CRAVE - Part - 8 Aarika Shadow द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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CRAVE - Part - 8

अगला दृश्य...


युई अभी भी हॉल में खड़ी थी।


टूटे हुए गिलास की आवाज़ उसके कानों में गूंज रही थी।


वह धीरे से खुद से बुदबुदाई—


"ये मुझे क्या हो रहा है...?" 😟


"और मुझे इतनी बेचैनी क्यों हो रही है?"


"सुबह से दिल घबरा रहा है..."


वह सोचते हुए हॉल की तरफ बढ़ी।


तभी उसकी नज़र सामने आते समर पर पड़ी।


"समर जी...!" 😯


युई ने ज़ोर से आवाज़ लगाई।


समर चौंक गया।


"अरे भाभी जी!" 😅


"आप तो बहुत परेशान लग रही हैं।"


"सब ठीक है ना?"


वह पास आते हुए बोला।


युई ने हल्की मुस्कान दी।


"नहीं... ऐसी कोई बात नहीं है।"


"बस पता नहीं क्यों सुबह से मन बेचैन हो रहा है।"


समर अनजाने में बोल पड़ा—


"होगा ही ना भाभी जी..."


"क्योंकि जुशेंग तो दिल्ली—"


इतना कहते ही वह अचानक रुक गया। 😨


युई ने भौंहें सिकोड़ लीं।


"आपने कुछ कहा, समर जी?" 🤨


समर के चेहरे पर तुरंत नकली मुस्कान आ गई।


"न-नहीं भाभी जी!"


"मैं तो बस ऐसे ही..."


युई को बात थोड़ी अजीब लगी।


लेकिन उसने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया।


वह सोफे पर बैठ गई।


"अजीब बात है..."


"कल रात से ही हबी बहुत बिज़ी हैं।"


"कुछ हुआ है क्या?" 😔


समर ने तुरंत सिर हिलाया।


"नहीं भाभी जी।"


"सब बिल्कुल ठीक है।"


युई कुछ देर चुप रही।


फिर आवाज़ लगाई—


"रामू काका!"


"समर जी के लिए एक कप कॉफी ले आइए।"


"जी बड़ी मालकिन।"


रामू काका अंदर चले गए।


"थैंक यू भाभी जी।" ☕


समर मुस्कुराया।


"हम्म..." 😊


कुछ पल दोनों के बीच चुप्पी रही।


फिर समर अचानक बोला—


"भाभी जी..."


"अगर आप बुरा ना मानें तो..."


"थोड़ा बाहर घूम आते हैं?" 🌿


"आपका भी मन बदल जाएगा।"


युई कुछ सोचने लगी।


सच तो यह था कि उसका मन वाकई बेचैन था।


शायद बाहर जाने से थोड़ा अच्छा लगे।


"क्या सोच रही हैं भाभी जी?" 😅


समर ने पूछा।


"नहीं..."


"कुछ नहीं।"


"ठीक है।"


"लेकिन पहले हम शिवजी के मंदिर जाएंगे।" 🙏


समर तुरंत मुस्कुरा दिया।


"कोई बात नहीं।"


"मंदिर चलेंगे।"


"फिर उसके पास वाले गार्डन में भी घूम लेंगे।"


"बहुत सुंदर जगह है।"


युई की आँखों में हल्की चमक आई।


"सुना तो है..."


"लेकिन कभी गई नहीं।"


तभी रामू काका कॉफी लेकर आए।


"ये लीजिए समर बाबू।"


"थैंक यू रामू काका।" ☕


समर ने कप लेते हुए कहा।


लेकिन कॉफी लेते-लेते उसकी नज़र रामू काका पर टिक गई।


कुछ सेकंड तक वह उन्हें देखता रहा।


रामू काका भी उसे देख रहे थे।


दोनों की आँखों में जैसे कोई अनकही बात थी। 👀


युई ने ध्यान नहीं दिया।


वह अभी भी अपने विचारों में खोई हुई थी।


कुछ देर बाद—


"तो चलें भाभी जी?" 😊


"हम्म..."


