कातिल - 8 Monty Khandelwal द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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कातिल - 8

यह कातिल मूवी का आठवां (8) भाग 👇🏼


हां ठीक है
मैं अपनी पूरी कोशिश करता हूं

madaan लेकिन यह कौन है

यही तो है जिसके ऊपर मुझे शक है Sameer ...

मदन - ओह कुछ बताया इसने

sameer - (बिच में बोलते हुये) अरे यार मैंने कुछ नहीं किया है मैं तो उससे प्यार करता था मैं उसको क्यों मारूंगा
अगर तुम को मुझ पर विश्वास नहीं है तो मार दो मुझे

और अगर मुझ पर थोड़ा सा भी विश्वास करते हो तो तुम एक बार सोनल को फिर से पूछो अगर थोड़ा सोनल पर दबाव डालोगे तो वह अपने आप सारा सच उगल देगी

मदन अर्जुन को एक तरफ लेकर जाता है और बोलता है कि ईसकी बात में दम तो है एक बार सोनल से भी हम पूछ कर देखते हैं क्या पता यह सच बोल रहा हो

मदन की गाड़ी लेकर दोनों रितु को पूछने के लिए उसके घर गए

लेकिन सोनल ने जब पुलिस की गाड़ी को आते हुए देखा तो शायद उसे शक हो गया और वह अपने घर के पीछे वाले रस्ते से स्कूटी लेकर भागने लगी

दो चार बार जब आवाज लगाई तो घर के अंदर कोई ना मिला तो वे दोनों अंदर गए और सोनल को ढूंढने लगे

ढूंढते हुए मदन के नजर खिड़की के बाहर पड़ी अर्जुन वो देखो सोनल भाग रही है
वे भी गाड़ी लेकर उसका पीछा करने लगे

कुछ किलोमीटर चलने के बाद में वह स्कूटी लेकर एक जंगल के रास्ते चली गई

मदर न देखते ही बोला यह तो वही जगह है जहां पर रितु की बोडी मिली थी अर्जुन इसका मतलब है कि वह मुजरिम भी यहीं पर है

अपनी गाड़ी को अंदर लेकर जाते हैं लेकिन आगे जाकर एक गड्ढे के अंदर गाड़ी फंस जाती है फिर वे उसका पीछा भागते हुए करते हैं

लेकिन अब सोनल कहीं नहीं दिखाई दे रही थी तो वे उसको अंदाजे पर ही ढूंढने लगे कुछ देर आगे चलने पर अर्जुन को उसकी स्कूटी दिखाई देती है जो एक कीचड़ के गड्ढे के अंदर पड़ी हुई थी

अर्जुन - इसका मतलब है की वोह यही कही हैं

वह भी उसी रास्ते से आगे जाते रहे और अचानक किसी के
जोर जोर से चिल्ला कर आवाज आने लगे दरवाजा खोलो दरवाजा खोलो कोई

तो वे उस आवाज का पीछा करने लगे
लेकिन वह आवाज भी आनी बंद हो गई

कुछ समय बाद में आखिर में उनको एक घर दिखी गया
वे वहा पर संभल ते हुए गये

अचानक से किसी केे चिल्लाने की आवाज सुनाई देती है
वे तुरंत अंदर गये तो सोनल घायल पढ़ी हुई थी

खिड़की की ओर इशारा किया तो madan उस और भागा

अर्जुन ने madan को आवाज़ लगाई जल्दी आओ...

उसे हॉस्पिटल ले गये ...

अर्जुन -सोनल सोनल हलके हाथ से थप्पड़ लगते हुए
किसने तुमको मारने की कोशिश की

रस्ते में सोनल वो सारी बात बता दी की मैंने और विक्रम ने मिल कर ही ये साजिश रची थी

कौन विक्रम
sameer की कंपनी में काम करता है मेरे उप्पर हमला भी उसी ने ही किया है

अर्जुन - पर क्यों

मैं sameer उसे बहुत प्यार करती थी और आज भी करती हूं लेकिन वह Ritu से प्यार करता था हम सब एक ही क्लास में पढ़ते थे और हमेशा साथ में ही रहा करते थे लेकिन sameer उसकी खूबसूरती के पीछे दीवाना था हम हर रोज कॉलेज साथ में आते जाते रहते थे

पता नहीं उसमें ऐसा क्या था जो मुझ में नहीं था sameer सदैव उसी की बातें किया करता था मैं उसकी इसी बातों पर खफा हुआ करती थी लेकिन उसने उसे कभी नहीं बताया कि वह उससे प्यार करता है इसी बात का मैंने फायदा उठाया करती और उसको दूर करने के लिए उसके बारे में गंदी गंदी बातें भी किया करती थी लेकिन फिर भी उसके पीछे पागल था मैं कुछ ना कुछ करके उसको उससे दूर करना चाहती थी लेकिन मैं यह कर नहीं पा रही थी

.......
एक दिन विक्रम मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया और उसने मुझे सारी बात बताई कि वह सोनल तुझे कितना इग्नोर करता है तू उससे प्यार करती है लेकिन वह तुझे हमेशा उस लड़की के आगे छोटा बता देता है और तेरी वैल्यू नहीं करता है

सोनल अचंभे में... लेकिन तुमको यह सब कैसे पता
मैं सब जानता हूं


आप सब लोगों को अगर मेरी यह कहानी अच्छी लगती है तो आप मुझे स्टार देकर जरूर बताएं और मेरे स्टोरी के सारे भाग जरूर पढ़ें या एक मूवी से रिलेटेड स्टोरी है तो कृपया आप इसे पूरा जरूर पढ़े और मैं इस स्टोरी को जितना लिख रहा हूं आपके सामने पेश करते जा रहा हूं आपका साथ मेरे साथ रहे ऐसी मैं कामना करता हूं आप मुझे स्टार्ट देकर कॉमेंट करके जरूर बताएं