रॉकी और रानी की प्रेम कहानी - फिल्म समीक्षा Seema Saxena द्वारा फिल्म समीक्षा में हिंदी पीडीएफ

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रॉकी और रानी की प्रेम कहानी - फिल्म समीक्षा

सीमा असीम सक्सेना के द्वारा लिखी गयी फिल्म राकी और रानी की प्रेम कहानी

की समीक्षा ......

 

समीक्षा फिल्म राकी और रानी की प्रेम कहानी ।

निर्देशक हैं, करण जौहर ।

कलाकार हैं, रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, जया बच्चन, धर्मेन्द्र, शबाना आजमी, अंजली आनन्द आदि ।

 

“राकी और रानी की प्रेम कहानी” आलिया भट्ट, रणवीर सिंह और करण जौहर की फिल्म है, पूरे 7 साल के बाद करण जौहर इस फिल्म को लेकर आए हैं और यह फिल्म काफी हद तक कामयाब भी रही है, ड्रामा, कॉमेडी और रोमांस से भरपूर “राकी और रानी की प्रेम कहानी” दर्शकों का मनोरंजन करने में पूर्ण रूप से कामयाब हुई है । इस फिल्म के निर्देशक मतलब करण जौहर ने समाज में प्रचलित जो विचारधाराए है उनके ऊपर एक एक कर के निशाना साधा है और फिर इस फिल्म को बनाया है ।

राकी और रानी की प्रेम कहानी की कहानी इस तरह से है कि फिल्म में रॉकी एक बिंदास मतलब बिना कोई फिकर के जीने वाला इन्सान है, उसे किसी बात की कोई चिंता नहीं है । वह पंजाबी परिवार से दिल्ली का एक लड़का है, इसका नाम है रॉकी रंधावा, इसको नए-नए डिजाइनर कपड़े पहनने का, जिम जाने का और प्रोटीन शेक आदि पीने का और लड़कियों के साथ क्लब में डांस करने का शौक है और दूसरी तरफ है रानी जो रॉकी से बिल्कुल अलग है, वह बहुत बुद्धिमान है, बहुत अच्छे से बात करती है, उसके पास बहुत दिमाग तेज है और वह अपनी बहुत अच्छी रिपोर्टिंग करने के लिए पूरी मीडिया जगत में मशहूर है क्योंकि वह लोगों के इस तरह से इंटरव्यू लेती है कि उनके अंदर की जो भी सच्चाई है वह उनके ही मुंह पर उगल देती है, वह किसी से डरती नहीं है, कह सकते हैं कि वो एक निडर किस्म की बुद्धिमान युवती है ।

रॉकी के दादाजी यानी कि धर्मेंद्र और रानी की दादी शबाना आजमी की एक लव स्टोरी है जो कि अधूरी रह गई थी, उसी को पूरा करने के लिए रॉकी और रानी दोनों मिलते हैं और फिर उन्हें एक दूसरे से प्रेम हो जाता है हालांकि रॉकी और रानी अलग-अलग आदतों वाले है, उन लोगों का किसी भी तरह से आपस में कोई मेल ही नहीं है फिर भी उनका प्यार परवान चढ़ जाता है और फिर बाद में रॉकी और रानी को अपने इस अनोखे प्रेम के अजीबोगरीब रिश्ते के लिए अपने अपने परिवार वालों को मनाने की कोशिश करनी होती हैं, यह सब जानने के लिए और या फिर वह लोग अपने इस रिश्ते को पूरा करने में कामयाब हो जाते हैं या नहीं? वे दोनों अपने परिवार को मना लेते हैं या नहीं ? यह सब जानने के लिए फिल्म तो देखनी ही होगी ।

काफी लंबे समय के बाद करण जौहर ने इस फिल्म का निर्देशन किया है और एक नई सोच को दर्शकों के सामने रखने की कोशिश की है हालांकि उनकी हर फिल्म में कुछ न कुछ अलग जरुर होता है, जैसे कभी खुशी कभी गम, कुछ कुछ होता है, स्टूडेंट ऑफ द ईयर, जैसी सुपर डुपर हिट फिल्म देने वाले करण जौहर दर्शकों की नब्ज को बड़े अच्छे से जानते हैं । इसके लिए उन्होंने इस फिल्म में कुछ अलग बदलाव भी किए हैं और लव स्टोरी के साथ-साथ समाज को संदेश देने की कोशिश भी की है ।

