जिन्नजादी - भाग 6 M BOSS मुस्ताक अली शायर द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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जिन्नजादी - भाग 6

साधना करते करते हैं
बिलाल कुछ-कुछ चीजों का पता लगने लगता है।
जैसे कि वह खूंखार शैतान बहुत ही ज्यादा ताकतवर है।
यह कोई मामूली शैतान नहीं है
बल्कि यह एक अघोरी तांत्रिक की प्रेतात्मा है।

मरने के बाद अघोरी की प्रेतात्मा
एक खूंखार शैतान बन गई है।
जिसका सामना कोई भी नहीं कर सकता।
जब अघोरी जिंदा था
अघोरी विद्या में बहुत ही माहिर था।
जारण ,मारण ,उच्चाटन ,निशी दास , त्रिकाल दृष्टि , परकाया प्रवेश
ऐसे तंत्र विद्या में उसने महारत हासिल की थी।

मरने के बाद भी वह अघोरी की प्रेतात्मा
अघोरी तंत्र विद्या की साधना कर रही है।
हजारों शैतानों को उसने अपना गुलाम बनाया था।
जो आज भी उसकी गुलामी कर रहे हैं।
उसके गुलाम शैतान भी बहुत शक्तिशाली है।
इन सब का सामना करना बिलाल की बस की बात नहीं थी।

लेकिन बिलाल एक सच्चा आध्यात्मिक तांत्रिक था।
यह जानते हुए भी उसकी जान मुश्किल में है।
उसने पीछे हटना मुनासिब नहीं समझा।
वह उस खूंखार शैतान को हर मुमकिन कोशिश करने लगा था।
लेकिन सारी कोशिशें बेकार थी।

बिलाल खूंखार शैतान के बारे में सारी
बातें जान लेता है।
बिलाल युसूफ अली से कहता है।
मैं उस खूंखार शैतान को चुनौती देने जा रहा हूं।
अगर मुझे कुछ हुआ
तो तुम फौरन यहां से चले जाना।
उस खूंखार शैतान का खात्मा करने का
तरीका मैं तुम्हें बताने जा रहा हूं।

उस खूंखार शैतान का खात्मा करने के लिए
उसके कंकाल को तंत्र से निर्माण हुई
पवित्र अग्नि से दहन करना होगा तभी जाकर वह हमेशा के लिए इस दुनिया से चला जाएगा।
उस का कंकाल इसी भूतिया गांव के किसी एक खंडहर में है।
तुम्हें उस खंडहर का पता लगाकर
उसे नष्ट करना होगा।
उस खंडहर तक पहुंचने के लिए
एक नगीना लेकर उसे अभिमंत्रित करके
जमीन पर रखना होगा।
उससे निकलने वाली रोशनी तुम्हें उस खंडहर तक पहुंचा देगी।

अगर मैं उसका सामना करते करते मर जाऊं।
तो तुम उस खूंखार शैतान का खात्मा करना
गुरु दक्षिणा होगी।
तभी जाकर मेरी आत्मा को शांति मिली।
युसूफ अली डर जाता है
और बिलाल से कहता है
चाचू आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हो ?
आपको कुछ नहीं होगा।
मैं आपको कुछ होने नहीं दूंगा।

बिलाल कहता है जिस रास्ते पर मैं जा रहा हूं।
वहां मेरी मौत पक्की है
अब ज्यादा सवाल जवाब मत करो
जितना कह रहा हूं उतना ही करो।

उस खूंखार शैतान का खात्मा करने के लिए
संतरे की पवित्र अग्नि कैसे निर्माण की जाती है।
उसका तरीका
मेरे अलमारी में रखे हुए
किताबों से तुम्हें मिल जाएगा।
लिखे हुए तरीके से ही तुम उस पवित्र अग्नि का निर्माण करना।
गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
मेरा अब आखरी वक्त आ गया है।

