पीपल के पेड़ वाली सवारी Suman द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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पीपल के पेड़ वाली सवारी

एक बार हाथरस के पास सलेमपुर में हमारा घर था। एक बार हमारे पति देव रोज रात को रामलीला में act करने जाते थे। और दोपहर तक घर आ जाते थे। उस समय bike की व्यवस्था नहीं थी। तो साइकिल से जाते थे। वो राम जी का act करते थे। वो रोज घर आते थे। फिर घर में खेती देखते। 

    एक दिन सुबह आने में late हो गए। उन्हें सिलमपुर से छौंक गांव आना था। दोपहर हो गई। दोपहर की बात थी। तो साइकिल चल रही थी। और धूप बहुत तेज थी। खेतों का रास्ता था। 

    वहां एक छायादार पेड़ के नीचे एक औरत बैठी थी। गर्मी के दिन थे। हमारे पति देव साइकिल पर गुनगुनाते हुए आ रहे थे। वो औरत घूंघट में थी। और उन्हें देखते ही वो औरत पेड़ के नीचे से सड़क पे आ गई। 

    उन्होंने सोचा -
शायद ये साइकिल से बैठना चाहती हैं पीछे। क्योंकि बहुत दोपहर है और इन्हें गांव जाना होगा।

उन्होंने पूछा -
बहन जी ! कहां जाओगी आप ?

   पर उस औरत ने एक शब्द नहीं कहा । बस सिर हिला दिया। घूंघट में थी चेहरा दिख नहीं रहा था। अब वो चल रहे थे। पर पता नहीं कैसे वो औरत चलती साइकिल पर बैठ गई। वो तो साइकिल चला रहे थे। उन्हें चलाते चलाते वजन महसूस हुआ तो पीछे देखा वो औरत बैठी थी। 

उहोंने सोचा -
शायद इनको दौलत पुर गांव में उतरना होगा। इसलिए बैठ गईं।

   अब वो साइकिल चला रहे थे। अब 2 min की दूरी पर एक बड़ा सा पीपल का पेड़ था। अब वो जैसे ही पीपल के पेड़ से नीचे गुजरे तो साइकिल खुद ही हल्की हो गई। उन्होंने तुंरत पीछे मुड़कर देखा। कोई नहीं था। चलती साइकिल से औरत गायब। इधर उधर देखा ना खेतों में, ना सड़क पे, ना साइकिल पे, ना पेड़ के पास कहीं नहीं थी वो औरत। 

     अब उनको डर लगने लगा। उन्होंने साइकिल की speed तेज कर दी।

उनके मन में कई सवाल थे -
वो औरत कहां गई?
कौन थी वो ?
चलती साइकिल से कैसे गायब हो गई ?
वो चलती साइकिल पे बैठी कैसे थी ?
उसे धरती खा गया या आसमान निगल गया?
मेरे साथ ये अभी क्या हुआ ?

   अब वो जैसे तैसे छौंक गांव पहुंचे। जहां घर था। उनके हाथ पैर कांप रहे थे । अब वो घर आए। और उन्होंने ये बात मुझे यानि अपनी पत्नी को बताई। 

 वो बोले - 
अरे भगवान! आज तो मैं मरते मरते बचा।

मैं बोली - 
क्या हुआ जी ?

वो बोले - 
मेरे साइकिल में आज एक चुड़ैल बैठ गई। 

मैं बोली - 
ये क्या बोल रहे हो ?! ये 2012 चल रही है। आपको कैसे पता कि वो औरत चुड़ैल है ?

वो बोले - 
चुड़ैल ही थी । अचानक पीपल के पेड़ के नीचे साइकल से गायब हो गई। साइकिल खुद हल्की हो गई। जब वो बैठी थी तो साइकिल भारी चल रही थी। ऊपर से चढ़ाई पर गायब हुई वो। 

मैं बोली - 
तो ऐसे दोपहर में मत आया करो। Late हो जाओ तो कहीं रुक जाता करो। आपको कुछ हो जाता तो 5 - 5 बच्चे हैं इनके क्या होता। 

वो बोले - 
अब नहीं आऊंगा दोपहर में। और ना ही रात में जाऊंगा। शाम को जाऊंगा अब।

   फिर मैने उनके हाथ पर कलावा बांध दिया। मंत्र पढ़ के। अब वो इसलिए बचे क्योंकि भगवान का नाम लेकर आ रहे थे। इसलिए भगवान पर विश्वास रखो।


Agar kahani pasand aayi ho to comment or riviews jarur den .......