खैर छोड़िए book and story is written by Manshi K in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. खैर छोड़िए is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
खैर छोड़िए..!!
Manshi K
द्वारा
हिंदी प्रेरक कथा
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विवरण
हम खुद लगते हैं रेलवे ट्रैक और वक्त के साथ भागती हुई हमारी जिंदगी रेलगाड़ी।चलती तो रफ्तार से ही है मगर देखने वालों की नज़र में,खुद की नज़र से देखे तो जहां हम खड़े थे वहीं खुद को पाते हैं।आसान कहां है तकलीफों से लड़ कर हर रोज मुस्कुराना और बहते हुए आंसुओं से सवाल करना ।वो क्या है न आपको समझने वाले पल भर में आपको औरों जैसा बोल कर तकलीफ दे देते हैं, और मेरे जैसे मासूम दिल वाले लोग खुद को गलत समझ रोने लग जाते हैं।पता है उस इंसान के लिए मेरे आंसू कीमती नहीं है
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