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प्यार का दाग
द्वारा SWARNIM SAHAYATRI

बाहर बारिश हो रही है। बारिश की आवाज अक्सर मुझे परेशान करती है। उसके ऊपर, आधी रात की बारिश मेरे दिल की चयन और मेरी आँखों की नींद कुछ ...

सीरिया का बटुआ
द्वारा Prabodh Kumar Govil

बस करीब एक घंटा है लेट थी। बस के रुकते ही लगभग कूद कर टेढ़े मेढे रास्ते से घूमती, कीचड़ पानी से बचती बहिनजी जब स्कूल के अहाते में ...

व्यापारी
द्वारा Rohit Kumar Singh

रवि कुमार सरावगी ग़मगीन बैठा था,अपनी विशालकाय कुर्सी मे अपनी एक हथेली कुर्सी की पुश्त से टिका कर किसी गहरी सोच मे डूबा था,उसकी आंखो से आंसू टपक रहे ...

Creation - Part 1
द्वारा किशनलाल शर्मा

"Stop stop. You both have gone mad"She spoke separating them.This story is a century old.The means of transportation and communication were advanced,but not as many today.A ship was going ...

गोखुर
द्वारा Anand Tripathi

शामू अपने बरामदे में ऐसे तन के बैठा था जैसे की मानो उसको लॉटरी लगी हो। बघिया और हीरा दोनो ही एक खटिया के लिए ऐसे लड़ झगड़ रहे ...

द घोस्ट विलेज _ कुलधरा
द्वारा Gurpreet Singh

हमारे देश में कई ऐसे शहर जो अपने दामन में अनेक रहस्यों को समेटे हुए है। इन शहरों में काफी सालों पहले ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनके रहस्य से ...

हां, मैने ये अपराध किया है।
द्वारा Rohit Kumar Singh

जौनी ने अपना सर धीरे धीरे उपर उठाया,और अपनी आंखे झुका कर उसने कुबूल किया कि,"हां,मैने ये अपराध किया है"जज़ ने आश्चर्य से उस बूूढे आदमी की ओर देखा,जो ...

राज-सिंहासन--(अन्तिम भाग)
द्वारा Saroj Verma

अब अखण्डबली की मृत्यु हो चुकी थी,किन्तु बसन्तसेना की मृत्यु से सहस्त्रबाहु को अत्यधिक आघात पहुँचा था,अब आगें की योजना का कार्यभार उसके काँधों पर आ गया था,यदि बसन्तसेना ...

स्वर्ण मंदिर अमृतसर
द्वारा Gurpreet Singh

अमृतसर का स्वर्ण मंदिर केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का मशहूर मंदिर है। ये सिख धर्म के मशहूर तीर्थ स्थलों में से एक है। इस मंदिर का ऊपरी ...

राज-सिंहासन--भाग(२१)
द्वारा Saroj Verma

बसन्तसेना को पूर्णतः हर्षवर्धन पर विश्वास हो चला था,उसने मन में सोचा कि हर्षवर्धन ने मेरे लिए अपनी धर्मपत्नी को त्याग दिया,इसका तात्पर्य है कि वो मरी प्रसन्नता हेतु ...

राज-सिंहासन--भाग(२०)
द्वारा Saroj Verma

प्रातःकाल हुई,वृक्षों पर पंक्षियों का कलरव आरम्भ हो चुका था एवं सूर्य भी अपनी लालिमा सम्पूर्ण जगत में प्रसारित कर रहा था,तभी सहस्त्रबाहु की निंद्रा टूटी,उसने सभी को भी ...

राज-सिंहासन--भाग(१९)
द्वारा Saroj Verma

इस घटना के कारणवश उन सभी को आपस में वार्तालाप का समय ही नहीं मिला,ये सब एकाएक हुआ था उन्होंने सोचा ही नहीं कि इस प्रकार बसन्तसेना से उनका ...

मै जि़न्दा हूं, चाचा
द्वारा Rohit Kumar Singh

मेरे जूते के सोल की सिलाई उधड गयी थी,ढूंढते हुये मै एक मोची के पास पहुंचा,और मोल भाव करके जूता उसे सीने को दे दिया,बगल मे उसके एक छोटा ...

राज-सिंहासन--भाग(१८)
द्वारा Saroj Verma

कुछ ही समय में सोनमयी सुकेतुबाली के समक्ष थीं,सुकेतुबाली ने उससे कुछ प्रश्न पूछे...... सोनमयी! क्या तुमने किसी से सहायता लेने की आवश्यकता नहीं समझी..... महाराज!मैनें अत्यधिक प्रयास किया,वहाँ ...

नीमराना किला
द्वारा Gurpreet Singh

नीमराना किला भारत उन प्राचीनतम किलो में शामिल हैं जिसे अब होटलो के रूप में इस्तेमाल किया जाता हैं। नीमराना एक ऐतिहासिक फोर्ट के साथ-साथ खूबसूरत फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन ...

राज-सिंहासन--भाग(१७)
द्वारा Saroj Verma

कादम्बरी सुकेतुबाली के समीप बैठते हुए अत्यधिक भयभीत थी कि कहीं सुकेतुबाली के समक्ष उसका ये भेद ना खुल जाएं कि वो एक पुरूष है स्त्री नहीं एवं सुकेतुबाली ...

राज-सिंहासन--भाग(१६)
द्वारा Saroj Verma

सहस्त्रबाहु के समीप पहुँचकर सोनमयी ने पूछा.... भ्राता! हम सब यहाँ किस कारण उपस्थित हुए हैं,आपके मस्तिष्क में कोई योजना तो नहीं चल रही है... हाँ! सोनमयी! ऐसा ही ...

