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वचन--भाग(१)
द्वारा Saroj Verma

वचन--भाग(१) चंपानगर गाँव____        सेठ मनीराम अपनी दुकान में बैठकर सामान को तुलवा रहें हैं, पुरोहित जी के बेटे की शादी है तो सारा सामान मनीलाल जी के यहाँ ...

रत्नावली-17 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-17 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः   लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 17                कदा कदा जीवने आनन्दस्य अनन्त - सम्भावनाः ...

विष कन्या - 7
द्वारा Bhumika

        आगे हमने देखा कि महाराज और राजगुरु मृत्युंजय का परिचय राजवैद सुमंत से करवाते है। और राजवैध मृत्युंजय का परिचय अपनी सहायक और कनकपुर के ...

रामायण के कुछ अशं कलियुग में (मोर्डेन रामायण) - 1
द्वारा Kalpana Sahoo

            जैसे की आप सब जानते हैं की त्रेतया युग में राम और सीता की गाथा को रामायण रूपरेख् देके बर्णना किया गया था ...

रत्नावली-16 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-16 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 16                राजाघट्टतः गोस्वामिवर्यान् अनुज्ञाय प्रत्यागताः आसन् जनाः । तस्माद् ...

मरखना
द्वारा Prabodh Kumar Govil

बंगले की छत से पीछे कुछ दूरी पर ग़ज़ब की हरियाली दिखाई देती थी। उस दिन मेरी बड़ी बहनजी मिलने आईं तो मैं उन्हें बंगला दिखाते हुए छत पर ...

रत्नावली-15 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-15 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 15                यदा यदा सोमवती - अवसरः भवति तदा तदा ...

दुनिया पूरी
द्वारा Prabodh Kumar Govil

"दुनिया पूरी" मेरी पत्नी का देहांत हुए पांच वर्ष बीत गए थे। ऐसे दुःख कम तो कभी नहीं होते, पर मन पर विवशता व उदासीनता की एक परत सी ...

रत्नावली-14 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-14 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 14                होलिका पावनपर्व भवति तदा तस्मिन् पर्वणि वयं स्वयं ...

रत्नावली-13 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-13 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः डा. रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 13                रत्नावली अचिन्तयत् - भूतकालस्य घटनाः भविष्यकालस्य कृते ...

रत्नावली-12 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-12 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 12                आस्थासु अनास्थासु च युगानुयुगे संघर्षः प्रचलन् समागच्छति । ...

रत्नावली-11 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-11 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः डा. रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 11                राजापुर - ग्रामः यमुनातीरे स्थितः वर्तते, रत्नावल्याः ...

रत्नावली-10 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-10 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली-10                जीवने कानिचन कार्याणि क्रीडावदेव आनन्दं ददति । एवं चिन्तयित्वा रत्नावली ...

रत्नावली-9 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली-9 संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः   लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 9                संसारः आत्मवद् एव अन्येषां मूल्यांकनं करोति । ...

सार्थक सीख
द्वारा राज कुमार कांदु

अमर जल्दी जल्दी ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था । रमा रसोई में अमर के लिए नाश्ता बनाने में व्यस्त थी ।अमर के पिताजी दीनदयाल हाथ में ...

रत्नावली-8 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः रामगोपाल ‘भावुकः’   संस्कृतानुवादकः  पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 8                प्रतिदिनानुसारं रत्नावली अद्यापि समयेन एव उत्थिता । तया स्वदिनचर्या गोस्वामिवदेव ...

इश्क़ के रंग हज़ार
द्वारा Rita Gupta

 इश्क के रंग हजार     सालों से अकेलेपन का दंश झेलती सॊम्या के जीवन में एक ठहराव आ चुका था। अपनी नॊकरी ऒर जिन्दगी को एकरसता से जीते जीते वह मशीन ...

रत्नावली-7 संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः  पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 7 नौका राजपुर - घट्टे प्राप्ता । घट्टे केचित् बालकाः स्थिताः आसन् । ...

रत्नावली-6-संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’   संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 6 तारापतेः कारणात् रत्नावल्याः मनः अरमत् । तारापतिः स्फुटतया वदति स्म ...

