The Author Vyas Dhara फॉलो Current Read नोटबुक के पन्ने ..... By Vyas Dhara हिंदी कविता Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books Royal vardi: The Billionaire IPS-power - 7 अध्याय 7 : एक थाना, एक राज, एक बलिदानविशाखापत्तनम की सुबह हम... हर बार हाँ , खुद को ना दूसरों के लिए हर बार “हाँ” कहना, कहीं अपने लिए “ना” कहना तो... किघकन्या - 7 कुछ दिन पहले सहसा मृत्यु ने इस कहानी की सबसे निर्मल, सबसे भो... रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 4 ---*Chapter 11: 3 दुनियाओं का दरवाजा ~ जंग के 1 महीने बाद।र... कलयुग का सच *कलयुग का सच* जुलाई की सुबह थी। रीना ने बच्चों को स्कूल भेजा... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे नोटबुक के पन्ने ..... (1.5k) 2.9k 8.8k 🍁 नोटबुक के पन्ने 🍁.....हर एक नोटबुक के पन्नों पर कुछ ना कुछ खास लिखा है। हमने भी तो तुझे उन खास अल्फाजों से कुछ ना कुछ कहा है ।ऐसे मैंने तुझे हर नोटबुक के पन्नों पर लिखा है। ऐसे मैंने तुझे हर गजल कविता में जीया है। तुम दुनिया में चाहे जहां भी रहो। लेकिन मेरी नोटबुक में मैंने तुम्हें पास लिखा है। हर एक नोटबुक के पन्नों पर मैंने तुम्हें खास लिखा है। 📖 📖 📖 📖 📖 " खो दिया है खुद को ✨ ......"खो दिया है कहीं खुद को, तराश रहे हैं कहीं खुद को,मिल जाएंगे अगर खुद को,तो मिलाएंगे सबको ।मिलकर किसी से, पाया था खुद को ।मिलकर भी अब किसी से, मिलते नहीं है खुद को ।नहीं मिले खुद को अगर, तुझ में खुद को खोया हुआ बता देंगे । 💢 💢 💢 💢 💢 " नाव ...."तुमसे नाराज,नहीं यारा, नहीं याराइश्क किया, इश्क किया बेपनाह कीया, बेपाक किया ।मैंने तुमसे यारा ।तुमने मुझसे किया इश्क किताबोंवाला ।किसी ने मझधार में नाव को डूबते छोड़ा । कई नाव यूं ही डूबी जाती है, समंदर में, इम्तिहान तूफा का आते । 💫....💫....💫....💫....💫 " तो क्या हुआ 💫........"एक बार फिर से दिल ही तो टूटा है । तो क्या हुआ ।अब जैसे जींदगी भी हमसे रूठी है । तो क्या हुआ ।सपने हैं बड़े और समय है कम, , तो क्या हुआ ।मंजिल है दूर और रास्ते हैं, कठीन तो क्या हुआ ।आगे तो चलना है । पर चल नहीं पाते, तो क्या हुआ ।आगे चलते भी हो लेकिन ठोकरें लगती है । तो क्या हुआ ।दिल से कोई पूछता नहीं । केसे जी रहे हो तुम, तो क्या हुआ ।अगर कोई पुछ भी लेता, तो बताने का जी नहीं करता । तो क्या हुआ ।आज नहीं बताओगे, शायद कल नहीं बताओगे । तो क्या हुआ ।तो क्या हुआ । पर शायद आईने में भीगी मुस्कान के साथ खुद को एक बारतो पुछोगे ।तो क्या हुआ ।आज थोड़े अंधेरे में हो पर रोशनी की नजदीक हो ।यही काफी है ।तुम अकेले नहीं, तुम खुद के साथ हो ।यही काफी है ।जींदगी में बहोत कडवे लम्हे मिले हैं। पर, साथ में मीली सीख मीठी ट्राफी है ।बस इस वक़्त को संभल जाओइस वक़्त को संभल जाओयही काफी है । ✨ ✨✨ ✨ ✨ " गिर गए हैं "........।आज गिर गए हैं, तो फिर से उठ जाएंगे । आज बिखर गए हैं, तो फिर से निखर भी जाएंगे । अपने जख्मों पर मरहम भी हम ही लगाएंगे । जरूरी नहीं कि चोट तन की ही लगे । कभी अल्फाज भी अंदरूनी घाव दे जाते हैं । खुद को इतनी शिद्दत से चाहेंगे, की सारे घाव यू ही भर जाएंगे । आज गिर गए हैं, तो फिर से उठ जाएंगे । ।🍁। 🍁। 🍁। 🍁। 🍁। मंजिल को पाने के लिए, सफर तय करना होता है । सफर के हर मोड़ को छोड़कर आगे जाना होता है ।✍️ Dhara Vyas ✨📖 Download Our App