हिंदी लघुकथा कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

बाल हठ
द्वारा Deepak sharma

उन दिनों मेरे पिता एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर थे और उस दिन मालिक का सोफा-सेट उसके मकान में पहुँचाने के लिए उनके ट्रक पर लादा गया था ...

अभी भी इंतज़ार हैं उन पारियों का
द्वारा Piyush Goel

अभी भी इंतज़ार हैं उन पारियों का … शाहगढ के तेजस्वी युवा ज्ञानी राजा घने जंगलों में घूमने के लिए निकल पड़े थकान बहुत हो गई थी अचानक उनकी ...

पैदल सेना
द्वारा Deepak sharma

सितम्बर का दूसरा शनिवार है। माँ और बाबूजी के कमरे में बिस्तर के बगल में बैठी बहन माँ से कह रही है, ’’इस मालिश और व्यायाम से आप बहुत ...

पंख फैलाये उकाब
द्वारा Deepak sharma

’’मदर सुपीरियर ने जीवणी हरेन्द्रनाथ को बुलाया है।’’ पाँचवी जमात को को हिन्दी पढ़ा रही सिस्टर सीमोर से मैंने कहा। हमारे कान्वेन्ट में लड़कियों के नाम उनके पिता के ...

नून-तेल
द्वारा Deepak sharma

हमारे मुहल्ले वाले दूसरे जन कुन्ती का उसके इसी नाम से जानते हैं मगर वहाँ रहने वाली हम लड़कियाँ उसे एक-एक करके तीन नाम तो दिए ही दिए रहीं: ...

पत्थर के हो गये….
द्वारा Piyush Goel

दो दोस्त कुछ खोजते हुए जंगल में आगे बढ़ते जा रहे थे. अचानक जंगल में चार चोरों ने उन दोनो दोस्तों को घेर लिया , सब कुछ देने के ...

दो अज़नबी
द्वारा Surbhi Goli

"दो अजनबी!" आज बारिश इतनी तेज थी कि रास्ते भी नजर नहीं आ रहे थे, मगर एक परेशान सा पच्चीस- छब्बीस साल का लड़का जो एक पुराना सा स्कूटर ...

अनसुलझा प्रश्न (भाग 15)
द्वारा किशनलाल शर्मा

47--पागल"हमे पापा की सम्पत्ति में से कुछ नही मिलेगा",प्रवीणा बोली,"बाप के मरने के बाद सब कुछ उस पागल का हो जाएगा।"हरबंस के दो बेटियां प्रवीणा और रंजीता और एक ...

बंद घोड़ागाड़ी
द्वारा Deepak sharma

अपनी दसवीं जमात के बोर्ड का सोशल स्टडीज का पर्चा खत्म करते ही मैं अपने कदम परीक्षा केंद्र के साइकिल स्टैंड की ओर बढ़ाती हूँ । तभी देखती हूँ ...

तल-घर
द्वारा Deepak sharma

’’पुत्तू को लौटाना पड़ेगा,’’ उस दोपहर डॉ. बृजलाल बिस्तर पर ऊँघने जा रहे थे जब उनकी पत्नी, कमला, न आन घोषणा की, ’’उसके हाथ में आज सुबह मैंने अपनी ...

तलाकशुदा बहू
द्वारा पूर्णिमा राज

" अरे भइया सोहन , इहाँ गाँव मे सब कहाँ है कौउनो नजर नहीं आय रहा है। "" उ का बतई भई गाँव मा पंचायत लगी है। अपने बड़के ...

मरा मरा …. से राम राम ….. मोह मोह से ….ॐ ॐ….
द्वारा Piyush Goel

एक सेठ जी बड़े ही दयालु पूजा पाठ वाले इंसान थे. दूसरों की सेवा करना उनका जैसे अपना काम था सेठ जी का व्यापार भी बहुत बढ़िया था एक ...

दो मुँह हँसी
द्वारा Deepak sharma

दो मुँह हँसी ’’ऊँ ऊँ,’’ सुनयन जगा है ।  बिजली की फुर्ती से मैं उसके पास जा पहुँचता हूँ । रात में उसे कई बार सू-सू करने की जरूरत ...

अनसुलझा प्रश्न (भाग 14)
द्वारा किशनलाल शर्मा

43--मां का दर्द"अम्मा गांव में अकेली क्यो रहती है?बेटे के पास क्यो नही चली जाती?'विधवा होने के बाद रमिया को अपना और बेटे का पेट भरने के लिए मजदूरी ...

भाभी जी घर पर हैं
द्वारा S Sinha

कहानी - भाभी जी घर पर हैं “ अरे यार , इस खूसट मकान मालिक को डिपाजिट की रकम तीन दिन के अंदर न मिली तो हमलोगों को यह ...

पाँच रुपये ने ज़िंदगी बदल दी…….
द्वारा Piyush Goel

दोस्त,ज़िंदगी में जब भी सुनहरा मौक़ा मिले उस अवसर को हाथ से जाने ना दो , इस कहानी के माध्यम से ये ही बताना की कोशिश की गई . ...

