मां ने जब कहा की रिमझिम अच्छी लड़की नही है। तो बादल आश्चर्यचकित हो गया। वह मां की ओर देखने लगा, मानो पूछ रहा हो, क्या ये सच है?
मां ने उसके मानोभाव समझ लिए हो वैसे बोली। अरे बेटा, वो अच्छी नहीं पर बोहोत अच्छी लड़की है। मेरी तो वो बच्ची सहेली हो इस तरह से मेरे साथ प्यार से रहती है। कभी कभी वो मेरे काम में हाथ भी बटवाने आ जाती है। कई बार जब में ज्यादा काम करने की वजह से थक जाती हूं, या बीमार हो जाती हूं, वो पहले मुझे मुझे फटकार लगाती है। ओर फिर मेरी सेवा करती है, मानो वो मेरी दादी अम्मा हो😀। वो बोहोत सुलझी हुई प्यारी बच्ची है।
तो फ़िर आपने क्यों कहा की मुहल्ले की कई औरते उसे पसंद नही करती? अरे वो तो रिमझिम उनके आवारे, निक्कमे लडको को वो सीधे रास्ते लाती है, ओर उनकी शिकायत उनके घर वालो से करती है। तो वो भला मां ए अपने दुलारे की शिकायत कैसे सह ले। इसलिए रिमझिम उन्हे इस मामले में अच्छी नहीं लगती। नहीं तो पूरा मुहल्ला इसका गुणगान गाता है। ये लड़की जिस किसी घर में जायेगी अहोभाग्य उनके तो।
बादल मनोमन अपने आप बड़बड़ाने लगा, अच्छा तो ये इतने सुंदर, सुशील लोग(रिमझिम) हमारे पड़ोसी है। तो वे किसी और के नही मां आपके ही घर आयेगी। आपका बेटा उसे उसकी दुल्हनिया बनाकर ले आएगा। 😀☺️☺️वो हल्का सा मुस्कुराया और अपने कमरे की ओर चल दिया।
दूसरे दिन बादल की बादल को डाट रही थी, " कितनी बार कहा है, अपना ध्यान रखा करो, घर की चिंता मत करो में संभाल लूंगी, पर तुम मानते ही नहीं हो। अब कोई काम नही करोगे, हॉस्टल में भी नही जाने दूंगी, 1 महिना घर पर रहकर आराम करोगे बस" मां परेशान होकर इधर से उधर चक्कर लगाकर बादल से कह रही थी।
बादल को बारिश में भीगने के कारण बुखार आ गया था। पर बादल ने बताया की कल वो बारिश में भीगा था इसलिए वह बीमार हो गया। मां अचंभे से उसकी ओर देखने लगी क्या कहा तुमने तुम बरसात में बहार गए थे क्या?
हा मां।
बादल ने मां का हाथ पकड़कर उनको अपने पास बिठाकर कहा मां, में ठीक हूं। आप के होते हुए भला मुझे कुछ हो सकता है क्या? ओर शायद मेरे जैसे बच्चे कभी अकेले न हो जाए इसलिए उन्होंने मां का सृजन किया है। थैंक यू मां, हमेशा मेरे साथ रहने के लिए, मुझे अच्छे संस्कार और शिक्षा देने के लिए। जब लोग मेरी तारीफ करते है तब मुझे आप याद आती हो, आपने मुझे एक अच्छा, सच्चा और बेहतर इंसान बनाया है। थैंक यू मां।
मां को समझ नही आया वह क्या बोले, वह खुश थी की उसका बादल, बादलों से बरसती बारिश में भीगा लेकिन अब वह बीमार हो गया इसलिये थोड़ी चिंतित थी।
तभी 9 बज गए। उनको काम पर जाना था। वह बादल को आराम करना, ऐसा बोलकर चली गई।
जैसे वह घर से निकली रिमझिम मिल गई। वह खुश हो गई।" अच्छा हुआ बेटी तुम आ गई, बादल अभी अभी उठा है उसे थोड़ा बुखार भी है और में काम पर जा रही हूं तो थोड़ा ध्यान रखना। में चलती हूं।
