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मेरी लेखन यात्रा (भाग 4)
द्वारा किशनलाल शर्मा

लाल निशान (भरतपुर,)फतेहपुर सन्देश,जेलस टाइम्स,नीरज ज्योति, उत्तर उजाला,दिशा नरेश,स्वराज टाइम्स,अजीत समाचार,नवल,जाह्नवी,राष्ट्रधर्म,पंजाब सौरभ,मित्र संगम,जगमग दीप ज्योति,साहित्य जनमंच,गगनांचलनन्हे सम्राट,कत्यूरी मानसरोवर,केरल ज्योति,मैसूर हिंदी प्रचार परिष

जनन्ते हिमाचल .
द्वारा Akshika Aggarwal

दिल्ली तपती गर्मी से झुलस रही थी, दिल्ली के सूरज देवता के मिजाज कुछ अधिक ही गर्म थे और दिल्ली की आवाम प्राकृतिक शीतलता के लिये तड़प रही थी. ...

Mahatma Buddha
द्वारा Vivek Yadav

लुंबिनी में जन्म गौतम सिद्धार्थ का जन्म एक राजकुमार के रूप में हुआ था। उनके पिता शाक्य वंश के थे और कपिलवस्तु राज्य के राजा थे। उनकी माता रानी ...

महापुरुष के जीवन की बात - 6 - लाला लाजपत राय
द्वारा Pandya Ravi

मित्रों, आज ओर एक महापुरुष के जीवन पर लिखने जा रहे हैं ! आप मेरी बातो ...

स्वराज्य संस्थापक:छत्रपति शिवाजी महाराज
द्वारा Yash Patwardhan

छोटे शिवाजी पहले से ही साहस,शौर्य से भरपूर थे। उनकी माता जीजा बाई बचपन से ही "महाभारत","रामायण" और "भगवत गीता" का ...

महापुरुष के जीवन की बात - 5 - सुभाष चंद्र बोस
द्वारा Pandya Ravi

मित्रों, हम दो महापुरुष पर तो लिख चुके ...

मेरी लेखन यात्रा - 3
द्वारा किशनलाल शर्मा

दामोदर भी बुक स्टाल की ट्राली पर काम करता था।गोकुल का रहने वाला था।उसके जीवन मे संघर्ष, प्रेम,रोमांस,रोमांच था।और उसके जीवन की घटनाओं को आधार बनाकर मैने बहुत ...

मेरी लेखन यात्रा - 2
द्वारा किशनलाल शर्मा

इससे पहलेलेखन की शुरुआत होने पर मैं दो लोगो के सम्पर्क में आया।पहला राजेन्द्र जैन।इसकी कहानी भी अजीब थी।जैसा उसने बताया वह हिमाचल का रहने वाला था।उसके ...

अब्दुल कलाम एक शख्स और शख्सियत
द्वारा Kamal Maheshwari

डॉ अब्दुल कलाम एक सख्स और सख्सियतलेखक - कमल माहेश्वरीअबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम जिन्हें हम एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से ...

मेरी लेखन यात्रा - 1
द्वारा किशनलाल शर्मा

मेरा जन्म कृषक परिवार में हुआ था।पुश्तेनी पेशा खेती था।लेकिन बाद में सर्विस में भी आने लगे थे।मेरे बड़े ताऊजी रेलवे में ड्राइवर थे।उनसे छोटे खेती सम्हालते ...

उलझन
द्वारा Priya pandey

उलझन, असल में मैं जब भी इस शब्द को सुनती हूं तो मुझे लगता है किसी ने मानो मेरे सामने आईना रख दिया हो... उलझन और मेरा गहरा नाता ...

लाल बहादुर शास्त्री
द्वारा Yash Patwardhan

शास्त्रीजी भारत सेवक संघ के साथ जुड़े। उसी वक्त नहरू के साथ उनकी नजदीकिया बढ़ी। आजादी मिलने के ...

महापुरुष के जीवन की बात - 4
द्वारा Pandya Ravi

मित्रों , आज बहुत समय बाद में हमारे महापुरुषों के जीवन की बात को आगे ...

एक अनपढ़ की कहानी
द्वारा Dear Zindagi 2

एक घर में तीन भाई और एक बेहन थीं, बड़ा और छोटा पढ़नें में बहुत तेज़ थें,उनके मा बाप वेसे तो उन चारों से बेहद प्यार करते थें,मगर ...

