दस दरवाज़े - 7

दस दरवाज़े

बंद दरवाज़ों के पीछे की दस अंतरंग कथाएँ

(चैप्टर - सात)

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तीसरा दरवाज़ा (कड़ी -1)

ऐनिया : मैं तेरी साहिबा

हरजीत अटवाल

अनुवाद : सुभाष नीरव

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पैडिंग्टन के इलाके का ख़ास पब - ‘द ग्रे हाउंड’। मैं और ऐनिया एक तरफ बैठे पी रहे हैं। मेरे पास बियर है और ऐनिया के पास जूस ही है। मैं इस पब में पहले भी एक बार आ चुका हूँ, सैम के साथ। आज मैं सैम के साथ नहीं, सैम के लिए आया हूँ। सैम यहीं हर शाम बियर पीने आया करता है। ऐनिया की नीली आँखों पर नील पड़े हुए हैं और माथे पर भी चोटों के निशान हैं। जिस्म के अन्य हिस्सों पर भी। यह तीसरी बार है जब ऐनिया मुझे इस हालत में मिली है। ऐनिया सैम की हिंसा का लगातार शिकार हो रही है। उसने ऐनिया की खूबसूरती को मसलकर रख दिया है। इसबार तो उसको एम्बूलेंस बुलाकर अस्पताल जाना पड़ा है। मैं ऐनिया से कितनी बार कह चुका हूँ कि हिम्मत दिखाए, सैम को छोड़ दे या पुलिस से ही मदद ले, परंतु वह कुछ नहीं करती। उसके दब्बू स्वभाव का सैम पूरा लाभ उठा रहा है। मेरे से उसकी यह हालत देखी नहीं जाती। मैं सैम को उसकी बोली में समझाने के लिए मिलना चाहता हूँ। उसके घर में नहीं, कहीं बाहर। आम लोगों के सामने ताकि उसके हिमायतियों को भी कान हो सकें। मैं जानता हूँ कि ‘ग्रे हाउंड’ सैम का नित्य का पब है।

सामने दरवाजे़ में से सैम अन्दर आता है। पब के काउंटर की ओर बढ़ता है। गिलास भरवाकर इधर-उधर देखता है। हमें बैठा देखकर वह थोड़ा हैरान होता है और झिझकता है, पर हमारी ओर चल पड़ता है। करीब आकर पूछता है -

“हाउ यू डूइंग जॉय?“

“मैं तो ठीक हूँ सैम, पर ये ऐनिया को तुमने क्या किया है?“

“मैं थोड़ा नशे में था, पर तुझे इससे क्या? यह हमारा घर का मामला है।“

“तू जानता है कि मुझे इसके साथ बहुत कुछ है। जितना यह तेरे घर का मामला है, उतना मेरा भी है।“

मैं ज़रा सख़्त लहजे में कहता हूँ। इस बात की शायद सैम ने उम्मीद नहीं रखी होगी। वह गुस्से में भड़क उठता है -

“यू बास्टर्ड पाकि! तू कौन होता है मेरे घर में दखल देने वाला?“ गोरे लोग भारतीय लोगों को गुस्से में ‘पाकि’ कहकर बुलाते हैं। यह नस्लवादी गाली मुझसे सहन नहीं होती।

“यू कावर्ड बास्टर्ड! बताऊँ मैं कौन होता हूँ?“ कहते हुए मैं उठ खड़ा होता हूँ।

वह मुझे फिर गाली निकालता है। मैं एक ज़ोरदार घूंसा उसके मुँह पर जड़ देता हूँ। वह दूर जा गिरता है। लोग एकदम इकट्ठा हो जाते हैं। मैं गालियाँ बके जा रहा हूँ। सैम के मुँह से खून बह रहा है। एक अन्य गोरा उसको हल्लाशेरी देता हुआ कहता है -

“सैम, एक पाकि से डर रहा है! उठ, उठकर मुकाबला कर।“

मैं उस गोरे की ओर बढ़ते हुए कहता हूँ -

“आ, पहले तुझे देख लेता हूँ, सैम से बाद में निपटूँगा।“

“मेरी तेरी क्या लड़ाई है?... तू सैम से ही निबट।“ कहता हुआ वह चुप हो जाता है। तब तक पब का मैनेजर भी आ जाता है और मुझसे कहता है -

