चलो कहीं घूम आएं....Ola Cabs story Ashish Kumar Trivedi द्वारा जीवनी में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
शेयर करे

चलो कहीं घूम आएं....Ola Cabs story

National story competition 2018

Start up success story

चलो कहीं घूम आएं..…

आशीष कुमार त्रिवेदी

मौसम सुहाना है। इस मौसम में कहीं जाने का विचार है। किसी पुराने मित्र से मिलने का दिल कर रहा है या फिल्म देखने का विचार है। लेकिन आपके पास अपना वाहन नहीं है या आप ड्राइविंग नहीं जानते हैं। तो फिर आपको जन परिवहन के साधनों पर निर्भर करना पड़ता है। लेकिन अगर आप सफर को आरामदायक व आसान बनाना चाहते हैं तो फिर आप क्या करेंगे। परेशान मत हों। आपकी समस्या का आसान हल है। आप Ola cab बुलाएं।

Ola App डाउनलोड करिए। फिर जब चाहें सफर के लिए टैक्सी बुक कराइए। Ola App के ज़रिए हम 110 से भी अधिक शहरों में करीब 600000 Ola cab मालिकों से संपर्क कर अपने लिए टैक्सी बुक करा सकते हैं।

Ola का संचालन ANI Technologies Pvt Ltd के अंतर्गत होता है। इसकी स्थापना 3 दिसंबर 2010 को मुंबई में हुई थी। Ola cab टैक्सी संचालन की सबसे बड़ी तथा तेज़ी से उभरती हुई कंपनी है। आज Ola अपने ग्राहकों को उनकी आवश्यक्ता के अनुसार Luxary तथा Economy का सफर उपलब्ध कराती है।

Ola अपने ग्राहकों को एक आरामदायक सफर प्रदान करती है। किंतु यह जानना भी दिलचस्प है कि Ola का आज तक का अपना सफर कैसा रहा।

Ola cab दो जुनूनी युवकों भविष अग्रवाल तथा अंकित भाटी के प्रयासों का परिणाम है। दोनों ही की आँखों में कुछ नया करने का सपना था। ऐसा कुछ जो इससे पहले किसी ने भी ना सोंचा हो। Ola की सफलता इन दोनों स्वप्न देखने वाले नवयुवकों के अथक परिश्रम के फलीभूत होने की कहानी है। आज यह कंपनी एक ऐसा विशाल नेटवर्क बन गई जो देश के 110 से भी अधिक शहरों में ग्राहकों को उनकी सुविधानुसार यातायात का साधन उपलब्ध करवाती है। Ola ने जनवरी 2018 को देश की सीमा लांघ कर आस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में अपनी सेवाएं आरंभ की हैं। अब इनका इरादा सिडनी तथा मेलबॉर्न में अपनी सेवा शुरू करने का है।

Ola cab एक ऐसा स्टार्ट अप है जो देश के कई नौजवानों को प्रेरणा प्रदान करता है।

Ola के संस्थापकों में से एक तथा वर्तमान CEO भविष अग्रवाल ने IIT मुंबई से computer science and engineering की डिग्री प्राप्त की है। लुधियाना में जन्मे भविष अग्रवाल ने आरंभिक दो साल Microsoft में काम किया। भविष ने अपनी शुरुआत एक Reasearch Intern के रूप में की थी। बाद में यह Assistant Reasearcher के पद पर पहुँच गए। इस बीच इन्होंने दो पेटेंट्स के लिए आवेदन दिया तथा अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में तीन लेख प्रकाशित करवाए।

भविष के मन में कुछ नया करने की चाह थी। अतः Microsoft छोड़ने के बाद भविष ने एक Online Travel कंपनी खोली। यह कंपनी अपने ग्राहकों को कम अवधि के यात्रा कार्यक्रम उपलब्ध करवाती थी।

एक बार भविष अपनी कंपनी के किसी काम से बेंगलूरू से बांदीपुर जाना था। इसके लिए इन्होंने एक कार किराए पर ली। जब वह बीच रास्ते में थे तो अचानक ड्राइवर बीच रास्ते में कार रोक कर पैसों के लिए बहस करने लगा। जब भविष उसकी शर्तें मानने को तैयार नहीं हुए तो वह उन्हें बीच राह में ही छोड़ कर चला गया। इस बुरे अनुभव से भविष हताश नहीं हुए। उनके भीतर छुपे उद्यमी ने अपने इस अनुभव से सीख ली। उनके मन में आया कि उनकी तरह ही कई और लोगों को इस तरह के कड़वे अनुभव हुए होंगे। तब उन्हें लगा कि एक Cab Service एक अच्छा स्टार्ट अप साबित हो सकता है।

