इश्क. - 19 om prakash Jain द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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इश्क. - 19

पिछले एपिसोड 18 के प्लानिंग के अनुसार काका, शेखर और रजनी तीनों दूसरे दिन सिम्मी के घर उनके हाँथ माँगने जाने की तैयारी में हैं. वेदांत डरा सहमा और थोड़ा व्याकुल है. सोच रहा है प्लानिंग में कोई चूक हुई तो बनता काम बिगड़ जायेगा. इसी समय वेदांत के माता -पिता गांव से आते है. और इन लोगों  के मीटिंग को देख कर सक होता है, वेदांत के पिता जी काका से पूछते हैं-" क्या बात है किस बात की मीटिंग सुबह- सुबह चल रही है."

     काका –"कुछ नहीं बाबूजी राज सर ने वेदांत को बॉम्बे में एक फ़िल्म प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए बुलावा आया है. उनका प्रोजेक्ट पास हुआ है."

 वेदांत के पिताजी वेदांत से कहते हैं -"बहुत खुशी की बात है, तुमने छत्तीसगढ़ में बहुत नाम कमाया है और पैसा भी राज सर कौन है?"

  शेखर हकलाते हुए -"बाबूजी,राज सर मुंबई के मशहूर निर्माता निर्देश है, वह वेदांत भैया के काम को देखकर बहुत प्रसन्न हुए हैं, उन्हें तत्काल मुंबई बुला रहे हैं."

    वेदांत की मम्मी-" बेटा तुम कहां-कहां का काम संभालोगे छत्तीसगढ़ का काम कौन देखेगा, और मैं सोच रही हूं कि तुम शादी कर लो हमने एक लड़की तुम्हारे लिए देखि है बड़े घराने की है सुशील है पढ़ी लिखी है,यह रिश्ता बहुत अच्छा रहेगा तुम्हारे लिए. "

   वेदांत अपने मम्मी से कहता है -"मां मुझे अभी शादी नहीं करनी है, मुंबई के प्रोजेक्ट मुझे कर लीजिए,राज सर  मुझे बहुत फोर्स कर रहे है,मुंबई आने के लिए और रहने के लिए एक बंगला भी बुक कर दिए हैं अंधेरी में."

   " नहीं बेटा शादी कर लो उसके बाद तुम मुंबई चले जाना अपनी दुल्हन को लेकर. "बाबूजी बीच में बोल पडते हैं-" हां वेदांत तुम्हारी मम्मी ठीक कह रही है,हां बेटा हम लोग तुम्हारा रिश्ता लेकर आए हैं, तुम चाहो तो एक बार उस लड़की को देख सकते हो."

" नहीं पापा,वेदांत कहता है -"मुझे अभी शादी नहीं करना है, मुंबई का प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद आप लोगों को निराश नहीं करूंगा."

 मम्मी की नजर रजनी पर पड़ती है-" शेखर यह लड़की कौन है."

     शेखर वेदांत के मम्मी से कहती है -"आंटी यह रजनी है और अमेरिका में जॉब करती है,उनके मम्मी- पापा अमेरिका में सेटल हो गए हैं. "

     वेदांत के मम्मी -"यह लड़की अकेली यहां क्यों आई है,वेदांत का कोई इस लड़की से संबंध है क्या? "

 वेदांत बीच बचाव करते हुए -"नहीं मम्मी ये सिम्मी की सहेली है,फिल्म में काम के लिए सिफारिश करने आई है,सिम्मी बहुत सुशील और सजल  हृदय की है,अपने मामा के घर गई है,तो उनकी पक्की सहेली रजनी आ गई सिम्मी के प्रोफाइल लेकर. "

 पापा कहते हैं -"तू कैसे जानता है सिम्मी को उसके बारे में सुशील और सजल हृदय,वह खुद भी आ सकती थी अपनी सहेली को क्यों भेजी है,अरे दाल में काला लग रहा है सही सही बताओ सिम्मी कौन है? "

   काका- "नहीं बाबूजी,सिम्मी इसी शहर में कंप्यूटर सेंटर में काम करती है वह भला लड़की है मैं दो तीन बार उनके कंप्यूटर सेंटर चूका हूं , कुछ काम लेकर   बातों- बातों मुझे भी वेदांत का नाम देख कर मुझे फिल्म प्रोडक्शन हाउस में काम करने के लिए आग्रह की थी,बस और कुछ नहीं मैंने ही वेदांत को उनके बारे में बताया था."