इतना कहकर बिलाल उस खूंखार शैतान को चुनौती देता है।
चुनौती पाकर वह खूंखार शैतान
बिलाल के सामने प्रकट होता है।
देखकर रूह कांप उठे
ऐसा भयानक रूप था उसका।
बिलाल अपनी विद्या के जरिए।
उसे हराने की बहुत कोशिश करता है।

लेकिन उस खूंखार शैतान के सामने
बिलाल की एक नहीं चलती।
आखिरकार वह खूंखार शैतान
बहुत ही बेरहमी से बिलाल को मार डालता है।
मरते-मरते बिलाल युसूफ अली को वहां से भाग जाने की हिदायत देता है
और कहता है इसे छोड़ना मत
इसे खत्म कर देना मेरे मौत का बदला लेना।
मेरी कुर्बानी खाली नहीं जानी चाहिए।
अब जाओ यहां से भागो जल्दी।
मेरी दुआ तुम्हारे साथ है।

युसूफ अली के सामने उसके चाचा बिलाल की बहुत ही बेरहमी से मौत हो चुकी होती है।
इसका उसे बहुत ही गहरा सदमा लग जाता है।
वह जोरों से चिल्ला चिल्ला कर रोने लगता है।
इतनी बिलाल को बचाने की बहुत कुछ इसकी।
लेकिन वह बिलाल को बचा नहीं था।

खुद को संभालते हुए अपने चाचा बिलाल की लाश लेकर युसूफ अली वहां से भाग जाता है।
अपने चाचा की लाश पर
पास जी के गांव में दफन करता है।
और प्रतिज्ञा करता है
मैं अपने चाचा की मौत का बदला लूंगा।
उस खूंखार शैतान का खात्मा मेरी ही हाथों लिखा है।
जितनी बेरहमी से उसने मेरे चाचा को मारा है।
उतनी ही बेरहमी से मैं उसका खत्मा करूंगा।

युसूफ अली को बिलाल के जाने का दुख बर्दाश्त नहीं होता।
वह बिलाल को दफना कर
उसकी कब्र पर रात भर बैठकर बहुत रोता है।
जैसे तैसे अपनी भावनाओं को काबू करता है।
अपने दर्द को पी जाता है।
दिल पर पत्थर रखकर
वापस अपने गांव लौट आता है।

वापस आते ही
वह बिलाल की अलमारी खोलता है।
उसमें उसे बहुत सारी किताबें मिलती है।
वह एक एक कर कर सारी किताबें पढ़ने लगता है।
यह किताब में उसे तंत्र की पवित्र अग्नि निर्माण करने का तरीका मिल जाता है।
साधना 7 दिन की होती है।
युसूफ अली साधना करने के लिए बैठ जाता है।
वह बहुत ही कड़ी मेहनत से साधना को सफल करता है।

साधना में सफलता पाने के बाद
वह एक नगीना लेता है
वो नगीना उसे बिलाल के अलमारी से मिल जाता है।
वह नगीने को अभिमंत्रित करता है।
सब चीजों की तैयारी होने के बाद
अपने चाचा बिलाल की मौत का बदला लेने के लिए
और उस खूंखार शैतान का खात्मा करने के लिए
उस भूतिया गांव की तरफ निकल पड़ता है।


4 दिन बाद युसूफ अली उस भूतिया गांव में पहुंच जाता है।
वह उस भूतिया गांव के अंदर चला जाता है।
और बिलाल ने बताए हुए तरीके से
नगीने को जमीन पर रख देता।
नगीने से एक तेज रोशनी निकलती है।
रोशनी निकलकर एक खंडहर की तरफ जाती है।

जैसे ही रोशनी खंडहर की तरफ जाती है।
सायरा के जिस्म में रहने वाले
उस खूंखार शैतान को पता चल जाता है।
पलक झपकते हो वहां पहुंच जाता है।
युसूफ अली रोशनी जा रही खंडहर की तरफ
आगे बढ़ता है।
थोड़ी ही दूरी तय करते हैं
वह खूंखार शैतान उसके सामने आकर खड़ा हो जाता।

