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युगांतर - भाग 11
द्वारा Dilbag Singh Virk

राजनीतिज्ञों की जिन्दगी में सबसे महत्वपूर्ण चीज है चुनाव। राजनीतिज्ञ चाहे छोटा हो या बड़ा, चुनाव के समय हर खुशी, हर गम को भूल जाया करता है। चुनावों के ...

सफर से पहले ही - अंतिम भाग
द्वारा Kishanlal Sharma

फिर एक दिन उसके कानों में भनक पड़ी की उसे वर्धआश्रम भेजने की तैयारी हो रही है।यह जानकर उसके कलेजे के टुकड़े हो गए।मा बाप बेटे के पैदा होने ...

रिहाई कि इमरती
द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी

रिहाई कि इमरती -स्वतंत्रता किसी भी प्राणि का जन्म सिद्ध अधिकार है जिसे कभी छीना नहीं जा सकता हां कभी कभी प्राणि विशेष कर मनुष्य अपने अहंकार शक्ति दंभ ...

सफर से पहले ही - 4
द्वारा Kishanlal Sharma

दोनो बेटे की नौकरी लगने पर खुश थे।उन्हें तो मानो मुह मांगी मुराद मिल गयी थी।नौकरी लगते ही दीपक के लिए रिश्ते आने लगे थे।हमारे यहाँ आज भी बेटा ...

युगांतर - भाग 10
द्वारा Dilbag Singh Virk

मायके जाने का ख्याल भले उसे आया, लेकिन उसे पता था कि इस प्रकार मायके जाना अच्छी बात नहीं। 'पति-पत्नी में अगर तकरार हो जाए तो मायके का रौब ...

युगांतर - भाग 9
द्वारा Dilbag Singh Virk

कारण जो भी हो, परिणाम यह है कि शादी का दिन आ गया। 'शादी पर खर्च न हो' यह हजम होने वाली बात नहीं । हम खर्च कम नहीं ...

ख़ैरात
द्वारा प्रवीण कुमार शर्मा

"ख़ैरात" दीनू से उसकी मां ने पूछा डीलर के पास मिलने गया था; वहाँ कुछ मिला कि नहीं ? "नहीं मिला माँ ",दीनू ने सिर ना में हिला दिया ...

लड़के भी रोते हैं - पार्ट 2
द्वारा Saurabh kumar Thakur

अट्ठारह साल की उम्र हुए आज 17 दिन होने वाले थे उसे । उसे अपनी जिंदगी की जिम्मेदारियों का एहसास होने लगा था, शायद उसे पता चल रहा था ...

एक नया रास्ता - 6
द्वारा Kishanlal Sharma

और जब राजन ऑफिस पर चला गया तब सुनीता ने कल्पना को अपने पास बुलाया।"कल्पना मैं तुम्हे अपनी बहन बनाना चाहती हूँ।""आप भी क्या दीदी,"कल्पना,सुनीता की बात सुनकर बोली,"मैं ...

दूसरी वसीयत
द्वारा Sharovan

दूसरी वसीयत कहानी/शरोवन *** ‘जगतभाई ने बहुत कुछ खोया, बहुत कुछ पाया भी। इस दुनियां के हरेक रंग देखे। अपनों और परायों की परिभाषा को बार-बार पढ़ा और याद ...

युगांतर - भाग 8
द्वारा Dilbag Singh Virk

चिंता और जीवन का तो चोली दामन का साथ है। जीवन रूपी सागर में चिंता रूपी लहरें उठती ही रहती हैं। प्रतापसिंह भी इसका अपवाद नहीं । उसे भी ...

सफर से पहले ही - 2
द्वारा Kishanlal Sharma

डॉक्टर की बात सुनकर पति पत्नी निराश हो गए।हर औरत की साध होती है मातृत्व।माँ बनकर ही औरत सम्पूर्ण कहलाती है।इसलिये हर औरत माँ बनना चाहती है।वीणा भी यही ...

एक नया रास्ता - 5
द्वारा Kishanlal Sharma

पत्नी की अतीत की आपबीती सुनकर राजन सत्र रह गया।उसने सोचा भी नही था।जिसे वह निर्मल गंगा की तरह पवित्र समझ रहा था।वो गंगा मैली भी हो सकती है।उसकी ...

एक बार फिर से उजड़ गया मेरा घर
द्वारा Vikas Kumar

आज चुनमुन चिड़िया बहुत खुश थी. उसने आज ही अपने छोटे-छोटे पंखों से उड़ना सीखा था. वो आस-पास के घरों के ऊपर से उड़कर इंसानों और उसके रंग-बिरंगे घरों ...

सफर से पहले ही - 1
द्वारा Kishanlal Sharma

सूरज कब का दूर क्षितिज में ढल चुका था।शाम अपनी अंतिम अवस्था मे थी।आसमान से उतर रही अंधेरे की परतों ने धरती को अपने आगोश में समेटना शुरू कर ...

युगांतर - भाग 7
द्वारा Dilbag Singh Virk

रास्ते भर विचारों का ज्वार-भाटा उसके मस्तिष्क में उठता रहा। उसने पिताजी से पूछने की बात कही थी, लेकिन पूछने से पहले वह खुद भी इस निर्णय से सहमत ...

