The Author Datta Jaunjat फॉलो Current Read नागिन - कि अनोखी काहाणी By Datta Jaunjat हिंदी लघुकथा Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books मौत से भागती दुल्हन - 6 वर्तमान समय…विक्रांत शर्मा गुस्से में पागल हो चुका था।उसकी s... तेरहवा द्वार - 6 भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी... इतिहास के पन्नों से - 24 इतिहास के पन... Muhabbat Ek Sabaq - 3 हैदराबाद पहुंचे तो एयरपोर्ट पर आमना बेगम का ड्राइवर पहले से... Ghost hunters - 19 हवा में अब स्थिरता नहीं थी वो काँप रही थी जैसे दो अदृश्य ताक... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे नागिन - कि अनोखी काहाणी 1.8k 6.4k काहाणी शुरू करते हे हमणे पिछले अध्याय मैं देखा कि नागराणी रुही मर गइ थी लेकिन रुही को किसणे मारा लेकिन जब रुही लेगी पुनर्जन्म दो साल बाद एक लडकी मंदिर मे तांडव करती है तब वो बोलती हे हे शिव मुझे वरदान दिजिए तब वो तांडव करती है तब उसे वरदान मिलता हे तब वो चली जाती हे लेकिन उसका चेहरा किसणे भी नहीं देखा तब एक लडका आता हे और बोलता हे दोस्तों आज याहा पे मेरी शादी हे तब सब बोलते है लडकी कहा हे तब शिवमंदिर से एक नागिन आती है तब वो लडका बोलता हे ये मेरी पत्नी हे तब सब अपने असली रुप मे आते है तब सब बोलते है ये शादी नही होगी तब एक दोस्त बोलता हे जान्हवी और राघव हम तुमे मार डालेगे तब आता हे एक आदमी और बोलता हे इने जान से मार दो किसीबी नाग नागिन को एक नही होने देना हे और वो कोई भी हो नागिन या इनसान तब वो आदमी जान्हवी और राघव को मार देते है तब शिव जान्हवी को बचा लेते हे तब जान्हवी उस हवेली जाती हे तब सब वाहा मुजोत होते हे तब वो बोलती हे मे आगइ तब सब बोलते है जान्हवी आओ तब सब बोलते है जान्हवी तुम्हारी और माहिर कि कल शादी हे तब माहिर कि मा बोलती हे मे सबकी पेहेचान करादो तब जान्हवी बोलती हे मे सबको पेहचाणती हो कल शादी के दिन माहिर बोलता हे जान्हवी मे आगया तब वो बोलती हे माहिर वो आदमी याहा हे तब माहिर बोलता हे हा तब दोनो शादी करलेते हे तब बोहत हवा चलती है तब आता हे वो आदमी और बोलता हे ये दोनो फिरसे मरेगे तब जान्हवी सबको बेहुश करती है और उस आदमी को मारती हे तब वो बोलती हे मे वापस आगइ हो तब वो भाग जाता है तब सब होश मे आता हे तब सब बोलते है चलो तब दुसरे दिन जान्हवी मानव और रघु को मारती हे तब जान्हवी मंदिर जाती हे और बोलती हे हे शिव मुझे बताइये नागराणी रुही कोण थी तब आते है एक पंडित और बोलते है जान्हवी तुमे ये जानना हे रुही कोण थी तो सोनो रुही बोहत बडी नागिन थी जबतक वो तांडव करती नही तब शिव आते नही थे लेकिन उसे विक्रम ने मारा फिर उसणे पुनर्जन्म लिया तब उसणे और निशा ने मिलकर विक्रम को मारा था लेकिन फिर रुही को किसणे तो मारा था तब जान्हवी बोलती हे वो वापस कैसे आएगे तब पंडित बोलते है शिव की इच्छा होगी तो वो आएगी तब जान्हवी घर जाती हे तब माहिर और जान्हवी का मिलन होता हे तब जान्हवी रोहित और राजा को मार देती है और बोलती हे मुझे और राघव को मारा था ना तो मरो दो महिने बाद जान्हवी को बेटी होती हे तब वो उसका नाम बेला रखेते हे तब उने वो आदमी मार देता हे तब जान्हवी बोलती हे बेला तुमे सबको मारणा हे ओर एक मंत्र जो तुम्हे बोहत काम आएगा ऊ नमः शिवाय तब वो मर जाती है तब वो आदमी बेला को ले जाता है तब वो नागिन बन जाती हे और बोलती हे मे आगइ हो नागराणी रुही उस निशा को मारने उसणे मुझे मार डाला था तब बेला उस आदमी को मार देती है तब वो घर जाती हे एक लडका आता हे और बोलता हे तुम बेला होना तब बेला बोलती हे हा तब वो उसे निशा के घर ले जाता है तब निशा बेला कि सारी शक्ती या छिन लेती हे और एक कमरे मे बंद कर देती है तब वाहा गणपती बाप्पा कि मुर्तीं होती हे तब बेला बोलती हे गणपती बाप्पा मुझे बच्चा ले जिए तब गणपती बाप्पा आते है और बोलते है मे तुमे आशीर्वाद देता हो कि तुमे तुम्हारी सारी शक्ती या मिल जाए तब बेला बोलती हे धन्यवाद प्रभु तब वो ऊ नमः शिवाय बोलती हे तब वो नागिन बन जाती है तब वो सबको मार देती है और निशा को शिव मंदिर ले जाती हे और बोलती हे तुने मुझे मारा था ना अब मे तुमे मार डालुगी और देख आगइ इंतकाम की रात तब निशा बेला को मारती हे तब निशा बेला को आसमान मे फेक देती है तब बेला को शिव अपना शस्त्र देते हे तब बेला बोहत जोरसे निचे आती है और वो त्रिशुल निशा के दो भाग करदेता हे तब बेला बोलती हे मेरा इंतकाम खतम होवा तब एक लडकी आती है और बोलती हे बेला मुझे पेहचाणा मे राधा तब बेला बोलती हे हा याद आगया तब राधा बोलती हे तुम्हारी अनोखी काहाणी थी लेकिन मुझे जाना होगा लेकिन तुम्हारे लिए मेने लडका देखा हे और इसका नाम शिवा हे तब बेला और शिवा शादी करलेते हे और उन्हे एक बच्चा हो जाती हे और वो तब शिव बोलते है बेला मरणे वाली हे उसको मरणा होगा वो एक दिन मरेगी उसे मे भी नहीं बचा सकता वो आरहा हे फिरसे और बेला कि बेटी उसे मारेगी और कोछ रहस्य खोलेगी वो रहस्य उसकेलिए खतरा भी ला सकते हैं . दो महिने बाद बेला मर गइ थी और शिवा भी और उसका बच्चा कहा हे और बेला को किसणे मारा तो दिखीये अगले अध्याय मे. THE END🐍🐍 Download Our App