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उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

उजाले की ओर - - - - संस्मरण ------------------ स्नेही एवं प्रिय मित्रो नमस्कार जीवन की भूलभुलैया बड़ी ही जकड़ने वाली है, जीवन में चलते हुए हम किन्ही ऐसे ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 10
द्वारा Prabodh Kumar Govil

दस 2014 में पहले वर्ष हमने और कुछ भी विशेष न करके केवल कुछ ऐसे सशक्त रचनाकारों की सूची सोशल मीडिया पर डाली जो तन्मय होकर गंभीर लेखन कर ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

स्नेहिल नमस्कार मित्रों कैसे हैं आप सब? आज हम बात करते हैं मुस्कान की। आप ही सोचें  सुबह सुबह आपको कोई मुस्कुराता चेहरा दिखाई देता है तो मन कैसा ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 9
द्वारा Prabodh Kumar Govil

नौ ये सोच और ऐसी तलाश की ख्वाहिश कोई आसान काम नहीं था। पहले तो अपने इरादे में गंभीर होना था। फिर काम का एक रोड मैप बनाना था। ...

एक पागल की कहानी
द्वारा Pravesh Kumar

चलो आज एक पाग़ल की कहानी सुनाता हूं....एक लड़का था जो इक लड़की से बेइंतहा मोहब्बत करता था, उसने जब उसको पहली बार देखा था तभी वो उसके दिल ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 8
द्वारा Prabodh Kumar Govil

आठ इस सब से बढ़ कर साहित्यिक परिदृश्य को मैला किया उन तथाकथित साहित्यकारों ने जो साहित्य लेखन को समाज में अपने व्यक्तित्व को उभार लाने का जरिया समझने ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 7
द्वारा Prabodh Kumar Govil

सात मुझे ये जानकर बहुत अच्छा लगा कि मेरे कुछ और मित्रों व परिचितों का भी ऐसा ही मानना है जैसा कि मैं सोच रहा था। अर्थात - 1. ...

अद्भुत , अकल्पनीय , अद्वितीय “अलकेमिस्ट”
द्वारा Gautam Sagar

अद्भुत , अकल्पनीय , अद्वितीय “अलकेमिस्ट” ( समीक्षा )    समीक्षित पुस्तक :- अलकेमिस्ट लेखक :- पाउलो कोएल्हो प्रकाशन :- विजडम ट्री पाउलो कोएल्हो की किताब अलकेमिस्ट एक बेहतरीन ...

में चाहता हु अब लड़ना चाहता हुं
द्वारा Writer Dhaval Raval

में चाहता हु,अब लड़ना चाहता हूं। कृपा उनकी मेरे सिर पे है कुछ अब में करना चाहता हूं अब लड़ना चाहता हु,विवादित कोई आपके जीवन का पन्ना खोलिए, कोई ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

स्नेही मित्रो नमस्कार आज हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ मूल्यों में इतना भयंकर बदलाव आ गया है कि राजनीति शब्द से ही नकारात्मकता का आभास ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 6
द्वारा Prabodh Kumar Govil

छः अपनी इसी सोच कर के चलते मेरा ध्यान पौराणिक, ऐतिहासिक तथा प्राचीन साहित्य से हटता चला गया। यहां तक कि मैंने वेद,पुराण,रामायण, महाभारत, गीता या पौराणिक पात्रों से ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 5
द्वारा Prabodh Kumar Govil

पांच. इसका एकमात्र हल यही है कि जो कुछ लेखकों द्वारा लिखा जाए उसे पहले कुछ समय तक पाठकों के लिए बाज़ार में छोड़ दिया जाए। लोग उसे पढ़ें। ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 4
द्वारा Prabodh Kumar Govil

चार. इस पृष्ठभूमि के साथ ही आपको एक और बात बताना भी ज़रूरी है। ये साहित्य को लेकर की जाने वाली रिसर्च या शोध से संबंधित है। शैक्षणिक दायरों ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

स्नेही मित्रो नमस्कार आज का युग तकनीकी युग है, हमें इस तकनीक ने बहुत कुछ दिया है, इसमें कोई संशय नहीं है लेकिन यह भी उतना ही सच है ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 3
द्वारा Prabodh Kumar Govil

तीन. अपनी ऐसी समझ के चलते ही साहित्यकारों के प्रति एक आंतरिक अनुभूति मुझे भीतर से प्रेरित करती कि किसी लेखक या साहित्यकार के प्रति हमें लगभग वही भाव ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 2
द्वारा Prabodh Kumar Govil

दो. टीनएज बीतते ही ज़िंदगी की अपने पैरों पर चलने वाली दौड़ शुरू हो गई। एक आम इंसान की तरह मैं भी रोटी, कपड़ा, मकान के लिए नौकरी, शादी ...

