CRAVE - 1 Aarika Shadow द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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CRAVE - 1

एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही थी।

उसकी आँखों में चमक थी और चेहरे पर अपार खुशी। वह खुद को आईने में ऐसे निहार रही थी, जैसे कोई चाँद अपनी परछाईं को पानी में देख रहा हो। 🌙✨

उसने लाल रंग की साड़ी पहन रखी थी। उसके लंबे बाल खुले हुए थे। कानों में सिर्फ झुमके, गले में मंगलसूत्र, माँग में सिंदूर और माथे पर एक छोटी-सी लाल बिंदी थी। चेहरे पर न के बराबर मेकअप था, फिर भी वह किसी परी से कम नहीं लग रही थी। ❤️

"अरे... मैं ठीक तो लग रही हूँ ना?" उसने खुद को देखते हुए कहा।

"वो कभी भी आते ही होंगे..." 😊

उसने एक बार फिर खुद को आईने में देखा।

"हम्म... ठीक ही लग रही हूँ। लेकिन अगर उन्हें पसंद नहीं आया तो?" 😟

अगले ही पल उसने सिर झटका।

"कैसे नहीं आएगा! आज हमारी एनिवर्सरी है। वैसे... अभी तक आए क्यों नहीं?" 🤔

फिर वह खुद ही मुस्कुरा दी।

"हे भगवान! मैं भी ना... आईने के सामने खड़ी होकर कैसे पता चलेगा कि वो आ रहे हैं या नहीं? मुझे बालकनी में चलना चाहिए। क्या पता आते हुए दिख जाएँ..." 😳

यह सोचते ही उसके गाल लाल हो गए।

वह दूध सी गोरी थी, इसलिए शर्म की हल्की-सी लाली भी साफ दिखाई दे रही थी। ❤️

"चलो, बालकनी में जाकर इंतज़ार करती हूँ..."

उसने धीरे से कहा और कमरे से बाहर निकल गई।

मन ही मन वह बुदबुदाई—

"हबी... जल्दी आइए ना, प्लीज़। मुझे आपको एक सरप्राइज़ देना है..." 🎁✨

लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे की मुस्कान थोड़ी फीकी पड़ गई।

"अगर वो नहीं आए तो...?" 🥺

उसने तुरंत खुद को टोका।

"नहीं! नहीं! आज के दिन ऐसी बातें नहीं सोचनी चाहिए। मैं भी ना, कुछ भी सोचने लगती हूँ।" 😅

यह कहते हुए उसने खुद को हल्की-सी चपत लगाई और मुस्कुराते हुए बालकनी की ओर बढ़ गई।

दूसरी ओर...

एक अँधेरे कमरे में सन्नाटा पसरा हुआ था। 🌑

कमरे के बीचों-बीच एक युवक कुर्सी पर बैठा था, जबकि उसके सामने खड़ा दूसरा युवक डर के मारे पसीना-पसीना हो रहा था।

"बॉस... गलती से हुआ है..." उसने हकलाते हुए कहा।

सामने बैठे युवक का चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन उसकी भारी और कठोर आवाज़ पूरे कमरे में गूँज उठी।

"समर..."

उस एक शब्द से ही समर की रीढ़ में सिहरन दौड़ गई।

"तुम जानते हो आज क्या दिन है..." ❄️

"फिर भी तुमसे गलती हुई।"

"सॉरी बॉस... वो... मैं..." 😰

कुछ पल के लिए कमरा शांत हो गया।

फिर युवक ने धीमी लेकिन खतरनाक आवाज़ में कहा—

"इस बार माफ कर रहा हूँ।"

"वरना गलती करने के बाद माफी माँगने वालों का क्या हाल होता है... तुम अच्छी तरह जानते हो।"

समर ने चुपचाप अपना पसीना पोंछा।

'ये अपनी पत्नी के बारे में ऐसे बात करते हैं जैसे दुनिया की सबसे कीमती चीज़ हो...' उसने मन ही मन सोचा। 😶

"क्या कहा तुमने?" युवक की आवाज़ फिर गूँजी।

समर उछल पड़ा।

"कु... कुछ नहीं बॉस!" 😱

"हूँ..."

युवक कुर्सी पर पीछे टिक गया।

"तुम जानते हो आज का दिन मेरे लिए कितना कीमती है।"

"मुझे वो चीज़ बीस मिनट के अंदर चाहिए।"

"अभी के अभी।"

"जी बॉस!" 🏃‍♂️💨

समर लगभग भागता हुआ कमरे से बाहर निकल गया।

समर ने कमरे से बाहर निकलते ही गहरी साँस छोड़ी। 😮‍💨

"हे भगवान..."

