किस्मत वर्सेस मेहनत Mohit Rajak द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

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किस्मत वर्सेस मेहनत

मित्रों हम हमेशा से सुनते आए हैं कि किस्मत में जो लिखा होता है वही होता है किस्मत में जो लिखा होता है हम वही बनते हैं हमें वही प्राप्त होता है तो क्या मित्रों केवल किस्मत सही है मैं सब कुछ मिलता है किस्मत से हमें सफलता मिलती है मेहनत करने से नहीं ?
दोस्तों इन सभी सवालों के जवाब आपको मिल जाएंगे और आप खुद ही फैसला कर लेना कि मेहनत और किस्मत में से कौन बेस्ट है मित्रों आपको एक कहानी सुनाता हूं जिससे आप यह जान पाएंगे कि किस्मत और मेहनत क्या होती है

दो लड़के थे यह दोनों एक साथ क्रिकेट खेलते थे एक लड़का गरीब परिवार से था परंतु वह बहुत अच्छा क्रिकेट खेलता था और वह रोज नेट पर बहुत ही प्रैक्टिस करता था उसके पिता रिक्शा चलाते थे वहीं दूसरी ओर उसका दोस्त अमीर परिवार से था और उसके पिता बहुत बड़े क्रिकेटर थे
जब उन लड़कों को टीम के लिए चुना जाना था तो उनका ट्रायल किया गया जिसमें उस गरीब परिवार के लड़के ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे लड़के का प्रदर्शन भी अच्छा था अब टीम को चुनने की बारी आई तो चयनकर्ताओं ने उस दूसरे लड़के को टीम में जगह दी जिसके पिता क्रिकेटर थे और वह लड़का जो गरीब परिवार से था जिसके पिता रिक्शा चलाते थे उसको टीम में जगह नहीं मिली वह निराश हो गया और अपने आप को दोष देने लगा कि मैंने इतनी मेहनत कि मुझे टीम में जगह नहीं मिली और मुझसे कम मेहनत करने वाले लड़के को टीम में जगह मिल गई ऐसा मेरे साथ क्यों हुआ अब आप भी मित्रों यही सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों हुआ उस लड़के को टीम में जगह क्यों नहीं मिली वह लड़का खेलने में तो बहुत अच्छा था फिर भी उसे टीम में जगह नहीं मिली तो मित्रों अब आगे की कहानी सुनिए और ध्यान दीजिए
वह दूसरा लड़का जिस को टीम में जगह मिली है वह मैच खेलने मैदान में उतरा पहले ही मैच में वह जीरो पर आउट हो गया और उसने फील्डिंग के दौरान बहुत सारे कैच भी छोड़े और इसी प्रकार पाए हर मैच में बहुत ही कम रन पर आउट हो जाता जिसकी वजह से टीम हार गई और चयनकर्ताओं ने उसे टीम से बाहर कर दिया।
मित्रों दूसरी लड़की को टीम में जगह अपनी किस्मत की वजह से मिली थी क्योंकि उसके पिता क्रिकेटर थे और उनकी बहुत पहचान थी इसलिए चयनकर्ताओं ने उस दूसरे लड़के को टीम में ले लिया था परंतु वह उस मौके का उपयोग ना कर सका क्योंकि उस लड़की ने मैच की प्रैक्टिस नहीं की थी इसलिए वह लड़का टीम में जगह मिलने पर भी उस टीम का हिस्सा नहीं बना रहा और चयनकर्ताओं ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया
वही पहले लड़के को जैसे कि मैं जगह नहीं मिली थी वह लड़का निराशा के बाद भी उसने उम्मीद नहीं छोड़ी और लगातार अपने खेल को बेहतर करता गया फिर उस लड़के को चयनकर्ताओं ने 1 दिन एक मौका दिया फिर उस लड़के ने उस मौके का फायदा उठाया और मैच में बहुत अच्छे बल्लेबाजी फील्डिंग करके चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया और अपनी जगह टीम में बना ली और वह लड़का टीम का हिस्सा बनकर उसने बहुत सारे मैच खेले और अपनी टीम को बहुत सी सीरीज जीता दी वह लड़का धीरे-धीरे टीम का कप्तान बन गया और उस लड़के का नाम क्रिकेट की दुनिया में छा गया और उसका चयन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए भी हो गया।
तो दोस्तों आप क्या सोचते हैं कि कौन बेस्ट है दूसरे लड़के को अपनी किस्मत के कारण टीम में जगह मिली लेकिन भाई इसका फायदा ना ले सका वही पहले लड़के ने अपनी मेहनत के दम पर टीम में जगह बना ली और उसने क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम अपनी मेहनत के दम पर बुलंद किया।
इसलिए कहते हैं की किस्मत आपको केवल मौका देती है लेकिन मेहनत आपको हमेशा के लिए चमका देती है।

मित्रों इस कहानी सब को क्या शिक्षा मिली की की किस्मत से आपको मौका मिल सकता है लेकिन मेहनत से आप मात्र एक मौके में ही अपने दम पर नाम बना सकते हैं और दुनिया को दिखा सकते हैं कि मेहनत में कितनी शक्ति होती है

किस्मत से आप अर्जुन तेंदुलकर बन सकते हैं लेकिन सचिन तेंदुलकर बनने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी

किस्मत से आप अभिषेक बच्चन बन सकते हैं लेकिन अमिताभ बच्चन बनने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी

किस्मत से आप अंबानी के घर पैदा हो सकते हैं लेकिन धीरूभाई अंबानी पढ़ने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी

किस्मत आपका साथ सिर्फ एक बार देगी लेकिन मेहनत आपका साथ बार-बार देगी इसलिए किस्मत के भरोसे मत बैठो मेहनत करो आगे बढ़ो

💪नेवर गिव अप 💪


🇮🇳जय हिंद🇮🇳