भाग 1
रात का समय था। शहर की चमकती हुई सड़कों के ऊपर काले बादल छाए हुए थे, जैसे आसमान भी किसी बड़े तूफ़ान की तैयारी कर रहा हो। दूर कहीं बिजली चमकी, और उसी रोशनी में एक ऊँची इमारत की छत पर खड़ी लड़की का चेहरा दिखाई दिया।
उसकी आँखों में डर नहीं था… सिर्फ ठंडा, खतरनाक सन्नाटा था।
नाम — आयरा खान।
शहर के अंडरवर्ल्ड में लोग उसे अलग नाम से जानते थे —
Devil’s Queen।
पर आज से तीन साल पहले वह सिर्फ एक सामान्य लड़की थी, जो सपने देखती थी, हँसती थी, और प्यार पर विश्वास करती थी।
तीन साल पहले…
आयरा अपने पिता के साथ रहती थी। उसके पिता, आरिफ खान, शहर के सबसे ईमानदार बिज़नेसमैन में से एक थे। उनकी कंपनी तेजी से बढ़ रही थी, और कई बड़े लोग उनसे जलते थे।
पर आयरा को इन सब से कोई मतलब नहीं था।
उसे बस अपनी पढ़ाई, दोस्तों और अपने मंगेतर रेहान की परवाह थी।
रेहान… उसका पहला प्यार।
दोनों की सगाई हो चुकी थी और कुछ महीनों में शादी होने वाली थी।
सब कुछ परफेक्ट था।
जब तक कि उस रात…
उस रात आयरा घर लौटी तो उसने देखा कि घर के बाहर पुलिस और एम्बुलेंस खड़ी थी।
उसका दिल धड़क उठा।
वह अंदर भागी।
फर्श पर खून फैला था।
और उसके पिता… जमीन पर पड़े थे।
उनकी सांसें बंद हो चुकी थीं।
आयरा की चीख पूरे घर में गूंज गई।
पुलिस ने बताया — यह बिज़नेस राइवलरी का मामला हो सकता है।
पर असली झटका तब लगा…
जब पुलिस ने बताया कि कंपनी के सारे शेयर, दस्तावेज़ और बैंक कंट्रोल किसी और के नाम ट्रांसफर हो चुके हैं।
नाम था — रेहान मलिक।
उसी रेहान का… जिससे आयरा शादी करने वाली थी।
आयरा का दिमाग सुन्न हो गया।
उसे समझ आया — यह सब प्लान था।
रेहान ने उसके पिता का भरोसा जीता, कंपनी पर कब्ज़ा किया, और फिर उन्हें रास्ते से हटा दिया।
उस रात आयरा ने सब कुछ खो दिया।
पिता।
घर।
प्यार।
और भरोसा।
कुछ दिनों बाद आयरा को भी मारने की कोशिश हुई।
उसकी कार के ब्रेक फेल कर दिए गए।
पर किस्मत से वह बच गई।
और उसी पल उसने फैसला किया—
अब वह रोने वाली लड़की नहीं रहेगी।
अब वह शिकार नहीं बनेगी।
अब वह शिकारी बनेगी।
आयरा गायब हो गई।
तीन साल तक कोई नहीं जानता था वह कहाँ है।
पर उन्हीं तीन सालों में उसने खुद को बदल डाला।
मार्शल आर्ट सीखी।
हथियार चलाना सीखा।
हैकिंग, बिज़नेस, अंडरवर्ल्ड नेटवर्क…
सब कुछ।
और धीरे-धीरे उसने शहर के कई गैरकानूनी नेटवर्क पर कंट्रोल जमा लिया।
लोगों ने पहली बार उसका नाम सुना—
Devil’s Queen।
कोई उसका चेहरा नहीं जानता था।
बस इतना जानते थे—
जिसने उससे टक्कर ली… वह बचा नहीं।
वापस वर्तमान…
छत पर खड़ी आयरा ने नीचे सड़क की ओर देखा।
उसकी आँखों में ठंडा गुस्सा था।
पीछे से आवाज़ आई।
“मैम, टारगेट बिल्डिंग में पहुंच चुका है।”
आयरा मुड़ी।
उसका दाहिना हाथ, कबीर, खड़ा था।
“रेहान?” उसने शांत आवाज़ में पूछा।
“हाँ।”
आयरा के होंठों पर हल्की मुस्कान आई।
तीन साल बाद।
आज पहली चाल चलने का समय था।
उधर, शहर के सबसे बड़े होटल में बिज़नेस पार्टी चल रही थी।
रेहान मलिक अब शहर के टॉप बिज़नेसमैन में गिना जाता था।
महंगे सूट में, हाथ में ड्रिंक लेकर वह मेहमानों से मिल रहा था।
पर अचानक होटल की लाइट्स बंद हो गईं।
पूरी जगह अंधेरे में डूब गई।
लोग घबराने लगे।
और तभी…
स्टेज की स्क्रीन पर एक वीडियो चलने लगा।
रेहान का चेहरा फक पड़ गया।
वीडियो में उसके और कुछ लोगों के बीच हुई डील दिखाई दे रही थी।
कंपनी हड़पने और आरिफ खान की हत्या की साजिश।
पूरा हॉल सन्न रह गया।
लाइट्स वापस आईं।
और स्टेज पर… एक लड़की खड़ी थी।
काले कपड़ों में।
आँखों में खतरनाक चमक।
आयरा।
रेहान के हाथ से गिलास गिर गया।
“तुम… जिंदा हो?” वह बुदबुदाया।
आयरा मुस्कुराई।
“मरी तो थी… उसी रात। आज जो खड़ी है, वो तुम्हारा बुरा सपना है।”
सिक्योरिटी उसकी तरफ बढ़ी।
पर इससे पहले कि वे उसे पकड़ते—
स्मोक बम फटा।
धुआँ फैल गया।
और जब धुआँ साफ हुआ…
आयरा गायब थी।
पर रेहान समझ चुका था—
तूफ़ान लौट आया है।
उस रात रेहान अपने घर में बेचैन घूम रहा था।
“उसे खत्म करो,” उसने अपने लोगों से फोन पर कहा।
“किसी भी कीमत पर।”
पर उसे पता नहीं था—
उसके ही घर की छत पर कोई खड़ा था।
आयरा।
वह खिड़की से उसे देख रही थी।
“डर अच्छा है, रेहान,” उसने धीरे से कहा।
“अब हर रात तुम्हें यही महसूस होगा।”
उसकी आँखों में बदले की आग थी।
पर उसे यह नहीं पता था—
कि इस खेल में एक और खिलाड़ी उतर चुका है।
एक ऐसा आदमी…
जो Devil’s Queen को भी चुनौती दे सकता था।
और वही उसकी जिंदगी बदलने वाला था।
जारी रहेगा…
अगला भाग और ज्यादा डार्क, रोमांचक, और खतरनाक टकराव से भरा होगा, जहाँ Devil’s Queen का असली दुश्मन सामने आएगा।