Mafia's Obsessed Love - 15 Priyanka Saini द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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Mafia's Obsessed Love - 15

और हमारा आखिरी फैसला यही है कि तुम उससे शादी करोगे... मुझे कोई excuse नहीं सुनना है अब तुम्हारे मुंह से ... " कहते हुए मनीष जी गुस्से से वेदांश को देखने लगते है... वेदांश भी उन्हें अपने भावहीन चेहरे के साथ देख रहा था..

तभी पीछे से किसी के चिल्लाने की आवाज आती है.... 
" हां.. आपने बिल्कुल सही कहा मामा जी... शादी के मामले में नो excuse वैसे भी जब तक इनकी शादी नहीं होती... हमारी तो भूल ही जाओ... और हां... में तो चाहता हूं.. भाई की शादी किसी मासूम सी प्यारी सी क्यूट सी लड़की से हो... जो इस राक्षस की भी वाट लगा सके...   न कि उस चुड़ैल अक्षिता से... मेरे को बिल्कुल नहीं  प..संद..."  एक लड़का जो अभी मैन गेट से भागते हुए अंदर आ रहा था कहते हुए बीच में ही उसकी जुबान कहीं लड़खड़ा गई। 

डेनिम रफ जींस ऊपर से लाइट येलो  हुडडी डाले वह बेहद हैंडसम लग रहा था। उसके क्यूट से फेस पर फिलहाल तो 12 बजे थे। जैसे उसने अभी किसी राक्षस को जगाकर अपने चेहरे पर 12 की जगह 13 बजवाने का पूरा प्लेन कर लिया हो... और उसे अब excute करने का वक्त आ गया हो... 

वह अपनी मासूम आंखों से बारी बारी सभी को देखता है। फिलहाल तो उसे अपने बचने का कोई चांस नजर नहीं आ रहा था क्योंकि... सभी घरवाले उसे ही घूर कर देख रहे थे।

वह बाल खुजाते हुए खुद से कहता है ... " हैनं... मैने कुछ ज्यादा ही बोल दिया क्या .?" उसकी नजर अपने सामने खड़े उस हेजल आंखों वाले राक्षस से जा टकराती है जो उससे अब मात्र 2 मीटर की दूरी पर खड़ा था।  वह लड़का उछलते हुए दो कदम पीछे होकर अपने सीने पर हाथ रखकर ड्रामेटिक अंदाज में बोला .. "नहीं ये नहीं.. हो सकता अभी आप वहां थे और अब यहां भूत वाली स्पीड से... " 

बस उसका ये बोलना और पूरी फैमिली का उसे देखकर न में सिर हिलाना ... "अब इसे कोई नहीं बचा सकता वेदांश के हाथों .."  शिखा जी उस लड़के को देख अपने पास बैठे अजय जी से कहती है... 

अजय जी भी हां में सिर हिला देते है। वेदांश उस लड़के की तरफ अपने कदम बढ़ाकर अपनी दो उंगलियों से उसका जबड़ा पकड़ भरी आवाज में बोलता है ... " हम्म..  तो में राक्षस हूं.." वह लड़का जल्दी जल्दी हां में सिर हिलाता है फिर न में... "नहीं... नहीं ... आप राक्षस नहीं आप तो देवता है .. " वह अपनी मासूम आंखों को फड़फड़ाकर बोलता है .... 

वेदांश उससे अभी भी वैसे ही घूरते हुए बोला ..."  जुबान का कवेल उतना ही इस्तेमाल करो जितना काम आ सके वरना काटकर फेंक दूंगा ... जीवन सूर्यवंशी " वह उस लड़के को छोड़ते हुए सीढ़ियों पर बढ़ जाता है ।

यहां वो लड़का जो कोई और नहीं जीवन था।वह  सभी फैमिली मेंबर्स को देखते हुए बोलता है "यार क्या खिलाया था अपने बचपन में जब देखो डांटते रहते है... राक्षस कहीं के.."

जीवन चलता हुआ आता है और सामने लगे सोफे पर विधि जी के पास बैठ जाता है। विधि जी उसका एक कान पकड़ते हुए बोली ... "ओहो... अब मेरे सामने मेरे ही बेटे की बुराई... हम्म"। " आह... छोड़ो मामी क्या कर रहे हो दर्द हो रहा है वैसे मैने कुछ गलत नहीं कहा वह सच में राक्षस है अब देखो कोई अपने प्यारे छोटे भाई को ऐसे डांटता होगा.. "  जीवन अपनी बड़ी बड़ी आंखे कर विधि जो को देखते हुए बोला... 

" बात तो सही है मगर उस राक्षस ने अब दोबारा सुन लिया न तो जिंदा खा जाएगा तुम्हे.."  विधि जी उसकी हां में हां मिलते हुए बोली.. "आप हो न फिर मुझे बचाने के लिए..." वह उन्हें साइड से गले लगा उनके गाल पर किस करते हुए बोला... 