भविष ने अपने इस सपने में एक और उत्साही पर थोड़े शर्मीले युवक को शामिल कर लिया। जोधपुर में जन्मे अंकित भाटी IIT Mumbai से शिक्षित हैं। Mechanical engineer अंकित को Computers बहुत लुभाते हैं। उनका मानना है कि Computers तकनीकि को एक नया आयाम देते हैं। उन दिनों में जब एक मध्यमवर्गी परिवार के लिए Computer खरीदना साधारण बात नहीं थी तब अंकित अपना अधिकांश समय व जेबखर्च Cyber Cafe में व्यय करते थे। आंकड़े जुटामा तथा तकनीकि की सहायता से उनका बेहतर प्रयोग करना अंकित की योग्यता थी। उनकी इसी योग्यता ने Ola Cab को उन ऊँचाइयों तक पहुँचने में सहायता की जहाँ आज वह है। अंकित का मानना है कि यदि आंकड़ों को सही तरह से इस्तेमाल किया जाए तो वह बहुत अच्छे परिणाम देते हैं।

सबसे पहले आवश्यक्ता थी कि ग्राहकों की यात्रा संबंधी ज़रूरतों तथा उपलब्ध टैक्सियों के बारे में जानकारी जुटाई जाए। यह काम भविष का था। उनके द्वारा एकत्र आंकड़ों का प्रयोग कर अंकित ने एक ऐसी तकनीकि का विकास किया जिसमें इंटरनेट की मदद से ग्राहकों तथा टैक्सी चालकों के बीच एक संपर्क स्थापित किया जा सके।

कार्यप्रणाली के अनुसार सभी एकत्रित आंकड़ों का सही तरह से अध्यन कर कई प्रकार के प्रश्नों के जवाब तलाशे जाएं। उदाहरण के लिए ग्राहकों की यात्रा संबंधी ज़रूरतें क्या हैं? किसी रूट पर चालकों द्वारा कितनी राशि वसूल की जाती है? ग्राहक की कॉल मिलने पर चालक को टैक्सी लेकर उस तक पहुँचने में कितना समय लगता है? ग्राहक टैक्सी के लिए कितने समय तक प्रतीक्षा करने को तैयार है? इन सब सवालों के जवाब ढूंढ़ कर ही सही व्यवस्था विकसित की जा सकती थी।

अंकित ने उस समय उपलब्ध तकनीकि के प्रयोग से कंपनी के लिए एक Website का निर्माण किया। भविष टैक्सी के मालिकों से मिल कर उन्हें अपनी कंपनी के साथ जोड़ते थे। अंकित का काम Website को समय समय पर Update करना, लोगों के Emails के जवाब देना तथा ग्राहकों की कॉल लेकर आवश्यक निर्देश देना था।

बहुत सारी बातों का खयाल रखना पड़ता था। ग्राहकों की बुकिंग को सही समय पर पक्का करना,, टैक्सी चालक को ग्राहक की आवश्यक्ता की सही जानकारी देना जिससे वह सही समय पर सही जगह पहुँच सके। इस बात की भी व्यवस्था रखनी पड़ती थी कि कोई समस्या उत्पन्न होने पर उसका समाधान कैसे करना है।

जैसे जैसे काम बढ़ा और लोगों को इस उपक्रम से जोड़ने की आवश्यक्ता महसूस हुई। प्रणय और फहद ने कर्मचारी के तौर पर Ola में प्रवेश किया। साथ ही Ola का दफ्तर ड्रीम्ज़ मॉल में 10x10 की एक दुकान में शुरू हुआ। इस छोटी सी जगह में काम करने की अपनी परेळानियां थीं। सप्ताह के अंत में मॉल में भीड़ बढ़ जाती थी। तेज़ बजने वाले संगीत के शोर में ग्राहकों की कॉल सुन पाना बहुत कठिन हो जाता था।