“मिस्टर, मेरे पब में से एकदम बाहर हो जा, नहीं तो मैं पुलिस बुला लूँगा।“

“बाहर तो मैं चला ही जाऊँगा, पर इस डरपोक सैम को साथ लेकर जाऊँगा। देख, इस कमज़ोर औरत की इसने क्या हालत बनाकर रख दी है और अब नीचे पड़े के ट्राउज़र में मूत निकल रहा है।“

मैं एकबार फिर सैम को चुनौती देता हूँ। ऐनिया उस पर थूकती हुई कहती है -

“बड़ा बहादुर बनता था! उठ अब, फर्श से क्यों चिपटा पड़ा है!“

फिर ऐनिया मेरी बांह खींचती हुई बाहर को चल पड़ती है। लोग बड़बड़ा रहे हैं। मैं पब से बाहर निकलते हुए सैम की ओर देखता हूँ। वह मेरी ओर देखकर सिर झुका लेता है।...

ऐनिया - समंदर सी आँखें, पतला शरीर और लम्बा कद, भूरे बाल कंधों पर कटे हुए। लगता ही नहीं कि एक बच्चे की माँ भी है। वह डेनियल की बहन है और डेनियल मेरा ख़ास दोस्त है। पिछले पाँच-छह वर्षों से हमारी गहरी दोस्ती चली आ रही है। हमारी दोस्ती ऐसी है कि हम एक-दूरे के परिवार के सदस्य बन चुके हैं। उसकी माँ, बहन और भाइयों को मैं अच्छी तरह जानता हूँ। मैं उसके साथ कई बार ऐनिया के घर भी गया हूँ। सैम को कई बार मिल चुका हूँ। उसके साथ पब में भी गया हूँ। डेनियल सैम को तो पहले दिन से ही पसंद नहीं करता, पर अब सैम द्वारा ऐनिया की मारपीट डेनियल से भी बर्दाश्त नहीं हो रही। मुझसे ऐनिया की यह हालत देखी नहीं जाती। डेनियल अक्सर कहने लगता है -

“इसका क्या करें यार?“

“करना क्या है, सबक सिखाते हैं।“

“दिल तो मेरा भी करता है कि इस बास्टर्ड को ऐसा सबक सिखाऊँ कि दुबारा किसी भी औरत पर हाथ न उठा सके, पर तुझे पता है कि दूसरी ओर भी मेरा केस चल रहा है और अगर मैंने इसको कुछ कहा तो इसका मेरे उस केस पर भी असर पड़ सकता है।“

“डेनियल, तू फिक्र न कर, मैं करता हूँ कुछ।“ मैं कहता हूँ। फिर मैं ऐनिया के साथ बात करता हूँ -

“तुझसे कब से कहता आ रहा हूँ कि इस पागल को छोड़कर एक तरफ हो जा।“

“मुझसे ऐसा नहीं होता। यह बहुत बदमाश आदमी है, किसी की नहीं मानता। मैंने पुलिस में भी एक बार रिपोर्ट की थी, इसने पुलिस को पता नहीं क्या कहा कि उन्होंने मेरी बात अच्छी तरह सुनी ही नहीं। फिर, मैंने पादरी फॉदर जॉन रुटलैंड के साथ बात की थी, उसने सैम को बहुत समझाया, पर यह समझने वाला आदमी नहीं।“

“तू चिन्ता न कर, मैं समझाता हूँ इसको। इसकी शक्ल न बिगाड़ दी तो कहना, दुबारा तेरी तरफ देख भी गया तो...।“

“नहीं जॉय, तू उसके साथ कोई झगड़ा नहीं करेगा।“

“इसका अर्थ यह कि तू उससे मार खाती रहेगी।... नहीं ऐनिया, यह नहीं होगा। मैं इस मसले का पक्का हल कर दूँगा।“

मेरी बातें सुनकर वह डरती भी है, पर उसको हौसला भी मिलता है। वह सैम के बारे में पता करती है कि वह हमें कहाँ मिल सकता है। मुझे यकीन है कि वह मेरे से जिस्मानी तौर पर तगड़ा नहीं होगा। सच तो यह है कि ऐनिया मुझे बहुत सुन्दर लगती है। जब भी उसको देखता हूँ तो सोचता हूँ कि काश! इस जैसी औरत मुझे मिल जाए। उसको लगी चोटें मेरे अन्दर खलबली पैदा करने लगती हैं।