अचानक उसे खुद पर किसी की तपती हुई नज़रे फील हुई वह अपना सिर उठाकर देखता है। मनीष जी उसे अपनी जलती हुई आंखों से देख रहे थे। " बहुत चिपक लिए मेरी बीवी से अब दूर रहो... उससे वरना अभी वेदांश को बोल दूंगा..." कहते हुए मनीष जी उसे विधि जी से दूर हटा खुद उनके पास बैठ जाते है 

जीवन उन्हें चिढ़ कर मुंह बनाते हुए देखता है तभी कोई पीछे से उसकी कमर पर मुक्का मार देता है... 

"आह... तोड़ दी मेरी कमर" कहते हुए वो पीछे मुड़ता है तो उसके सामने तीन छोटे छोटे राक्षस अपनी जलती निगाह से घूर रहे थे।" क्यों वे बंदर तुझे हम नहीं दिखाई दिए...जो आते ही बड़ी मॉम से चिपक गया..।"  शायना पीछे से उसकी गर्दन पकड़ते हुए बोलती है ... "अरे छोड़ शीनू कि बच्ची चुड़ैल ..." कहते हुए वो मिहिर के पीछे छिप जाता है ... मनीष जी उन्हें डांटते हुए सोफे से खड़े होते हुए बोले .... " शट आप  डिनर का टाइम हो गया चलो सभी .." सभी शांति के साथ डाइनिंग एरिया में आ जाते है 

डाइनिंग एरिया... 
सभी शांति से अपनी अपनी जगह बैठकर डिनर कर रहे थे सिवाय उन तीन वाचाल के... जो पता नहीं क्या आपस में ख़ुसरपुसर कर रहे थे... सभी एक नजर उन्हें देखते है और न में सिर हिला देते है। पूरा खानदान जानता था... ये तीनों साथ आ जाए तो इनकी महाभारत से लेकर रामायण सभी शुरू होनी थी। फिर चाहे डिनर हो ब्रेकफास्ट या लंच टाइम ही क्यों न हो...।

वेदांश जीवन को देखते हुए अपनी भरी आवाज में उससे पूछता है ... " बुआ नहीं आईं " अब सभी जीवन की तरफ देखते है "नहीं, वो कल या परसों में आ जायेंगे इसलिए मैं ही आ गया। " जीवन वेदांश से बोलता है 

वेदांश हां में सिर हिला देता है वापस अपना डिनर करने लगता है। विधि जी  सभी को देखते हुए बोली.. वो हमने मंदिर में एक पूजा रखवाई है .. दो दिन बाद शिवरात्रि भी है।" अजय  जी बोलते है.. " hmm... वो तो आप हर साल ही रखवाती है शिवरात्रि पर भाभी ..." 

" हां मगर इस बार वेदांश के लिए रखवाई है न... इसलिए वेदांश विधि जी को देखता है अपनी चेयर से उठता हुआ बोला... "जब हो तो बता देना कहकर वह अपने रूम में चला जाता है।

इधर श्री अपने रूम में बैठी कुछ सोच रही थी। तभी वहां कनु आती है। वह श्री को खयालों में देख उसकी आंखों के आगे चुटकी बजाती हुई बोली... " कहां मैडम जी..." श्री होश में आ कनु को देख न में सिर हिलाते हुए कहा... कुछ नहीं.. " 

" चल यार अब तेरे पास भी सुनाने के लिए कुछ नहीं है तो सो जाते है न... आज मुझे यहीं सोना है।" वह श्री के ऊपर  गिरते हुए अपनी थकावट भरी आवाज में कहती है 

वेदांश के रूम में... 
इस वक़्त वह अपनी बालकनी में खड़ा था। उसकी अपर बॉडी पूरी तरह नेक्ड थी। जिससे उसकी कसी हुई है बाइसेप्स साफ नजर आ रही थी। उसके एक हाथ में सिगार  था जिसे वह अब एसट्रे में फेंक चुका था ।तभी एक हवा को झोंका उसे छू कर निकलता है... वह इसे महसूस कर अपनी आंखे बंद कर लेता है।अचानक ही उसकी आंखों के सामने श्री का चेहरा घूम जाता है। वह झटके से अपनी आंखे खोलता है। उसके हाथों की मुट्ठियां कस जाती है।वह अपने दांत भींचते हुए बोलता है ... "जो तुमने किया है मिस आर्या इसका हर्जाना तुम्हे भुगतना पड़ेगा..."  कहते हुए वह अंदर आ जाता है ।



ऐसे ही ये दो दिन भी निकल जाते है। और आ ही गया वो दिन... सुबह  सुबह चारों तरफ चहल पहल थी क्योंकि आज थी शिवरात्रि... 

हेलो फ्रेंड्स कैसे है आप सभी उम्मीद करती हूं.. अच्छे ही होंगे आप सभी...और plz comments भी कर दिया करो... 

And plz mujhe support Karein... Follow and raiting bhi dijiye story ko .. i know ki chapter bhout hi late aate hai but isme mei kuch nhi kar sakti kyonki chapter upload karne baad 3 se 4 din mei hi upload hota hai... 

Please 🥺 follow kar do na.. 🙏