The Author Vyas Dhara फॉलो Current Read तेरे होठों की सिगरेट .... By Vyas Dhara हिंदी कविता Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books The Dark Safehouse - 2 Episode 2: (Forced Proximity & Tension)देवांश के कहे शब्द अभ... ड्राफ्ट में अटकी एक कहानी शिल्पा प्रतिलिपि पर लिखती थी। एक छोटी सी राइटर, पर शब्दों से... ध्रुव की तारा - भाग 13 ध्रुव की ताराभाग - १३लेखिका: "अनामिका"सिया के वे कड़वे शब्द... अँधेरे वाला स्टेशन - भाग 4 पैंट्री कार के उस घुप्प और बदबूदार अँधेरे में, मेरी साँसें म... रुद्रहृदयो उपनिषद रुद्रहृदयोपनिषद--रुद्रहृदयोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे तेरे होठों की सिगरेट .... (6.8k) 3.2k 9.5k "तेरे होठों कि सिगरेट ...... "तेरे हाठो की सिगरेट....काश में तेरे होठों की सिगरेट होती, तुम प्यार से मुझे यु होंठों से लगाते ।तुम मुझे होंठों से लगाते और मैं धुवां बनके तुझमें मिल जाती और तुम्हारी मैं हो जाती।हां जलती और पलभर में खत्म हो जाती मेंतुम्हारा सुकुन बन कर मेंहवा में यु मिल जाती मेंएक नशा ही सहीतुम्हारे होठों पे तो होती सही तुम्हारी तन्हाई का हिस्सा तो होती सहीतुम मुझे यु (सिगरेट पीते, और मैं तुम्हें यु ही जी लेती। काश में तुम्हारे होठों की सिगरेट होती.....काश में तुम्हारे होठों की सिगरेट होती..... 🤍 🖤 🤍 🖤 🤍 🖤 "नजर"नजर चढ़ती है खुब नजर को नशा लिखना चाहती हूं । नजर इंतजार करती है नजरों का नजर को उम्मीद लिखना चाहती हूं ।नजर नजर में इज़हार हो जाता है । नजर को इश्क लिखना चाहती हूं ।नजरे नजर को देखकर नजरे नजर में डूब जाती है नजर कोसमंदर लिखना चाहती हूं ।नजरों ने देखी है यू तो कहीं नजर पर नजर की नजर टिकी हुई है नजर पर ,नजर को मोहब्बत लिखना चाहती हूं। नजरने मारि है कई नजरों को नजर को जहर लिखना चाहती हूं ।नजर ने किए कई सवाल नजर से ,नजर को इम्तिहान लिखना चाहती हूं । नजर यु तो है कमजोर लेकिन नजर को नशा लिखना चाहती हूं ।नजर ने नजर को यू नजरों से देखा नजर की नजर में खो गई नजरे ।मैं नजर को सेहेलाब लिखना चाहती हूं । ⭐ ⭐ ⭐ ⭐ ⭐ "तुम्हारा यूं छोड़ जाना अच्छा है क्या ?" तुम्हारा यू इस तरह छोड़ जाना अच्छा है क्या? और मेरा यू तुम्हें माफ करना प्यार नहीं है क्या ?जानते हो तुम बेपाक मोहब्बत है तुमसे, फिर भी क्यों तुम्हारा सताना ठीक है क्या ?तुम्हारे जाने के बाद से फिर मिलने तक का इंतजार रहता है अक्सर, तुम्हारा इंतजार ना करना ये इल्जाम लगाना ठीक है क्या ?ख्वाब बुना है, तुम्हें पाने का और तुम इसे नजरअंदाज करो ये अच्छी बात है क्या?मंजिल है तुझमें जीना, तेरा यु हवा के जैसे आना जाना अच्छा है क्या? 🍂 🍂 🍂 🍂 🍂 "जिंदगी"क्या है जिंदगी ?शायद मोत से पहले का सफर है जिंदगी । जिंदगी शायद पहेली है। जीसे जेसे जेसे सुलझाओ वेसे वेसे उलझती है।क्या है जिंदगी?किसी चेहरे की हंसी है जिंदगी, तो शायद किसी के आंखों की नमी है जिंदगी ।क्या है जिंदगी,शायद बिना मंजिल के रास्ते पर निकल पड़े हैं, शायद यही है जिंदगी ।मेरे पापा के आंखों में देखी उम्मीद,शायद वही है जिंदगी |क्या है जिंदगी?शायद तू इम्तिहान है जिंदगी,कभी रुलाती और कभी हंसाती है, यूं ही बेवजह सताती है जिंदगी।क्या है जिंदगी?शायद किसी के ख्वाब बून्ना है जिंदगी ।क्या है जिंदगी?किसी के साथ बैठकर मिलता सुकून, शायद यही है जिंदगी ।जिंदगी में मिली जिंदगी जिंदगी ने मारी ठोकर जिंदगी को, और सिखाया यही है जिंदगी, यही है जिंदगी । 🦋 🦋 🦋 🦋 🦋 "चिड़िया " 🕊️बेखबर थी, वो प्यारी सी चिड़िया उड़ती थी, पंख फैलाकर बेझिझकबेखबर थी, वोप्यारी सी चिड़िया जीती थी, अकेले नीले आसमबेखबर थी, वो प्यारी सी चिडियाआया आसमानी प्यार का जोकाबेखबर थी वो प्यारी सी चिड़िया बड़े प्यार से उड़ते थे, चिडा चिडियाबेखबर थी, वो प्यारी सी चिड़ियातेज हवा आईबेखबर थीं, वो प्यारी सी चिड़ियातूफान आया और चिडाने घोंसला छोड़दिया।चिडाने तोड़ा किसीका हौसला ।बेखबर थी, वो प्यारी सी चिड़िया एक प्यार भरा घोंसला टूट गया । एक विश्वास भरा सपना टूट गया। 🕊️ 🕊️ 🕊️ 🕊️ 🕊️✍️ Dhara Vyas 📖 Download Our App