कॉंन्ट्रैक्ट मैरिज - 29 Mini द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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कॉंन्ट्रैक्ट मैरिज - 29

माणिक आवाज देते हुए सेक्शन में आया " मिस अक्षा आपका ड्रेस सलेक्ट हो गया है तो चले ,वो धीरे-धीरे सेक्शन के अंदर अक्षा कि ओर आने लगा श्रीजी अपनी नई टॉय से खेलते चलते हुए आ रही थी ...


अक्षा ने अब रोनी सूरत बना लिया वो खुद से बड़बड़ाई "ओह गॉड कहां फंस गई आज , वो भी बहुत बुरे तरीके से उसने आंखें मीच ली थी ..

रणविजय मुस्कुरा रहा था अक्षा को देखकर वो तो चाहता है कि माणिक मल्होत्रा को उसके रिश्ते के बारे में पता चले ....

माणिक अक्षा के तरफ कदम बढ़ाते हुए बोल रहा था अक्षा बुरी तरह से डर गई थी ,एक कदम दूर था तभी श्रीजी कि चीखने कि आवाज आई

उहूहूऊऊऊऊऊ.... डैडी..


माणिक ने पीछे मुड़कर देखा तो श्रीजी टॉय पकड़े गिर पड़ी थी अक्षा भी श्रीजी के रोने कि आवाज से वहां से निकल कर आई , माणिक श्रीजी को गोद में उठाकर पुचकारते हुए कहा " नो बच्चा रोते नहीं माय प्रिंसेस इस ब्रेव गर्ल ,यस बोलो डैड को ...

अक्षा भी माणिक और श्रीजी के पास आई फिर श्रीजी को माणिक ने गोद में उठाकर चुप करवाया , वो बोल रहा था पुचकारते हुए " चुप हो जाऊं कुछ नहीं हुआ प्रिंसेस को ,मेरी प्रिंसेस इज ब्रेव गर्ल ,उसने पीठ सहलाते हुए कहा तो श्रीजी ने सिर हिला कर हां कहा उसी समय अक्षा ने उसकी टॉय उठाकर दिया और वो चुप हुई ,अक्षा मन में बड़बड़ाई" ओह गॉड आज बच गई श्री के वजह से वो बोल ही रही थी कि ...

रणविजय चार पांच ड्रेस निकाल कर वो अक्षा और माणिक के पास से गुजरा और काउंटर पर आया ..


माणिक रणविजय को देखकर पहले तो चौंका फिर रणविजय को अपने पास से गुजरते अजीब नजरों से जाते देखने लगा फिर वो अक्षा को पीछे मुड़कर देखा..

अक्षा कि नजरें माणिक से मिली माणिक का घूर कर देखने से अक्षा घबराहट में इधर-उधर देखने लगी ...

माणिक उस समय अक्षा के ऊपर नाराज़गी नहीं जताया और साधारण शब्दों में कहा " मिस देसाई तुमने अपने लिए ड्रेस सलेक्ट कर लिया है तो चले मैं काउंटर पर हुं बिल पेय करने ..!!

अक्षा मुश्किल से दो ड्रेस सलेक्ट किया था उसे वो लेकर जाने लगी ...

रणविजय ने काउंटर पर खड़ी सेल्स गर्ल को कहा " ये चार ड्रेस इसे पैक करो और बाहर रेड गाऊन और ब्लैक गाउन को भी पैक कीजिए और मेरे बताए पते पर भेज देना बाकि यहां जो भी लोग शॉपिंग कर रहे हैं उसकी पेमेंट मैं करूंगा नीचे मेरे मैनेजर हैं उनसे कंसल्ट कर लीजिएगा वो बोलकर वहां से चलते बना ...!!


माणिक और अक्षा काउंटर पर आए और कहा " एस्क्यूसमी मिस इन कपड़ों का बिल बनाकर दीजिए ‌कितने हुए हैं...

सेल्स गर्ल ने मुस्कुराते हुए कहा " सर आज आपकी शॉपिंग का पेमेंट नहीं करना होगा आप ऐसे ही ले जाइए ...

माणिक ने आंखें सिकोड़ कर पूछा " क्यों आज आपके मॉल में सारी चीजें फ्री का दिन है जो पेमेंट नहीं ले रही हो ..??

सेल्स गर्ल ने मुस्कुराते हुए कहा" नो सर .. हां पर अभी यहां से ग्रे शेड के बिजनेस सूट में गये उस शख्स ने आज मॉल में जो भी खरीदार है उस का पेमेंट कर दिया है इसलिए आपको पेमेंट देने कि जरूरत नहीं है..!!

माणिक ने फिर अक्षा को देखा इस बार माणिक के आंखों में आक्रोश था जिसे अक्षा समझ गई थी फिर माणिक ने झिड़क कर सेल्स गर्ल को कहा " यहां है ही कहां कस्टमर्स हमारे अलावा...

तीनों पार्किंग में आए और गाड़ी में बैठे श्रीजी अक्षा के साथ थी इसलिए माणिक चुपचाप रहा ...

