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    दीक्षा
    by महेश रौतेला
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    हम सात लोग एक दिन पहले ही एक्जीक्यूटिव आवास पहुंच गये थे। शाम को एक कमरे में बैठे थे। सब अपनी अपनी बातें कह रहे थे। धीरे-धीरे साधारण वार्तालाप ...

    सिंचाई की कीमत
    by Lakshmi Narayan Panna
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    (इस कहानी के माध्यम से लेखक मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ ही शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करना चाहता है । कहानी में कुछ अवधी बोली के संवादों ...

    देश के बहादुर.. वीर सावरकर…पार्ट - २
    by Mewada Hasmukh
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    १८५७ क्रांति का आर्टिकल यूरोप के १६ ओर ब्रिटेन के ४ प्रमुख न्यूजपेपर में छपा...तब वहां के बुदधिजीवियों ने कहा अगर १८५७ का यही सच है तो ब्रिटेन को अपना ...

    टूटी चप्पल का जोड़ा
    by Pammy Rajan
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    रफ़्तार से चलती ट्रेन अचानक एक छोटे से स्टेशन पर रुक गयी। सभी यात्री तेजी से चढ़ने -उतरने लगे। शायद दो मिनट का ही स्टॉपेज था । लेकिन अब ...

    कर्मो का फल
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    कहानी का सारांश:- इस कहानी में मुख्य भूमिका पिता के रूप में दीनानाथ की है। अपने आदर्शो के लिये दीनानाथ प्रसिद्ध हैं। दीनानाथ के बाद एक और अहम भूमिका उनके ...

    टेस्ट रिपोर्ट
    by Ajay Kumar Awasthi
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    सुजीत को बचपन से डर लगता था परीक्षा का रिजल्ट सुनने में ....जिस दिन रिजल्ट आने वाला होता, वो उदास नर्वस बैठ जाता. उसके पेपर अच्छे बनते, फिर भी ...

    देश के बहादुर..वीर सावरकर - 1
    by Mewada Hasmukh
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    लिख रहा हूं मै अंजाम,जिसका कल आगाज आएगा...मेरे लहू का हर एक कतरा,इन्कलाब लाएगा...में रहूं या न रहूं पर,ये वादा हे मेरा तुझसे...मेरे बाद वतन पर....मरने वालो का सैलाब ...

    नेकी
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    कहानी का सारांश: कहानी में मुख्य भूमिका उत्तम नाम के व्यापारी की है, जो एक मेहनती और बुद्धिमान है, जो हमेशा खुद के लिए कुछ करने से पहले, दूसरे लोगों ...

    मेरा अपना शहर
    by Manjeet Singh Gauhar
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    इस पूरे विश्व में बहुत सारे देश हैं। और फिर उन देशों में ना जाने कितने सारे राज्य हैं, और उन राज्यों में ना जाने कितने ही सारे शहर ...

    फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन - क्योंकि लाइफ की ऐसी की तैसी न हो - भाग-7
    by Sanjay V Shah
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    51)  जब हमारा जन्म होता है, तब हमारे बाल सफेद नहीं होते हैं और न ही हमारा शरीर पाँच या छह फुट लम्बा होता है। शरीर के ढांचे की ...

    फाउन्टेन पैन
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    This story is by Dhirendra S. Bisht and he has mentioned about a kid how he having aspirations on his mind about fountain pen. The main role in this ...

    मैं रूद्र हूँ ।
    by Rudra
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    मैं रूद्र हूँ ।   नमस्ते ! मैं रूद्र हूँ । और अच्छी बात यह है की मैं यह जानता हूँ मैं कौन हूँ । और यह मेरा कोई ...

    घर की दीवारें धड़कती हैं अपनो से
    by Ajay Kumar Awasthi
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    घर की दीवारें धड़कती हैं अपनो से      मेरे एक मित्र पेशे से इंजीनियर है. उन्होंने हाल ही में अपने लिए एक मकान बनवाया, उसकी सजावट पर उन्होंने ...

    फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन - क्योंकि लाइफ की ऐसी की तैसी न हो - भाग- 6
    by Sanjay V Shah
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    ३६) स्वयं को सर्वाधिक प्रामाणिक, पारदर्शक व बेबाक बताने की शेखी हर कोई बघारता है, जबकि वास्तविकता एकदम अलग ही होती है। अन्य लोगों के साथ तो ठीक, खुद ...

    सुरसा आंटी
    by VIKAS BHANTI
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    जून की कड़क गर्मी थी | आसमान से लगता था की सूर्यदेव अग्नि की वर्षा करने में मग्न थे | आमतौर पर जून किसी के लिए सुखदायक हो ना ...