The Author Anand Tripathi फॉलो Current Read किताबे By Anand Tripathi हिंदी प्रेरक कथा Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 1 ### एपिसोड 1: वेरियन ग्रह की छांव में—रॉक्स और शैडो पैंथर की... आर एस एस की विशिष्ट कार्यप्रणाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विशिष्ट कार्यप्रणाली-विवेक रंजन श... ख़ाकी बिंदिया - भाग 1 आज मृदुला कुछ अलग ही अंदाज़ में सजी हुई थी। गहरे हरे रंग की... चक्षुर्यज्ञेन कल्पताम् यजुर्वेद सू्क्ति(13) की व्याठ्या"चक्षुर्यज्ञेन कल्पताम्"यजुर... मौत बनके आया प्यार - 1 # एपिसोड 1: सादगी का सायाफाजिल्का के कॉलेज की वह सुबह कुछ अल... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे किताबे (4.4k) 2.9k 9k 1 किताब एक निगाह है। जो की तमाम चीजों को खुद में समेट लेती है। किताबे किसी भी तरह की समस्या को हल करने में सहायक होती है। किताब आपको एक नजर देती है। जिससे आप अपनी एक अलग दुनिया बना सकते हो। किताब अहसास होती है। जो प्रत्येक जख्म का मरहम होती है। बचपन से लेकर बड़े होने तक किताब हमसफर की तरह साथ निभाती है। किताब में लिखी बाते एक गुजरे कल की याद और आने वाले कल की नसीहतों को दिखाती है। जिनको पढ़कर हम सब कुछ न कुछ नया सोचते है। आज कल आधुनिक युग का दौर है। जिसमे बस मोबाइल ही जीवन और जीने की कला है। लेकिन यह सब केवल एक क्षण भर को लेकर ही है। फिर एक बार वो दिन याद आते है। जब किताब ही घर बाहर की शान होती थी। विद्वान ज्ञानी संत सब कोई किताब को ही समझता था। इसलिए उनकी ज्ञान कोशिका भी किताब होती थी। बचपन से बड़े होने तक किताब का एक अहम हिस्सा होता है। जिसका निर्माण हमारे भविष्य के निर्माण से होता है। इसलिए बचपन से ही इन चीजों की ओर प्रायः प्रेरित किया जाता है। जिसे पढ़कर बचपन को संवारने की कोशिश की जाती है। किताबो के पन्ने जितने पुराने हो जाते है उनकी कीमत उतनी ही प्रबल हो जाती है। रामायण महाभारत पुराण कुरान गुरु ग्रंथ साहिब बाइबल। आदि कई ऐसी नायाब तोहफे है। जो की जीवन की रेखा में परिवर्तन ला सकते हैं। किताब अहसास है। जिसे जीना किसी प्रेम पीड़ित व्यक्ति को जीना है। उसमे रस न होना यही उसकी विशेषता है। उस नीरस में रस ढूढना व्यक्ति की अपनी विशेषता है। जन्म से ही वर्णमाला से लेकर और जीवंत आपको उदाहरण देती और आपको प्रेरित करती ये किताबे ही है। इनका मूल स्वभाव ही व्यक्ति को निखारना है। किताब की खास बात यह है की उसका चरित्र व्यक्ति के मन से सदैव जुड़ जाता हैं। जैसा वो पढ़ना चाहते हैं। वैसा ही वो बन जाती है। परंतु सब कुछ अभ्यास रत हो। तब संभव है। अन्यथा नहीं। एक पन्ना ही बहुत व्यक्ति को निखारने के लिए बुद्ध और महावीर बनाने के लिए। व्यक्ति पन्ने के एक कोने पर हस्ताक्षर कर दे तो वह धनवान जमीन अधिग्रहण अधिपति हो जाता है। ऐसे ही किताब की भी कीमत होती है। भारतीय भाषा में अधिकतम किताबे है। जो की भारत की वक्तव्य पर आधारित है। और उनकी संस्कृत साहित्य और समीक्षा में भी है। मैं अपने जीवन काल में राम की रामायण और कृष्ण की महाभारत तक पढ़ा है। जो की दुनिया की प्राचीन और श्रेष्ठतम किताबो में से एक है। आज कल अंग्रेजी और अन्य भाषाई मध्यम में कई किताबे आ गई है। जो की काफी अच्छी बात है। परंतु हिंदी भाषा में जो रस है वह अन्यत्र कहीं और नहीं। निराला सरोजिनी अबुल कलाम आज़ाद भगत कुमार बटालवी जैसे अन्य तुलसी सूर श्याम बेनेगल और भी लेखक जो की हिंदी को जीवन देने में एक परम भूमिका निभा चुके है। इसलिए हिंदी केवल एक मनोरंजन नही बल्कि जीने की कला है। आइए उसे समझे और प्रयोग करे। Download Our App