एक नया रास्ता - 4
द्वारा Kishanlal Sharma

और अनुराग की बात सुनकर सुनीता को लगा कि वह प्यार में बुरी तरह ठगी गयी है।अनुराग ने उससे शादी करने से साफ इंकार कर दिया था।उससे अनुराग ने ...

युगांतर - भाग 6
द्वारा Dilbag Singh Virk

किसी भी विधायक को मंत्री बनने के बाद अपने सहयोगियों का उद्धार करने की सोच ज़रूर रखनी चाहिए। उसका अपना उद्धार तो उसी दिन हो जाता है, जिस दिन ...

मीत मेरे
द्वारा Kishanlal Sharma

कालेज के गेट के बाहर आकर उसने जेब मे हाथ डाला।जेब खाली थी।वह जल्दी जल्दी में फोटो लाना ही भूल गया था।वैसे चलने से पहले उसने फोटो देख लिया ...

युगांतर - भाग 5
द्वारा Dilbag Singh Virk

कॉलेज के चुनावों में आम चुनावों अर्थात लोकसभा, विधानसभा, नगरपालिका, पंचायत आदि के चुनावों की तरह वोट खरीदे नहीं जाते, क्योंकि कॉलेज के विद्यार्थी जागरूक होते हैं। वे वोट ...

एक नया रास्ता - 3
द्वारा Kishanlal Sharma

और सुनीता तैयार हो गयी।और उसने समर्पण कर दिया।अनुराग कुशल खिलाड़ी की तरह पूरी रात उसकी देह से खेलता रहा।सुनीता अनुराग से प्यार करती थी इसलिए उसने समर्पण किया ...

युगांतर - भाग 4
द्वारा Dilbag Singh Virk

जब जवानी का जोश और अमीरी का नशा हो, तब पढ़ना कौन चाहेगा? फिर यादवेन्द्र के लिए तो यह पढ़ाई आफत के सिवा और कुछ थी ही नहीं, इसलिए ...

कुछ अनकहे जज्बात! - Part 1
द्वारा Ankit Kumar

1.बिहारीएक बिहारी होना गर्व की बात है पर सिर्फ अपने राज्य मे जब आप किसी दूसरे राज्य मे जाते हो तो फिर आप एक गरीब राज्य का नेतृत्व करते ...

अंधविश्वास -मानवता शर्मशार
द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का अंतिम जनपद देवरिया एव जनपद का अंतिम नगर परिषद टाऊन एरिया लार सन उन्नीस सौ उन्तीस कि नगर पंचायत हैं।यहाँ से कुछ दूरी पर ...

युगांतर - भाग 3
द्वारा Dilbag Singh Virk

स्कूल के अध्यापक को फटकारने के उद्देश्य से वह अगली सुबह स्कूल जा धमका। शिष्टाचार की रस्म को निभाना न तो बेटे ने उचित समझा और न ही बाप ...

युगांतर - भाग 2
द्वारा Dilbag Singh Virk

शिक्षा तो तपस्या है और तपस्या करनी ही पड़ती है, खरीदी नहीं जाती। धन पुस्तकें खरीद सकता है, ज्ञान नहीं। हाँ, कभी-कभार डिग्रियाँ भी पैसे के बल पर मिल ...

मेहमान बन कर आएंगे 
द्वारा Ratna Pandey

कलेक्टर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वसुधा ने अपने पति से कहा, "अशोक हम दोनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं, क्यों ना अब हम राहुल के साथ रहें। ...

युगांतर - भाग 1
द्वारा Dilbag Singh Virk

शहर से दूर, गाँव से बाहर, महलनुमा हवेली यादवेन्द्र की है। यह सिर्फ भूगौलिक रूप से ही गाँव व शहर से अलग नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से भी ...

एक नया रास्ता - 2
द्वारा Kishanlal Sharma

कल्पना बोली,"मैं जानती हूँ तुम मुझे नही मिलोगे।पर मैं गर्भपात नही करूंगी""फिर क्या करोगी?""मैं गर्भपात कराने से बेहतर कुंवारी माँ बनना पसन्द करूंगी।"कल्पना अपनी बात कहकर चली गयी थी।सुनीता ...

पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 12 - अंतिम भाग
द्वारा Kishanlal Sharma

"मैं नही मानता"""अनुपम यह तुम्हारे मानने का सवाल नही है।यह हमारी संस्कृति है,रीति रिवाज है,परंपराएं है।""रानी तुम जानती हो।मैं तुमसे प्यार करता हूँ।तुम्हे अपनी बनाना चाहता हूँ।""अनुपम तुमने मुझे ...

एक वार्तालाप
द्वारा Ratna Pandey

गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों बहनें सदियों से धरा पर अपना सौंदर्य बिखेर रही हैं। इंसानों, पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं, सभी को जीवन दान दे रही हैं। हर रोज़ तीनों बहनें ...

एक नया रास्ता - 1
द्वारा Kishanlal Sharma

"यह कौन है?"राजन के साथ आयी युवती को देखकर कल्पना बोली थी।"यह सुनीता है,"राजन अपने साथ आयी युवती का परिचय कल्पना से कराते हुए बोला,"और सुनीता मेरी पत्नी है ...