रिमझिम ने उन्हें आश्वस्त किया और फिर घर के अंदर आकर बादल के कमरे में देखने लगी, कोई नही था। बाथरूम से पानी चालू होने की आवाज आ रही थी, उसने सोचा शायद वह अंदर होगा। बादल थोड़ी देर पहले ही नहाने चला गया था। वह किचन में जाकर चा बनाने लगी, वह चा लेकर बादल के कमरे में गई तब बादल ने शर्ट नही पहनी थी, ओर उसकी पीठ दिख रही थी। उसके आने की आवाज सुनकर बादल भी उसी वक्त पीछे घुमा,
बादल के शरीर पर पानी की बूंदे बिखरी हुई थी। उसके बाल गीले थे, और वो हाथ में टॉवेल लिए बाल पोंछ रहा था। रिमझिम ये देखते ही झट से मुंह दूसरी ओर कर लिया, ओर बोली सॉरी, वो में नोक किए बिना आ गई। चा तैयार है, बहार दैनीग टेबल पर आ जाइए। वो झट से चली गई। बादल अपनी शर्ट ढूंढ रहा था। पर रिमझिम की बात पर वह मंद मुस्कुराया।
उसने जल्दी से शर्ट पहनी और दैनिग टेबल पर आ गया।
रिमझिम अपराधी की तरह गर्दन झुकाए कप में चा डाल रही थी। बादल ने चेयर पर बैठते हुए कहा बस इतनी ही, पर रिमझिम ने नही सुना। बादल ने उसका हाथ पकड़ लिया। रिमझिम ने ऊपर देखा और फिर पलके झुका ली। बादल ने उसका हाथ छोड़ दिया वह खड़ा हो गया उसने रिमझिम की हडपची पकड़कर चहेरा ऊंचा किया। रिमझिम की आंखों पे पानी था। उसने बादल से कहा "सॉरी"
अच्छा आपका नाम सोरी है, मैने पुछा तो नहीं पर बताने के लिए शुक्रिया 😄😅 रिमझिम ने मुंह फुलाया, जी नहीं।
तो जब भी आप बोलती है आपके मुंह से सॉरी ही निकलता है। आगे भी कुछ बोलिए मिस😊
वो सॉरी इसलिए की मेरी वजह से आपको तकलीफ हुईं न। हा वो तो हुई थोड़ा बुखार आ गया। पर ठीक हों जाऊंगा। चिंता मत करो। क्या ये चाय आपने बनाई ?
जी हा।
तो बैठिए चा पीते है। बादल ने एक गुट पीकर बोला अरे मां भी ऐसी ही चा बनाती है।
हा मैंने उन्ही से सीखी है। आपका बुखार जल्दी ठीक हो जायेगा।
अच्छा। थैंक यू चा बनाने के लिए रिमझिम। फिर बादल ने, अपने बारे में बताना शुरू किया।
रिमझिम बोल उठी, जी मुझे पता है आप कोलेज में पढ़ते हो।ओर बोलने के बाद उसे समझ आया कि उसने जल्दबाजी कर दी।
आपको कैसे पता? आप मेरी जासूसी कर रही थी क्या?
नही वो तो बस आंटी ने बताया था। तो याद था। भला में क्यू आपकी जासूसी करू।
वो मुझे क्या पता? वैसे अपने बारे में कुछ बताइए।
रिमझिम ने अपने बारे में सबकुछ बताया। अगर उसे पढ़ने का मोका मिले तो वह आगे पढ़ना चाहती है। ऐसा भी उसने कहां।
दोनों ने ढेर सारी बाते की, रिमझिम को लगा अब उसे जाना चाहिए। बादल को अब आराम करना चाहिए।
बादल अंदर गया और अपनी किताबे रिमझिम को देकर बोला ये किताबे पढ़ना। अच्छी लगेगी तुम्हें।
रिमझिम ने थैंक्यू सो मच कहा।
बादल ने कहा तो फिर हमसे दोस्ती करेंगी। उसने हेनसेक के लिए अपना हाथ आगे बढाया।रिमझिम ने भी हाथ मिलाया।
रिमझिम पिछे देखकर आगे बढ़ रही थी, तभी थोडी फिसल गई और गिर ने से बार बार बची।
अरे संभालकर।
ऊओओ सॉरी,
बादल उसके पास आया और बोला, एक एडवाइज दू आपको?
हूंहूंहूंहूं क्या?
आगे देखकर ध्यान से चलिए मिस सॉरी,😄😌 वरना गिर जाएंगी 😄
रिमझिम शर्माकर जल्दी से अपने घर की ओर चल पड़ी।