लेकिन इन सब समस्याओं के बावजूद भविष और अंकित अपने सपने को लेकर आगे बढ़ते रहे। करीब दो साल बाद 2012 में उन्हें अपने पहले मददगार मिले। Snapdeal के संस्थापक कुणाल बहल, रेहान यार खान तथा अनुपम मित्तल ने इनके व्यापार में धनराशि विनियोजित की। उसी साल Tiger Global ने $ 5 मिलियन का विनियोग Ola Cabs में किया। Ola Cabs का मुख्य कार्यालय मुंबई से बेंगलूरू स्थांतरित कर दिया गया।

इस दौरान अंकित कभी मुंबई तो कभी बेंगलूरू आते जाते रहते थे। कई बार ऐसा हुआ कि कंपनी की Website में खराबी आ गई। एक Online कंपनी के लिए Website का खराब होना किसी दुस्वप्न से कम नहीं होता है। इसका कंपनी के व्यापार पर बहुत बुरा असर होता है। अतः कंपनी ने निश्चय किया कि वह अपनी टीम में और अधिक लोगों को लाएंगे ताकि ऐसी कोई समस्या उत्पन्न होने पर उससे जल्द से जल्द निपटा जा सके। नए सही प्रकार से प्रशिक्षित लोगों को Ola Cabs से जोड़ा गया। कंपनी ने अपनी Mobile App बनाई जिसे समय के साथ साथ विकसित किया गया।

2015 तक कंपनी को दूसरी टैक्सी संचालन वाली कंपमियों जैसे TaxiForSure तथा Uber जैसी कंपमियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी। इसी साल Ola Cabs को Sequola Capital और Softbank के रूप में दो बड़े विनियोजक मिले। Ola Cabs ने $ 200 मिलियन खर्च कर Taxi For Sure के व्यापार को खरीद लिया। अब केवल Uber ही उनका प्रमुख प्रतिद्वंदी रह गया।

अब तक कंपनी SoftBank, ABG Capital, Accel Partners, Mauritius Investments, Tiger Global Management, Matrix Partners, Steadview Capital, Sequoia Capital and DST Global जैसे विनियोजकों की सहायता से कुल $ 676.8 मिलियन की राशि एकत्रित कर चुकी है। कंपनी का कुल मूल्यांकन $ 3.95 बिलियन है।

आज Ola Cabs तेज़ी से बढ़ती हुई कंपनी है। लेकिन कंपनी को इस मुकाम तक लाने के लिए इसके संस्थापकों को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ी। जब उन्होंने कंपनी की शुरुआत की थी तब पहले से ही इस क्षेत्र में विविध प्रकार के लोग कार्यरत थे। कई Radio Taxi Services थीं जो देश के कोने कोने में फैली थीं। इसके अलावा Car rental तथा Travel Agencies भी टैक्सी की सेवाएं प्रदान करनी थीं। इन सबके बीच अपनी अलग पहचान बना पाना कोई आसान काम नहीं था। जो लोग पहले से ही इस क्षेत्र में थे उन्हें पीछे कर स्वयं को आगे लाने के लिए आवश्यक था कि आपकी कार्यप्रणाली दूसरों से अलग हो। आप अपने ग्राहकों को दूसरों की अपेक्षा आरामदायक और सुविधाजनक सफर उपलब्ध करा सकें।

कंपनी ने उन टैक्सी चालकों को अपने साथ जोड़ा जिनके पास पूरे देश में टैक्सी चलाने का परमिट हो। इससे टैक्सी को शहर और उसके बाहर दोनों जगह चलाया जा सकें। ग्राहकों को लुभाने के लिए उन्हें आकर्षक ऑफर दिए गए।

भविष इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव से अच्छी तरह परिचित थे। वह जानते थे कि आने वाला समय स्मार्टफोन का है। स्मार्टफोन के माध्यम से लोग घर बैठे आराम से अपनी ज़रूरत का सामान खरीद सकते हैं। Mobile Commerce का भविष्य बहुत उज्जवल है। भविष ने सोंचा कि क्यों ना ग्राहकों को ऐसी सुविधा प्रदान की जाए जहाँ वह अपमे स्मार्टफोन के ज़रिए ही कहीं आने जाने के लिए टैक्सी बुक करा सकें। इस प्रकार जन्म हुआ Ola Mobile App का। इस App के माध्यम से कहीं भी जाने के लिए टैक्सी बुक कराई जा सकती है। App के द्वारा Cashless भुगतान भी किया जा सकता है।

