विवरण
मैं धीरे से उठा नदी में स्नान किया और वापस अपने घर की तरफ चल पड़ा,,,,।रास्ते में मुझे गांव के कई लोग मिले। लेकिन मैं किसी को छूने की कोशिश करता तो मैं उन्हें स्पर्श नहीं कर पाता था।और गांव के लोगों मेरी ओर देखकर कोई कुछ नहीं बोल भी नहीं रहा था,,,,,,,।ऐसा लग रहा था ऐसा लग रह ऐसा लग रहा था जैसेम उन्हें जैसे मैं उन्हें दिखाई नहीं दे रहा था,,,,,।यह मेरे लिए बड़ी आश्चर्य जनक बात थी,,,,,,।मैंने एक दो मित्रों को छूने की कोशिश की लेकिन उन्हें जैसे कोई आभास नहीं हुआ,,,।इसलिए मैंने उनमें से एक को