इधर रणविजय गाड़ी के पिछले सीट पर बैठे खुद से ही बुदबुदा रहे थे चेहरे पर मुस्कान थी और मीठा मीठा एहसास उसके चारों ओर फैली हुई महसूस हो रहा था ये एहसास कुछ नया मैजिकल लग रहा था उसने सोचा नहीं था आज अक्षा से बिल्कुल करीब होकर रूबरू होगी ,वो जितनी करीब थी सीधे दिल पर जाकर जम सी गई और पूरे शरीर पर रोमांच महसूस कर रही थी उसने भी पहली बार अक्षा को छुआ था ना जाने दिल कि बात जुबान पर भी आ रही थी ना कोई संकोच था और ना शर्म थी ,थी उस पल में तो प्यार कि मीठी अगन थी , ऐसा लग रहा है अब उसके आगोश में मेरा शुकून है , फिर कब मिलना होगा कैसे कटेगी अब मेरी दिन रात जब जब तुमसे मिलता हुं कुछ नया होता है हमारे बीच पर इस बार तो बिल्कुल मैजिक था ओह अक्षा ...

सिराज ने बोलकर रणविजय को‌ उसके मीठे ख्यालों से बाहर ले आया " प्रेसिडेंट रणविजय अभी गाडी कहां ले जाऊं..??

रणविजय ने सिराज को सामने लगे मिरर पर देखकर कहा" ऑफिस ले चलो ...!!

शाम हुआ और मॉल से एक आदमी कुछ कैरी बैग्स में गिफ्ट लेकर माणिक मल्होत्रा के मेंशन पर ले आए उस समय माणिक नहीं था तो मेड ने दरवाजा खोला तो मॉल से आए आदमी ने कहा " ये सारे गिफ्ट अक्षा मैम के लिए है ...

मेड ने अक्षा का नाम सुनकर कैरी बैग्स में रखे रेड कलर के जिलेटिनों में लिपटे डिब्बे लिए और कोई सवाल नही किया मॉल से आए आदमी वापस गया और मेड अक्षा के कमरे तरफ गई गिफ्ट लेकर उस समय अक्षा हिना से बात कर रही थी तो मेड ने दरवाजा खटखटाया दरवाजा खुला ही था उस कमरे में सिर्फ अक्षा थी मेड ने अंदर आकर गिफ्ट सोफे पर रखते हुए कहा " ये गिफ्ट आपके नाम से आया है देख लीजिए,मेड को लगा माणिक सर ने भेजा है वो बोली और चली गई कमरे से..
अक्षा फोन पर बोली" यार ये कौन गिफ्ट भेजा दिया अब ..
फोन के दूसरे तरफ से हिना ने कहा " अरे जाकर देखो कहीं मिस्टर रावत ने भेजा हो..

अक्षा गिफ्ट को पलट पलटकर देखी और बोली हिना ऊपर एक रेड जिलेटिन से कवर है नाम नहीं है शायद अंदर हो वो अब खोलने लगी और जिलेटिन कि आवाज आने लगी ,एक दो मिनट में कवर निकल गया और एक एक कर सारे बैग्स खोले और पांच मिनट में सारे डिब्बे कवर से बाहर थे उन डिब्बे में से एक डिब्बे से एक लेटर मिला ..!!

हिना ने मुस्कुराते हुए कहा फोन के दूसरे तरफ से " ठीक है तुम पढ़ो आराम से फिर फोन पर बात करेंगे ,बाय .. फिर फोन डिस्कनेक्ट किया..!!

अक्षा लेटर खोली तो सबसे पहले नाम लिखा था " रणविजय रावत फिर लिखा था ये सारे गिफ्ट मेरे तरफ से आई होप तुम्हें पसंद आए ,आज मेरी वजह से तुमने अपने लिए कपड़े नहीं खरीद पाए और मैने भी तुम्हारे लिए कभी शॉपिंग नहीं किया था अब नेक्स्ट टाइम मैं तुम्हें एक बड़ी-सी डिजाइनर के पास ले जाऊंगा जहां तुम अपनी मर्जी से कपड़े बनवा सकती हो , तुम्हारा पति रणविजय रावत , आई मिस यू , ओके हमारी जल्दी ही मुलाकात होगी अब ,बाय ...!!

अक्षा टेंशन में आ गई और हिना को फोन लगाया बात करने के लिए ...!!


रात हो गई श्रीजी को अक्षा सुलाकर उसके कमरे से बाहर आई तो माणिक ने मेड से बुलावा भेजा था तो मेड सामने आई और बोली" मैम सर आपको स्टडी रूम में बुला रहे हैं ..

अक्षा कि दिल कि धक-धक और खून तेजी से दौड़ने लगी घबराहट में जाने माणिक सर क्या पूछेंगे ,वो सीढ़ियों से नीचे जाते हुए सोचने लगी जब वो स्टडी कमरे के दरवाजे पर आई तो अंदर शांति नजर आई ये शांति क्या तुफान लाने वाली है अगर सच बता दिया तो मुझे गाने का चांस और नहीं मिलेगी शायद उसने दरवाजा नॉक किया...ठक ठक ठक ..