व्यापार के संचालन के लिए सबसे अधिक आवश्यक था कि अधिक से अधिक टैक्सी चालकों को कंपनी के साथ जोड़ा जाए। इससे किसी भी ग्राहक की कॉल मिलने पर तुरंत उपलब्ध टैक्सी को उसके पास भेजा जाए। साथ ही साथ यह भी ज़रूरी था कि टैक्सी चालकों को संतुष्ट भी रखा जाए। जिससे वो सही प्रकार से काम कर सकें।

आरंभ में टैक्सी चालकों को बहुत लुभावने भुगतान किए गए। साथ में उन्हें कुछ Devices भी बिना किसी लागत के उपलब्ध कराई गईं। ताकि उनके साथ आसानी से संपर्क किया जा सके। इन आकर्षक ऑफर के कारण कई टैक्सी चालक कंपनी से जुड़े।

शुरुआत में एक चालक को 5000/Day tip का भुगतान होता था। जैसे जैसे काम बढ़ा यह घट कर 2500/ Day tip और बाद में 750/ Day tip+Salary दिया जाने लगा। अब चालक को Day tip तभी मिलती है जब वह दिन में 10 Trip पूरी कर ले।

Ola Cabs की सफलता की राह में कई उतार चढ़ाव आए। लेकिन Ola की यात्रा में ब्रेक नहीं लगे। परंतु सफलता अपने साथ आलोचना भी लाती है। Ola को भी अपनी सफलता की राह में कई प्रकार की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

सबसे पहले 2016 में Ola पर आरोप लगा कि वह ग्राहकों की निजता का हनन करती है। कई ग्राहकों के पते तथा अन्य जानकारियां SMS के ज़रिए साझा की गईं।

Ola पर अपनी तकनीकि गलतियों के बावजूद ग्राहकों से अधिक बसूली के आरोप लगे।

2017 में Ola को सबसे अधिक आलोचना सहनी पड़ी जब बड़ी संख्या में चालक हड़ताल पर चले गए। उनका कहना था कि कंपनी उनका पारिश्रमिक कम करती जा रही है। कई चालक जिन्होंने किश्तों पर गाड़ी खरीदी थी इससे सबसे अधिक प्रभावित थे।

इन सभी आलोचनाओ का सकारात्मक रूप से सामना करते हुए Ola दिन पर दिन आगे बढ़ती रही। Ola अपने ग्राहकों को Economy तथा Luxary दोनों तरह की सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का अपने व्यवसाय के 60% हिस्से पर कब्ज़ा है। एक दिन में लगभग 150000 से अधिक बुकिंग प्राप्त होती हैं।

Ola Cabs के अतिरिक्त ऑटोरिक्शा, काली पीली टैक्सी तथा Ola bikes की सुविधा भी प्रदान करती है।

Ola की गिनती उन Start ups में होती है जिन्होंने बहुत शीघ्रता के साथ सफलता की ऊँचाइयां छुई हैं। इसके लिए कंपनी को कई पुरुस्कार भी मिले हैं।

mBillionth award South Asia (2013)

IAMAi द्वारा Best start-up of the year

HATT awards

Ola Cabs की सफलता की कहानी उन नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो जीवन में कुछ नया तथा बड़ा करना चाहते हैं। किसी भी उपक्रम की सफलता ग्राहकों की संतुष्टि पर निर्भर करती है। ग्राहकों की संतुष्टि के लिए पहले उनकी आवश्यक्ता को समझना बहुत आवश्यक है। बाजार का सही प्रकार से अध्यन कर इस बात का पता किया जा सकता है कि ग्राहकों की मांग को कैसे पूरा किया जाए। समय पर तथा निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा सकें।

Ola Cabs की टीम ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि जब भी कोई ग्राहक बुकिंग कराए तो उसे सही समय पर उसकी सुविधानुसार सेवा प्रदान की जाए। ग्राहकों की संतुष्टि व सुविधा का खयाल रखना ही Ola Cabs की सफलता का मूलमंत्र है।

भविष और अंकित की मेहनत से आज उनका Start up एक सफल उपक्रम में बदल गया है। एक अच्छे Start up की यही पहचान होती है कि वह समाज को बदलते समय की मांग के अनुसार एक नई राह दिखाए। भविष और अंकित का सपना युवा पीढ़ी में ऐसा ही कुछ अनोखा व नया करने का जोश प्रदान कर रहा है।

***