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मेवाड़ की राजकुमारी कृष्णाकुमारी
द्वारा दिनेश कुमार कीर

उदयपुर की राजकुमारी कृष्णाकुमारी :- जिसके लिये तनी थीं तलवारें... यह हिन्दुस्तान के इतिहास के उस दौर की दास्तान है जब एक ओर जहां मुगल बादशाहों की शक्तियां ढलान ...

साहब--मेरे ताऊजी(पार्ट 2)
द्वारा किशनलाल शर्मा

ताऊजी को के एल शर्मा के नाम से पूरा बांदीकुई जानता था।उन दिनों ड्राइवर को अलग अलग स्टीम इंजन मिलते थे।इंजिन को सजाने के लिए हर ड्राइवर पीतल के ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 24
द्वारा किशनलाल शर्मा

1973यह साल मेरे लिए खास था।जैसे हर कुंवारी लड़की अपने भविष्य का सुंदर सपना देखती है।वैसे ही हर कुंवारा लड़का भी सपना देखता है।लड़की का सपना होता है,सुंदर राजकुमार ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 23
द्वारा किशनलाल शर्मा

सन 1972 मे भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ था।जैसा पहले बताया।3 दिसम्बर को पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया था।जिसका जवाब भारत ने 4 दिसम्बर से देना ...

असफल कहानी खुद की... - पार्ट 1
द्वारा MP Zälä

कैसे हो सब लोग ठीक हो , में आपका दोस्त Mahesh P Zala एक नई कहानी लेके हाजिर हु पर इस बार थोड़ी अलग कहानी है ये कहानी मेरे ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 22
द्वारा किशनलाल शर्मा

और करीब सात बजे हमारे लिए खाना लगाया गया।हलवा,पूड़ी,सब्जी और खाना खाने के बाद भाई बाबूजी से बोला था,"कोई साधन हो तो हम चले जाएं।"कुछ देर बाद एक मालगाड़ी ...

जिला यमुना नगर (हरियाणा)
द्वारा Gurpreet Singh

यमुनानगर को पहले 'अब्दुलहपुर' नाम से जाना जाता था। आजादी से पहले, यह एक छोटा सा गांव था जिसका आबादी अपने रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित था। भारत के ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 21
द्वारा किशनलाल शर्मा

और ट्रेन चल दी।करीब 20 मिनट बांदीकुई पहुँचने में लगते थे।मैं ट्रेन से उतरकर भाई के घर चला गया।वहां से हम स्टेशन आ गए।स्टेशन पर ताऊजी का पत्र भाई ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 19
द्वारा किशनलाल शर्मा

शायद सितम्बर 71 की बात है।मैं दस दिन की पी एल लेकर गांव गया था।उन दिनों आगरा के लिए बांदीकुई से आगरा के लिए छः बजे पेसञ्जर ट्रेन जाती ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 18
द्वारा किशनलाल शर्मा

मेहताजी एक्स सर्विस मेन थे।सेकंड वर्ल्ड वॉर में वह मिश्र में लड़ाई में भाग ले आये थे। वह अनुशासन प्रिय और सख्त स्वभाब के थे।उनके पास जाने से सभी ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 17
द्वारा किशनलाल शर्मा

पूरे 10 साल बाद 24 अक्टूबर को मैं आगरा पहुंचा था।पहली बार मे अकेला आया और अपनी प्रथम नियुक्ति पर आया था।न यहां मुझे कोई जानता था ,न ही ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 15
द्वारा किशनलाल शर्मा

आगे बढ़ने से पहले एक व्यक्ति का जिक्र जरूरी है।नरोति लाल चतुर्वेदीनरोति लाल आगरा फोर्ट स्टेशन पर मारकर के पद पर थे।यह पद रेलवे में चतुर्थ श्रेणी में आता ...

भूली बिसरी खट्टी मिठी यादे - 13
द्वारा किशनलाल शर्मा

इसलिए मुझे जो पगार मिलती थी।उसी में हम लोगो का गुजारा होता था।आम आदमी या मिडिल क्लास के लिए हमेशा ही महंगाई एक समस्या रही है।यहां मैं एक बात ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 12
द्वारा किशनलाल शर्मा

पिताजी के बारे मे लिखकर मुझे नौकरी देने की विनती की गई।मेरे सामने ही पंवार साहब ने लिखा एज ए स्पेशल केस इनका पोस्टिंग किया जाता है।मेरी पोस्टिंग खलासी ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 11
द्वारा किशनलाल शर्मा

तेहरवीं तक रिश्तेदार रुके और फिर चले गए।दोनो ताऊजी अपने बेटों इन्द्र और रमेश को साथ ले गए।दोनो नौकरी कर रहे थे।पर उन्होंने सोचा होगा अब इनकी तनखाह यहां ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 10
द्वारा किशनलाल शर्मा

लेकिन मैं ज्यो ही वार्ड के दरवाजे पर पहुंचा।मुझे रोक दिया और दरवाजा बंद हो गया था।यो तो दीवाली की छुट्टी थी लेकिन पिताजी के एडमिट होने का समाचार ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 9
द्वारा किशनलाल शर्मा

और पिताजी को आराम आया तब नौ बजे वह बोले,"दिवाली है,पूजा नही करोगे?"और पिताजी ने(हम उन्हें बापू कहते थे)हम सब को बैठाकर लक्ष्मी पूजन किया फिर हमारे साथ खाना ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 8
द्वारा किशनलाल शर्मा

माया के दीवानों की कमी नही थी।माया मोडर्न और फ्रेंक थी।वह लड़को से बात करने में न शर्माती न झिझकती थी।उसे तंग करने में भी लोगो को मजा आता ...

