खामोश प्यार - भाग 7 prashant sharma ashk द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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खामोश प्यार - भाग 7

स्नेहा और श्लोक की बातों ने मानव और कायरा के दिल में हलचल मचा दी थी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं यह बात दोनों ही जानते थे, परंतु पहल करने से डरते थे। स्नेहा और श्लोक ने एक बार फिर यही बात मानव और कायरा से कही थी, इस बार भी दोनों ने पहले की तरह ही जवाब दिए थे। ऐसे में स्नेहा और श्लोक को पूरी तरह से समझ आ गया था कि वे दोनों एक-दूसरे को पसंद तो करते हैं परंतु एक-दूसरे से बोल नहीं पा रहे हैं। एक बार क्लास के बाद उसी कैटिंन में स्नेहा और कायरा बैठकर बातें कर रहे थे। वहीं दूसरी टेबल पर मानव और श्लोक की बैठे थे। कायरा और मानव की नजर बार-बार एक-दूसरे से मिल रही थी और दोनों ही हर बार नजरें चुराने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। यह बात अब श्लोक और स्नेहा ने पकड़ ली थी। तभी स्नेहा ने कायरा से कहा-

अगर पसंद करती है तो बोल क्यों नहीं देती।

कायरा ने कुछ चौंकते हुए कहा- क्या, क्या कह रही है ?

स्नेहा ने फिर कहा- अरे तू मानव को पसंद करती है तो उसे बोल क्यों नहीं देती है ?

इस बार कायरा ने अपनी नजर झुका ली। फिर उसने कहा- तुझे किसने कहा कि मैं उसे पसंद करती हूं।

स्नेहा ने कायरा की बात जवाब देते हुए कहा- वो तेरे सामने बैठा है और तेरी नजरें इस बात की गवाही दे रही है कि उसके लिए तेरे दिल में क्या चल रहा है।

कायरा ने कहा- नहीं ऐसा कुछ नहीं है।

फिर स्नेहा ने कहा- देख कायरा मैं तेरी बेस्ट फ्रेंड हूं। लगभग डेढ साल से तेरे साथ हूं। तेरी नजरों को, तेरे दिल की बातों को समझ सकती हूं। अगर तुझे कहने में डर लग रहा है तो बोल मैं जाकर उससे बात कर लेती हूं।

कायरा ने इस बार थोड़ा सा डर दिखाते हुए कहा- नहीं, नहीं तू बात मत कर।

स्नेहा ने कहा- मतलब तेरे दिल में उसके लिए कुछ तो हैं। तभी तू मुझे उससे बात करने से मना कर रही है।

स्नेहा की बात को सुनकर इस बार कायरा ने हथियार डाल दिए और उसके चेहरे पर बस एक मुस्कान तैर गई थी। कायरा की इस मुस्कान ने स्नेहा को यह जता दिया था कि कायरा मानव को पसंद करती है।

दूसरी ओर श्लोक ने भी मानव ने बात की।

श्लोक ने कहा- यूं दूर बैठकर नजरें मिलाने से कुछ नहीं होने वाला। आगे बढ़ और उससे अपने दिल की बात कह दे।

मानव ने श्लोक की बात पर अंजान बनने की नाकाम कोशिश करते हुए कहा- दिल की बात ? किससे कह दूं दिल की बात? मेरे दिल में तो कुछ भी नहीं चल रहा है।

श्लोक ने मानव से कहा- भाई ये प्यार तेरे लिए नया हो सकता है मैं इस मैदान का पुराना खिलाड़ी हूं। उड़ते परिंदों में पर गिन लेता हूं। तेरा चेहरा और तेरी आंखे बता रही है कि तू कायरा को कितना पसंद करता है। इसलिए कह रहा हूं जा और कह दे उसे।

मानव ने एक बार फिर श्लोक को टालने की कोशिश की और कहा- नहीं यार मेरे दिल में ऐसा कुछ नहीं है।

श्लोक ने कहा- पक्का नहीं है तो फिर मैं जाता हूं और अपने दिल की बात कहकर आता हूं। अगर उसने हां कह दिय तो आज मेरी तरफ से तुझे पार्टी।

श्लोक बस खड़ा ही हुआ था कि मानव ने उसका हाथ पकड़ लिया। श्लोक ने उसे सवालिया नजरों से देखा। मानव ने उसे इशारों में कायरा के पास जाने से मना किया।

फिर श्लोक ने कहा- देख मानव अगर प्यार है तो तुरंत कह दे, वरना देर हो सकती है। फिर तेरे पास पछताने के सिवाय कुछ नहीं होगा। अभी वक्त है और जाकर अपने दिल की बात कह दें।

मानव ने भी लगभग हथियार डाल दिए और श्लोक से कहा- अगर उसने मना कर दिया या उसे बुरा लगा तो ?

