Mafia's Obsessed Love - 11 Priyanka Saini द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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Mafia's Obsessed Love - 11

जिस पर कुछ पल अक्षिता वेदांश को देखते ही रह गई... वह वेदांश की बातों का मतलब निकाल रही थी जो अभी-अभी वेदांश ने उससे कही कि वह शादी नहीं करेगा। "क्या मतलब था उसका? वह मेरे से शादी नहीं करेगा। " अक्षिता अभी-अभी अपने मन में चल रही बातों को खुद से कह रही थी.. वेदांश केविन के बाहर जा चुका था। 
   
  जैसे ही अक्षिता को वेदांश की बातों का मतलब समझ आता है वह दांत पीसते हुए गुस्से से कहती है....   "ऐसा कभी नहीं होगा और मैं तुम्हारी शादी किसी और के साथ कभी नहीं होने दूंगी अब तुम देखते जाओ... वेदांश राठौर। मैं क्या करूंगी? ... " इतना कहकर वो गुस्से में पर पटकते हुए केबिन से बाहर चली जाती है। 

आगे .... 

शाम का वक्त था...
सूरज की सुनहरी किरणें अब लालिमा ओढ़ चुकी थीं। हल्की हवा मुंबई की सड़कों पर बह रही थी। चारों तरफ हलचल थी, फिर भी एक अजीब-सी शांति थी उस पल में...
    
    मुंबई का फेमस क्लब रेड रोज 🌹.....
            डीजे की तेज धमक , डांस करते लोग और दारू की महक , कलरफुल लाइट से जगमगा रहा ये क्लब मुंबई के यंगस्टर की जान था । जहां चारों तरफ लड़के और लड़कियां नशे में झूम रहे थे , तो कुछ टेबल पर बैठे ड्रिंक के शॉट लगा रहे थे ।  

भले ही अभी पूरी तरह से अंधेरा नहीं हुआ था । मगर फिर भी इस क्लब के अंदर तो चाहे दिन हो या रात हमेशा रात वाली ही फिलिंग आती  है ... 
                इसी क्लब के  कोने में  एक टेबल पर 3 लड़के बैठ कर ड्रिंक कर रहे थे । तीनों ही दिखने में बेहद हैंडसम थे । 
        " हम्म...  तो कुछ दिन में तेरी इंगेजमेंट है .... क्या सोचा है ...?" उन तीनों लड़कों में से एक बोला तो । उसके पास बैठे दूसरे लड़के का मुंह बन गया । वो धीरे से बड़बड़ाया .... " मुझे बिल्कुल नहीं पसंद वो चुड़ैल ।" 

           उसके इतना बोलते ही वहां बैठा तीसरा लड़का उसे घूरता है ....  वह दूसरा लड़का उसके घूरने पर सकपका गया । "आकाश अग्निहोत्री  कुछ ज्यादा ही बोलने लगे हो आजकल"...  उसने अपनी ठंडी आवाज मे आंखे तरेर कहा,,, थोड़ी देर शांत रहने के बाद .... "किसने कहा मेरी इंगेजमेंट है? .... " वह बोला .. तो वो दोनों उसे हैरानी से देखने लगते है " तो भाई तू क्या करने वाला है .."
        उन दोनों के बोलने पर वह तिरछा मुस्कुराता है .... वेदांश राठौर के आगे कुछ इंपॉसिबल नहीं .... वह बोला ... 
              तो वो दोनों न में सिर हिला देते है । क्योंकि वो जानते थे अब कुछ पूछना ही बेकार है, वो नहीं बताने वाला ।


हां तो ये  वेदांश राठौर ही है । जो केबिन से निकलने के बाद सीधा यहां आ गया था । और ये उनके बेस्ट फ्रेंड अनव राठी और आकाश अग्निहोत्री ये तीनों बचपन से ही साथ है। स्कूल, कॉलेज  साथ किया है। वैसे तो ये चार  दोस्त थे। 
बाकी इनके बारे में आगे जानेंगे ।

    थोड़ी देर में तीनों ही घर के लिए निकल जाते है ।

इधर दूसरी तरफ ....   
          5 माले की एक बिल्डिंग के 3rd फ्लोर के अंदर लिविंग एरिया में .... 
                दो लड़कियां सोफे पर बैठी थी उनके सामने एक छोटी सी मेज थी । जिस पर खाना रखा था । सब्जी में भिंडी और रोटी के साथ दही रखा था ।
       " सोरी यार अगर तुम्हे भिंडी नहीं पसंद तो आज दही से एडजस्ट कर लेना  Plz ....। " 
                वहां बैठी  एक लड़की ने कहा... "नहीं...  नहीं  ऐसा कुछ नहीं है हम भिंडी भी खा लेते है । " आप फिक्र मत करिए कनु .... " 
                  "श्री तुम इतना डरती क्यों हो .... में कोई तुम्हारी चाची नहीं हूं , जो तुम्हे डांटे मारे समझ आया । " 
उस लड़की यानि कनु ने कहा .... 