"मैं हबी को बता देती हूँ।"


समर लगभग घबरा गया।


"अरे नहीं!"


"मतलब..."


"उसकी ज़रूरत नहीं है।"


"मैं बात कर चुका हूँ उनसे।"


युई ने आश्चर्य से उसकी तरफ देखा।


फिर बोली—


"ठीक है।"


कुछ ही देर बाद...


दोनों कार में बैठ चुके थे। 🚗


◇◇◇


शिव मंदिर... 🛕


मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे वातावरण में गूंज रही थी।


एक लड़की हाथ जोड़कर आँखें बंद किए खड़ी थी।


"हे प्रभु..." 🙏


"आज तक मैंने आपसे कुछ नहीं माँगा।"


"लेकिन आज माँग रही हूँ।"


"कृपया मुझे मेरे दोस्त से मिलवा दीजिए।"


उसने धीरे से आँखें खोलीं।


"इतने बड़े शहर में मैं उसे कहाँ ढूँढूँ?" 😔


तभी पता चलता है—


वह और कोई नहीं,


सिम्मी थी।


सिम्मी ने होंठ फुला लिए।


"और ऊपर से मेरा फोन भी खराब हो गया।" 😭


"पानी में गिर गया था।"


"उसका नंबर भी चला गया।"


"अब आप ही कोई चमत्कार कर दीजिए प्रभु..." ✨


◇◇◇


दूसरी तरफ...


दिल्ली...


जुशेंग अपने कैबिन में बैठा था।


उसके सामने कुछ फाइलें खुली हुई थीं।


तभी उसकी नज़र एक तस्वीर पर पड़ी।


जैसे ही उसने तस्वीर देखी—


उसकी आँखें ठंडी पड़ गईं।


हाथ की नसें उभर आईं।


जबड़ा कस गया।


"बेबी..." ❄️


उसने तस्वीर को और कसकर पकड़ लिया।


कमरे का तापमान जैसे अचानक गिर गया हो।


◇◇◇


वापस शिव मंदिर...


कार मंदिर के सामने आकर रुकी।


समर तुरंत उतरकर युई का दरवाज़ा खोलता है।


"आइए भाभी जी।"


युई थोड़ा हैरान हुई।


फिर मुस्कुराकर बोली—


"थैंक यू।" 😊


"मोस्ट वेलकम।"


दोनों मंदिर की सीढ़ियों के सामने खड़े थे।


युई ने श्रद्धा से हाथ जोड़कर सीढ़ियों को प्रणाम किया। 🙏


फिर धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगी।


समर उसके पीछे चल रहा था।


तभी—


धड़ाम!


अचानक सामने से आती एक लड़की से युई टकरा गई। 😳


"आह...!"


युई का संतुलन बिगड़ गया।


और वह सीढ़ियों की तरफ लड़खड़ाने लगी...


अगला दृश्य...


युई का संतुलन बिगड़ने ही वाला था कि सामने वाली लड़की ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया।


"अरे बहन, धीरे!" 😳


लेकिन अगले ही पल जैसे ही उसकी नज़र युई के चेहरे पर पड़ी—


वह एकदम जम गई।


"तू...?" 😲


युई भी संभलकर खड़ी हुई।


फिर जैसे ही उसने सामने वाली लड़की को देखा—


उसका चेहरा खुशी से खिल उठा। ✨


"तुम...!" 😍


वह लड़की कोई और नहीं,


सिम्मी थी।


सिम्मी ने तुरंत दोनों हाथ कमर पर रख लिए।


"वाह मैडम!" 😒


"तू यहीं रहती है और मुझे बताया तक नहीं?"


युई हँस पड़ी।


"अरे नहीं यार!"


"मैं तुझे फोन पर बताने ही वाली थी, लेकिन तेरा कॉल बीच में कट गया था।"


सिम्मी ने मुँह बनाया।


"हाँ ना!"


