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चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 35
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 35 मेरा खुद का कैमरा सेट-अप इस तरह का होता है कि वह अभिनेता के चलने फिरने, मूवमेंट के लिए संगीत रचना ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 34
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 34 ब्रुकलिन के साथ एक कॉमेडी कलाकार था जो, ये की जगह जे, स की जगह श, और श की जगह स ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 33
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 33 स्टूडियो स्टाफ के अलावा किसी ने भी फिल्म नहीं देखी थी। संपादन मशीन पर इसे कई कई बार चला कर देख ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 32
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 32 किसी ने सुझाया कि मैं कोशिश करूं और किसी और बच्चे को तलाश करूं। हो सके तो नीग्रो बच्चा। लेकिन मैंने ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 31
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 31 टॉम हैरिंगटन एक तरह से मेरी सेवा में आ गया, लेकिन उसने मेरी ज़िंदगी बदलने में बहुत ड्रामाई भूमिका अदा की। ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 30
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 30 "कितना खूबसूरत!" मैंने कहा। "हाँ, सो तो है, लेकिन बिना बीवी के ये घर आभूषणों के खाली डिब्बे की तरह है। ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 29
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 29 कहानी में दिखाया जाता है कि एक चार्लोट अमेरिका की तरफ जा रहा है। जहाज में वह एक लड़की और उसकी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 28
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 28 म्यूचुअल कांट्रैक्ट के खत्म होने के बाद मेरी बहुत इच्छा थी कि मैं फर्स्ट नेशनल शुरू करूं लेकिन हमारे पास कोई ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 27
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 27 डगलस और मैंने उस रात को एक बहाना मारा। जाने से पहले मैंने कांसटेंस से यह बहाना बनाया कि मैं बीमार ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 25
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 25 आखिरकार उन्होंने कहा,"हम चलें डिनर के लिए चलें?" मेरी हैरानी का ठिकाना न रहा जब मैंने डाइनिंग हॉल में पाया कि ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 24
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 24 अकेलापन घिनौना होता है। इसमें उदासी का हल्का सा घेरा होता है, आकर्षित कर पाने या रुचि जगा पाने की अपर्याप्तता ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 23
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 23 ये बहुत ही शानदार बातें होतीं। कभी कभी उदास कर देने वाली। हम उजाड़ समुद्र तट पर पतझड़ के दिनों में ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 22
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 22 नाइल्स में स्टूडियो के आस-पास कैलिफोर्निया शैली के कई छोटे-छोटे बंगले थे जो ब्रोंको बिली ने अपनी कम्पनी के स्टाफ के ...

फिर मैं क्यों नहीं
द्वारा Saroj Prajapati

प्रिय डायरीयह वर्ष भी धीरे धीरे अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रहा है। मेरी प्यारी डायरी, तुम मेरी सबसे अच्छी सखी हो और मेरे जीवन सुख-दुख की साझीदार। फिर ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 21
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 21 कीनोट कम्पनी को छोड़ना मेरे लिए तकलीफदेह था क्योंकि मैं वहाँ पर सेनेट और दूसरे सभी लोगों का प्रिय व्यक्ति बन ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 20
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 20 ये सब इतना खुला-खुला और सहज रहा...कोई साहित्य नहीं, कोई लेखक नहीं, हम सब मिल कर एक विचार का ताना बाना ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 19
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 19 उस रात मैं स्ट्रीटकार में अपने घर लौटा तो मेरे साथ हमारी कम्पनी में काम करने वाला एक जूनियर कलाकार था। ...

एक कर्मयोद्धा सन्यासी
द्वारा Alok Mishra

   एक कर्मयोद्धा सन्यासी         उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध का काल भारत दासता में जकड़ा हुआ , गरीबी राजा-रजवाड़ों और संप्रदायों में बिखरा हुआ दिखता था ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 18
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 18 उत्सुकता और चिंता से भरा मैं लॉस एंजेल्स पहुँचा और ग्रेट नार्दर्न में एक छोटे से होटल में कमरा ले कर ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 17
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 17 अमेरिका छोड़ते समय मुझे कोई खास अफसोस नहीं हो रहा था, क्योंकि मैंने लौटने का मन बना लिया था। कैसे और ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 16
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 16 शिकागो में हम वाबाश एवेन्यू में एक छोटे होटल में रहते थे। जीर्ण-शीर्ण और मनहूस होने के बावजूद इसमें एक रोमानी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 15
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 15 हमें यात्रा करते हुए बारह दिन हो चुके थे, और हमारा अगला पड़ाव क्यूबेक था। बेहद खराब मौसम और चारों तरफ ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 14
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 14 1909 में मैं पेरिस गया। फोलीज़ बेरजेरे ने कार्नो कम्पनी को एक महीने की सीमित अवधि के लिए प्रदर्शन करने के ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 13
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 13 उस रात मैं अपने घर तक पैदल चल कर गया ताकि अपने आपको खाली कर सकूं। मैं रुका और वेस्टमिन्स्टर ब्रिज ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 12
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 12 मैं किशोरावस्था की मुश्किल और अनाकर्षक उम्र के दौर में आ पहुंचा था और उस उम्र के संवेदनशील उतार-चढ़ावों से जूझ ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 11
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 11 दूसरी रात जब मैं रात का खाना खा रहा था तो उसका पति आया। वह लगभग अपनी पत्नी की उम्र का ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 10
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 10 जोसफ कॉनराड ने इस बारे में अपने एक दोस्त को लिखा था कि ज़िंदगी ने उन्हें एक कोने में दुबके उस ...

यादों के झरोखे से - अंतिम भाग 14 - मेरी नजर में
द्वारा S Sinha

  यादों के झरोखे से सीरीज के अंतिम भाग में प्रस्तुत है बॉलीवुड प्रेम की कुछ शेष झांकी  अंतिम  भाग 14    - यादों  के झरोखे से - मेरी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 9
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 9 ये एक ऐसा वक्त था जब हम किराया देने के बारे में ज्यादा माथा पच्ची नहीं करते थे। हमने आसान तरीका ...

यादों के झरोखे से - 13 - मेरी नजर में
द्वारा S Sinha

यादों  के झरोखे से   - मेरी नजर में  अपने पति की पुरानी डायरी पढ़ने के बाद  विवाह के पूर्व इनके जीवन की कुछ रोचक बातें और अन्य पहलुओं की ...

यादों के झरोखे से Part 12
द्वारा S Sinha

  यादों के झरोखे से  Part 12 अंतिम भाग     ============================================================= मेरे जीवनसाथी  की  डायरी के कुछ पन्ने - शादी और सेटल्ड लाइफ एट बोकारो  ============================================================= 15 अप्रैल  1970 

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 8
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 8 1899 बरस गलमुच्छों का बरस था। गलमुच्छों वाले राजा, राजनयिक, सैनिक और नाविक, क्रूगर, सेलिसबरी, रसोइये, कैसर, और क्रिकेट खिलाड़ी। दिखावे ...