The Author Datta Jaunjat फॉलो Current Read नागिन - का अंतिम इंतकाम By Datta Jaunjat हिंदी लघुकथा Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books Upcoming Movie :- Mana Shankara Vara Prasad Garu परिचय – Mana Shankara Vara Prasad Garu“Mana Shankara Vara Pr... समर्पण से आंगे - 9 भाग – 9स्टेशन पर उतरते ही सृष्टि ने गहरी साँस ली।वही... दो पतियों की लाडली पत्नी Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर।Kab... पीने के पानी मे अवशिष्ट क्लोरीन(Residual chlorine)का महत्व पीने के पानी मे अवशिष्ट क्लोरीन(Residual chlorine)का महत्व इ... दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 2 नफरत का सामना और पुरानी यादेंदरभंगा की सड़कों पर आज अजीब सा... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे नागिन - का अंतिम इंतकाम 1.6k 5.7k काहाणी शुरु करते हे . लेकिन पेहले नागिन कि अनोखी काहाणी पडलो तो ही समज आएगा . तो चलो काहाणी शुरु करते हे . बेला कि बेटी आरही हे काहाणी को पुरा करणे और वो रहस्य कोनसे हे देखेगे चलो तो काहाणी शुरु करते हे मंदिर मे बेला मरी थी तब वो उठती हे और बोलती हे मुझे किसणे मारा मुझे पता हे लेकिन मेरा इंतकाम मेरी बेटी लेगी एक मंदिर मे एक बच्चा रो रहा था तब एक औरत को वो बच्चा दिखा तब वो बोली ये बच्ची किसकी हे तब वो घर ले जाती हे तब आता हे एक बोहत बडा नाग और वो बोलता हे तोम इसे सभालो गी तब वो औरत बोलती हे हा तब वो नाग बोलता हे तुम्हारा नाम क्या है तब वो बोलती हे मेरा नाम शिवकन्या हे तब वो बोलता हे ये बच्ची एक नागिन हे तब वो बोलती हे मे संभालोगी दस साल बाद एक नागिन शिवमंदिर जाती हे और वो तांडव करती है और वो बोलती हे हे शिव मुझे बताइये मे कोण हो और मे किसकी बेटी हो तब एक नाग आता हे और बोलता हे तुम राधा की बेटी हो और तुम भी एक नागिन हो तो तुम्हे बेला कि बेटी के साथ अपना इंतकाम लेना हे तब वो नाग बोलता हे संजना तब आती है संजना तब वो बोलता हे ये हे विश ये तुम्हारे साथ इंतकाम लेगी तब दोनो चले जाते हे तब वो अपना असली रूप लेते हे तब आती है शिवकन्या और बोलती हे संजना इतनी देर और ये नागिन कोण हे तब संजना बोलती हे ये विश हे ये मेरी मदत करणे आइ हे तब एक लडका आता हे और बोलता हे आज तु मुझे मिलगइ तब संजना विश को गायब करदेती हे और वो लडका संजना कि सारी शक्ती या छिन लेता हे और वो चला जाता है तब शिवकन्या आती है और बोलती हे संजना उठो तब शिवकन्या संजना को शिवमंदिर ले जाती हे और बोलती हे ए नाग मेरी बेटी को बचाव तब एक नाग आता हे और बोलता हे इसे विश देना होगा वो सभी नागिनो का मिश्रण उस पापी का अंत बनेगा तब वो नाग बोलता हे आगे आओशुभांगी , शिवकन्या, चंद्रकला, गौरी, राणी, मानसी,बेला सब अपना विश देते है तब संजना बोलती हे उसे नही छुडोगी दो महिने बाद संजना कि शादी देव के साथ हो जाती है तब वो आदमी बोलता हे तुमणे मेरे भाइ के साथ शादी करलिइ तब संजना शिवमंदिर जाती हे और वो बोलती हे ये आवाज कैसी तब वो देखती हे तो क्या सब नागिन और उनके बिच शिव बेठे थे तब पंडित आते है और बोलते है संजना ये तुम्हारा पेहला रहस्य हे सुनो तुमे वो अमृत चाहिए तो उन नागिनो के साथ तुम्हे मनसे तांडव करना होगा तब संजना तांडव करती है और बोलती हे शिवजी वो रावण वापस आगया हे उसे मारणे हेतु मुझे वो अमृत दिजिए तब शिव बोलते है वो नरेंद्र आगया हे लेकिन उसे मारणा इतना आसान नहीं है लेकीन मे तुम्हे वो अमृत देता हो तब संजना चली जाती हे तब पंडित बोलते है इस अमृत को जहरीला बनाने केलिए तुमे उस गंगा नदी मे जाना है वाहा बोहत शिवलिंग हे और एक शिवलिंग कि पुजा करके वो अमृत वाहा रख दो तब संजना जाती हे और वो अमृत उसे मिल जाता है तब शिव मंदिर मे नरेंद्र आता हे और बोलता हे ये अमृत से मुझे मारोगी तब नरेंद्र वो अमृत पि जाता है तब उसे कोछ होता नही तब संजना उसे ढसती हे और विश भी उसे ढसती हे और वो मर जाता है तब विश बोलती हे मेरा इंतकाम खतम हो वा मे चलती हो तब संजना अपने मा के पास जाती हे तब सब मरगए थे तब संजना जाती है और देव के सभी भाइ यो को मार देती है तब देव बोलता हे मेने मारा था तेरी मा को तेरी मा मतलब बेला को मे कोण हो तुम्हे देखना है मे हु विक्रम तब वो संजना को शिवमंदिर ले जाता है और वो उसे मारे तब संजना त्रिशुल लेके उसे मार देती है तब बोहत बारीश होती हे तब संजना को कोई तो मार देता है तब काहाणी खतम हुइ . The End 🐍 Download Our App