Hold Me Close - 27 Harshu द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
  • हीर... - 28

    जब किसी का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से किया जाता है ना तब.. अचान...

  • नाम मे क्या रखा है

    मैं, सविता वर्मा, अब तक अपनी जिंदगी के साठ सावन देख चुकी थी।...

  • साथिया - 95

    "आओ मेरे साथ हम बैठकर बात करते है।" अबीर ने माही से कहा और स...

  • You Are My Choice - 20

    श्रेया का घरजय किचन प्लेटफार्म पे बैठ के सेब खा रहा था। "श्र...

  • मोमल : डायरी की गहराई - 10

    शाम की लालिमा ख़त्म हो कर अब अंधेरा छाने लगा था। परिंदे चहचह...

श्रेणी
शेयर करे

Hold Me Close - 27

"I feel safe around you ", रेवा ने मन मैं ही कहा।

रेवा ये सब सोच ही रही थी तभी उसे ऐसा फील हुआ की किसीने उसकी कमर को छुआ हो । उस छुअन की वजह से रेवा एकदम से डर गई।

अर्जुन: What happened?

रेवा: ऐसा लगा किसीने मुझे छुआ !!

"Sorry शायद मेरा हाथ लग गया होगा ! मेरा ध्यान कही और था ! मैने इंटेंशनली कुछ नही किया ... ", अर्जुन की इस बात पर रेवा ने मन मैं ही कहा –"नहीं ! मैं अच्छी तरह जानती हूं आपके टच को । आपके टच से में कभी अनकंफर्टेबल फील नही करती। आप मुझे पहली बार थोड़ी छू रहे है ! मुझे कुछ ठीक नही लग रहा ..."

रेवा : "कुछ ठीक नही लग रहा मुझे !!"

"Ok fine ! तुम्हे जैसा कंफर्टेबल लगे ... लेकिन इस पार्टी हॉल के बाहर नही जाना और अगर जरूरत होगी तो मुझे इनफॉर्म करते हुए जाना ! ",अर्जुन ने कहा और रेवा से थोड़ी दूरी बनाकर खड़ा हो गया। अर्जुन की बात पर रेवा ने अपना सिर हा मैं हिला दिया। रेवा ने फूड काउंटर की ओर देखा जहा की अलग अलग तरह की डिशेस रखी हुई थी ।

"Food is love ! इतना कुछ रखा हुआ है यहाँ! आज की रात तो बेस्ट है ... not because of party but because of food ! ", रेवा ने अपने आप से ही कहा और फूड काउंटर की ओर चली गई। फूड काउंटर के यहां ज्यादा भीड़ नही थी ।

"क्या खाओगी तुम ? ", तुषार ने पीछे से आते हुए पूछा।

"तुम दोनो मुझे एक पल के लिए भी अकेला नही छोड़ोगे ना ! ", रेवा ने हंसते हुए कहा ।

तुषार: "बिलकुल नही !! अर्जुन सर के स्ट्रिक्ट ऑर्डर्स जो है !!" "

तुषार और रेवा खाना खा ही रहे थे तभी राहुल ने आते हुए कहा –" मीरा कहा है ? " राहुल ने पूछा और वही तुषार और रेवा के साथ बैठ गया । राहुल ने वो सवाल जान बुचकर पूछा था ताकि वो तुषार और रेवा को join कर सके ।

"वो घर गई है ! कुछ मेडिकल इमरजेंसी है घर पर ! ", रेवा ने जवाब दिया ।

राहुल ने टेबल पर रखा ड्रिंक का ग्लास उठाया और जान बुचकर ड्रिंक से भरा हुआ ग्लास टेबल पर गिरा दिया जिस वजह से सारा ड्रिंक टेबल से होते हुए रेवा के साड़ी के ऊपर गिर गया ।

"Sorry sorry ! मेरा ध्यान नही गया ", राहुल ने माफी मांगने का नाटक करते हुए कहा ।

"अरे भाई देखकर !! ध्यान कहा था तेरा ? ", तुषार ने थोड़े रुड आवाज मैं कहा ।

"Its ok ! हो जाता है कभी कभी । मैं क्लीन करके आती हूं ",रेवा ने कहा और अपना फोन लेकर अर्जुन को एक मैसेज टाइप किया।

अर्जुन ने पूरी पार्टी हॉल मैं नजर रखी थी । तभी अर्जुन का फोन वाइब्रेट हुआ । उसने देखा की लॉक स्क्रीन पर रेवा का मेसेज दिख रहा था जिस मैं लिखा था –" में वाशरूम होकर आती हूं! टेंशन मत लेना ! "

"Ok! ",रेवा के मेसेज पर अर्जुन ने रिप्लाई दिया।

रेवा वाशरूम मैं जा ही रही तभी पूरी होटल की लाइट्स एक साथ बंद हो जाती है ।

"अरे यार !पहले ही अंधेरे से डर लगता है मुझे । ये लाइट्स को भी अभी जाना था क्या ! जल्दी करना होगा। ", रेवा ने झुंझलाते हुए अपने आप से ही कहा । रेवा ने जल्दी से अपने साड़ी पर लगा दाग पानी से साफ किया और फोन की फ्लैश लाइट ऑन करके वाशरूम से बाहर आ गई।

"लाइट्स कैसे चली गई !! रेवा...रेवा कहा है.....? वापस आ गई क्या? ", अर्जुन ने तुषार से पूछा।

"अभी नही! मैं देखता हूं तू स्ट्रेस मत ले !", तुषार ने अर्जुन को शांत करते हुए कहा और वहा से चला गया ।

तो वही अर्जुन रेवा को बार बार फोन करने का ट्राई कर रहा था ।
"ये फोन क्यों नही उठा रही !! ",अर्जुन ने झुंझलाते हुए कहा ।

रेवा वाशरूम से वापस आ रही थी । रेवा के लेफ्ट और राइट साइड में बहुत सारे कमरे थे। तभी एक कमरे का दरवाजा खुला और किसीने रेवा का हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती उस कमरे मैं खीच लिया।