बाबा किला
द्वारा Gurpreet Singh

बाला किला’ किला अर्थ हैं ‘नया किला’ है। यह किला समुद्र तल से 1960 फुट ऊंचाई पर स्थित हैं। जोकि 8 किमी की परिधि में फैला हुआ है। दुश्मन ...

ह ला ला या हलाल ?
द्वारा राज कुमार कांदु

शबाना का शौहर अब्बास जब से बेरोजगार हुआ था मोहल्ले के लम्पट बदमाशों से उसकी दोस्ती गहरी हो गयी थी। उन्हीं में से एक कादिर उसका लंगोटिया यार बन ...

राज-सिंहासन--भाग(१५)
द्वारा Saroj Verma

अश्व पर बैठने से पूर्व निपुणनिका ने अपने खुले केशों को बाँधने की चेष्टा की तो सहस्त्रबाहु बोला.... राजकुमारी निपुणनिका इन्हें ऐसे ही खुला रहने दीजिए,आप खुले केशों में ...

राज-सिंहासन--भाग(१४)
द्वारा Saroj Verma

तब ज्ञानश्रुति ने निपुणनिका से कहा.... निपुणनिका! अब मैं आ गया हूँ,अब मैं तुम्हें कोई भी कष्ट नहीं होने दूँगा और जिसने तुम्हारी ये दशा की है उससे अवश्य ...

राज-सिंहासन--भाग(१३)
द्वारा Saroj Verma

जब सुकेतुबाली ने नीलमणी से कहा कि ... तुम्हारी सखी कादम्बरी अत्यधिक सुन्दर है तो सोनमयी और नीलमणी मन ही मन मंद-मंद मुस्कुरा उठीं,परन्तु कादम्बरी बना ज्ञानश्रुति भयभीत हो ...

दुधिया सब संसार
द्वारा JUGAL KISHORE SHARMA

दुधिया सब संसार भरी दुपहरी मई की तपिष में व्यापारी खिलोने टोपिया के गठर में बांधे पीठ लादा गली मुहल्ले में घूम घूम बेचना चाह रहा था । आदमी ...

राज-सिंहासन--भाग(१२)
द्वारा Saroj Verma

ज्ञानश्रुति का ऐसा अद्भुत अभिनय देखकर सहस्त्रबाहु सच में भ्रमित हो गया था,उसे ऐसा प्रतीत हुआ कि आज तो वो कन्या उसकी जीवनसंगिनी बनकर ही मानेगी,उसने ज्ञानश्रुति के इस ...

राज-सिंहासन--भाग(११)
द्वारा Saroj Verma

यदि आप सभी का परिहास पूर्ण हो गया तो पुनः योजना के विषय में वार्तालाप प्रारम्भ करें,सोनमयी चिढ़ते हुए बोली.... हाँ..हाँ..अवश्य मेरी बहना! इसमें इतना क्रोधित होने की आवश्यकता ...

राज-सिंहासन--भाग(१०)
द्वारा Saroj Verma

ज्ञानश्रुति तो मार्ग में सोनमयी से वार्तालाप करते हुए आया किन्तु सोनमयी अत्यन्त मौन रहीं,वो केवल ज्ञानश्रुति के मुँख की भंगिमाओं को अपने हृदय के भीतर विलय करती रही,एक ...

कुंवारा बाप।
द्वारा DEVENDRA DWIVEDI

नई उम्र,18से22 की अवस्था। सरिर अपने विकास पर जोर लगा रही थी। मै बालपन से बढ़ती हुई उम्र में परिवर्तित हो रहा था। नए सपने, इक हम की भावना, ...

राज-सिंहासन--भाग(९)
द्वारा Saroj Verma

सूरजगढ़ के सैनिकों के जाने के उपरांत सभी जनों का वार्तालाप समाप्त हो चुका था क्योंकि सबको नीलमणी एवं सहस्त्रबाहु की सत्यता ज्ञात हो चुकी थी,कुछ शेष ही नही ...

राज-सिंहासन--भाग(८)
द्वारा Saroj Verma

क्या हुआ भ्राता? आप किस सोच में पड़ गए,वीरप्रताप ने पूछा।। तो इसका तात्पर्य है कि ज्ञानश्रुति निर्दोष है,सहस्त्रबाहु बोला।। यदि ये निर्दोष है एवं ये सत्य बोल रहा ...

राज-सिंहासन--भाग(७)
द्वारा Saroj Verma

प्रातःकाल हो चुकी थी परन्तु अभी तक सूर्य की किरणों ने अपनी छटा नहीं बिखेरी थी वो बस इस प्रतीक्षा में थी कि सूर्य उन्हें कब आदेश दे एवं ...

कल
द्वारा DEVENDRA DWIVEDI

अधेरी काली रात के 12बजे अचानक से पक्षी चीखने लगे,आसमान से बिजली कड़केने लगी लग रहा था मानो अब प्रलय आने को है। तभी फेरम अपने घर से लालटेन ...

राज-सिंहासन--भाग(६)
द्वारा Saroj Verma

नीलमणी को देखते ही सोनमयी बोली..... ये अप्सरा धरती पर क्या कर रही हैं? अरे,बहना! ये अप्सरा नहीं सूरजगढ़ राज्य की राजकुमारी नीलमणी हैं,वीरप्रताट बोला।। ओह.... इनकी सुन्दरता देखकर ...