हिंदी मानवीय विज्ञान कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

नौकरानी की बेटी - 33
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी ने गाड़ी में बैठ कर फोन पर सब कुछ कन्फर्म कर लिया था। फिर आनंदी बोली अनिकेत जी आप ने सब कुछ ठीक से देख लिया है कि ...

कलाकारों की दुनिया
द्वारा Anand M Mishra

  कलाकारों की अपनी ही दुनिया होती है। वे आम जनों की तरह पाना जीवन नहीं जीते हैं। मन में जो आ गया – सो आ गया। उसे बदलना ...

नौकरानी की बेटी - 32
द्वारा RACHNA ROY

सबने तारीफ किया और अब आगे।।फिर इसी तरह हर साल अन्वेशा का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता था।आनंदी के घर सब लोग बहुत ही अच्छे से रहने ...

मैकाले का दोष
द्वारा Anand M Mishra

एक ज़माने में हमारा देश जगद्गुरु था। देश-विदेश से लोग शिक्षा पाने के लिए भारत आते थे। एक से बढ़कर एक शिक्षा संस्थानों से हमारा देश जगमग करता था। ...

नौकरानी की बेटी - 31
द्वारा RACHNA ROY

सुबह होते ही जल्दी जल्दी सब काम होने लगा।कृष्णा ने पुजा की तैयारी कर ली थी और फिर पंडित जी भी आ गए।आनंदी खुद तैयार हो कर शना और ...

जीवन सँध्या
द्वारा Kamal Bhansali

मानव दुनिया में शक्तिशाली और अति बुद्धिमान प्राणी माना जाता है,  परन्तु जब बात उम्र की आती, तो यह भी स्वीकार किया गया कि हर दिन क्षीण होती शक्ति, ...

नौकरानी की बेटी - 30
द्वारा RACHNA ROY

आज अन्वेशा का स्कूल में पहला दिन है।आनंदी ने बहुत ही अच्छे से उसको तैयार किया था। आनंदी बोली वाह मेरी गुड़िया।अन्वेशा बैग लेकर आनंदी के साथ नीचे पहुंच ...

चित और तन यानी चिंतन
द्वारा Kamal Bhansali

शीर्षक : चित और तन= चिंतनशरीर और आत्मा जीवन के प्रारम्भिक से अंतिम अवस्था के मुख्य तत्व है, दोनों के बिना जीवन का अस्तित्व दुर्लभ होता है। स्वभाविक अवस्था ...

नौकरानी की बेटी - 29
द्वारा RACHNA ROY

कृष्णा ने कहा हां बेटा तुम जरूर कामयाब होगी एक अच्छे काम के लिए जा रही हो।आनंदी ने कहा मां अपना ख्याल रखना।आनंदी गाड़ी से निकल गई।इन्दौर से 5.55 ...

स्वयं का मूल्यांकन आत्मा के संदर्भ में - भाग 1
द्वारा Kamal Bhansali

पंकेविर्ना सरो भाति सभा खलजनै विर्ना ।कटुवणैविर्ना काव्यं मानसं विशयैविर्ना "।।"यानी सरोवर कीचड़ रहित हो तो शोभा देता है, दुष्ट मानव न हो तो सभा, कटु वर्ण न हो ...

जंगल मेरा मायका-गौरा देवी
द्वारा राज बोहरे

                                                                      जंगल मेरा मायका, पेड़ मेरे नातेदार                  बात छब्बीस मार्च सन उन्नीस सौ चौहततर की है। उत्तराखण्ड प्रांत के जिला चमोली के पहाड़ पर बसे ...

नौकरानी की बेटी - 28
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी ने दिल्ली में फिर से अपनी पोस्ट जोय्न कर लिया।आनंदी के पीएचडी स्कॉलर और गोल्ड मेडलिस्ट होने की खुशी में उसके आफिस में एक शानदार पार्टी रखी गई ...

