नौकरानी की बेटी - 16 RACHNA ROY द्वारा मानवीय विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

नौकरानी की बेटी - 16

दो दिन तक शैलेश रीतू और आनंदी के साथ बहुत सारी बातें और खाना पीना किया फिर शैलेश कनाडा वापस चलें गए।।


आनंदी और रीतू हर रोज अपने यादगार पलों को विडियो और फोटो पर देख कर खुब इन्जाय किया करते।

रीतू ने आनंदी से कहा देख यहां तूने कैसा मुंह बनाया है।

आनंदी ने कहा हां और क्या सर जो इतना हंसा रहें थे।

आनंदी ने कहा दीदी मां को भी भेज देना सारी विडियो।।
रीतू ने कहा हां कब का भेज दिया।

इसी तरह एक महीना बीत गया और आनंदी के स्कूल खुल गए और फिर उसका ग्यारहवीं कक्षा का रेजल्ट भी आ गया था।

आनंदी ने इस बार भी ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा में पुरे विभाग में प्रथम स्थान हासिल किया था और तीन विषयों में उसको १००मे से १००अक मिले थे। इस बार भी आनंदी को ही स्टुडेंट ऑफ द ईयर टाइटल का पुरस्कार दिया गया।

पूरे स्कूल के मेनैजमेट आनंदी के लिए तालियां बजाकर खुशी जाहिर कर रहे थे।

बस फिर आनंदी को स्टेज पर बुलाया गया और कुछ सवाल पूछे गए।

आनंदी ने बिना डरे सारे सवालों के जवाब अंग्रेजी में दे दिया।
फिर फोटो भी खिंचवाई गई।

आनंदी जब घर पहुंचीं।तो उसके अपार्टमेंट से ही उसका स्वागत किया गया।

रीतू भी वही पर खड़ी आनंदी का इन्तजार कर रही थी फिर सबने मिलकर खुब धमाका किया और वही पार्क में केक कटिंग हुआं आनंदी और रीतू डांस भी किये।

फिर ऊपर आकर आनंदी ने रीतू को सब बात बताई।
फिर दोनों खाना खा कर सो गए।


अगले दिन सुबह आनंदी स्कूल पहुंच गई और सबको मार्क सीट और सर्टिफिकेट दिया गया।

फिर बारहवीं कक्षा के बारे में जानकारी दें दिया गया और सबको फार्म भरने को दिया गया।

आनंदी बहुत ही उत्साहित थी उसने खुद को अब और भी अधिक समय पढ़ाई में देने के लिए तैयार कर लिया था।

और इसी तरह आनंदी का बारहवीं कक्षा की पढ़ाई और कोचिंग क्लास शुरू हो गया था।
ज्यादा से ज्यादा समय आनंदी नोट्स बनाने लगी और फिर धीरे -धीरे उसके फास्ट सेमेस्टर परीक्षा भी शुरू हो गया।

आनंदी ने बहुत मेहनत किया और उसके मेहनत का फल मिला। कोई भी ऐसा विषय नहीं था जिसमें आनंदी को अच्छे नंबर नहीं मिले थे।

कहते हैं कि भगवान हमें किसी ना किसी उद्देश्य से इस दुनिया में भेजता है तो आनंदी के हाथों भी शायद कोई अच्छा काम लिखा हो।।
वो भगवान द्वारा वरदान प्राप्त किया हो।
जो देश की उन्नति के लिए तैयार हो रही हो।

आनंदी अब दो कोचिंग सेंटर जाने लगी थी।

रीतू ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आनंदी की पढ़ाई से लेकर उसके सारी जरूरतें पूरी करतीं थीं जैसे एक बड़ी दीदी करती हो।

रात को भी आनंदी रूम में घुम कर पढ़ा करती थी।
समय बीतने लगा।।।।

कक्षा में भी रोज एक -एक विषय पर छात्रों और छात्राओं के बीच वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित किया जाता था।
ताकि कालेज में इन लोगों को मुश्किल का सामना न करना पड़े।