उसने अपने माथे का पसीना पोंछा।

"कभी-कभी तो लगता है बॉस इंसान नहीं, कोई माइंड रीडर हैं।"

वह बुदबुदाया और जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाने लगा।

जहाँ जुशेंग का स्वभाव ठंडा और डर पैदा करने वाला था, वहीं समर माहौल को हल्का करने की कोशिश करता था।

लेकिन एक बात वह अच्छी तरह जानता था—

दुनिया जुशेंग वेलरा से डर सकती है...

लेकिन जुशेंग वेलरा सिर्फ एक इंसान के सामने हार जाता है।

और वह थी—

उसकी पत्नी। ❤️

"आज अगर मैडम नाराज़ हो गईं ना..." समर ने सिर हिलाया।

"तो बॉस से ज़्यादा डर मुझे उनका होगा।" 😭

यह सोचकर वह खुद ही हँस पड़ा और तेज़ी से बाहर निकल गया।

युवक ने धीरे से कुर्सी घुमाई और सिर पीछे टिका दिया।

यही था—

जुशेंग वेलरा।

24 वर्ष का युवा बिज़नेस टाइकून।

दुनिया भर में फैला उसका साम्राज्य उसे अपने क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली लोगों में गिनता था।

लेकिन उसकी सबसे खतरनाक चीज़ उसका चेहरा नहीं...

उसकी आँखें थीं। 👁️

ऐसी आँखें जिन्हें देखकर किसी को भी महसूस हो जाता कि यह आदमी जो चाहता है, उसे हासिल करके ही रहता है।

और आज...

वह सिर्फ एक ही इंसान के बारे में सोच रहा था।

अपनी पत्नी के बारे में। 🖤

═══════════════

बालकनी में खड़ी युई बेसब्री से सड़क की ओर देख रही थी। 🌙✨

कभी वह नीचे झाँकती, कभी आसमान की ओर देखती और कभी खुद से ही सवाल करने लगती।

"उन्हें पसंद आएगा ना?" 🥺

"अगर पसंद नहीं आया तो?"

"नहीं... नहीं... पसंद क्यों नहीं आएगा?" 😣

वह अपने ही सवालों और जवाबों में उलझी हुई थी।

आखिर हमारी हीरोइन थोड़ी ओवरथिंकर जो थी। 😅

कुछ देर बाद उसने थककर रेलिंग पर हाथ रख दिए।

"हे भोलेनाथ..." 😔

"आपने ये कैसा पति दिया है मुझे? अभी तक आए ही नहीं!"

"इससे अच्छा तो मैं सिंगल ही रहती..." 🙄

जैसे ही ये शब्द उसके मुँह से निकले, उसकी आँखें फैल गईं। 😳

"अरे!"

"मैंने ये क्या बोल दिया?" 😱

वह तुरंत आसमान की तरफ देखने लगी, जहाँ चमकते तारे रात की खूबसूरती बढ़ा रहे थे। ✨🌌

"सॉरी... सॉरी भोलेनाथ!" 🙏🥺

"गलती से निकल गया।"

"वैसे मैं अपने पति के साथ बहुत खुश हूँ।"

"आप अभी जो मैंने कहा वो भूल जाइए।"

"और प्लीज़... मेरे हबी को जल्दी भेज दीजिए।" ❤️

कुछ पल रुककर वह फिर बोली—

"वरना आप भी आराम से कैलाश में ध्यान नहीं कर पाएँगे।"

"आपकी ये दोस्त आपको बार-बार बुलाती रहेगी।" 😌✨

अगले ही पल उसे एहसास हुआ कि वह क्या-क्या बोल रही है।

"हे भगवान..." 😳

"मैं भी ना!"

यह कहकर उसने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया।

तभी—

पीऽऽऽप! 🚘

अचानक कार का हॉर्न गूँजा।

युई का दिल एक पल के लिए रुक-सा गया। 💓

उसने झट से सिर उठाया।

दूर सड़क पर एक काली कार उनकी हवेली की ओर आती दिखाई दे रही थी। 🖤🚗

उसकी साँसें तेज हो गईं।

दिल बेकाबू होकर धड़कने लगा।

धक...

धक...

धक... 💓💓💓

"क्या... वो आ गए?" 🥹

उसकी नज़र कभी आसमान पर जाती, कभी उस कार पर।

जैसे यकीन ही नहीं हो रहा था।

धीरे-धीरे कार हवेली के मुख्य द्वार के सामने आकर रुकी।

युई की उँगलियाँ घबराहट में आपस में उलझ गईं।

उसकी पूरी बॉडी में अजीब-सी सिहरन दौड़ गई। ❤️

शर्म, खुशी, उत्साह और इंतज़ार...

सब एक साथ उसके दिल पर हमला कर रहे थे। ✨🥹

और फिर...

कार का दरवाज़ा खुला। 🌙🖤

Countue.....

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