अंदर से आवाज आई " अंदर आओ ...

अक्षा धीरे-धीरे कदमों से दरवाजा को धकेल कर गई
अंदर आई यहां सबसे पहले नज़र माणिक मल्होत्रा पर गया जो काले रंग के बड़े से चेयर पर बैठे थे अपने एक पैर को दूसरे पैर पर रखकर उसकी भी नजरें कमरे में प्रवेश करते हुए अक्षा पर थी, माणिक के सामने एक टी टेबल था जहां एक काले रंग कि फाइल थी फिर माणिक चुप्पी तोड़कर कहा " मिस देसाई सोफे पर बैठो मेरे सामने...


अक्षा के अंदर तो पहले से ही घबराहट थी वो और बढ़ने लगी वो चुपचाप माणिक के कहे अनुसार माणिक के सामने वाले सोफे पर बैठी ,अक्षा के उंगलियां अपने चुनरी के किनारे पकड़ कर बार बार घूमा रही थी और उसकी पलकें झुकी हुई थी वो अपने आप को कटघरे में खड़ी है महसूस कर रही थी इस वक्त....!!

माणिक ने बिना घुमाएं सीधे ही कहा " मिस देसाई मेज़ पर रखे फाइल उठाओ और पढ़कर साइन करो ये कॉन्ट्रैक्ट पेपर्स है माणिक कि आंखें अभी भी अक्षा पर थी ..!!

अक्षा ने माणिक को देखकर हकलाते हुए बोली " जी..जी कॉन्ट्रैक्ट पेपर कि..किस तरह का पेपर है सर ,वो धीरे से फाइल उठाते हुए बोली..!!

माणिक ने कहा अपने जेब से एक सिगरेट का पैकेट और लाइटर निकालते हुए " पहले फाइल खोलकर देखो और पढ़ो तुम्हें समझ आ जाएगी फिर वो एक सिगरेट निकाला और मुंह में दबाकर चेयर से उठा और खुली खिड़की पर आकर खड़े हुआ और लाइटर से सिगरेट सुलगाई...!!

अक्षा फाइल को खोली अधीरता से और पहले पेज़ पलटकर दूसरे पेज़ पर लिखे शब्दों को पढ़ने लगी , जैसे जैसे वो पढ़ रही थी वैसे वैसे उसकी भौंहें सिकुड़ रही थी तो कभी आंखों पर चौंकने कि एक्सप्रेशन आ जाती और माणिक पर नजर चले जाती ...

माणिक मल्होत्रा खिड़की के पास खड़े होकर आराम से सिगरेट कि कश ले रहे थे और धुंए को हवा में छल्ले बनाकर उड़ा रहा था..!!


अक्षा ने पांच पेज वाली पेपर्स को पंद्रह मिनट में पढ़ी और बोली " सर आपको मुझसे कुछ पूछना है या सवाल करना है तो कहिए ..


माणिक ने सपाट शब्दों में कहा" नहीं मिस देसाई मुझे कोई सवाल नही करना है तुम्हें अगर बड़ी सिंगर्स बनना है तो कॉन्ट्रैक्ट पेपर्स पर साइन कर दो ....!!

अक्षा असमंजस में पड़ गई और मन में बुदबुदायी " इस पेपर्स के अनुसार मैं किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं रह सकती और ना किसी से प्यार करके घर बसा सकती हुं ना मिस्टर माणिक के घर छोड़ सकती हुं इनमें से अगर कुछ भी ब्रेक हुआ तो मुझे करोड़ों में पैसा भरना होगा कॉन्ट्रैक्ट ब्रेक करने का और मुझे गाना गाने के सारे डील से भी हाथ धोना पड़ेगा,अब क्या करूं मिस्टर रावत को क्या जवाब दूंगी और ये सब छोड़कर चली गई मिस्टर रावत के पास तो मेरी सिंगर्स बनने कि सपना अधुरा रह जाएगी , नहीं कुछ भी हो मैं अपने सपनों को छोड़ नहीं सकती मैंने बचपन से ही सिंगर बनने का ख्वाब देखा था आज पूरे करने का दिन है तो ..

माणिक पीछे मुड़कर देखा तो अक्षा गहरी सोच में थी उसने अपने शब्दों से अक्षा का तंद्रा तोड़ा " मिस देसाई ज्यादा सोचोगी तो उलझ जाओगी तुम्हें अपने लिए स्टैंड लेने चाहिए हर किसी को सुनहरा मौका नहीं मिलता है, तुम बहुत अच्छा गाती हो जब तुम्हारी आवाज़ लोगों तक आएगी तो निश्चित ही धूम मचाएगी इसलिए अपने सपनों के पीछे जाओ ,देखो मेरे पास समय नहीं है जो भी करना है जल्दी डिसिजन लो ..


शेष अगले भाग में..

पाठकों क्या लगता है आप लोगों को कि अक्षा को कॉन्ट्रैक्ट पेपर साइन करना चाहिए या नहीं
प्लीज़ कमेंट में जरूर बताइएगा


जय श्री कृष्णना 🙏