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राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 6 - अंतिम भाग
द्वारा राजनारायण बोहरे

स्कूली शिक्षा सम्बन्धी बैचेनियां, चिंताएं और उत्सुकताएं             शिक्षा सामाजिक विकास की सतत चलने वाली प्रक्रिया है। स्वाधीनता दविस 2004 की पूर्व संध्या पर दिए गए राष्ट्रपति के राष्ट्र ...

नौकरानी की बेटी - 24
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी के आई एस अफसर बनने से लेकर अब तक का सफर बहुत ही खूबसूरत रहा ।अब आनंदी को आगे पढ़ना है तो अवकाश लेने का समय आ गया ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 5
द्वारा राजनारायण बोहरे

बाजार की शिक्षा या शिक्षा का बाजार             शिक्षा का स्वरूप समाज का निर्माण करता है और सामाजिक प्रयोजन शिक्षा के स्वरूप को बदलता है। शिक्षा का अस्तित्व समाज ...

उम्र का अंतराल
द्वारा Kamal Bhansali

शीर्षक : उम्र का अंतराल ( Generation Gap )यह तय है, मानव जीवन, युग की चेतना के अनुसार अपने स्वरुप को बदलता है। किसी एक मानव के लिए यह ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 4
द्वारा राजनारायण बोहरे

शिक्षा-संसार में हो रही 1998 में हो रही हलचल पर एक दृष्टि               भारतीय जनता पार्टी के सत्ताच्युत होने के कुछ दिनों बाद तक शिक्षा के सवाल पर ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 3
द्वारा राजनारायण बोहरे

हम क्या करें ? -श्री राधारमण बैद्य                         आज निहित स्वार्थो से प्रेरित राष्ट्रीयता और आत्म गौरव उभारा जा रहा है, संस्कृति की दुहाई दी जा रही है या ...

नौकरानी की बेटी - 23
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी राजस्थान में आकर अपने काम को समझने लगीं और फिर वहां भी उसने बहुत सारे रुके हुए कार्य को पुरा करवाया।आनंदी ने पुराने सारे फाइल मंगवा लिया और ...

प्रेम और वासना - भाग 5 - प्रेम के रंग हजार, रिश्तों में
द्वारा Kamal Bhansali

प्रेम" शब्द काफी मार्मक और भावुकता भरा होता है। नये, नये रुप में प्रयोग होने वाला शब्द इंसानी अहसास को इंद्रधनुषी रंगों से सजाता है,। प्रेम, प्यार, लव, जैसे ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 2
द्वारा राजनारायण बोहरे

भूमण्डलीकरण का संदर्भ और शिक्षा               सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व जग जाहिर है। समाज में बेहतर बदलाव तब आता है, जब जन (सामान्यजन) उत्पीड़न चीन्हनें ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 1
द्वारा राजनारायण बोहरे

आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ               जहाँ तक शिक्षा में आमूल परिवर्तन की बात है, वह बहुत कठिन कार्य है, क्योंकि इसमें पर्याप्त श्रम, समय, धन और अन्वेषणों ...

संग विज्ञान का - रंग अध्यात्म का - 3
द्वारा Jitendra Patwari

  नाड़ीतंत्र   प्रथम दो लेखांक दौरान ओरा (Aura) और कुँडलिनी के बारे में चर्चा हुईl नाड़ि के बारे में प्राथमिक बात हुई कि जैसे बिजली, रेडियो या लेसर ...

नौकरानी की बेटी - 22
द्वारा RACHNA ROY

आज आनंदी केरल पहुंच गई थी एक नई उम्मीद नई मंजिल के साथ।आई एस टापर्स आनंदी को पहले जीवन का सबसे बड़ा दिन आज ही लग रहा था क्योंकि ...

प्रेम और वासना - भाग 3
द्वारा Kamal Bhansali

प्रेम और वासना इंसानी जीवन के वो दो पहलू है, जिनके बिना जिंदगी को लय मिलना मुश्किल होता है। प्रेम को अगर वासना से अलग कर दिया जाय, तो ...

नौकरानी की बेटी - 21
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी एक आई एस अफसर बना चुकी हैं और अब आनंदी की लाइफस्टाइल, लाखों की सैलरी के साथ मिलती है ये सुविधा।आईएएस यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस को सब से ...

प्रेम और वासना - भाग 2
द्वारा Kamal Bhansali

वासना" शब्द कि विडम्बना यही है, एक जायज क्रिया के साथ नाजायज की तरह व्यवहार किया जाता है। अंदर से सबका इससे आंतरिक रिश्ता होते हुए भी, इस के ...

प्रेम और वासना - भाग 1
द्वारा Kamal Bhansali

प्रेम की सबसे बड़ी विशेषता, अगर कोई है, तो यह कि यह भावनाओं के सभी रंगों से परिपूर्ण रहकर भी सदा सफेद और स्वच्छ सत्य के अंदर ही अपना ...