कोरोना से सामना (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा

और अंत मे मैं अस्पताल जाने को राजी हो गया"कैसे आना है"आपको लेने एम्बुलेंस जाएगी।आपको ठीक होते ही घर भेज दिया जाएगा।आपको छोड़ने भी एम्बुलेंस जाएगी।।आप बताये कब भेज ...

कोरोना से सामना (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा

जैसे वह सरकार का नौकर नही है।रेलवे अस्पताल में डॉक्टर आपका बुखार,बी पी या अन्य चेक नही करेगा।आप कहोगे तब चेक करने के लिए आपको भेज देगा।क्यो सरकार इन ...

कोरोना से सामना - 4
द्वारा किशनलाल शर्मा

मैने विवेक को फोन लगाया।मेरी बात सुनकर वह बोला"अस्पताल आ जाओ।डॉक्टर चुग से मिल लो।वह दवा लिख देंगे।"मैने अपने ऑटो वाले से दस बजे रेलवे अस्पताल चलने के ...

कोरोना से सामना - 3
द्वारा किशनलाल शर्मा

और बेटे का इलाज शुरू हो गया था।जैसा मैंने इसी पोस्ट में पूर्व में भी लिखा है।मेरे उपन्यास "वो चालीस दिन और लोकडौन" के अंदर पूरा विवरण आएगा।यहां इस ...

कोरोना से सामना - 2
द्वारा किशनलाल शर्मा

"मैं इनसे डिस्चार्ज करने के लिए बोल देता हूँ।"9 मार्च 2020 को होली थी।रंगों का त्यौहार लेकिन हमारे रंग तो बिखरे हुए थे।उस दिन बेटे की तबियत बहुत ज्यादा ...

घर से निकाल गया प्यार में गिर गया
द्वारा Dear Zindagi 2

में खुद से अलग हुआ जब मुझे घर से निकाला गया। तब मे कुछ नहीं करता था, मे बस घूमता रहता था, इसीलिए मुझे अपने ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 69 - अंतिम भाग
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 69 दोस्त अक्सर मुझसे पूछते रहते हैं कि क्या मैं युनाइटेड स्टेट्स - न्यू यार्क को मिस करता हूं। मेरा दो टूक ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 68
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 68 पेरिस और रोम में प्रदर्शनों के बाद हम लंदन लौट आये और वहां पर कई सप्ताह तक टिके रहे। मुझे अभी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 67
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 67 कार्लाइल ने कहा था की विश्व की मुक्ति लोगों की सोच की वजह से आयेगी। लेकिन इस परिर्वतन को लाने के ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 66
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 66 मैं सुबह पांच बजे के रोमांटिक वक्त पर क्वीन एलिजाबेथ जहाज पर चढ़ा। मैं सम्मन देने वालों से बचने के लिए ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 65
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 65 हम कैलिफोर्निया लौट आये और मैं मोन्स्योर वेरडाउ के पचड़े से पूरी तरह से मुक्त हो चुका था इसलिए मैं एक ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 64
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 64 अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के दौरान मैंने युनाइटेड आर्टिस्ट्स के कारोबार की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। अब मेरे वकील ने ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 63
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 63 वे रसोई में चले जाते हैं। वह अंडों की बुर्जी बनाना शुरू करता है और खाने पीने की चीजें तश्तरी में ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 62
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 62 उस शाम हमने, सिर्फ ऊना और मैंने चुपचाप घर पर ही खाना खाया। हम कोई अखबार, कोई टेलीफोन कॉल नहीं चाहते ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 61
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 61 'क्या उन्हें ऐसा करने का अधिकार है?' पूछा मैंने। 'नहीं,' मार्शल ने कहा,'लेकिन आप इन लोगों पर काबू नहीं पा सकते।' ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 60
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 60 बेवरली हिल्स वापिस आने के बाद मैं एक बार फिर शैडो एंड सब्सटैंस पर काम करने में जुट गया। ओर्सेन वैलेस ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 59
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 59 इस विशाल प्रदर्शन की प्रायेजक थीं ग्रेटर न्यू यार्क इंडस्ट्रियल यूनियन काउंसिल सीआइओ से जुड़ी 250 यूनियनें। वेंडल एल विल्की, फिलिप ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 58
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 58 फिफ्थ एवेन्यू के आस पास चुस्त युवा नाज़ियों को महोगनी के छोटे-छोटे मंचों पर खड़े होकर जनता के छोटे-छोटे समूहों के ...