‘द ग्रे हाउंड’ पब से मैं और ऐनिया निकलकर उसके फ्लैट में जाते हैं। पैडिंग्टन स्टेशन के साथ ही एक इमारत में है यह फ्लैट। ऐनिया आज की वारदात से बहुत खुश है और डरी हुई भी है। वह कहती है -

“जॉय, अब सैम ज्यादा गुस्से में लौटेगा और मुझे ज्यादा तंग कर सकता है।“

“उसकी ऐसी की तैसी! ऐनिया, तू किसी किस्म की फिक्र न कर। वैसे आज की रात तू मेरे साथ मेरे घर चल। कल मैं तेरे संग कोर्ट में चलूँगा और इसके खिलाफ़ कोर्ट आर्डर ले आऊँगा कि तेरे घर से सौ गज़ दूर रहे।“

“हाँ, इतना तो मुझे पता है कि वह बदमाश भी बनता है और डरपोक भी बहुत है। पहले एक बार मेरी सहेली के पति टॉमी ने भी उसको पीटा था, इसने चुपचाप उसके साथ सुलह कर ली थी।“ ऐनिया बताती है।

मैं ऐनिया और उसके पाँच वर्षीय पुत्र वेअन को अपने घर ले आता हूँ। वे रात में मेरे पास रहते हैं। अगली सुबह मैं ऐनिया के साथ कोर्ट में जाकर सैम के खिलाफ़ कोर्ट आर्डर ले लेता हूँ। स्थानीय लीगल ऐड वाले पहले ही ऐनिया के केस के बारे में जानते हैं। अस्पताल की रिपोर्ट भी मिल जाती है। जज सैम के साथ बहुत सख़्ती से पेश आता है। अब यदि वह ऐनिया तक किसी तरह से पहुँचने की कोशिश करेगा तो सीधा जेल में जाएगा। अगली रात मैं ऐनिया के फ्लैट में रह जाता हूँ। ऐनिया के घर से अगले दिन काम पर चला जाता हूँ। काम पर जाने से पहले वेअन को स्कूल छोड़कर आता हूँ। रास्ते में मुझे सैम मिलता है, पर मुझे देखकर वह दूसरी तरफ चल पड़ता है।

ऐनिया को मेरी सारी कहानी मालूम है। वह मेरी पहली पत्नी को मिल भी चुकी है। डेनियल के साथ वह हमारे पहले वाले घर में आ चुकी है। उस दिन काम पर से लौटकर मैं रात में ऐनिया के पास ही ठहर जाता हूँ। ऐनिया की चोटों के नील अब कुछ ठीक हो रहे हैं। वैसे भी वह अब चहक रही है। मुझसे पूछती है -

“वोदका घर में पड़ी है, अगर पीनी हो तो।“

“तू लेगी?“

“नहीं, मैं नहीं पीती, लेती भी हूँ तो बहुत कम।“

“मेरे साथ पी लेना।“ मैं कहता हूँ।

वह कुछ नहीं बोलती और उठकर वोदका की बोतल और ओरेंज जूस ले आती है। मैं दो पैग बनाता हूँ। ज़िन्दगी में पहली बार किसी औरत के लिए पैग बना रहा हूँ। वह पूछती है -

“पत्नी की याद आती है कभी?“

“कभी कभी, जब रात में अकेला होता हूँ।“

“डेनियल बताता था कि तू बहुत प्यार करता था उसको।“

“ऐसा ही था कुछ।“

“आय एम सॉरी, यूँ ही दिल दुखता है जब कोई प्रिय छोड़कर चला जाए। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था जब स्टीवन मर्फ़ी मुझे छोड़कर चला गया था। वेअन कुछ ही दिनों का था। बहुत रोई थी मैं।“

उसकी कहानी मुझे डेनियल ने सुना रखी है। उन दिनों में स्टीवन मर्फी के प्रेम में पागल हो गई थी ऐनिया। सब कहते थे कि स्टीवन मर्फी उसके साथ कुछ दिन खेलकर छोड़ जाएगा, पर वह तो उसको एक बच्चे की माँ बनाकर चलता बना। आजकल न्यूयॉर्क में कोई बड़ा अफ़सर है वह। ऐनिया ने अकेले ही कितने दुःख झेलकर वेअन को पाला है। स्टीवन के बाद उसको पुरुष तो कई मिले हैं, पर उसका बच्चा पालने के लिए कोई तैयार नहीं होता। सैम मिला तो वह इतना हिंसक कि छोटी-सी बात पर उसको पीट डालता।