नौकरानी की बेटी - 20
द्वारा RACHNA ROY

शैलेश का भी हल्दी हो गया अब  आगे।। रात को रीतू दुल्हन बन कर मंडप में बैठी थी। अमर, राजू और बाकी जेंस लोगों ने सफ़ारी पहना था।लेडिस साड़ियां पहनी ...

ढलती उम्र में रहे बेखबर
द्वारा Kamal Bhansali

Health is wealth" यानी स्वास्थ्य ही धन है। ये कथन जीवन का प्रमुख सत्य है। इस कथन का प्रयोग हम सभी कभी न कभी स्वास्थ्य के सन्दर्भ में जब-तब ...

अधिकार और कर्तव्य
द्वारा Kamal Bhansali

अधिकार" और "कर्तव्य" ऐसे शब्द है, जो एक दूसरे के पूरक है, एक के बिना दूसरे का चिंतन करना व्यर्थ है। फिर भी विडम्बना ही कहिये एक सर्व पसन्द ...

दवा
द्वारा amit kumar mall

        पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक पिछड़े क्षेत्र होने के बाद भी , मेरे गांव में बाजार थी - साप्ताहिक नही परमानेंट । सोमवार और शुक्रवार को , ...

नौकरानी की बेटी - 19
द्वारा RACHNA ROY

अब आनंदी को पोस्ट  ग्रेजुएट   के नतीजे का इंतजार था।  और फिर एक दिन आनंदी का पोस्ट ग्रेजुएऐट का नतीजा निकला और आनंदी का फर्स्ट रेंक आया ही साथ ...

रामायण, अमृत-तत्व- व्यक्तित्व निर्माण में
द्वारा Kamal Bhansali

कभी अगर हमसे कोई कहे, इंसानों में "राम" की तलाश है, तो एकाएक ऐसे महापुरुष की काल्पनिक छवि हमारे नयनों में तैरने लगती है, जो अलौकिकता से भरपूर होती ...

लोक और संस्कृति
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना  व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है  । लोक संस्कृति के स्वरूप को संकुचित ...

दहशत में वर्तमान
द्वारा Kamal Bhansali

विषय : दहशत में वर्तमान ( एक अनुसंधान युक्त विश्लेषण )Truth is forever" सत्य सदा रहता, वक्त बोल कर कह नहीं सकता, पर अहसास तो करा देता। सवाल ये ...

नौकरानी की बेटी - 18
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी बहुत ही इमोशनल हो गई ये सुनकर की उसकी मां भी आ रही है। रीतू ने कहा तुम ज्यादा सोचो मत बस अपनी मंजिल पर आगे बढ़ती जाओ।सेकंड ईयर ...

दैनिक दिनचर्या-समय का सही सम्मान
द्वारा Kamal Bhansali

समय" शब्द कितना सीधा सादा, परन्तु कितना महत्वकांक्षी, अपने पल, पल की कीमत मांगता है। कहता ही रहता है, कि मेरा उपयोग करो, नहीं तो मैं वापस नहीं आने ...

महेश कुमार मिश्र मधुकर - प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी
द्वारा राज बोहरे

महेश  कुमार मिश्र मधुकर -पुस्तक-प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी पुस्तक समीक्षा समीक्षक- राजनारायण बोहरे पुस्तक-प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी लेखक-महेश  कुमार मिश्र मधुकर प्रकाशक- आदिवासी लोक कला अकादमी मध्यप्रदेश  संस्कृति परिषद ...

क्षमा वीरस्य भूषनम
द्वारा Kamal Bhansali

क्षमा " एक आंतरिक मानसिक शक्ति उत्थानक शब्द है, इसका उपयोग सहज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए आत्मा का शक्तिशाली होना जरुरी होता है। वैसे तो संसार ...

नौकरानी की बेटी - 17
द्वारा RACHNA ROY

शैलेश ने कहा हां ज़रूर मिलेगा और अब आगे।।आनंदी ने कहा हां,सच में मेरा एडमिशन हो जाएगा है।रीतू ने कहा हां आनंदी ऐसा ही होगा। फिर दोनों खुब सारी ...

आशीर्वाद - जीवन अमृत
द्वारा Kamal Bhansali

आशीर्वाद” एक ऐसा अमृतमय शब्द है, जिसकी चाहत हर कोई इंसान अपने जीवन की शुभता के लिए करता है। इस शब्द की सबसे प्रमुख विशेषता है, कि ये किसी ...

संस्कार, बिना आकार
द्वारा Kamal Bhansali

संस्कार" शब्द की व्याख्या करने से पहले हमें जीवन की उस अनुभूति के बारे में हर दृष्टिकोण से थोड़ा चिंतन करना जरुरी हो सकता है , जिनमे मानवीय संवेदना ...

नौकरानी की बेटी - 16
द्वारा RACHNA ROY

  दो दिन तक शैलेश रीतू और आनंदी के साथ बहुत सारी बातें और खाना पीना किया फिर शैलेश कनाडा वापस चलें गए।।आनंदी और रीतू हर रोज अपने यादगार ...