दुख में ही भगवान को………
द्वारा Piyush Goel

दुख में ही भगवान को………बहुत पुरानी बात हैं,किशनगढ़ के राजा ने अपनी प्रजा की नियत के बारे में पता लगाने के लिए सेनापति को बुलाया और एक आदेश पारित ...

ईमानदारी का ईनाम…..
द्वारा Piyush Goel

एक राहजन रहजनी करने के लिए दूर जंगल में रास्ता भटक गया. रास्ते में उस दूर एक व्यक्ति दिखाई दिया राहजन मन ही मन सोचने लगा चलो इस को ...

नवसृजन
द्वारा praveen bhargava

"पूर्वी मुझे उम्मीद नहीं है कि, स्थिति जल्दी ठीक होने वाली है। क्यों न तुम कुछ दिन के लिए अपने घर चली जाओ? मैं भी गाँव चला जाता हूं, ...

दोस्त,जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना…
द्वारा Piyush Goel

दोस्त जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना….सच्चा दोस्त- दोस्त ही होता हैं.दो दोस्त रोहित और दिव्य आपस में १०वी कक्षा तक कब पहुँच गए पता ही नहीं चला, ...

अनसुलझा प्रश्न (भाग 13)
द्वारा किशनलाल शर्मा

39--व्यापरवह एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर था।नियम के अनुसार वह प्राइवेट प्रेक्टिस नही कर सकता था।लेकिन उसने अपना निजी क्लिनिक खोल रखा था।वह रोज अस्पताल एक दो घण्टे लेट ...

आदत
द्वारा R.KapOOr

सूचना : ये कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है व इसका जीवित यां मृत किसी भी व्यक्ति से कोई सम्बंध नहीं है, अगर ऐसा हुआ है तो ये महज़ ...

सोने की दस अँगूठियाँ ….
द्वारा Piyush Goel

कुशागढ़ के राजा तेजस्वी अपनी प्रजा का बड़ा ही ख़याल रखते थे. समय समय पर अपनी प्रजा से मिलना और महीने में एक बार अपने दरबार में विशिष्ट नागरिकों ...

अस्तित्व
द्वारा Piya

रात के 3 बजे थे फिर भी मुझे नींद नहीं आ रही थी बस यही बत मुझे खाये जा रही थी की कल क्या होगा? ऐसे अनगिनत सवाल मेरे ...

जेन ऑस्टिन - अंतिम भाग
द्वारा Jitin Tyagi

घर में हुए इस कारनामे को एक महीना गुज़र चुका था। लेकिन बिगड़ी हुई व्यवस्था अभी तक ठीक नहीं हुईं थी। और इस बिगड़ी हुई व्यवस्था की उथल-पुथल में ...

रोटी
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रोटी से रोटी तक जिन्दगी की दौड़ डॉ. लता अग्रवाल लघुकथा आज की समृध्द होती विधा है, जिसने अधिकांश लेखकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है | अपनी ...

साधक की साधना
द्वारा Rajesh Maheshwari

साधक की साधना जबलपुर शहर में नर्मदा नदी के किनारे कुंडलपुर नामक कस्बे में एक प्रसिद्ध महात्मा जी अपने आश्रम में निवास करते थे। वे स्वभाव से बहुत मृदु, ...

स्वप्नशास्त्र - अंगूठी की चमक
द्वारा गायत्री शर्मा गुँजन

गर्मियों का मौसम है और धरती अंगारों की तरह तप रही है , पवन की गति भी आड़ी तिरछी यानी एक तरफ ना बहकर हवाएँ भी रुख बदल रही ...

हजबां
द्वारा Prabodh Kumar Govil

"हजबां" - प्रबोध कुमार गोविल तेज़ धूप थी। हेलमेट सुहा रहा था। क्या करें, कोई सरकारी नौकरी होती तो अभी आराम से सरकारी बिल पर चलते एसी में उनींदे ...

प्रकृति से सीखे सेहत का राज
द्वारा Jatin Tyagi

अच्छे स्वास्थ्य की कामना सभी को होती है। हम सभी चाहते हैं कि स्वस्थ जीवन जिएं, कोई बिमारी न हो, किसी प्रकार के दवा खाने की जरुरत न पड़े। ...

आंसू सूख गए - 2
द्वारा LM Sharma

जीवन का अंत सुखद होना चाहिए, यदि जीवन का अंत सुखद नहीं है तो वह अन्त नहीं है । । जीवन में बहुत सारी त्रासदी होती हैं परंतु दूसरी ...

अनसुलझा प्रश्न (भाग 12)
द्वारा किशनलाल शर्मा

36--ममतारंजना की शादी नरेन से हुई थी।नरेन सरकारी विभाग में अफसर था।वह अपने माता पिता से बहुत प्यार करता था और वे उसके साथ ही रहते थे।कान्वेंट में पढ़ी ...