसा आता है जब बदलना हमारी पसंद नहीं, बल्कि हमारी ज़रूरत बन जाता है।क्या आपने कभी अपने मोबाइल पर यह संदेश देखा है“Stora...

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मौन की आवाज By Vijay Erry

शीर्षक: मौन की आवाजगांव के किनारे एक पुराना बरगद का पेड़ था. उसकी छांव में रोज़ एक वृद्ध व्यक्ति बैठा रहता था. सफेद दाढ़ी, साधारण कपड़े, शांत चेहरा और आंखों में गहरा सागर. लोग उसे...

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​बिन माँ की रसोई By sukhvinder Singh Rai

घर में मेहमानों का ताँता लगा हुआ था और रसोई की पूरी कमान पड़ोस की ताईजी के हाथों में थी, क्योंकि माँ किसी पारिवारिक रिश्तेदार की शादी में शहर से बाहर गई हुई थीं। ताईजी ने मेहमानों क...

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सच्ची परवाह हमेशा मीठी नहीं होती By Madhavi Tripathi

जो लोग हमें हमारी कमियाँ बताते हैं, वे हमेशा हमें असहज कर सकते हैं… लेकिन अक्सर वही लोग हमें बेहतर बनने में सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।कुछ साल पहले मैं एक पारिवारिक समारोह में गई थी...

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​भरोसे का खून By sukhvinder Singh Rai

*लकी गलियों में अपनी दरियादिली और याराना मिजाज के लिए जाना जाता था, पर यही खूबी एक दिन उसके गले का फंदा बन गई। खन्ना का रौबदार चेहरा, महंगे सूट-बूट और मीठी बातें देखकर लकी उस पर आँ...

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अंतिम चिट्ठी By Vijay Erry

शीर्षक: " अंतिम चिट्ठी"एक छोटे से पहाड़ी गाँव में रहने वाला सोलह वर्षीय आरव हर रात छत पर लेटकर तारों को घंटों निहारा करता था। गाँव वाले उसे "पागल खगोलशास्त्री" कहकर चिढ़ाते थे। कोई...

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समर्पण By Gyaneshwar Anand Gyanesh

     आज के समय में शायद ही कोई ऐसा कार्यालय हो, जहाँ भ्रष्टाचार ने किसी न किसी रूप में अपनी जड़ें न जमा रखी हों। कहीं रिश्वत के रूप में, कहीं चापलूसी के रूप में और कहीं अपने लोगों...

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अधूरापन - 6 By Falguni Dost

अध्याय-६अमृता और भार्गवी दोनों ने मानसकुमार के घर में प्रवेश किया। उनके मन में जो डर था और उस डर के आधार पर जो उनकी धारणा थी, वह बिल्कुल सच साबित हुई। उन दोनों का मानसकुमार की तरफ...

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मेरा पहला घर By Chandni choudhary

मेरा पहला घरबचपन से ही विनीता के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था—"मेरा अपना घर आखिर है कहाँ?" यह प्रश्न केवल एक जिज्ञासा नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व से जुड़ा एक गहरा विचार था, जो...

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स्ट्रीट लाइट की रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानीजब इरादे बुलंद हों और संकल्प मजबूत, तो गरीबी और अभाव भी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस बात को सच कर दिखाया महाराष्ट्र के जालना जिले...

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तिरंगे की शान By Vandna Sharma

तिरंगे की शान"  लघुकथा - वंदना शर्मा15 अगस्त का दिन था। सुबह से ही पूरे विद्यालय में उत्सव का माहौल था। सभी बच्चे उत्साह से विद्यालय प्रांगण में पंक्तिबद्ध खड़े थे। छात्राओं ने बाल...

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असीमित पुण्य By Kushal K Pawar

बअसीमित पुण्यगुजरात की एक प्रसिद्ध रियासत में राजमाता मीलण देवी रहती थीं। वह भगवान के प्रति अत्यंत श्रद्धालु थीं और धर्म-कर्म में उनका विशेष विश्वास था। एक दिन उन्होंने निश्चय किया...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 20 By Nitya Oswal

हम पूरी जिंदगी इस कोशिश में बिता देते हैं कि समाज में हमारा एक बड़ा नाम हो, लोग हमसे प्यार करें, और हमारे सगे-संबंधी हमेशा हमारे अनुकूल रहें। लेकिन इस दुनिया का एक बहुत कड़वा नियम...

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अधूरी उड़ान - 2 By priyanshi bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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घर की राह By Vijay Erry

घर का राह लेखक: विजय शर्मा एरीशहर की चकाचौंध में खोया हुआ एक युवक था—अर्जुन। दिल्ली की ऊँची इमारतों, तेज़ ट्रैफिक और कभी न खत्म होने वाली भीड़ के बीच वह पिछले सात साल से जी रहा था।...

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मेरा घर By Vijay Erry

मेरा  घर  लेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव की धूल भरी पगडंडी पर चलते हुए जब मैंने पहली बार उस छोटे से मकान को देखा था, तब मेरी उम्र सिर्फ आठ साल थी। बाबा के हाथ में मेरा हाथ था, और अम्मा...