वे फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी से बताते हैं कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले अपनी सोच पर जो बंदिश लगाई हुई है उससे आजाद होना होगा, समाज की गलत बातों को सुधार कर ख़त्म करना होगा, चाहे फिर पति-पत्नी मिलकर एक साथ काम करें या फिर मर्द लोग डांस करें या फिर अंडरगारमेंट्स के बारे में बात करनी हो या कोई भी बात करनी हो तो उसमें किसी तरह की कोई झिझक नहीं होनी चाहिए । करण जौहर की इसी सोच को ऑडियंस के सामने पेश करने में यह फिल्म मदद करती है ।

इस फिल्म की स्ट्रांग कास्ट है, रणवीर सिंह ने कई अच्छी-अच्छी फिल्में की हैं लेकिन उनकी जयेश भाई जोरदार और सर्कस में कहीं-कहीं पर सिंबा की झलक नजर आ रही थी लेकिन रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में गली बाय एक्टर रॉकी के किरदार को शिद्दत से निभा रहा है, 13 साल पहले रिलीज हुई फिल्म बैंड बाजा बारात में दिल्ली के बिट्टू का किरदार निभाया था लेकिन करण जौहर का रॉकी बिट्टू से पूरी तरह से अलग है मतलब इस फिल्म में रणवीर ने एकदम से मस्त अभिनय किया है । कहानी में लापरवाह दिल्ली वाले लड़के से लेकर समझदार दिलवाले तक उनका सफर दर्शकों को बहुत प्रभावित करता है । आलिया भट्ट हमेशा की तरह बहुत शानदार लगी हैं और वह इतनी अच्छी लगती है कि हर सीन पर अपनी छाप छोड़ जाती हैं लेकिन रॉकी अलग ही है उसकी तरफ से तो नजर हटती ही नहीं है, धर्मेंद्र, जया बच्चन, शबाना आज़मी जैसे दिग्गज अभिनेताओं ने अपने अपने अभिनय से हर किरदार में अपनी मौजूदगी दिखाकर इस फिल्म में चार चांद लगा दिए हैं । धर्मेंद्र और शबाना आजमी के साथ एक पुराने गाने को फिल्माया गया है जो इस फिल्म को बहुत खूबसूरत बनाता है ।

सभी गाने भी बड़े अच्छे बन पड़े हैं जैसे तुम क्या मिले, ढिंढोरा बाजे रे, झुमका आदि ।

फिल्म में ड्रामा है, रोमांस है, गाने हैं और इन सबके साथ-साथ बहुत सारे सामाजिक मैसेज भी हैं । फिल्म शुरू में हँसाती है, रुलाती है और भावुक करती है फिर अंत में सुखद हवा के झोके के साथ एक नये बदलाव को दिखाती है जो देखने में बहुत अच्छा लगता है, इसके साथ ही यह फिल्म पूरे परिवार के साथ बैठकर देखी जा सकती है । थियेटर में खूब धमाल मचाने के बाद अब यह फिल्म ओटीटी पर आ गयी है । वीकेंड पर किसी दिन भी आप अपने घर में आराम से सोफे पर बैठकर मजे में देख सकते हैं । यह फिल्म अमेजॉन पर उपलब्ध है यानी कि अमेजॉन प्राइम वीडियो पर आप अब फ्री में देख सकते हैं ।

इस फिल्म में हर किरदार बहुत बढ़िया लगा है चाहे वो जया बच्चन हों या फिर अंजली आनंद या कोई अन्य, साथ ही आलिया भट्ट और रणवीर सिंह की केमिस्ट्री बहुत बेमिसाल है और यह दोनों बहुत अच्छे भी लगे हैं इसलिए एक बार देखना तो बनता है । मेरे हिसाब से इस फिल्म की रेटिंग है 4 ।

सीमा असीम सक्सेना