परिवार, सुख का आकार - (भाग 4) - संयुक्त परिवार- फिर वक्त की जरुरत
द्वारा Kamal Bhansali

आज का युग, साधारण आदमी के लिए कोई मायना नहीं रखता। शिष्टता की जगह विशिष्टता का महत्व बढ़ गया है। समय अपनी गति के साथ रंग बदलता रहता है, ...

महामारी का प्रकोप
द्वारा Anand M Mishra

जम्बू द्वीप में कोरोना फैला था। उसी द्वीप में एक शांत गाँव है। इस गाँव में बाहर के गांवों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तो यह शांत ...

नौकरानी की बेटी - 27
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी ने कहा मां अब पैकिंग कर लो।कृष्णा ने कहा हां बेटा मैंने थोड़ी बहुत पैकिंग कर लिया है।आनंदी ने भी अपनी सारी किताबें सब ठीक से एक बैग ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 3) - उन्नत्ति की सीढ़ी
द्वारा Kamal Bhansali

परिवार भाग 3 ( उन्नत्ति की सीढ़ी )आज जो सँसार का स्वरुप है, उसकी उन्नति में परिवार की भूमिका को नकारना सहज नहीं है। यह विडम्बना आज के स्वरुप ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 2) - बिखराव रिश्तों का
द्वारा Kamal Bhansali

परिवार, व्यक्तित्व निर्माण में एक अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस तथ्य पर वैसे तो कोई शंका का कारण नजर नहीं आता फिर भी निवारण के लिए इतना कहना ...

नौकरानी की बेटी - 26
द्वारा RACHNA ROY

एक अच्छी शोध कर्ता की विशेषता जो कि आनंदी में थी वो उसको युनिवर्सिटी से मिला उसका विवरण रीतू ने पढ़ा।75000 बड्स की थीसिस राइटिंग प्रोडक्टिव मैनर से एनालाइजिग ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 1)
द्वारा Kamal Bhansali

रिश्तों की दुनिया की अनेक विविधताएं है, रिश्तों के बिना न परिवार, न समाज, न देश की कल्पना की जा सकती है, कहने को तो यहां तक भी कहा ...

झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेर
द्वारा Kamal Bhansali

शीर्षक: झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेरदुनिया एक सच है, परन्तु झूठ के रोग से भयंकर ग्रस्त है। कहीं भी जाये दूर दूर तक झूठ का साम्राज्य फल- ...

नौकरानी की बेटी - 25
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी ने फ़ोन पर कहा रीतू दीदी शना के पहली जन्मदिन मनाने के लिए सबको अपने आलीशान बंगले में आने को बोली और कहा कि वो अपने तरफ से ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 6 - अंतिम भाग
द्वारा राजनारायण बोहरे

स्कूली शिक्षा सम्बन्धी बैचेनियां, चिंताएं और उत्सुकताएं             शिक्षा सामाजिक विकास की सतत चलने वाली प्रक्रिया है। स्वाधीनता दविस 2004 की पूर्व संध्या पर दिए गए राष्ट्रपति के राष्ट्र ...

नौकरानी की बेटी - 24
द्वारा RACHNA ROY

आनंदी के आई एस अफसर बनने से लेकर अब तक का सफर बहुत ही खूबसूरत रहा ।अब आनंदी को आगे पढ़ना है तो अवकाश लेने का समय आ गया ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 5
द्वारा राजनारायण बोहरे

बाजार की शिक्षा या शिक्षा का बाजार             शिक्षा का स्वरूप समाज का निर्माण करता है और सामाजिक प्रयोजन शिक्षा के स्वरूप को बदलता है। शिक्षा का अस्तित्व समाज ...

उम्र का अंतराल
द्वारा Kamal Bhansali

शीर्षक : उम्र का अंतराल ( Generation Gap )यह तय है, मानव जीवन, युग की चेतना के अनुसार अपने स्वरुप को बदलता है। किसी एक मानव के लिए यह ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 4
द्वारा राजनारायण बोहरे

शिक्षा-संसार में हो रही 1998 में हो रही हलचल पर एक दृष्टि               भारतीय जनता पार्टी के सत्ताच्युत होने के कुछ दिनों बाद तक शिक्षा के सवाल पर ...