विष कन्या - 4
द्वारा Bhumika

       आगे हमने देखाकि, मृत्युंजय बताता है की कैसे वेदर्थी उनके कुछ शिष्यों की मदद से निर्दोष पुरवार हुए ओर उन पर से लगा देशद्रोह का कलंक ...

रत्नावली-5-संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः  पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 5                मनुष्यस्य सहनशक्तिः विचारजागरणेन अभिवृद्धा भवति । प्रत्येक - वेदनारम्भः असह्यः भवति ...

दिल धड़क रहा है (हृदय प्रत्यारोपण)
द्वारा मंजरी शर्मा

नमस्ते आंटी! मैं दीपक; ये मेरी माँ और मेरी पत्नी ज्योति! शायद आपने मुझे पहचाना नहीं ..."आइये... तशरीफ़ रखिये ..." मैं, अभी आती हूँ. बड़ी मुश्किल से अपने आसुंओ ...

रत्नावली-4-संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः  रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः  पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी पण्डित - सीताराम चतुर्वेदी धोतीधारकाः पण्डिताः इति नाम्ना प्रसिद्धाः आसन् । जनाः ‘धोतीवालेपण्डित’ इति नाम्ना ...

रत्नावली-3-संस्कृतानुवादकः पं. गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः डा. रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 3 जामाता वैराग्यं स्वीकृतवान् इति यदा दीनबन्धुपाठकमहोदयैः श्रुतं तदाप्रभृति ते अपि ...

रत्नावली-2-संस्कृतानुवादकः पं.गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः डा. रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी रत्नावली - 2   अद्यावधिः कति दिवसाः व्यतीताः स्वामिचरणानां निर्गमनान्ते ? तैः मम ...

रत्नावली- 1 - संस्कृतानुवादकः पं.गुलामदस्तगीरः
द्वारा रामगोपाल तिवारी

रत्नावली   लेखकः डा. रामगोपाल ‘भावुकः’ संस्कृतानुवादकः   पं. गुलामदस्तगीरः मुंबई   सम्पादकः डा. विष्णुनारायण तिवारी       सम्पादकीयम्                ऐतिहासिकग्रन्थानां नायकनायिकानां चरित्रचित्रणविषये लेखनस्य परम्परा भारतीयसाहित्यक्षेत्रे समादृता अस्ति। ...

मैं स्पेशल-बच्ची की स्पेशल-माँ हूँ.
द्वारा मंजरी शर्मा

मैं स्पेशल-बच्ची की स्पेशल-माँ हूँ."" भगवान् भी ना जाने कितना निष्ठुर हो जाता है. पता नहीं किन पापों का दोष है. """" हाय!! बेचारी.."""" अरे; काहे की बेचारी!! """" ...

ईश्वर का घर
द्वारा Ashish Dalal

‘पापा, दीदी को मत ले जाओ. मैं अब उसके संग कभी नहीं खेलूंगा. प्रॉमिस पापा. मैं उन्हें परेशान भी नहीं करूंगा.’ राजनाथ ने पन्द्रह साल की रानू का हाथ ...

प्रेम की परिभाषा
द्वारा Ashish Dalal

बगल वाले कमरे से आती आवाज कानों में पड़ते ही माधुरी की नींद टूट गई. आंखें मसलते हुए उसने अपने तकिये के नीचे रखे मोबाइल का बटन दबाकर समय ...

अन्तर से
द्वारा डा.कुसुम जोशी

                 अंतस से            *2010,/6 नवम्बर की एक गुनगुनी ठन्डी शाम अचानक  छोटे भाई श्रेय का फोन आया ...

काश! अतीत को बदल सकती ...
द्वारा मंजरी शर्मा

"नमस्ते आंटी; मैं नेहा... आपके नए पड़ोसी. वो नवरात्री का आज आखिरी कीर्तन है; तो मम्मी ने आपको बुलाने भेजा है. उन्होंने कहा है की आज तो कीर्तन में ...

न वो हारा न मै ..
द्वारा Alok Mishra

                             वो बगावत करने पर उतारू है । उसने हिन्दी सहित्य के आदर्शवादी नायकों की तरह ...