The Author Er.Bhargav Joshi અડિયલ फॉलो Current Read बेनाम शायरी - 2 By Er.Bhargav Joshi અડિયલ हिंदी कविता Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books Possessed by her ( An untold story ) - 9 जैसे ही शैलजा कैलाश के सीने से चिपकी थी, अरविंद ने अचानक खड़... ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 6 Samajh gaya! Error isliye aa raha hai kyunki Matrubharti ko... प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 18 फोन कटने के बाद श्मशान घाट पर सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी क... रोशनी की दस्तक - 1 भाग 1: अनदेखा दीयारघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीव... पाताल की देवी और ऋषि पाताल की देवी और पतित ऋषि — रहस्य का लोकपाताल की देवी और पति... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी उपन्यास Er.Bhargav Joshi અડિયલ द्वारा हिंदी कविता कुल प्रकरण : 6 शेयर करे बेनाम शायरी - 2 (76.7k) 5.2k 16.6k 2 "बेनाम शायरी"💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐एक जमाना था कि लोग अपनों पे जान छिड़कते थे।एक ज़माना है कि लोग अपनो की जान छिड़कते है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐ये तेरे अल्फाजों की पेहलिया हमें समझ नहीं आती।ये दिल की सारी बाते है दिल में बस क्यों नहीं जाती।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐"बेनाम" नजरो से उतरना हमें मुनासिब नहीं है।हम दिलो में उतरने का हुनर लाजवाब रखते है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐खामोशियों में भी खुशियों के फसाने ढूँढ लेती है।बड़ी शातिर है दुनिया इश्क के बहाना ढ़ूँढ लेती है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐क्यों आज आसमान तुमे सुना सा लगता है??ये राह का हर कदम अब गुनाह सा लगता है।"बेनाम" अब इश्क में इतनी तल्खियां क्यों है?ये शख्स तुमने लाखो में से चुना सा लगता है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐अब भी क्यों तेरे इश्क में असर बाकी है !?अधूरा इश्क क्यों ? क्या कसर बाकी है!?💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐क्या बतलाए हम केसा हमसाज लगता है।ये दर्द गुमनाम आशिकी का ताज लगता है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐ये अलग बात है के तुजमे आज अलगाव है।बेनाम आज भी मेरे पास सहेजे हुए घाव है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐इतना भी ऐतराज़ न करो हमारी हाजरी से।जब हम न रहेंगे फिर हमारा इंतजार करोगे।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐तेरे ख्वाबों की जद में अब मेरा नाम नहीं।मै टूटा हुआ तारा हूं कोई आसमान नहीं।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐क्या दिखाएं हम तुमको ये आंखे नम बहुत है।खुश दिखती है जिंदगी पर इसमें गम बहुत है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐देखने वाले की नीयत पर नजरिया रेहता है।किसी को पत्थर तो किसी को खुदा दिखता है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐इश्क अगर इबादत है,फिर उनसे तिजारत क्यों??इश्क मर्जी रब की है,फिर इतनी जियारत क्यों!?💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐तोड़ गया है कोई या टूटने की कगार पर हो !?मिल गया किनारा या अभी मझधार में हो !?💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐है ज्वालामुखी जो खुद ही पानी में आग लगाते है।जो इश्क में द्वंद में खुद झोके वहीं पार लगाते है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐शायद वक्त तुमने गलत चुना लगता है, फिर शख्स तुमने गलत चुना लगता है।ज़ख्म गहरे तो इश्क हरदम देता ही है,जूठे इश्क का जाल उसने बुना लगता है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐ये नादानियां हमने तुमसे ही सीखी है।वर्ना इतना पागलपन हम में कब था।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐दर्द भी बसर जाता है कोईघाव में भी मुस्कुराता है कोई।इश्क तो वो सजा है जमाने की,खुशी से ही लूट जाता है कोई ।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐दिल टूटना ही तो दस्तूर है इश्क का।आंसू में ही बेनाम बजुद है इश्क का।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐खुद की हसी का जो राज जानते है।यकीन मानो वो सबको पहचानते है।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐इनायते कम न हुए तेरे इस परवाने पर।जान न गई और जख्म है दीवाने पर।।💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐 Thank you 😊 ✍️Er. Bhargav Joshi " benaam"💐💐💐 💐💐 💐💐💐 💐💐 💐💐💐 ‹ पिछला प्रकरणबेनाम शायरी - 1 › अगला प्रकरण बेनाम शायरी - 3 Download Our App