और फिर फाइनल एग्जाम भी आ गया आज सबको डेट सीट भी मिल चुकी थी।

आनंदी ने घर जाते समय सारी स्टेशनरी समान ख़रीदा।

और फिर घर आकर रीतू को उसकी फाइनल एग्जाम की डेट सीट भी दिखाया।
रीतू ने कहा आनंदी तू अब कालेज गोईन गर्ल बन जाएंगी।
आनंदी हंसने लगी।
अब सब सपने पूरे हो रहे थे।

उधर कृष्णा वाई भी भगवान को मनाती की आनंदी के सारे सपने पूरे हो।
अब उसे राजू के घर से पांच हजार रुपए मिलते थे जिससे घर का खर्चा और बाकी आनंदी के नाम बैंक एकाउंट में जमा कर दिया करती थी।

आनंदी ने एक दिन मां से फोन पर कहा कि मां अब जल्दी तुम्हारी आनंदी अपने पैरों पर खड़ी हो जाएगी तो तुमको ये सब काम नहीं करना पड़ेगा।
कृष्णा ने कहा हां बेटी।पर ये लोग जो किए हैं उनका कर्ज हम कैसे चुकायेगे।
रीतू ने फोन लेकर कहा।
कृष्णा वाई कितना पराया कर दिया है ना।
अरे हमने कुछ नहीं किये।
आनंदी अपने पैसों से पढ़ रही है और हर साल स्कालरशिप दिया जा रहा है वो भी इसलिए क्योंकि उसकी योग्यता बहुत है।
कृष्णा ने कहा हां बेबी ठीक है।

आनंदी ने कहा दीदी मां हमेशा सोचती है।
रीतू ने कहा कोई बात नहीं है आनंदी तू बस आगे बढ़ जा पीछे मुड़कर मत देखो।
परसों पेपर है ना तेरा? आनंदी ने कहा हां दीदी।
मैथ का पेपर है।
अनसोल्ड पेपर लाई हुं अब उसे करना है।
रीतू ने कहा हां ज़रूर कर।।

फिर आनंदी अपनी पढ़ाई करने लगी और कल उसका पहला पेपर मैथ का बहुत ही अच्छा गया था।
कोचिंग क्लास में भी आनंदी जल्दी से सारे सवालों के जवाब दे दिया करती थी।
आज उसका अंग्रेजी का पेपर था।
आनंदी ने सब पढ़ाई बहुत अच्छे से किया।
और फिर उसके अंग्रेजी के पेपर भी बहुत अच्छी तरह से हो गया।
इसी तरह आनंदी के पांच पेपर हो चुके थे और फिर छुट्टी शुरू हो गई।

छुट्टी हो जाने के बाद अब आनंदी के लिए आगे की पढ़ाई चुनौतीपूर्ण था क्योंकि अब उसे एक युनिवर्सिटी में दाखिला लेना था।

आनंदी हर रोज लैपटॉप पर बहुत सारे युनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए जानकारी प्राप्त कर रही थी।

फिर रीतू ने शैलेश से फोन पर कहा कि एक बार घर आ जाएं।
फिर सन्डे को ही शैलेश आ गया। फिर सब बातचीत करने लगे।
शैलेश ने कहा आनंदी अब युनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए क्या-क्या जरूरत होगा वो सब बात मैं बता देता हूं । आनंदी ने ध्यान से सुना ।
रीतू ने कहा शैलेश आनंदी तो टापर स्टुडेंट हो गई है तो उसको युनिवर्सिटी कालेज लंदन में दाखिला मिल जाएगा।

शैलेश ने कहा हां ज़रूर मिलेगा।।पर इन्टरव्यू देना होगा।।


क्रमशः।।

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कैप्टन धरणीधर मातृभारती सत्यापित 4 महीना पहले

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Kitu

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Ritika kumari 1 साल पहले