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मोदीजी के भाषण - झाँसी से भाषण

झाँसी से भाषणः देेश के खजाने

पर कोई पंजा नहीं मार सकता

24 जुलाई, 2013

विरेन्द्र बघेल



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झाँसी से भाषण : देेश के खजाने पर कोई पंजा नहीं मार सकता

24 जुलाई, 2013

भाजपा के प्रधानमंत्राी पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के मुजफ्फरनगर दंगा—पीड़ित युवकों के कथित संपर्क में होने का विवादास्पद बयान देने के लिए काँग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी से उन मुस्लिम नौजवानों के नाम सार्वजनिक करने अन्यथा एक कौम को बदनाम करने के लिए क्षमायाचना की माँग की।

मोदी ने बुंदेलखंड के झाँसी में पार्टी की ‘विजय शंखनाद रैली' में राहुल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘राहुल ने मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ित नौजवानों पर गंभीर आरोप लगाया है और कहा है कि आईएसआई राहत शिविरों में रह रहे कुछ युवकों से कथित रूप से संपर्क में है। मैं राहुल का आह्‌वान करता हूँ कि वे उन नौजवानों के नाम सार्वजनिक करें। अगर नहीं करते हैं तो एक कौम पर इस तरह का इल्जाम लगाने के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगें।''

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार आपकी है, देश पर हुकूमत आपकी पार्टी की है, क्या कारण है कि आईएसआई आपकी नाक के पीछे उत्तर प्रदेश के गलियारे में अपने पैर पसारने की ताकत रखती है। देश जवाब माँगता है।'' मोदी ने कहा, ‘‘मानवता में विश्वास करने वाला कोई व्यक्ति राहुल की इस भाषा पर विश्वास नहीं कर सकता। मैं गंभीर सवाल करता हूँ कि आखिर गुप्तचर तंत्रा के लोग भारत की अत्यंत गुप्त जानकारी उस व्यक्ति के साथ कैसे साझा कर रहे हैं, जिसने कभी गोपनीयता की शपथ ही नहीं ली।''

उन्होंने कहा, ‘‘क्या ऐसी सरकार में आपका भविष्य सुरक्षित है? क्या उसके नेता भरोसे के लायक हैं? उखाड़ फेंको उन्हें, वे तबाही का मंजर बना रहे हैं।'' मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ही राहुल की तकरीर की ओर इशारा करते हुए की, और कहा, ‘‘मैं आज आपके पास रोने—धोने के लिए नहीं आया हूँ और ना ही मैं आँसू बहाने वालों की कोई कथा सुनाने आया हूँ। मैं आया हूँ आपके आँसू पोंछने का विश्वास देने के लिए।''

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल ने कहा कि जब उनकी दादी की हत्या हुई तो उन्हें बहुत गुस्सा आया। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि क्या यह सच नहीं है कि आपकी पार्टी के नेताओं को भी गुस्सा आया था और उन्होंने हजारों सिखों को गुस्से में जिंदा जला दिया था? आपको अपनी दादी की मृत्यु पर गुस्सा आया था लेकिन क्या सिखों को मारने वालों पर गुस्सा आया था?''

मोदी ने कहा, ‘‘अपने पुरखों के महलों के खंडहर देखने जाने वालों की तरह आजकल राहुल अपने पिताजी, दादी और नाना के पराक्रम देखने जाते हैं। कहाँ जाते हैं, गरीब की झोपड़ी में जाते हैं। यह गरीब की झोपड़ी उनके पूर्वजों के पराक्रम का नतीजा है।'' उन्होंने ‘पूरी रोटी खाएँगे, काँग्रेस को लाएँगे' के राहुल के नारे पर भी तंज कसते हुए कहा कि साठ साल में काँग्रेस आधी रोटी से पूरी रोटी तक पहुँची, तो पेट भर रोटी के लिए 100 साल लगा देगी। क्या आप इतना इंतजार करना चाहते हैं?

मोदी ने कहा कि राहुल अपनी सरकार के भ्रष्टाचार, महँगाई और बलात्कार पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधि को जनता को जवाब देना चाहिए। राहुल खुद को शहजादा मानते हैं लेकिन जनता को जवाब देने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने काँग्रेस को 60 साल दिए, हमें सिर्फ 60 महीने देकर देखिए। 60 साल में काँग्रेस ने जो बरबाद किया। भाजपा को 60 महीने दिए तो हम आपकी तकदीर और देश की तस्वीर बदल देंगे।''

मोदी ने कहा, ‘‘आप मुझे प्रधानमंत्राी मत बनाइए। आप मुझे चौकीदार बनाइए। मैं दिल्ली में जाकर चौकीदार की तरह बैठूँगा। आप ऐसा चौकीदार बैठाएँगे जो देश के खजाने पर कभी पंजा नहीं पड़ने देगा। हमें 60 महीने देकर देखिए।''

उत्तर प्रदेश को काँग्रेस के अहंकारवाद, सपा के परिवारवाद और बसपा के व्यक्तिवाद में जकड़ा बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वादों से भरे ये लोग आपके वादे पूरे नहीं करना चाहते। वे अपना ही पेट भरना चाहते हैं। जब तक उत्तर प्रदेश इन तीनों प्रकारों के संकटों से मुक्ति का संकल्प नहीं लेता तब तक आपका भाग्य नहीं बदल सकता।''

मोदी ने कहा, ‘‘सपा के कारनामों से समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया की आत्मा को इतनी पीड़ा होती होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यह ‘सबका' लूट है यानी ‘स' से सपा, ‘ब' से बसपा और ‘का' से काँग्रेस। इन्हीं पार्टियों ने बुंदेलखंड के लोगों को रोजी—रोटी के लिए अपना घर, गाँव और रिश्तेदारों को छोड़ने के लिए मजबूर किया।''

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास इतना सामर्थ्य है कि वह अकेला अपने बलबूते पूरे हिंदुस्तान की गरीबी को मिटा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और काँग्रेस को तो विकास करने में कोई रुचि नहीं है, उन्हें सिर्फ भाई से भाई को लड़ाने में दिलचस्पी है।

मोदी ने योजना आयोग के गरीबी संबंधी आँकड़ों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या ग्रामीण इलाकों में 26 रुपए में और शहर में 32 रुपए में परिवार का एक दिन का गुजारा हो सकता है। यह सरकार की मानसिक गरीबी है। गरीब कैसे गुजारा करता है उसका इन्हें पता तक नहीं है।

भाजपा नेता ने कहा कि वह वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर कमल लेकर आए हैं। लक्ष्मी कमल पर ही विराजमान होती हैं। कमल है तो लक्ष्मी आएगी, लक्ष्मी आएगी तो रोटी आना पक्का है।

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