बारिशवाला प्यार - 2 Radha द्वारा क्लासिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

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बारिशवाला प्यार - 2

बादल ने थोडी देर राह देखी की बारिश रूक जाए, या तो पड़ोसी के गाने बंद हो जाए। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसे लगा की उसे खुद ही पड़ोसी के घर जाना पड़ेगा। पर बरसात भी काफी तेज हो गई थी,ओर वो अपने घर से बाहर कदम रखते ही भीग जाएगा। उसने सोचा अगर वह नही गया तो गाने बजते रहेंगे और उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब होती रहेगी। उसने अपने शरीर पर कपड़ा लपेटा और बारिश पसंद न होने के बावजूद वह जाने लगा।
          बादल कॉलेज के तीसरे वर्ष में था। पढाई में काफ़ी तेज़ था, इतिहास विषय के साथ वह बी.ए. कर रहा था। वह अपना ज्यादातर समय पठाई में बिताता था। परिवार में मां, छोटी बहन ही थे। पापा कई सालो पहले अकस्मात में चल बसे थे। मां थोड़ा बहुत काम करके घर का गुजारा करती थी। बादल सयाना, समझदार लड़का था, हर साल कक्षा में अव्वल नंबर आने के कारण उसे स्कॉर्लशिप मिलती थी जिससे उसकी पढ़ाई हो जाती थी। पर मां को आर्थिक मदद मिले इसलिए वह कॉलेज में लेक्चर खतम होने के बाद पार्ट टाइम जॉब भी करता था। उसका सपना था की वह आईएएस बनकर जरूरतमंद लोगों की मदद करे। देश की सेवा करे। उसके दोस्त पार्टी में, घूमने फिरने, बैठकर गप्पे मारते थे। पर बादल इन सब में अपना टाइम वेस्ट नही करता था।
        उसका पोशाक सादा रहता था। उसे सादगी ही भाती। फिर भी वह दिखावे में काफी सुंदर था, पर उससे भी अधिक सुंदर था उसका स्वभाव और दूसरों के प्रति प्रेमभरा व्यवहार। इसलिए वह अपने प्रोफेसरों का भी प्रिय विद्यार्थी था। जरूर पड़ने पर वह सबकी मदद करता था इसलिए सबका चहिता भी था। लड़कियों को वह सम्मान की नजरो से देखता था। इसलिए काफ़ी लड़कियों को वह पसंद था।
पर उसको अपनी पढ़ाई और जॉब में से ही फुरसद नही थी की वह किसी लड़की को अपने जीवनसाथी के रूप में देखे।

          बारिश अब ज्यादा तेजी से बरस रही थी। चारो ओर घने काले बादलों की वजह से अंधेरा छा गया था।पर रिमझिम झूम रही थी, उसकी मां ने रिमझिम को आवाज लगाई,

"रिमझिम बस कर बेटा, बरसात में इतना भिगोगी तो जुकाम हो जायेगा, फिर तुम्हे ही तकलीफ होगी। पर गानों की आवाज में उसे कुछ सुनाई नहीं दिया, वैसे भी वह भला आज किसकी सुनती? उसने सोचा पापा आने वाले ही होंगे उसके साथ भी वह नाचेगी, पापा मना करेंगे तो भी झट से उनका हाथ पकड़ लेगी। बस पापा जल्दी से आ जाए बस।
          रिमझिम ये सब सोच ही रही थी तब उसके घर का दरवाजा धीरे से खुला। रिमझिम परी की तरह इधर से उधर, हाथ को सहलाए, हवा की तरह नाच रही थी। 
  
        बादल अंदर आया, उसने कहा, 
"जी सुनिएए ए ऐ ऐ" ... उसके मुंह से शब्द ना निकल सके।
           
बादल उसे देखता ही रह गया। रिमझिम ने लॉन्ग रेड स्कर्ट और व्हाइट टॉप पहना हुआ था, जो पूरे भीग कर उसके बदन से चिपक गए थे। जो उसे अधिक सुंदरता प्रदान कर रहे थे। उसके गिले बाल उसके नाचने के साथ हवा में लहरा रहे थे, ओर पानी की बूंदे उसके बालो से टपक रही थी। कुछ बालो की लटे उसके चहेरे पे बिखरी हुई थी। उसकी नसीली आंखों में बरसात समाई हुई थी। कोई वर्षा देवी आज धरती पर बरसात के साथ अपनी सुन्दरता बिखेर रही थी। 

    बादल बस रिमझिम को देख रहा था। उसकी खूबसूरती को अपनी आंखो में भर रहा था। वह भूल गया की इतनी बारिश हो रही है और वह भीग रहा है। उसने कॉलेज में काफी लड़किया देखी थी, कई लड़किया उसकी अच्छी दोस्त भी थी। पर रिमझिम को वो देखते ही रह गया। उसे बारिश में अपनी धुन पर नाचने वाली लड़की अजीब ओर अलग लगी। 
          तभी "बरसात की धुन" सॉन्ग बजने लगा। रिमझिम को लगा उसके पापा आ गए। वह दौड़कर बादल का हाथ पकड़कर नाचने लगी। बादल को कुछ समझ नहीं आ रहा था। वह रिमझिम के पीछे खींचा चला गया। 
        रिमझिम को नहीं पता था वो किसी  अजनबी लड़के को डांस करने के लिए ले जा रही थी। अब आगे क्या होगा। क्या बादल नाचेगा रिमझिम के साथ??