अपने साथ मेरा सफ़र - 1
द्वारा Prabodh Kumar Govil

मुझे अपने आरंभिक दिनों से ही ऐसा लगता था कि समाज के कुछ लोग मेरे मन पर बहुत असर डालते हैं। मैं ये कभी समझ नहीं पाता था कि ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

--------------- नमस्कार मेरे स्नेही मित्रो एक पल हवा के झौंके सी ज़िंदगी, हर पल अहं का बोध करती ज़िंदगी | कभी हरे-भरे पत्तों से कुनमुनी धूप सी छनकर आती ...

उड़ान - चेप्टर 2 - पार्ट 3
द्वारा ArUu

कुछ दिनों बाद काव्या कॉलेज जाने लगी।उसका मन नही था पर नेहा मैम के फोन कॉल्स आने पर उसका मन नही होने पर भी वह कॉलेज की तरफ चल ...

उड़ान - चेप्टर 2 - पार्ट 2
द्वारा ArUu

आज कॉलेज से ट्रीप जा रही थी। सब बहुत खुश थे। काव्या ने हल्के नीले रंग का सूट पहना हुआ था। बहुत खूबसूरत लग रही थी वह सूट में ...

उड़ान - चेप्टर 2 - पार्ट 1
द्वारा ArUu

प्रिय पाठकोंउम्मीद है आप सब अच्छे होंगेउड़ान का पार्ट 1 लिखे हुए मुझे बहुत टाइम हो गया हैंआज मैं आप सब के बीच में उड़ान पार्ट 2 लेकर आई ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

------------------------------ नमस्कार स्नेही मित्रों       जीवन एक पहेली सजनी ,जितना सुलझाओ ये उलझे ,है रहस्यमय कितनी !मित्रों सोचें तो वृत्त में घूमते ही रह जाते हैं हम और ज़िंदगी ...

जिंदगी
द्वारा Sohi

जीवन पर निबंधइन दिनों हमारे चारों तरफ बहुत तनाव है। अधिकांश लोग कार्यालय में समस्याओं, रिश्तों में मुद्दों और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बारे में शिकायत करते ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

मित्रो ! सस्नेह नमस्कार कई बार जीवन में ऐसी बातें हो जाती हैं जो हम सोच भी नहीं पाते लेकिन जब वे बातें, घटनाएँ जीवन में घटित होती हैं ...

आँगन की चाँदनी - आखिरी भाग
द्वारा Sabreen FA

दोपहर होगयी थी जब आरोही वापस हॉस्पिटल आयी तो राहुल के घरवालों में से कोई भी वहां मौजूद नही था। आरोही दरवाज़ा खोल कर चुपके से अंदर चली गयी, ...

आँगन की चाँदनी - 9
द्वारा Sabreen FA

शाम को सब लोग हॉस्पिटल में मौजूद थे, डॉक्टर कमरे से बाहर आ कर मुस्कुराते हुए बोले,मुबारक हो आपके मरीज़ को होश आ गया है यह खबर सुनकर सबके ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

मित्रों सस्नेह नमस्कार हमारे जीवन में अक्सर ऎसी बातें  होती हैं जिनसे हम तकलीफ़ में आ जाते हैं | मध्यम वर्गीय आदमी के लिए आज जीवन चलाना कठिन है, ...

आँगन की चाँदनी - 8
द्वारा Sabreen FA

खूबसूरत सुबहें और हस्ती हुए शामें बीत गयी देखते ही देखते आरोही के बीएससी के एग्जाम शुरू हो गए,आरोही एग्जाम की तैयारीयों में इतना बिजी हो गयी कि उसके ...

आँगन की चाँदनी - 7
द्वारा Sabreen FA

आरोही तैयार होकर अंजलि जी के पास जा कर बोली, माँ मैं अपनी दोस्त से मिलने जा रही हु। अंजलि जी: ठीक है लेकिन जल्दी आ जाना। आरोही: ठीक ...

उपन्यास चित्रलेखा संक्षिप्त विवरण
द्वारा Dr. Bhairavsinh Raol

गीत शिर्षक:" मन रे तू काहे ना धीर धरे"मन रे तू काहे ना धीर धरेवो निर्मोही मोह ना जाने, जिनका मोह करेमन रे ...इस जीवन की चढ़ती ढलतीधूप को ...

आँगन की चाँदनी - 6
द्वारा Sabreen FA

राहुल: एक दम सही पकड़ा तुमने वो सच मे दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की है, राहुल खुशी से पागल होते हुए अपनी धुन में बोले जा रहा था। यहां ...

उजाले की ओर –संस्मरण
द्वारा Pranava Bharti

नमस्कार स्नेही साथियों मनुष्य, चाहे वह पुरुष हो अथवा महिला, सबके मन में भावनाएँ, संवेदनाएँ होती हैं | सब किसी न किसी प्रकार अपने आपको प्रसन्न रखना चाहते हैं ...