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कोरोना से सामना (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा

और अंत मे मैं अस्पताल जाने को राजी हो गया"कैसे आना है"आपको लेने एम्बुलेंस जाएगी।आपको ठीक होते ही घर भेज दिया जाएगा।आपको छोड़ने भी एम्बुलेंस जाएगी।।आप बताये कब भेज ...

कोरोना से सामना (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा

जैसे वह सरकार का नौकर नही है।रेलवे अस्पताल में डॉक्टर आपका बुखार,बी पी या अन्य चेक नही करेगा।आप कहोगे तब चेक करने के लिए आपको भेज देगा।क्यो सरकार इन ...

कोरोना से सामना - 4
द्वारा किशनलाल शर्मा

 मैने विवेक को फोन लगाया।मेरी बात सुनकर वह बोला"अस्पताल आ जाओ।डॉक्टर चुग से मिल लो।वह दवा लिख देंगे।"मैने अपने ऑटो वाले से दस बजे रेलवे अस्पताल चलने के लिए ...

कोरोना से सामना - 3
द्वारा किशनलाल शर्मा

और बेटे का इलाज शुरू हो गया था।जैसा मैंने इसी पोस्ट में पूर्व में भी लिखा है।मेरे उपन्यास "वो चालीस दिन और लोकडौन" के अंदर पूरा विवरण आएगा।यहां इस ...

कोरोना से सामना - 2
द्वारा किशनलाल शर्मा

"मैं इनसे डिस्चार्ज करने के लिए बोल देता हूँ।"9 मार्च 2020 को होली थी।रंगों का त्यौहार लेकिन हमारे रंग तो बिखरे हुए थे।उस दिन बेटे की तबियत बहुत ज्यादा ...

घर से निकाल गया प्यार में गिर गया
द्वारा Dear Zindagi 2

में खुद से अलग हुआ जब मुझे  घर से निकाला गया।  तब मे कुछ नहीं करता था, मे बस घूमता रहता था, इसीलिए मुझे  अपने  घर से निकला दिया ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 69 - अंतिम भाग
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 69 दोस्त अक्सर मुझसे पूछते रहते हैं कि क्या मैं युनाइटेड स्टेट्स - न्यू यार्क को मिस करता हूं। मेरा दो टूक ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 68
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 68 पेरिस और रोम में प्रदर्शनों के बाद हम लंदन लौट आये और वहां पर कई सप्ताह तक टिके रहे। मुझे अभी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 67
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 67 कार्लाइल ने कहा था की विश्व की मुक्ति लोगों की सोच की वजह से आयेगी। लेकिन इस परिर्वतन को लाने के ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 66
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 66 मैं सुबह पांच बजे के रोमांटिक वक्त पर क्वीन एलिजाबेथ जहाज पर चढ़ा। मैं सम्मन देने वालों से बचने के लिए ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 65
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 65 हम कैलिफोर्निया लौट आये और मैं मोन्स्योर वेरडाउ के पचड़े से पूरी तरह से मुक्त हो चुका था इसलिए मैं एक ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 64
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 64 अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के दौरान मैंने युनाइटेड आर्टिस्ट्स के कारोबार की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। अब मेरे वकील ने ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 63
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 63 वे रसोई में चले जाते हैं। वह अंडों की बुर्जी बनाना शुरू करता है और खाने पीने की चीजें तश्तरी में ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 62
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 62 उस शाम हमने, सिर्फ ऊना और मैंने चुपचाप घर पर ही खाना खाया। हम कोई अखबार, कोई टेलीफोन कॉल नहीं चाहते ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 61
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 61 'क्या उन्हें ऐसा करने का अधिकार है?' पूछा मैंने। 'नहीं,' मार्शल ने कहा,'लेकिन आप इन लोगों पर काबू नहीं पा सकते।' ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 60
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 60 बेवरली हिल्स वापिस आने के बाद मैं एक बार फिर शैडो एंड सब्सटैंस पर काम करने में जुट गया। ओर्सेन वैलेस ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 59
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 59 इस विशाल प्रदर्शन की प्रायेजक थीं ग्रेटर न्यू यार्क इंडस्ट्रियल यूनियन काउंसिल सीआइओ से जुड़ी 250 यूनियनें। वेंडल एल विल्की, फिलिप ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 58
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 58 फिफ्थ एवेन्यू के आस पास चुस्त युवा नाज़ियों को महोगनी के छोटे-छोटे मंचों पर खड़े होकर जनता के छोटे-छोटे समूहों के ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 57
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 57 द डिक्टेटर के निर्माण के दौरान मुझे सनक भरे पत्र मिलने शुरू हो गये थे और अब चूंकि फिल्म पूरी हो ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 56
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 56 फिज़ां में एक बार फिर युद्ध के काले बादल मंडरा रहे थे। नाज़ी अपनी मुहिम पर निकल चुके थे। हम कितनी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 55
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 55 डिनर के वक्त जिस वक्त हम डाइनिंग हॉल में पहुंचे तो कॉकटेयु दूर कोने वाली मेज़ पर बैठे हुए थे और ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 54
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 54 मैं अभी भी इसी बात पर विचार कर रहा था कि अपना सारा काम समेटूं और हांग कांग या चीन की ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 53
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 53 हम उसे अपने कमरे में लेकर गये और उसे थोड़ी ब्रांडी पिलायी। तब उसने बताया कि क्या हुआ था। जल सेना ...

डाक्टर भीम राव अम्बेदकर जी
द्वारा SURENDRA ARORA

सामाजिक विषमता हिन्दू धर्म शील के लिए अशोभनीय डाक्टर भीम राव अम्बेकर को जानने के लिए आइये पहले उनकी कुछ मान्यताओं पर एक दृष्टिपात करते हैं : सुरेंद्र कुमार ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 52
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 52 पूरब के बारे में पहले से ही कई उत्कृष्ट पर्यटन किताबें लिखी गयी हैं इसलिए मैं पाठक के धैर्य की परीक्षा ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 51
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 51 अगले दिन उसने मुझे फोन किया कि क्या मैं उसे लंच कराऊंगा। मैंने मना कर दिया। लेकिन जैसे ही मेरा दोस्त ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 50
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 50 ये सच है लेकिन उस वक्त मैं नहीं चाहता था कि मेरी निजी राय को इस तरह से प्रेस की तरफ ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 49
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 49 वेल्स की मामूली शुरुआत ने, उनके काम पर नज़रिये पर नहीं बल्कि मेरी ही तरह उनके व्यक्तिगत संवेदनाशीलता पर बहुत अधिक ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 48
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 48 भरा हुआ कमरा एक दम शांत हो गया। और जैसे ही महात्मा के चेहरे पर मेरी बात का इंतज़ार करने वाले ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 47
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 47 दस बरस के बाद मैं इस बात को ले कर भावुक था कि लंदन में मेरा स्वागत कैसा होगा। काश, मैं ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 46
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 46 आखिरकार सिटी लाइट्स पूरी हो गयी। अब सिर्फ संगीत रिकार्ड किया जाना ही बाकी था। आवाज़ के बारे में एक अच्छी ...

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 44
द्वारा Suraj Prakash

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 44 डब्ल्यू आर ने इसका उल्टा सोचा,"ओह नहीं," कहा उन्होंने,"आदमी ही हमेशा चुनता है।" "हम सोचते हैं कि हम चुनते हैं," मैंने ...