KAKA - THE CHARISMA OF A SUPERSTAR RAJESH KHANNA - 1
द्वारा लेखक

CHAPTER Iमिट चुका है वजूद, फिर भी कुछ अरमान अभी है बाकी।आप सबके दिलो में, मेरे लिए चाहत अभी है बाकी।शोहरोतो के परवतो के शिखर पे भी नही संभाल ...

महापुरुष के जीवन की बात - 7 - रामप्रसाद बिस्मिल
द्वारा Pandya Ravi

मित्रों, आज ओर एक महापुरुष के जीवन पर लिखने जा रहे हैं !आप मेरी बातो को पढेगे ओर जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे तो मेरा प्रयास सार्थक होगा ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 7
द्वारा किशनलाल शर्मा

तब ब्यावर में कोई वेटिंग रूम नही था।इंद्रा गांधी आर पी एफ आफिस में ही कुछ देर बैठी थी।मैं भी देखने के लिए गया था।उस समय लाल बहादुर शास्त्री ...

एक सफर जो ज़ारी है
द्वारा Syed Kashif Nesar

मुझ से ज़ियादा कौन तमाशा देख सकेगा गाँधी-जी के तीनों बंदर मेरे अंदर – नाज़िर वहीद का ये शेर मेरे जिंदगी का अहम किरदार है एक सफर जो ज़ारी है बेमन ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 6
द्वारा किशनलाल शर्मा

धनी राम जी हेड पोस्ट मास्टर से मिलकर बोले,"अनपढ़ मा को दे सकते हो और जो लड़का आठवी मे पढ़ रहा है।उसे मनी आर्डर क्यो नही दे सकते?"और मुझे ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 5
द्वारा किशनलाल शर्मा

ताऊजी और मामा बेटिकट।ताऊजी उन दोनों को लेकर झांसी पहुंच गए थे।रास्ते मे ताऊजी ने टी टी ई से बात की थी।वह बोला बाकी स्टाफ तो सही है लेकिन ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 4
द्वारा किशनलाल शर्मा

और यहाँ पर एक शादी का जिक्र जरूरी है।जैसा मैं पहले कह चुका हूँ। मेरे तीन ताऊजी थे।कन्हैया लाल सबसे बड़े।यह रेलवे में ड्राइवर थे।दूसरे देवी सहाय जो खेती ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 3
द्वारा किशनलाल शर्मा

मुझे जो गुरु पढ़ाते उनका नाम था दीक्षित। पांचवी पास करने के बाद पिताजी का ट्रांसफर बांदीकुई हो गया था।यहां पर मेरी छठी और सातवी की पढ़ाई हुईं थी।पिताजी ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 2
द्वारा किशनलाल शर्मा

जोधपुर का जिक्र हो और कचोड़ी की बात न हो।वहाँ की मावे की और प्याज की कचोड़ी मशहूर थी।आजकल तो कई जगह मिल जाएगी लेकिन वहां का जवाब नही ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 1
द्वारा किशनलाल शर्मा

"क्या देख रही हो?"उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ...

मेरी लेखन यात्रा (भाग 4)
द्वारा किशनलाल शर्मा

लाल निशान (भरतपुर,)फतेहपुर सन्देश,जेलस टाइम्स,नीरज ज्योति, उत्तर उजाला,दिशा नरेश,स्वराज टाइम्स,अजीत समाचार,नवल,जाह्नवी,राष्ट्रधर्म,पंजाब सौरभ,मित्र संगम,जगमग दीप ज्योति,साहित्य जनमंच,गगनांचलनन्हे सम्राट,कत्यूरी मानसरोवर,केरल ज्योति,मैसूर हिंदी प्रचार परिष

जनन्ते हिमाचल .
द्वारा Akshika Aggarwal

दिल्ली तपती गर्मी से झुलस रही थी, दिल्ली के सूरज देवता के मिजाज कुछ अधिक ही गर्म थे और दिल्ली की आवाम प्राकृतिक शीतलता के लिये तड़प रही थी. ...

Mahatma Buddha
द्वारा Vivek Yadav

लुंबिनी में जन्म गौतम सिद्धार्थ का जन्म एक राजकुमार के रूप में हुआ था। उनके पिता शाक्य वंश के थे और कपिलवस्तु राज्य के राजा थे। उनकी माता रानी ...

महापुरुष के जीवन की बात - 6 - लाला लाजपत राय
द्वारा Pandya Ravi

मित्रों, आज ओर एक महापुरुष के जीवन पर लिखने जा रहे हैं ! आप मेरी बातो ...