उस खूंखार शैतान को देखकर
युसूफ अली की बोलती बंद हो जाती है।
वह बहुत ही डर जाता है।
उसका पूरा बदन डर के मारे कांपने लगता है।
हिम्मत करके मंत्रों का जाप करने लगता है।
लेकिन इसका कोई फायदा नहीं है।
वह खूंखार शैतान युसूफ अली पर एक वार करता है।
जैसे ही बार होता है

युसूफ अली वहीं जमीन पर गिर पड़ता है।
युसूफ अली की आंखें बंद हो जाती है।
दिल की धड़कन थम जाती है।
सांसे भी धीरे-धीरे उसका साथ होकर लगते।
युसूफ अली उठने की बहुत कोशिश करता है
लेकिन उसके सारी खुशी से बेकार हो जाती है।
आखिरकार युसूफ अली हार मान लेता
उसकी आंखें बंद हो जाती है।

जब उसकी आंखें खुलती है।
खुद को उस भूतिया गांव से बहुत दूर एक गुफा में पाता है।
खुद को वहां पाकर वह बहुत हैरान हो जाता है।
जमीन पर गिरने के बाद उसके साथ क्या हुआ
उसको कुछ भी याद नहीं आता ?

उस खूंखार शैतान का खात्मा न कर पाने का दर्द से बहुत तकलीफ देने लगता है।
वह अपने आसपास देखता है उसे अपने आसपास कोई दिखाई नहीं देता।
वह सोच में पड़ जाता है
उसी आखिर उस खूंखार शैतान से बचाकर
यहां किसने लाया है।
वह अपने बदन को देखता है।
उस खूंखार शैतानी दिए हुए सारे जख्म
गायब हो चुके होते हैं।
उसके बदन में कोई दर्द नहीं होता।
यह देखकर वह बहुत हैरान हो जाता है।

युसूफ अली साधना करके
उसकी जान किसने बचाई उसे देखने की कोशिश करता है।
युसूफ अली को त्रिकाल दृष्टि ज्ञान प्राप्त था।
ताज्जुब की बात थी उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
वह बार-बार देखने की कोशिश करता है
युसूफ अली अपनी कोशिश जारी रखता है ।
लेकिन उसे कुछ दिखाई नहीं देता।।

तभी उस गुफा में एक बहुत ही हसीन लड़की आ जाती है।
युसूफ अली की लड़की की तरफ देखता है।
लड़की को देखकर उसकी आंखें खुली की खुली रह जाती है।
लड़की को देखकर ऐसा लग रहा था
खूबसूरती उसके जिस्म से टपक रही हो।
इतनी हद से ज्यादा खूबसूरत थी।
किसी को यकीन ही ना हो कि वह इस दुनिया से है।
मानो ऐसा लग रहा था जन्नत से कोई परी जमीन पर उतर आई हो।

लड़की युसूफ अली की करीब आ जाती है।
और कहती है
अब कैसी तबीयत है आपकी ?
युसूफ अली कहता है
मैं तो ठीक हूं
लेकिन आप कौन हो ?
क्या आपने ही मेरी जान बचाई है ?

लड़की कहती है
मेरा नाम हिना है।
मैं यहीं इसी गुफा में रहती।
यही मेरा घर है।
मैं अकेली ही यहां रहती हूं।

युसूफ अली हैरानी से पूछता है।
आप अकेली ही इस गुफा में रहती हो ?
आपके मां-बाप कहां है ?
आप लोगों से दूर इस गुफा में क्यों रहती हो ?
आपको अकेले रहने में डर नहीं लगता ?
आप हो कौन करती क्या हो ?

हिना कहती है
वक्त आने पर आप को सब पता चलेगा
युसूफ अली जी।
युसूफ अली कहता है
मैंने तो आपको अपना नाम नहीं बताया
आपको कैसे पता चला कि मेरा नाम युसूफ अली ?

