मैं धीरे से उठा नदी में स्नान किया और वापस अपने घर की तरफ चल पड़ा,,,,।
रास्ते में मुझे गांव के कई लोग मिले। लेकिन मैं किसी को छूने की कोशिश करता तो मैं उन्हें स्पर्श नहीं कर पाता था।
और गांव के लोगों मेरी ओर देखकर कोई कुछ नहीं बोल भी नहीं रहा था,,,,,,,।
ऐसा लग रहा था ऐसा लग रह ऐसा लग रहा था जैसेम उन्हें जैसे मैं उन्हें दिखाई नहीं दे रहा था,,,,,।
यह मेरे लिए बड़ी आश्चर्य जनक बात थी,,,,,,।
मैंने एक दो मित्रों को छूने की कोशिश की लेकिन उन्हें जैसे कोई आभास नहीं हुआ,,,।
इसलिए मैंने उनमें से एक को लात मारी लेकिन मेरी लात हवा में ही रह गई ।
उस कोई भी किसी तरह की एहसास नहीं हुआ।
अब घबराने की बारी मेरी थी ! क्योंकि जो मेरे हो रहा था। उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।
मैंने सोचा किसी ना किसी को तो मैं दिखाई जरूर दूंगा,,,,,इस तरह मैंने पूरा गांव का चक्कर लगा दिया लेकिन मुझे किसी ने नहीं देखा। यहां तक कि स्नान करती और कपड़े बदलतीं महिलाओं ने भी मुझे नहीं देखा ।
अब बात मेरी समझ में आ चुकी थी कि उसने साथ कुछ ना कुछ गड़बड़ घोटाला किया हुआ था।
इसके चलते मेरे गांव के लोग मुझे नहीं देख पा रहे थे।
काफी देर तक बर्दाश्त करने के बाद मै रोने लगा। काफी देर तक रोने के बाद मन थोड़ा सा हल्का हुआ।
गांव का भैरू बाबा था।जो छत्तीसगढ़ के ठेठ आदिवासी की बस्ती में बस्तर से बैगा विधा सीखकर आया था और गांव में ही वो अपनी जवान और खूबसूरत पत्नी के साथ रहता था।
भैरू बाबा की उम्र लगभग साठ साल के करीब होगी उसकी पत्नी लगभग तीस साल की थी उसकी पत्नी बहुत सुंदर थी।
जहां भैरू बाबा समान्य आदिवासीयों की तरह ही काला और मजबूत काठी का था। उसकी पत्नी एकदम गोरी चिट्टी और बेहद खूबसूरत थी।उसे देखकर ऐसा लगता था कि जैसे कोई स्वर्ग अप्सरा उतर कर जमीन पर आ गई हो।
गांव के कई नौजवान युवकों ने उस पर डोरे डालने की कोशिश की थी, लेकिन वह भैरू बाबा के प्रति इतनी समर्पित थी कि उसने किसी को घास तक ना डाली थी।
और गांव वालों को आश्चर्य होता था कि भैरू बाबा मे ऐसा क्या है जिसे देखकर इसने उस बूढ़े से विवाह कर लिया।
यह एक रहस्य था कि जिस पर से ना तो भैरू बाबा के कभी पर्दा उठाया और ना ही भैरू बाबा की पत्नी ने।जब भी उससे शादी के बारे में यां उसकी पत्नी के बारे में कोई सवाल किया जाता वह बस बात को बदल कर मुस्कुरा कर चुप हो जाता।
भैरू बाबा तंत्र विद्या में पारंगत था।जैसा कि आप लोग जानते होंगे कि तंत्र विद्या का सबसे बड़ा क्षेत्र आसाम का कमाख्या यां कामरूप देश माना जाता है। अधिकांश तांत्रिक उसी इलाके से अपनी साधना सिखते है और सिद्धियां प्राप्त करते हैं।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके बस्तर का भी तंत्र साधना के क्षेत्र में बहुत जबरदस्त दखल है।
अफ्रिका के आदिवासी क्षेत्रों में पाए जाने वाले बुडू नामक तंत्र दुनिया का सबसे ताकतवर तंत्र माना जाता है।
बस्तर के तंत्रिक भी अपनी विशिष्ट विधाओं में माहिर होते हैं।
भैरू बाबा को अजीब सी शक्तियां प्राप्त थी। और जब गांव के बच्चे भैरू बाबा को देख लेते तो उसे घेरकर बैठ जाते।
क्रमशः ✍️