श्लोक ने कहा- और अगर हां कह दिया तो ? हो सकता है वो भी तेरे बारे में सोचती हो और वो यह भी सोचती हो कि तू पहल करें तो ?

मानव ने कहा- पर मुझे तो नहीं पता है कि वो मुझे पसंद करती है या नहीं। अगर नहीं करती होगी और मैंने उसे कुछ कहा तो पता नहीं वो मेरे बारे में क्या सोचेगी।

श्लोक ने कहा- कुछ नहीं सोचेगी, तू एक बार बोल तो सहीं।

मानव ने कहा- नहीं मैं ऐसे नहीं बोल पाउंगा।

श्लोक ने कहा- ठीक है सामने मत बोल पर मोबाइल पर मैसेज तो कर सकता है ना। उसके बाद उसका जवाब भी आ जाएगा। अगर ना कहे तो अगले दिन उससे माफी मांग लेना और अगर हां कहें तो फिर तू मुझे पार्टी दे देना।

मानव ने सिर्फ हां में सिर हिला दिया। इसके बाद श्लोक और मानव वहां से उठकर चले गए।

दूसरी और स्नेहा ने कायरा से कहा- देख तू उसे बता दे नहीं तो मैं उसे बता दूंगी कि तू उसे पसंद करती है।

कायरा ने कहा- नहीं तू रहने दे।

स्नेहा ने फिर कहा- सामने नहीं बोल सकती तो मोबाइल पर मैसेज ही कर दे। तू एक काम कर आज रात को उसे मैसेज करना। ऐसे ही कुछ भी। फिर धीरे-धीरे बात को आगे बढ़ाना और फिर अपने दिल की बात मैसेज में ही बोल देना।

कायरा ने भी स्नेहा की बात पर स्वीकृति जता दी। फिर वे दोनों भी वहां से उठकर चली गई। कॉलेज से कायरा अपने घर आ गई थी। वहीं मानव भी अपने घर पहुंच गया था। शाम तक उनके दिमाग में स्नेहा और श्लोक की बातें चल रही थी। रात हुई और दोनों अपने कमरों में आ गए थे। दोनों ने अपने मोबाइल उठाए और मानव ने कायरा का और कायरा ने मानव का व्हॉट्सअप चैट ओपन कर लिया था।

घड़ी करीब साढे दस बजे का समय बता रही थी। दोनों ही ऑनलाइन नजर आ रहे थे। एप पर कायरा के नाम के नीचे ऑनलाइन शो हो रहा था, वहीं कायरा भी मानव के नाम के नीचे ऑनलाइन को देख रही थी। हालांकि दोनों ने अब तककुछ भी टाइप नहीं किया था, परंतु दोनों लगातार ऑनलाइन बने हुए थे। इधर कायरा इंतजार कर रही थी कि मानव कुछ मैसेज करेगा, दूसरी और मानव इंतजार कर रहा था कि कायरा कुछ मैसेज करेगी। दोनों ही एक-दूसरे के मैसेज के इंतजार में एक घंटे से अधिक समय बीता चुके थे। पर दोनों ने ही अब तक कोई मैसेज टाइप नहीं किया था। इस दौरान दोनों को नींद भी आने लगी थी। इसलिए दोनों ने अपना मोबाइल व्हॉट्सएप ओपन रखकर ही रख दिया था। करीब दो घंटे यानि कि लगभग एक बजे दोनों की नींद अचानक खुली। उन्होंने अपना मोबाइल उठाया। दोनों अब भी ऑनलाइन शो हो रहे थे। इस बार मानव ने मोबाइल पर कुछ टाइप करना शुरू किया।