हिना कहती है
मैंने कहा ना वक्त आने पर सब पता चल जाएगा।
मैं कौन हूं यह जानने से ज्यादा जरूरी
उस खूंखार शैतान का खात्मा करना है।
युसूफ अली कहता है।
उस खूंखार शैतान के बारे में भी आप जानती हो
मुझे अब आप से डर लगने लगा है।

हिना युसूफ अली की यह बात सुनकर
हंसने लगती है
और कहती है
आप इतने मजबूर तांत्रिक हो
और आपको डर लगने लगा है।
डरो नहीं मैं कोई शैतान नहीं हूं।
आप मुझ पर भरोसा कर सकते हो।
इतना कह कर हिना फिर हंसने लगती है।

हिना के हंसी के नीचे
युसूफ अली के सारे सवाल दब जाते हैं।
वो उसकी हंसी का कायल हो जाता है।
वह उससे कहता है
आप उस खूंखार शैतान के बारे में क्या जानती हो ?

हिना कहती है
मैं उस खूंखार शैतान के बारे में सब कुछ जानती हो।
उसे खत्म करने के लिए
मैं आपकी मदद कर सकती हूं।

उस खूंखार शैतान का खात्मा करने में आप मेरी कैसे मदद कर सकती हो ?
क्या आप भी तंत्र-मंत्र जानती हो ?
हिना कहती है
हां मैं बिल्कुल तंत्र मंत्र के बारे में जानती हूं।
मैं बहुत सारी सिद्धियां प्राप्त कर चुकी हूं।
बहुत सारी तंत्र में महारत हासिल की है।
मैं तो यह भी जानती हूं
आप उस खूंखार शैतान का खात्मा
अपने चाचा बिलाल के मौत का बदला लेने के लिए करना चाहते हो।

बहुत बुरा हुआ आपके चाचा बिलाल के साथ।
मुझे बहुत अफसोस हुआ।
बहुत ही अच्छे इंसान थे आपके चाचा बिलाल
सायरा की जान बचाने के लिए
उन्होंने अपनी जान का बलिदान दिया।
इसलिए मैं आपकी मदद करना चाहती हूं।

अब आप बातों में वक्त जाया ना करो
बस खूंखार शैतान का कैसा खात्मा किया जाए
उसके बारे में सोचो।
वह बहुत ही ताकतवर शैतान है
उसका खात्मा करना इतना आसान नहीं है।
लेकिन मैं आपके साथ हूं
आपकी हर मुमकिन मदद करूंगी।

इतना कहकर
हिना युसूफ अली के कंधे पर हाथ रख देती है।
हिना का हक अपने कंधे पर पाकर
युसूफ अली को बहुत ही हिम्मत मिलती है।
युसूफ अली को हीना के साथ में अपनापन दिखाई देता है।
वह बिना कोई सवाल करें
हिना की मदद लेने के लिए तैयार हो जाता है।

हिना युसूफ अली से कहती है
आप अब मेरी बात ध्यान से सुनो
हम उस भूतिया गांव में
पूरी तैयारी से जाएंगे
और उस खूंखार शैतान का खात्मा करके आया।
युसूफ अली कहता है
हमें क्या तैयारी करनी होगी ?
क्या हम कोई बड़ी साधना करेंगे ?

हिना मुस्कुराती है
और कहती है आपको कुछ नहीं करना युसूफ जी
जो करना है मैं करूंगी।
मैं आपकी जान मुश्किल में नहीं डाल सकती।
मुझे आपकी बहुत फिक्र है।
किसी भी कीमत पर मैं आपको कुछ होने नहीं दे सकती।

हिना की बातों में साफ-साफ मोहब्बत छलक रही थी।
युसूफ अली भी इसे भांप लेता है।
युसूफ अली कहता है
वह खूंखार शैतान बहुत ही ताकतवर है।
आप अकेली उसका सामना नहीं कर सकती।
मुझे यह समझ नहीं आ रहा
आप अपनी जान क्यूं मुश्किल में डाल रही हो ?

