कातिल - 6 Monty Khandelwal द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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कातिल - 6

भाग --6 ***** कातिल फिल्म स्टोरी

अभि तक तो उनके आदमीयो को किसने मारा था उसका भी पता नही लगा था की उसने सुना उसके बेटे को कीसी kidnap कर लिया है

अब तो वो पुरी तरह से बोखला गया कौन नामाकूल है जिसने मेरे बेटे को किडनैप किया है
अपने आदमियों को चिल्लाकर कहता है जाओ और जल्दी से पता करो कहां है मेरा बेटा और उस आदमी को भी पकड़ कर लाओ जिसने मेरे बेटे को किडनैप किया है उसको तो नहीं छोड़ूँगा ... मैं

ऐई कौन हैं तू और तुने मुझे kidnap क्यों किया तू जानता हैं मैं कौन हूँ

अर्जुन- गुस्से में चुप चुप चुप कर बे कुत्ते
तू जानता हैं मैं कौन हूँ

बता तूने मेरी गर्लफ्रेंड को क्यों मारा बता वरना यहीं सुला दूंगा

Sameer - कौन गर्लफ्रेंड किसकी गर्लफ्रेंड

अर्जुन अंधेरे घेरे से बाहर आते हुए जोर से बोलता है की मेरी गर्लफ्रेंड मेरी

sameer - अरे तु कुत्ते खोल मुझे तू..... मैं तुझे नहीं छोडूंगा

इसका मतलब है कि तूने ही मेरे बॉडीगार्ड्स को मारा था

तुने ही तो मेरी मोहब्बत को मारा है और अब तू मुझे भी मारने आया है मगर तेरा ये सपना कभी सच नहीं होगा कमिने तू बहार कैसे आए चलो ठीक हैं शायद तेरी मोत मेरे हाथो ही होनी लिखी हैं

अर्जुन - अगर तुझे मरना होता तो मैं उसी दिन तुझे मार देता
पर मुझे मेरी ऋतू केे कातिल को पकड़ना था बस इसीलिए तुझे उस दिन छोड़ दिया

sameer - तुने ही तो मेरी रितु को क्यों मारा है वो मेरी मोहब्बत थी
क्या कसूर था उसका जो तूने उसका बेशर्मी से रेप किया

क्या बोला क्या तेरी मोहब्बत

हाँ कमीने मेरी मेरी मोहोब्बत

वो कैसे....?
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(sameer - पहले तुम यह यह बात तुमको किसने बताई
की रितु को मैंने मारा है| )





जब मैने उसे कॉलेज में पहली बार देखा था तब से ही मुझे प्यार होगया था
मुझे ऐसा एहसास पहली बार हुआ था की कोई लड़की मुझे पसंद आयी हो

मौज करने केे लिए गाड़ी बंगला पैसे तो बहुत थे लेकिन कोई मेरी जिंदगी में लड़की कोई नही थी मेरे एक ही इशारे से डर कर लड़के भाग जाते थे इतना खोफ लेकिन मुझे डराने वाला कोई नहीं था

उस दिन जब में कॉलेज के एक लड़के को पिट रहा था तो उस दिन न जाने कहां से वो आयी और मुझे डांटने लगी उसके तेज धार वाली डाट मुझे प्यारी प्यारी लगने लगी और मुझे समझा ने लगी की ऐसा नहीं करते वैसा नहीं करते लड़के -लड़कियों की ऐसे रैगिंग करना बहुत गलत बात है मैं उसके सामने कुछ ना बोलते हुए उसकी बातें सुनता ही गया और आखिर में जब उसने मेरा हाथ पकड़ कर उस लड़के का हाथ छुड़ाया तो मानो मेरी दुनिया ही बदल गई थी और तब मैंने सिर्फ रितु कहने पर पहली बार उस लड़के को सॉरी बोला यह कहकर यह सब ना करने का वादा किया था उसी का फायदा उठाते हुए मैंने भी उसे दोस्ती का हाथ बढ़ाया और कहा कि आज के बाद मैं कभी ऐसी गलती नहीं करूंगा और धीरे-धीरे मैं सुधरने लगा
इसी तरह से मुझे उससे प्यार हो गया था इतना प्यार की 1 साल उसके लिए पास होने के बावजूद भी टीचर को बोलकर मैं फिर से उसी क्लास में बैठ गया ताकि मुझे उसके साथ बैठने का उसे बातें करने का टाइम मिल सके

और मुझे उससे बातें करनी होती तो मैं उसे पढ़ाई के बहाने उसके उसके साथ पैदल ही हर रोज घर चला जाता वह कई बार बोलती भी कि तुम्हारे पास तो गाड़ियां है तुम मेरे साथ पैदल ही क्यों आ रहे हो लेकिन मैं भी कुछ ना कुछ रोज बहाना करके उसके साथ चला जाता जैसे कि मुझे गाड़ियां पसंद नहीं है और चलना ज्यादा अच्छा लगता है और अगर तुम साथ हो तो चलने का और भी मजा आता है ऐसी कई बातें किया करता था उससे

लेकिन उसे मैंने अपने दिल की बात कभी बताई नहीं थी

यह कातिल कविता का भाग 6 है अगर आप लोगों को पसंद आए तो आप कमेंट करके जरूर बताइए या स्टार देकर भी बता सकते हैं आगे शेयर भी करें