     वेदांत के पापा -"अच्छा कोई बात नहीं ठीक-ठाक से रहा करो समय बहुत खराब है, इसलिए वेदांत के मम्मी कह रही है कि तुम जल्दी शादी कर लो क्या गलत बोल रही है, हमारे गांव के पास की एक लड़की है, जिसकी नाम है सुधा मेरी दोस्त की बेटी है वेदांत जानता ही होगा वर्मा अंकल को. "

 वेदांत -"हां पापा मुझे याद आया अंकल के घर जाया करते थे बचपन में,अच्छा सुधा याद आया हाई स्कूल में हम लोग साथ में ही पढ़े हैं,अच्छी है,अच्छा पापा मुझे एक अवसर दीजिए राज सर का, मैं दिल नहीं तोड़ सकता उनका,मेरे टेलेंट को देख कर बहुत चाहते हैं, एक करोड़ का ऑफर  किए हैं, एडवांस में 50 लाख दे रहे हैं और उनके फिल्म में 50% का पार्टनरशिप है, कहानी मेरी है डायरेक्शन भी मुझे करना है राज सर प्रोडूसर रहेंगे और हिंदी फ़िल्म है."

"ठीक है बेटा,तुम्हारा जैसा मर्जी,हम लोग जा रहें हैं, मेडिकल का काम है उधर से हम लोग निकल जाएंगे, रजनी बेटी अच्छा अपना ध्यान रखना अपने सहेली के लिए इतनी कुछ कर रही है, शेखर तुम रायपुर का काम संभालना जब तक वेदांत मुंबई से वापस ना आ जाए, काका तुम भी वेदांत और शेखर का ख्याल रखना." इतना कहा कर वेदांत के मम्मी- पापा चले जाते हैं,चले जाने के बाद तीनों डरे हुए हैं और सिम्मी का राज ना खुल जाए घबराए हुए है. वेदांत, "शेखर तुम सिम्मी को बता देना अभी मामला थोड़ा गरमा गया है.

काका कहते हैं-" अरे वेदांत बाबू तुम झुके तो सिम्मी की शादी चपरासी के बेटे चपरासी से हो जाएगा. "         वेदांत -"अब मैं क्या करूं,मम्मी- पापा का बात मानूंगा या आप लोगों का सिम्मी कहीं मुझसे दूर ना हो जाए अब क्या किया जाए,मेरा तो दिल धड़कने लगा है. "

    रजनी रहती है-" वेदांत अपना हौसला बुलंद रखो प्यार करना है तो डरना क्या." हम लोग फसते- फसते बच गए, कहीं पकड़े जाते तो सब की छुट्टी हो जाता, मैं तो बहुत डरी हुई थी, अब जो भी हो वेदांत भैया आप डरना मत एक दिन प्रेम कहानी का पोल खुलेगा ही, सिम्मी से आप शादी करके मुंबई निकल जाओ इधर हम लोग संभाल लेंगे कुछ दिन मम्मी पापा आपसे बहुत नाराज होंगे परंतु एक दिन तो मम्मी पापा को मानना ही पड़ेगा और राज सर का इतना बड़ा प्रोजेक्ट हाथ से ना निकल जाए. "

   शेखर कहता है-" रजनी ठीक कह रही है. " काका इस बात का समर्थन करते हैं इस प्रेम कहानी में बहुत संघर्ष है,दर्द है,एहसास है कहानी सिम्मी की डोली दूसरे घर में ना निकल जाए आज नहीं हम कल जरूर जाएंगे सिम्मी के घर उनके हाथ मांगने के लिए अब जो भी हो. "

     शेखर सिम्मी को आज की ताजा खबर सुनाता है. सिम्मी रोने लगती है. अब एक नया मोड़ आ गया है इस काहानी में. पाठक सोचने लगेंगे वेदांत का क्या होगा, क्या सुधा से सादी कर बॉम्बे जायेंगे या मम्मी पापा से विरोध कर सिम्मी से लव मैरिज करेंगे. इस कहानी में जबरदस्त ट्विस्टिंग आ चूका है. इस स्टोरी पढ़े और को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें. धन्यवाद.... 🙏🙏❤️❤️🌹🌹🍁🍁