हिना कहती है
आपके लिए
युसूफ अली हाय रानी से कहता है
क्या कहा आपने ?
हिना कहती है
कुछ नहीं इतना कहकर वह मुस्कुरा देती है।
युसूफ अली को हिना के मुस्कुराहट में मोहब्बत साफ-साफ दिख रही थी।
उसे भी आप कुछ कुछ होने लगा था।
दोनों एक दूसरे की आंखों में देखते हैं।
एक पल के लिए एक दूसरे की आंखों में खो जाते हैं।

हिना खुद को संभालते हुए कहती हैं
कल हम उस भूतिया गांव में जाएंगे
आप अभी आराम करो।
युसूफ अली कहता है
ठीक है
और युसूफ अली सो जाता है।
युसूफ अली बहुत थका हुआ होता है
पल भर में उसे नींद आ जाती है।

सुबह होते ही हिना युसूफ अली को
बहुत ही प्यार से जगाती है।
थोड़ी देर में यीशु पाली सारे काम निपटा कर
तैयार हो जाता है।
युसूफ अली कहता है
हम उस भूतिया गांव से
बहुत ही दूर है
हमें वहां तक पहुंचने के लिए
महीने भर का समय लग सकता है।

हिना युसूफ अली के करीब आती है
उसके हाथ अपने हाथों में लेती है
और कहती है
आप अपनी आंखें बंद कर लो
जब तक मैं ना कहूं आप अपनी आंखें मत खोलना।
युसूफ अली कैसा है ठीक है
और युसूफ अली अपनी आंखें बंद कर लेता है।
थोड़ी देर बाद हीना युसूफ अली को आंखें खोलने के लिए कहती है।
युसूफ अली अपनी आंखें खोल देता है।
सामने का नजारा देखकर
आंखें खोलने के बाद उसकी आंखें खुली की खुली रह जाती है।
क्योंकि युसूफ अली खुद को उस भूतिया गांव में पाता है।
वह हैरान होते हुए हिना से पूछता है
एक पल में हम यहां कैसे आए ?
आखिर आपने ऐसा कौन सा तंत्र किया ?
हिना कहती है
यह सब छोड़ो और उस खूंखार शैतान के खाते में के बारे में सोचो।
मैं आप उसे आवाहन करने जा रही हूं।
कुछ भी हो जाए आप यहां से बाहर मत आना।
हिना युसूफ अली के करीबी एक सुरक्षा कवच बनाती है।
अगले पल वो उस खूंखार शैतान को चुनौती देती है।
चुनौती पाकर वह खूंखार शैतान प्रकट हो जाता है।
युसूफ अली को वहां देख कर
आग बबूला होता है।
वह युसूफ अली पर वार करता है।
हिना बीच में आकर उसके वार को नाकाम कर देती है।
हिना उस खूंखार शैतान से कहती है
कमजोर पर क्या वार कर रहे हो
हिम्मत है तो मेरा मुकाबला करो।

वह खूंखार शैतान हिना की बात सुनकर
शैतानी हंसी हंसने लगता है
और कहता है अब तुम मेरा मुकाबला करूंगी।
तो ठीक है मरने के लिए तैयार हो जाओ।
और वह हिना पर वार करता है।
उसके वार का हिना पर कोई असर नहीं होता।
यह देख कर वह खूंखार शैतान और युसूफ अली दंग रह जाते।

हिना उस खूंखार शैतान के करीब जाती है और उसके सर पर हाथ रखती है।
जैसे ही हिना उसके सर पर हाथ रखती है।
हिना के हाथ से आग बरसने लगती है।
कुछ ही पल में वह खूंखार शैतान
आग में जलकर भस्म हो जाता है।
हिना का यह अवतार देखकर
युसूफ अली हैरान भी होता है और डर भी जाता है।

हिना युसूफ अली के करीब आती है
उसके हाथों को पकड़कर आंखें बंद करने के लिए कहती है।
युसूफ अली अपनी आंखें बंद करता है।
जब हुआ क्यों खुलता है
वह खुद को हिना के गुफा में पाता है।
युसूफ अली पूरी तरह डर जाता है।
उसे कुछ समझ नहीं आता आखिर यह क्या और कैसे हो रहा है।

क्रमशः