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सपनों का बाज़ार, आरक्षण By Vedanta Life Agyat Agyani

सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा   लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)     विषय: आधुनिक शिक्षा का व्यवसायीकरण, गुरु-संस्कृति क...

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सड़क किनारे की चाय By Chandni choudhary

सड़क किनारे की चाय— चाँदनी चौधरीकुछ समय पहले की बात है। मैं अपने कुछ प्रिय मित्रों के साथ एक यात्रा पर निकली थी। लंबा सफर तय करने के बाद हमने सड़क किनारे बनी एक छोटी-सी चाय की दुका...

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स्कूल का पहला दिन By Vijay Erry

विजय शर्मा एरी   अजनाला, अमृतसर               स्कूल का पहला दिन       सुबह की पहली किरण जब खिड़की से अंदर घुसी, तो रोहन की आँखें पहले से ही खुली हुई थीं। उसने पूरी रात लगभग नहीं सो...

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खेत का बैल By RAVINDRA

गाँव की मिट्टी में जब पहली बारिश की बूँदें गिरतीं, तो सबसे पहले जो आवाज़ सुनाई देती थी, वह थी हल की चरचराहट और बैलों के गले में बँधी घंटियों की टुनटुन। उन्हीं आवाज़ों में एक थी हीर...

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आजादी By shrish sharma

आजादी - एक अधूरे खत की पूरी कहानीसन 1930 की बात है। बंगाल के एक छोटे से गाँव सोनापुर में एक लड़का रहता था - बिरजू। बिरजू की उम्र उस समय महज बारह साल थी। उसके पिता हरिराम काका गाँव...

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परदेस और पराई माटी By sukhvinder Singh Rai

पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज सुबह ही तहसील में कांपते हाथों से अंगूठा लगाकर आए थे विक्रम। उनके हाथों की वो गहरी लकीरें उस म...

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सपनें और साइकिल: आरव की सफलता की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

बिहार के एक छोटे से गाँव में रहने वाले आरव का जीवन कभी आसान नहीं था। उसके पिता गाँव में एक छोटी सी दर्जी की दुकान चलाते थे, जिससे बमुश्किल घर का गुजारा होता था। आरव बचपन से ही पढ़ा...

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राहें - 14 By shiromani mathur

मरना तो हैसाकेत कई दिनों से परेशान हो रहा था। बेटी की शादी कीतैयारी पूरी हो चुकी थी, कल बारात आने वाली है और सुनार ने बेटीके आभूषण अभी तक बनाकर नहीं दिये थे। घर में पिताजी भीचिल्ला...

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पीछे छूटा इंसान- भाग 2 By RAVINDRA

उस छोटे से, बदबूदार कमरे में पसरे सन्नाटे को फाड़ती हुई एक नीली रोशनी चमकी।​मेरे हाथ में थमा वह पाँच सौ रुपये का पुराना चाइनीज़ मोबाइल, जिसकी स्क्रीन पर मकड़ी के जाले की तरह दरारें...

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वो लड़की जो कभी - Chapter 12-13 By kanta

वो लड़की जो कभी नहीं हारीअध्याय 12 — वह अनजान सहारासुबह की धूप आँगन में फैली हुई थी। तुलसी के पास रखा दीपक बुझ चुका था, लेकिन उसकी हल्की-सी खुशबू अभी भी हवा में थी।रुहिका अपने कमरे...

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मिट्टी की खुशबू By Jeetendra

राधा शर्मा। उन्नीस साल की। दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास की छात्रा। उसके पिता रामेश्वर शर्मा एक साधारण क्लर्क थे, माँ सरस्वती देवी घर संभालती थीं। घर में हर सुबह गायत्री मंत्र की...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन - 5 By Sapna Badh

बाल गोविन्द जी उस वक्त तक हाथ पैर चलाने लाएक हो ग‌ए थे उन्होंने अपने हाथों से मिश्री और स्वर्ण मुद्राएं के घड़े पकड़ लिए थे।बाल गोविन्द की मजबूत पकड़ देखकर,पीर जी बहुत खुश हुए उन्ह...

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वह जगह जहाँ हम खिलते हैं By Madhavi Tripathi

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मौन की आवाज By Vijay Erry

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घर में मेहमानों का ताँता लगा हुआ था और रसोई की पूरी कमान पड़ोस की ताईजी के हाथों में थी, क्योंकि माँ किसी पारिवारिक रिश्तेदार की शादी में शहर से बाहर गई हुई थीं। ताईजी ने मेहमानों क...

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शीर्षक: " अंतिम चिट्ठी"एक छोटे से पहाड़ी गाँव में रहने वाला सोलह वर्षीय आरव हर रात छत पर लेटकर तारों को घंटों निहारा करता था। गाँव वाले उसे "पागल खगोलशास्त्री" कहकर चिढ़ाते थे। कोई...

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