Bayaan - Part 3 Radha rani Jha द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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Bayaan - Part 3

 Part 3 .

"क्या इस डायरी में अभिनव का रिश्ता मुझसे था क्या हम कभी मिले थे, और वो राधा रानी कौन थी उसका नाम मेरे जैसा क्यूँ था.

मैंने अगले दिन वापस उस डायरी को खोला क्यूँकि मुझे खुद पर काबू नहीं था, मेरी उत्सुकता ना जाने क्यूँ बढ़ने लगी मैंने जैसे ही राधा रानी की डायरी खोली उसमें लिखा था...
"पहली मुलाकात" जब मैंने यह हेड लाइन पढ़ी तब मुझे और उत्सुकता होने लगी जब मैंने आगे पढ़ा तो राधा रानी ने उसमें लिखा था ^March 2025 ^ ..
जब मैंने पहली बार अभिनव को स्कूल के कपड़ों में सुनहरे बाल गोरा रंग और चुपचाप मेरी तरफ बढ़ रहा था/
जब मैंने उसे देखा लगा जैसे मेरी साँसे रुक सी गई मेरे पैर काम नहीं कर रहे थे और अभिनव मेरे सामने से गुजर गया और उसके जाने के बाद तक उसका चेहरा मेरी आँखों के सामने था,,
कहते हैं ना जब इंसान को प्यार होता है तो उसके लिए वहीं इंसान सब कुछ बन जाता है.. अभिनव दुनिया का सबसे सुंदर इंसान नहीं है लेकिन आँखों को दूसरा कोई पसंद ही नहीं आया. 
में इनकी कहानी में डूबती ही गई 

जैसे मेरी ही कहानी हो ये मैंने आगे पढ़ने का सोचा तब ही मेरी नजर उस पेज के नीचे गई जहां एक कोर्ड वर्ड टाइप लिखा था, 

मैंने अपना फोन निकाला उस कोर्ड वर्ड को सर्च किया लेकिन जब तक में उसका मतलब देखती मेरे हाथ से मेरा फोन फिसल गया में उठा ही रही थी 

कि मेरे सारे दोस्त आ गए और मुझे अपने साथ ले गए में उनके साथ चली  तो गई. 

लेकिन मेरे  दिमाग में सिर्फ उस कोर्ड वर्ड का क्या मतलब होगा यही चल रहा था..

मेरे पास मेरी ही एक दोस्त की दोस्त आयी थी पता चला उसे भी डायरी लिखने का शौक है 
वो हमेशा अपने साथ उस डायरी को रखती थीं..

मैंने उसके डायरी के कवर पेज पर वही कोर्ड वर्ड लिखा हुआ देखा 

....में अंदर से हिल गयी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.  मैंने उससे पूछा कि इसका मतलब क्या होता है..

लेकिन उसने मुझे कुछ समय देखा और वहां से मुस्कराकर चली गयी..

में पूरी तरह डर गयी फिर हमने कुछ तस्वीरें ली और सब अपने घर की तरफ चले गए..

लेकिन जब सब गए वो वही थी और अपने डायरी में मे कुछ लिख रही थी मैंने धीरे से अपनी आंखें तिरछी करके झांका तो उसने लिखा  

" आखिर अब उसे वो मिल ही गयी "

ये लाइन देखते ही जैसे मेरी सांसे रुक गयी थी फिर अचानक से वो मुझे गुस्से वाली नजरों से मुझे देखने लगी लग रहा था  * जैसे वो कहना चाह रही हो कि जाओ यहां से * 
में अपने घर वापस लौट आयी  ,अपने कमरे में बिस्तर पर लेट गयी लेकिन में सो नहीं पा रही थी और मुझे वो कोर्ड वर्ड याद आया मैंने जैसे डायरी में वो कोर्ड वर्ड देखना चाहा  लेकिन वो लाइन पूरी फैल गयी थी..

मेरे भाई ने कहा माफ़ करना दीदी मुझसे पानी गिर गया यहां, 

लेकिन अब उस छोटे से  बच्चे को में क्या ही कहती मैंने कहा कोई बात नहीं तुम जाओ..

तभी मेरे दोस्तों ने हमारी खींची हुई तस्वीरे भेजी मैंने एक तस्वीर को ध्यान से देखा वो भी वही उस तस्वीर में मुझे ही रही थी. लेकिन उसकी डायरी पर लिखा हुआ वो कोर्ड वर्ड दिख रहा था..

जैसे वो दिखाना चाह रही थी  ..मैंने उसे अनदेखा करके 

झटपट अपना फोन निकाला उस कोर्ड वर्ड को गूगल पर सर्च किया लेकिन जब मैंने फोन मे देखा तब मानो जैसे मेरी आंखें खुली की खुली रह गयी मेरे हाथों से फोन गिर गया और में एक दम kuch समय के लिए चुप हो गयी में अपना होश गावा चुकी थी...



अगर आपको आगे जानना हो कि ऐसा क्या था उस कोर्ड वर्ड का मतलब,,तो आगे का पार्ट आने के लिए इन्तेज़ार करें..

आप लोगों का तहे दिल से शुक्रिया करती हूं आप और प्यार दे जिससे मुझे आगे लिखने की प्रेरणा मिले..

और आप लोग इसकी ending देखकर चौंक जाएंगे क्यूंकि ये एक सचि घटना है ..


Radha rani jha