हम दोनों एक-एक पैग पीते हैं। लगता है, उसको हल्का-हल्का नशा हो रहा है। वह पूछती है -

“क्या बनाऊँ, तेरे खाने के लिए?“

“कुछ नहीं, हम टेक अवे ले आएँगे। तू बैठ जा, बातें करते हैं।“

मैं एक एक पैग और बना देता हूँ। वह कहती है -

“मैं और नहीं लूँगी।“

“कोई बात नहीं, पड़ा रहने दे। कम से कम मुझे लगेगा कि मेरा साथ दे रही है।“

वह बनाये गए पैग में से एक घूंट भरकर रखते हुए कहती है -

“जॉय, इस सबके लिए तेरा शुक्रिया! बता, बदले में मैं तेरे लिए क्या कर सकती हूँ?“

“ऐनिया, बदले में एक छोटी-सी स्माइल!... तू बहुत सुन्दर है। तेरे साथ यह सब नहीं होना चाहिए था। मैं वायदा करता हूँ कि दुबारा कभी नहीं होगा।“

“थैंक यू जॉय।“

कहती हुई वह मेरे साथ लगकर बैठ जाती है और मेरी बांह पर हाथ फिराने लगती है। हम बाहर जाकर फिश एंड चिप्स ले आते हैं। वह कहती है -

“मैं तेरा बैड लगा देती हूँ। जब मन हो, सो जाना।“

अब तक मैं अच्छा-खासा नशे में हो जाता हूँ। वह मुझे और अधिक सुन्दर लग रही है। मैं पूछता हूँ -

“तू सोयेगी मेरे साथ?“

“नहीं, मैं नहीं सो सकती।“

“क्यों, मेरे में कोई बुराई है?“

“नहीं, बुराई नहीं। तू तो बहुत अच्छा है, पर मैं तुझे जानती नहीं।“

“हाँ, यह भी सच है, पर यकीन कर, मैं बहुत साफ़ आदमी हूँ।“

“हो सकता है, पर किसी को जानने में समय लगता है।“

कहते हुए वह उठ जाती है और मेरा बिस्तर लगा आती है। फिर वेअन को सुला देती है और मेरे समीप आ बैठती है। मैं कहता हूँ -

“ऐनिया, मैंने एक उपन्यास पढ़ा था - टैस। उसमें तेरे जैसी मासूम लड़की थी।“

“अच्छा! पर मुझे नहीं लगता ऐसा, मैंने तो टैस पर बनी फिल्म भी देख रखी है।“

“टैस बिल्कुल तेरे जैसी है, तेरे चेहरे पर भी अभी ग्रामीण भोलापन सुरक्षित है।“

मेरी बात पर वह खुश हो जाती है।

कुछ देर और बातें करके मैं सोने चला जाता हूँ। वह रसोई में कुछ काम करने लगती है। कुछ मिनट बाद वह मेरे पास आकर लेट जाती है।

सवेरे मैं समय से उठ नहीं पाता। काम पर फोन करके छुट्टी ले लेता हूँ। वह वेअन को स्कूल छोड़ने चली जाती है। मैं पिछली रात के बारे में सोचने लगता हूँ। मेरा किसी गोरी स्त्री के साथ इतनी निकटता का पहला अनुभव है। हमारे कल्चर कितने भिन्न हैं, रिश्ते भी। इस कल्चर की भिन्नता के कारण आपसी संबंध बनने के तरीके भी अलग हैं। मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा है। नसोरा के साथ भी अनुभव अलग था, परंतु यह बिल्कुल भिन्न है। मैं सोच रहा हूँ कि यदि इसको बयान करना हो तो कैसे करूँ, मुझे उपयुक्त शब्द नहीं मिल रहे। ऐनिया वेअन को छोड़कर लौट आती है और मैं आलसी-सा बना अभी बिस्तर में ही हूँ। वह फिर मेरे पास आ जाती है।

(जारी…)

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Savita Davi 2 महीना पहले

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Naveen 2 महीना पहले

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Geeta 3 महीना पहले

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Advocate shikha mishra 3 महीना पहले

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Bharati Ben Dagha 3 महीना पहले