बारिशवाला प्यार - 1 Radha द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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बारिशवाला प्यार - 1

आज सुबह से ही आकाश में बादल छाए हुए थे, बस बरसात आने की देर थी। मां ने बोला इसलिए वह अपना सारा कामकाज छोड़कर छत पे सुखाए सारे कपड़े एक एक करके उतार रही थी। तभी मां ने आवाज लगाई,
"रिमझिम जल्दी कर बारिश आने ही वाली है, सारे कपड़े भीग जायेंगे और जो छत पे पापड़ सुखाए है वो भी ले लेना"
रिमझिम ने जल्दी जल्दी हाथ चलाना शुरू कर दिया। वह मां पर गुस्सा होने लगी।
"अरे पता था कि आज बारिश आयेगी तो फिर पापड़ सुखाने की क्या जरूरत थी। अब भला इन्हे कोन समझाए।" 
थोड़ी नाराजगी के साथ वह काम निपटाने लगी। नीचे भी तो काम निपटाना है। उसने सोचा की भला बारिश आ गई और में क्या काम करती रह जाऊंगी।
"नहीं नहीं ये नही हो सकता, अरे मुझे मौसम की पहली बारिश में भीगना भी तो है। लंबी सांस लेकर मिट्टी की खुशबू मेरे रोम रोम में भरनी है। आकाश से बरसने वाली बूंदों को बाहें फैलाकर गले लगाना है। हथेली में नन्ही बूंदों को इकठ्ठा करना है। मेरे पैरो से मुझे बरसात का पानी उड़ाना है। अरे अरे मुझे नाचना है, गाना है, झूमना है।"
       वह खयालों में खोई हुई थी की आकाश में से बरसात की बूंदे उसके मुंह पर आ टपकी। रिमझिम खुश हो गई।  वह आसमान की ओर देखकर मुस्कुराने लगी। वह काले घनघोर आकाश की ओर देखकर बोली।
" देखो, तुमने बारिश आने दी, पर थोड़ी जल्दी कर दी। चलो ठीक है, पर मुझे भिगोए बिना मत जाना वरना में रूठ जाऊंगी हां। फिर में नहीं मानूंगी, फिर तुम्हारी बरसात से मेरी तरह इतना प्यार भला कोन करेगा ? बोलो भला। इस लिए बारिश रुकने मत देना" वो कुछ चेतावनी तो कुछ हंस कर आकाश के सामने अपनी बात रख कर चली गई। मानो असीम  आकाश उसका कोई निजी साथी हो। 
ओर आकाश ने भी रिमझिम की बात सुनकर वह और ज्यादा बरस पड़ा।
        रिमझिम नीचे जाकर अपने आंगन में आकर भीगने लग गई। उसने लाउड स्पीकर पर गाना लगाया "में नाचू आज छमछम छमछम"। उस गीत पर अपने पैरों से थिनकने लगी। उपर आसमान से बादल बरस रहे थे और नीचे ये लड़की बरसात का मौसम पूरे दिल से इंजॉय कर रही थी। कई बार उसकी सहेलीआ उसे कहती भी बारिश रिमझिम का पहला प्यार है। वैसे सच ही था रिमझिम जिंदादिल लड़की थी। 
     सीधी सादी, सरल स्वभाव की। मां, बाबा और चिंटू छोटा भाई, परिवार भी बस इतना ही। कोई खास दोस्त भी नहीं था। पशु पक्षी, पेड़ पौधे, किताबे यहीं उसकी दुनिया थी। उसे जाने माने कवियों की कविता पढ़ना बेहद पसंद था। १२ वी कक्षा के बाद उसने अपनी पढ़ाई पिछले दो साल से छोड़ दी थी। वह पढ़ाई में काफी तेज थी पर घर के हालात भी कुछ ठीक न थे और मां की तबियत भी कुछ ठीक नहीं रहती थी, इसी कारण से उसने मां को घरकाम में हाथ बटवाना उचित समझा। पर किताबो से लगाव पहले जैसा ही रहा। जब उसको उसका अकेलापन खलता तब वह किताबो में खो जाती ओर मानो ये किताबे भी उसे अपनापन महसूस करवाती। ओर वो खुश रहती।
         ओर आज उसकी खुशी और बढ़ गई क्योंकि आज बारिश आई थी। बादलों ने अपना प्यार रिमझिम के लिए बरसाया था। इसलिए वो बोहोत खुश थी। वह सोचने लगी कि ये बारिश तो किसी मूर्ख इंसान को ही अच्छी नहीं लगती होगी। तभी "हल्की सी बरसात आ गई" स्पीकर पर सॉन्ग बजने लगा। उसने वॉल्यूम बढ़ा दिया, ओर रिमझिम, रिमझिम बरसात में उछलने कूदने लगी। 
            रिमझिम का सवाल भी सही था। किसी को बारिश नही अच्छी लगती। कोई बारिश से नफरत भी करता हो। किसी को बरसात की मौसम, साल की सबसे खराब मौसम लगती है। किसी को बादलों का गरजना, बारिश की बूंदे, मिट्टी की खुसबू, ठंडी हवाए, ये सब  फालतू लगता है। हा ऐसा ही कोई था जिसे बारिश बिल्कुल अच्छी नहीं लगती थी। वह बरसात के मौसम में रेनकोट ओर छाते के बिना घर से बाहर कदम तक नहीं रखता था। जिसे बरसात के आने से चीड़ थी। उसका बस चलता तो वह वर्षा ऋतु को ही ऋतुओं में स्थान न देता। उसे बारिश से नफरत थी। ओर जो बारिश को इंजॉय करते थे वह लोग टाइम पास करते है, ऐसा उसे लगता था। उसे बरसात पसंद नहीं थी, पर उसका नाम , ऐसा नाम, जो बारिश के लिए जरूरी होता है हा वही बादल। जो रिमझिम का पड़ोसी था।
      इस वक्त बादल अपने घर में बैठ कर शांति से पढ़ रहा था। तभी बरसात आ गई। तो भी ठीक था, उसे कहा बारिश में भीगना था, या इंजॉय करना था, जो उसे कोई परवा हो भला। पर उसका ध्यान भंग तो तब हुआ जब बरसात की आवाज़, बादलों के गरजने के साथ उसे बारिश के गाने भी सुनाई दिए। जब शोर बढ़ गया तब उसने परेशान होकर स्पीकर बंद करवाने के लिए अपने कमरे से बाहर जाने के लिए खड़ा हो गया। पर पिछले साल रेनकोट पुराना हो गया था इसलिए फेक दिया था। ओर छाता मां बाजार गई थी तो ले गई थी। उसने उसकी छोटी बहन मुन्नी को बुलाया और कहा की पड़ोस में जाकर कहे की स्पीकर की आवाज़ बंद करे। या उनको सुनाई दे इतना ही वॉल्यूम रखे, पूरे मुहल्ले को ना सुनाए।पर मुन्नी ने जाने से इंकार कर दिया। उसने सोचा अब तो उसे ही जाना पड़ेगा। क्या बादल जायेगा?
           एक और है रिमझिम जिसे बारिश से बोहोत प्यार है,  जो रिमझिम बरसती रहती है। ओर दूसरी ओर बादल जिसे नफरत है बरसात से। क्या होगा जब ये दोनो मिलेंगे। 
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