"वो फोन स्विच ऑफ हो गया था।"


"ऊपर से पानी में गिरकर खराब भी हो गया।" 😭


युई मुस्कुराई।


"चल कोई बात नहीं।"


"अब मिल तो गए ना!"


"आ जा, गले लग।" ❤️


सिम्मी की आँखें चमक उठीं।


"यस, माय जान!" 🤗


अगले ही पल दोनों एक-दूसरे को कसकर गले लगा लेती हैं।


कुछ सेकंड तक दोनों सिर्फ हँसती और खुश होती रहीं।


उधर...


सीढ़ियों के नीचे गिरा पड़ा समर बड़ी अजीब नज़रों से दोनों को देख रहा था। 😑


फिर धीरे से उठते हुए खाँसा।


"हम्म..." 🙄


तभी युई को उसकी याद आई।


वह तुरंत सिम्मी से अलग हुई।


"अरे हाँ!"


"मैं तो बताना ही भूल गई।"


"ये मेरे देवर जी हैं।"


"समर।"


सिम्मी की नज़र जैसे ही समर पर पड़ी—


वह एक पल के लिए रुक गई।


"तू...?" 😳


उधर समर भी उसे देखकर चौंक गया।


"तू...?" 😳


युई ने दोनों को बारी-बारी देखा।


"तुम दोनों एक-दूसरे को जानते हो?" 🤨


सिम्मी और समर दोनों लगभग एक साथ बोले—


"नहीं!" 😅


"बिल्कुल नहीं!"


युई और भी ज़्यादा कन्फ्यूज़ हो गई।


"अच्छा..."


"ठीक है।"


फिर उसने मुस्कुराकर कहा—


"समर जी, ये मेरी बहुत पुरानी दोस्त है।"


"सिम्मी।"


सिम्मी ने तुरंत बीच में टोका—


"दोस्त नहीं!"


"बेस्टी!" 😤❤️


युई हँस पड़ी।


"हाँ बाबा, बेस्टी।"


समर ने भी मुस्कुराते हुए हाथ आगे बढ़ाया।


"हैलो।"


"आई एम समर।"


सिम्मी ने उसके हाथ की तरफ देखा।


फिर हाथ मिलाने की जगह दोनों हाथ जोड़ दिए।


"नमस्ते।" 🙏


समर का बढ़ा हुआ हाथ हवा में ही रह गया।


"ओह..." 😅


वह तुरंत झेंपकर हाथ पीछे कर लेता है।


"तुमसे मिलकर अच्छा लगा।"


सिम्मी ने सीधा जवाब दिया—


"पर मुझे नहीं।"


समर: "..." 😶


युई: "..." 😶


कुछ पल के लिए अजीब सी खामोशी छा गई।


फिर युई ने जल्दी से बात बदली।


"चलो ना, मंदिर चलते हैं।"


सिम्मी अचानक बोली—


"एक मिनट जान!"


"तूने बताया नहीं..."


"जीजू कहाँ हैं?" 👀


युई का चेहरा थोड़ा उतर गया।


"वो..."


"अभी बहुत बिज़ी हैं।"


सिम्मी ने उस

की उदासी तुरंत पकड़ ली।


वह प्यार से युई का हाथ पकड़ती है।


"कोई बात नहीं।"


"मैं हूँ ना!" 😊❤️


"आज तेरा मूड पूरा ठीक कर दूँगी।"


युई हल्का सा मुस्कुरा दी।


"हम्म..." 🌸


फिर सिम्मी उसका हाथ पकड़कर मंदिर की तरफ बढ़ गई।


उधर पीछे खड़ा समर उन्हें जाते हुए देख रहा था।


उसकी नज़र खासकर सिम्मी पर टिक गई।


फिर उसके होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान आई।


"तो मिल ही गई..." 😏


"मतलब..."


"कहानी अभी बाकी है।" 👀✨


Countue....


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