हां तो दोस्तों ... अब तो आप सब समझ ही गए होंगे ये कोई और नहीं वही स्कूटी वाली लड़की है जिसने श्री को उन गुंडों से बचाया था । श्री ने अपने बारे में सब कुछ कनु को बता दिया था । वो कैसे दिल्ली के लिए निकली थी गलती से मुंबई पहुंच गई । यहां आकर उसके साथ क्या हुआ । क्यों वो घर छोड़कर आई थी । अपनी चाची और चाचा के बारे में भी... उसकी चाची कैसे उस पर जुल्म करती थी । 
             कनु को श्री के लिए बहुत बुरा लगा । इसलिए उसने सोच लिया था कि अब वो श्री को कहीं  ओर नहीं जाने देगी । उसके नजरिए से "श्री" बहुत ही मासूम थी । कनु का पूरा नाम "कनिष्का विष्ट" है । मगर सब उसे प्यार से "कनु" ही बुलाते है तो ... उसने श्री को भी यही बोला कि वो भी उसे "कनु" ही बुलाए।
              कनु रोटी का एक टुकड़ा मुंह में डालती हुए श्री से पूछती है ... "खाना कैसा बना है... ? " श्री मुस्कुराते हुए जबाव देती है... "बहुत अच्छा .."।   चल झूठ मत बोल मुझे पता है.. सब्जी अच्छी नहीं बनी है ... क्योंकि मेरे को ज्यादा कुछ बनाना नहीं आता ।बस टेंपररी ही है ...  इतना कहकर कनु श्री को आंख 😜 मार देती है । 
       
           श्री उसकी हरकत पर बस मुंह खोले देखने लगती है । तो कनु उसका मुंह बंद करते हुए ... अरे .. अरे ... मुंह में मक्खी घुस जाएगी फिर भिंडी के साथ मक्खी का भी टेस्ट कर लियो । 
               इस पर श्री उसे घूरती है तो ... ओ माई गॉड मेरी जान को गुस्सा भी आता है ।  कनु अपनी हसी को छुपते हुए झूठे हैरानी वाले एक्सप्रेशन🤭 लाते हुए बोलती है ...
       इतना सुनने के बाद श्री का मुंह बन जाता है । वो झूठा गुस्सा दिखाते हुए.... ऐसा नहीं है कि हमें गुस्सा नहीं आता । हमें भी गुस्सा आता है मगर जल्दी चला भी जाता है ... मुस्कराकर  श्री ने कहा
        कनु उसकी बात बीच में काटते हुए जल्दी से बोली  ...."अरे  बस भी करो इसे गुस्सा कहते है इतना क्यूट गुस्सा  किसी लड़के को दिखाओगी तो वो आपने दिल पर हाथ रखकर ही मर जायेगा । "
           श्री कनिष्का को घूरती है तो कनिष्का .. "ऐसे घूरो मत ये मुंबई है.. जान...  यहां बड़े बड़े शहरों में छोटी छोटी बातें होती रहती है।" आखिरी टुकड़ा मुंह में ठूंसते हुए वो बोली ..
         "अरे! आराम से खाओ खाना कही भागे नहीं जा रहा कनु... " श्री ने फिक्र से कहा तो कनिष्का मुस्करा देती है । " मेरा हो गया । तुम्हे ओर कुछ चाहिए .. । " 
   "  नहीं मेरा भी हो गया... " श्री ने कहा ...
" Ok 👍  तुम चाहो तो जबतक मेरी फ्रेंड नहीं आ जाती तब तक तुम उसका रूम use कर सकती हो ... ।"  अगर तुम कंफर्टेबल हो तो ... वरना मेरे रूम में भी सो सकती हो।"

       कनिष्का ने श्री से कहा तो श्री थोड़ा झिझकते हुए बोलती है "अगर तुम्हारी दोस्त को बुरा लगा तो .."
     
    नहीं लगेगा उसे बुरा गुड नाइट ... अब ज्यादा नहीं सोचो सो जाओ ... । कोई परेशानी हो तो मुझे बताना ।
     
   इधर दूसरी तरफ वेदांश घर आता है काफी रात हो चुकी थी सब सो गए थे । राठौर विला में चारों तरफ securuty गार्ड खड़े थे ।वह अपनी कार से उतरकर सीधा लिविंग  एरिया में  आता है तो देखता है सामने मनीष जी बैठे हुए आपने फोन में कुछ स्क्रॉल कर रहे थे । 
        वो अपना सिर ऊपर कर देखते है ... तो  सामने ही कुछ दूरी पर वेदांश खड़ा होता है । वह बोलते है ... "खाना खाया तुमने ... "  हां,,,  वेदांश सिर हिलाकर जबाव देता है और "आप ने और मोम  ने खा लिया क्या ? " 
            " हां खा लिया उन्हें दवाई की वजह से नींद आ रही थी तो सो गईं । " अब तुम्हे भी सो जाना चाहिए "
इतना कहकर वो आपने रूम में चले जाते है और वेदांश सीढ़ियां चढ़ते हुए आपने रूम में ... ।

                                        By Hell Girl 

   तो कैसी होगी श्री की अगली सुबह ? और क्या करने वाला है वेदांश ? कौन थे ये 4 दोस्त ? और अब  कहां है ?  आगे जाने के लिए पढ़ते रहिए... "Mafia's Obessed Love 💕 💞" 

Thank you ✨ 
Like ❤️ or aapne ओपिनियन jrur share Karen ....  Aaj ka chapter kaisa tha .।

I am sorry dosto chapter bhot late aploud karne ke liye ... Plz sabhi aapne apne comments jrur share Karen ...  Aapko Aaj ka chapter kaisa lga । 
      
        
         
Aab itna pad hi liya h to plz follow or chapter ko raiting dena mat bhul jayega ..😊