भूतिया मंदिर - 1 Rahul Haldhar द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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भूतिया मंदिर - 1

रात के कुछ बारह बज रहे होंगे नितिन के कमरे से कुछ
आवाजें उसकी माँ को सुनाई दी
" नितिन तुम क्या कर रहे हो " उसकी माँ ने बाहर से आवाज
देते हुए पूछा ।
एकाएक अंदर से सभी चीजों के इधर उधर गिरने की
आवाजें आने लगी , उसकी माँ ने तुरंत अंदर जाकर देखा तो
नितिन ने कमरे के सारे समान इधर उधर गिरा और कुछ
चीजें तोड़ दी है और वह दीवाल से चिपककर बैठा कांप रहा
है वह पूरी तरह से पसीने से भीगा हुआ था ।
" क्या हुआ बेटा ? " उसकी माँ परेशान होकर पूछा ।
उसने वहीं सामने दीवाल की तरह इशारा करते हुए कहा
– " मां वह मुझे मार देगा । "
" पर कौन बेटा , कौन मार देगा ।"
एकाएक वह बेहोश हो गया और कमरे की लाइट अपने आप
बंद हो गई चारों तरफ अन्धेरा फैल गया , एक भयानक सा
चीखने की आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी मानों कोई
दानव चिल्ला रहा हो ।
उसकी माँ किसी तरह कमरे से बाहर गई और फिर चार्जर
बत्ती लेकर आई तो अन्दर का नजारा देख वह हिल सी गई,
अन्दर आकर देखा तो नितिन कमरे के ऊपर दीवाल पर
उल्टा होकर भयानक हंसी हंसते हुए उकड़ू मारकर बैठा
है । यह देख उसकी माँ रोने लगी और चिल्लाते हुए बोली
ऐसा क्यों कर रहा है ?
तभी पीछे से उसकी माँ को एक धक्का लगा और उसका
सिर वहीं टेबल से टकरा गया और वह वहीं बेहोश हो गई ।
और नितिन भयंकर आवाज में बोल उठा ' मैं अब आजाद
हूँ , शैतान तेरा भोग मैं लगाऊंगा । '
आवाज सुनकर पास ही कमरे में सोया नितिन का छोटा
भाई गोलू वहां आ गया , माँ को नीचे गिरा देख वह उन्हें उठाने
लगा तभी उसने देखा उसके बड़े भाई का चेहरा भयंकर
व अजीब सा हो गया है और वह उसे ही घूर रहा है ।
वह चिल्लाते हुए कमरे से बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते
हुए भागा , उसे कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या
हुआ है तभी एकाएक वह नीचे गिरा और वही जम सा गया
, मानो किसी ने उसे जकड़ सा लिया हो ।
फिर नितिन उसकी तरफ बढ़ने लगा वह उसके पास
आकर भयंकर आवाज में हँसने लगा ।
" भैया आपको क्या हुआ है ? " वह हफतें हुए कहा ।
उसे यह नही पता था कि उसका बड़ा भाई अब भाई नही
एक शैतानी आत्मा का शरीर बन चुका था ।
नितिन ने उसे सूंघते हुए कहा , " वाह हे शैतान, यह भेट
तुझे खुश कर देगी । "
वह गोलू को पकड़कर वही पास ही बांध दिया और न जाने
क्या मंत्र पढ़ने लगा और किचन से चक्कू लाकर वहीं बैठ
गया फिर , न जाने कहाँ से कई प्रकार के रंग वाले सिंदूर
वहां अपने आप आ गए और कई सारे हड्डियां भी
वह सिर घुमा घुमा कर मंत्र पढ़ने लगा । गोलू चिल्लाए
जा रहा था पर शायद उसकी आवाज किसी के कानों
में नही जा रही थी ।
फिर नितिन बोला " शैतान यह भेंट स्वीकार कर "
यह कहकर उसने गोलू का गला काट दिया , गोलू छटपटाते
हुए खून से लथपथ होकर कुछ ही देर में शांत हो गया ।
यह देख नितिन हँसे जा रहा था या कहें उसके अंदर समाए
शैतान की आत्मा हँस रहा था ।

फिर वह बोला " मैं तुम्हारें पास आ रहा हूँ और भेंट के
लिए ।"
फिर वह न जाने क्या बड़बड़ाते हुए बाहर निकल गया ।

अगली सुबह जब उसकी मां को होश आया तो बाहर
आकर देखा तो वह रोते हुए वहीं बैठ गई , आगे उसके
छोटे बेटे का शरीर पड़ा हुआ था जिसका गला कटा हुआ
और चारों तरफ खून ही खून ।
वह चिल्लाते और रोते हुए नितिन को पुकारने लगी जब
कोई आवाज न आई तो वह रोते हुए बाहर गई आस पड़ोस
वाले यह देख उसके साथ आये और अंदर देखा तो उनके
होश उड़ गए ।
उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया ।
कुछ ही देर में पुलिस आ चुकी थी और गोलू के शरीर को
ले जा रही थी , इसकी मां रोते रोते अबोध हो चुकी थी ।
और बार बार यह कह रही थी कि उसके बड़े बेटे ने
ही उसे मारा इसीलिए वह गायब है ।
विनय जो कि नितिन का दोस्त था वहीं पास में ही
रहता था यह सूचना जान कर वहां आया वह सोच
रहा था कि नितिन ऐसा क्यों करेगा वह तो अपने छोटे
भाई से बहुत प्यार करता था और नितिन कोई छोटा लड़का
नही 21 साल का कॉलेज में पढ़ने वाला लड़का था ।

विनय ने यह उसके माँ से पूछा , तो वह रोते हुए बोली
कि परसों से वह कुछ अलग ही तरह का व्यवहार कर
रहा था , कभी एकाएक हंसता कभी रोने लगता और
दिन भर वह कमरे में अकेले बैठा रहता पर कल वह
कुछ ज्यादा ही भयानक हो गया था मानों उसके अंदर
कोई शैतानी शक्ति आ गई हो जो उसकी आँखों में साफ
दिख रहा था , उसी ने गोलू की हत्या की ।
फिर पुलिस पूछताछ करने लगी और गोलू के बॉडी को
पोस्टमार्टम के लिए ले गई ।
उसकी माँ ने परसों से बताया कि वह अजीब हरकतें
कर रहा है उसी के एक दिन पहले तो नितिन , विनय
और उसके दोस्त उत्तराखंड के नैनीताल के पहाड़ों से
घूमकर आये थे ।
विनय ने यह सोचा कि लौटते वक्त भी तो वह अजीब सी
हरकतें कर रहा था और वो मंदिर पर घटी घटना जिसनें
उन्हें डरा दिया था ।
विनय ने फोन कर सभी दोस्तों को बताया कि नितिन
ने अपने भाई की हत्या कर दी है और वो गायब है ..
दोस्त बोले 'मुझे तो मंदिर से ही कुछ खराब लग रहा था '.
……

क्या है ये मंदिर की घटना और नितिन किसके वश में
है पढ़िए अगले भाग में .


क्रमशः…