Dangerous Queen ziya द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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Dangerous Queen

भाग 1
(एक खतरनाक रानी की कहानी)
रात बहुत गहरी थी…
इतनी गहरी कि चाँद भी बादलों के पीछे छिप गया था, जैसे वो भी इस शहर के गुनाहों को देखने से डर रहा हो।
दिल्ली की सड़कों पर उस रात सन्नाटा नहीं था,
बल्कि एक खौफ तैर रहा था।
काले रंग की BMW हवा चीरती हुई चली जा रही थी।
कार के अंदर बैठी लड़की की आँखें सामने सड़क पर थीं, मगर दिमाग…
किसी और ही दुनिया में उलझा हुआ।
उसका नाम था ज़ायरा मलिक।
दुनिया के लिए वो एक सफल बिज़नेस वुमन थी।
मल्टी-मिलियन कंपनी की मालकिन।
फोर्ब्स की लिस्ट में चमकता हुआ नाम।
लेकिन अंडरवर्ल्ड उसे किसी और नाम से जानता था—
“Dangerous Queen.”
एक रानी… जो ताज नहीं, खून से राज करती थी
ज़ायरा की उम्र बस 24 साल थी,
मगर उसकी कहानी किसी 50 साल के अपराधी से कम नहीं थी।
लंबे काले बाल,
गोरा चेहरा,
तेज़ नाक और वो आँखें…
वो आँखें ऐसी थीं,
जो सामने वाले को या तो अपना गुलाम बना लें
या फिर… उसकी कब्र खुदवा दें।
उसने ब्रेक मारी।
कार एक पुराने वेयरहाउस के सामने रुकी।
दरवाज़ा खुला।
चार बॉडीगार्ड्स बाहर आए,
सबके हाथों में गन।
“मैम,” एक ने सिर झुकाकर कहा,
“सब तैयार है।”
ज़ायरा ने हील पहनी और बाहर उतरी।
उसके कदमों की आवाज़ उस खामोश जगह में गूँज उठी।
वेयरहाउस के अंदर एक आदमी कुर्सी से बंधा हुआ था।
चेहरे पर चोटों के निशान,
आँखों में डर।
वो काँप रहा था।
“प्लीज़… मुझे छोड़ दो…”
उसकी आवाज़ काँप रही थी।
ज़ायरा ने बिना कोई भाव बदले कहा,
“तुम जानते हो… मैंने तुम्हें यहाँ क्यों बुलाया है?”
“मैंने कुछ नहीं किया…”
वो झूठ बोल रहा था।
ज़ायरा मुस्कुराई।
लेकिन वो मुस्कान…
मौत से भी ज़्यादा खतरनाक थी।
“मेरे साथ झूठ बोलने की सज़ा…”
वो उसके करीब झुकी,
“…तुम जानते हो न?”
उस आदमी की चीख़ पूरे वेयरहाउस में गूँज उठी।
ज़ायरा मलिक का अतीत
ज़ायरा ऐसी नहीं पैदा हुई थी।
कभी वो भी एक आम लड़की थी।
सपने देखने वाली।
मुस्कुराने वाली।
उसका बचपन लखनऊ की तंग गलियों में बीता था।
एक छोटा सा घर,
एक प्यार करने वाला पिता
और एक बेहद मासूम माँ।
उसके पिता, रईस मलिक,
एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर थे।
और यही उनकी सबसे बड़ी गलती थी।
एक रात…
जब ज़ायरा सिर्फ 14 साल की थी…
उसने अपने घर के बाहर गोलियों की आवाज़ सुनी।
उसने दरवाज़ा खोला।
और जो उसने देखा…
वो उसकी ज़िंदगी का आख़िरी सुकून था।
उसके पिता खून में लथपथ पड़े थे।
माँ चीख रही थी।
और अगली ही पल…
एक गोली उसकी माँ के सीने में उतार दी गई।
ज़ायरा चीखी…
लेकिन कोई नहीं आया।
उस रात
ज़ायरा मर गई थी।
और पैदा हुई थी—
Dangerous Queen.
वर्तमान में वापसी
वेयरहाउस में सन्नाटा था।
ज़ायरा ने खून से सने हाथों को रुमाल से पोंछा।
उसकी आवाज़ ठंडी थी—
“काम खत्म।”
कार में बैठते हुए उसने फोन उठाया।
“अगला टार्गेट?” उसने पूछा।
फोन के दूसरी तरफ आवाज़ आई—
“आरव सिंह।”
ज़ायरा का हाथ रुक गया।
“कौन?”
उसकी आवाज़ पहली बार बदली।
“आरव सिंह।
नया कमिश्नर।
ईमानदार।
आपके पिता जैसा।”
ज़ायरा की आँखों में कुछ टूटा।
“वो मेरी लिस्ट में नहीं है,”
उसने ठंडे स्वर में कहा।
“मैम…
वो आपके रास्ते में आएगा।”
ज़ायरा ने फोन काट दिया।
आरव सिंह – एक खतरा
आरव सिंह।
32 साल का IPS ऑफिसर।
साफ छवि।
नो समझौता।
उसके लिए काला और सफेद था,
बीच का कोई रंग नहीं।
और ज़ायरा…
पूरी तरह काली दुनिया की रानी।
उनका आमना-सामना होना तय था।
लेकिन सवाल ये था—
कौन किसे तोड़ेगा?
पहली मुलाक़ात
अगले दिन।
एक हाई-प्रोफाइल बिज़नेस मीट।
ज़ायरा स्टेज पर थी।
ब्लैक साड़ी,
डायमंड ईयररिंग्स।
पूरा हॉल उसकी तरफ देख रहा था।
तभी उसकी नज़र
सामने खड़े उस आदमी पर पड़ी।
व्हाइट शर्ट।
तीखी आँखें।
आरव सिंह।
दोनों की नज़रें टकराईं।
वक़्त जैसे थम गया।
ज़ायरा के दिल ने…
बरसों बाद
एक अजीब सी धड़कन ली।
और आरव ने मन ही मन सोचा—
“ये औरत…
सिर्फ़ खूबसूरत नहीं…
खतरनाक है।”


भाग 1 का अंत (लेकिन कहानी नहीं…)


उस रात
ज़ायरा अपने कमरे में अकेली खड़ी थी।
आईने में खुद को देखते हुए उसने कहा—
“आरव सिंह…
या तो तुम मेरे बनोगे…”
उसकी आँखों में आग थी।
“…या फिर
मेरे सबसे बड़े दुश्मन।”
बाहर बिजली कड़की।
और Dangerous Queen की कहानी
अब सच में शुरू हो चुकी थी… 😈👑