Dangerous Love - 4 muskan द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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Dangerous Love - 4

उस सुनसान जगह पर David ने उस मैनेजर को एक खंडहर के कमरे में बंद करके रखा था।
दो आदमी उस मैनेजर को David के सामने ले आते हैं।
David (गुस्से में): “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई Riya को हाथ लगाने की?”
Manager: “मुझे माफ कर दीजिए... मैंने जो भी किया, गुस्से में किया, क्योंकि मुझे पता था कि आप मुझे ऑफिस से निकालने वाले हैं...”
David: “तुम्हें कैसे पता चला?”
Manager: “मैं जब आपके ऑफिस में फाइलें देने आया था, तब मैंने आपकी और आपके असिस्टेंट की बात सुन ली थी कि आप मुझे ऑफिस से निकालने वाले हैं।”
David: “तो तुम्हें यह भी पता होगा कि क्यों?”
Manager: “जी... क्योंकि मैं कंपनी की जानकारी चुराकर दूसरी कंपनी को पैसों के लिए बेचता था।”
David: “इन सब बातों से Riya का क्या लेना-देना?”
Manager: “जिस दिन आप पहली बार ऑफिस आए थे, मैंने देखा था कि आप Riya को किस तरह देख रहे थे। तब मुझे लगा कि मेरी वजह से मेरा करियर तो खत्म होने वाला है, इसलिए मैंने गुस्से में Riya के साथ वो सब किया... प्लीज़ Mr. David... मुझे जाने दीजिए... प्लीज़... प्लीज़...”
David: “पहले तो मैं सिर्फ तुम्हें ऑफिस से निकालने वाला था... लेकिन अब तुम्हारे साथ जो होगा, वो तुमने कभी सोचा भी नहीं होगा।”
David वहाँ काले सूट में खड़े लोगों से कहता है—
David: “इस आदमी को उसके किए की ऐसी सज़ा दो कि ज़िंदगी भर याद रखे। और यह तब तक नहीं रुकना चाहिए, जब तक मैं न कहूँ।”
मैनेजर David के पैरों में गिरकर उससे माफी माँगने लगता है।
David (गुस्से में): “मैं तुम्हें यहाँ खड़े होने के पैसे दे रहा हूँ?”
एक आदमी डरकर कहता है—
आदमी: “नहीं, सर।”
David: “तो फिर खड़े क्यों हो? शुरू हो जाओ।”
David वहाँ से अपनी कार की तरफ चल देता है। पीछे से मैनेजर की चीखें उस सुनसान जगह पर गूँज रही होती हैं।
जाते-जाते David कहता है—
David: “मेरी चीज़ों को हाथ लगाने का अंजाम हमेशा यही होता है।”
David कार में बैठकर वहाँ से चला जाता है।
David कार की पिछली सीट पर चुपचाप बैठा था। उसने धीरे से अपनी आँखें बंद कीं। अगले ही पल उसके ज़ेहन में सालों पुरानी यादें ताज़ा होने लगीं...
फ्लैशबैक सीन
Riya कॉलेज से अपने घर जा रही होती है। David दूर खड़ा मुस्कुराते हुए उसे देख रहा होता है।
तभी कुछ लड़के Riya के सामने आ जाते हैं।
उनमें से एक लड़का Riya को प्रपोज़ करता है।
Riya (गुस्से में): “अगली बार मुझे परेशान किया तो मैं तुम्हारी शिकायत प्रिंसिपल से कर दूँगी।”
यह कहकर Riya वहाँ से चली जाती है।
David दूर से यह सब देख रहा होता है।
David (मन ही मन): “तुम्हारी इतनी हिम्मत... अब मैं तुम्हारे साथ क्या करूँगा, यह मैं खुद भी नहीं जानता।”
यह कहकर वह भी वहाँ से चला जाता है।
जैसे ही शाम होती है, वे लड़के एक क्लब में जाते हैं। David भी उनके पीछे-पीछे क्लब के अंदर चला जाता है।
अचानक से क्लब की सारी लाइट बंद हो जाती है।
अगले ही पल चीखों की आवाज़ गूँज उठती है।
लड़के: “कौन है? मत मारो हमें!”
David उन लड़कों को बुरी तरह पीटता है।
David: “आइंदा अपनी हद पार मत करना।”
यह कहकर David वहाँ से चला जाता है।
वर्तमान
Driver: “सर... हम ऑफिस पहुँच गए हैं।”
ड्राइवर धीरे से कहता है।
David की सोच टूट जाती है। वह धीरे से आँखें खोलता है, एक गहरी साँस लेता है और कार से बाहर निकल जाता है।
David अपने ऑफिस में जाता है।
तभी Riya भी ऑफिस में एक फाइल देने के लिए आती है। वह असिस्टेंट को फाइल देकर जाने ही वाली होती है कि अचानक ऑफिस का दरवाज़ा ज़ोर से खुलता है।
तभी एक औरत गुस्से में ऑफिस के अंदर आ जाती है।
औरत (ऊँची आवाज़ में): “तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम मेरे भाई को पैसे देने से मना कर रहे हो!”
वह औरत David की माँ होती है।
David: “मैं पहले ही उसे काफी पैसे दे चुका हूँ। अब मैं उसे एक पैसे भी नहीं दूँगा।”
David की माँ (गुस्से में): “भूल मत... अगर मैं और तुम्हारे पापा तुम्हें अनाथ आश्रम से घर नहीं लाते, तो तुम्हें क्या लगता है कि तुम इस कुर्सी पर बैठने के लायक भी हो?”
David: “मैं यहाँ तक अपनी मेहनत से पहुँचा हूँ।”
David की माँ: “तो पैसे दोगे या नहीं?”
David: “नहीं।”
Riya यह सब चुपचाप देख रही थी।
गुस्से में David की माँ ऑफिस में तोड़फोड़ शुरू कर देती है।
इसी तोड़फोड़ के दौरान गलती से David के हाथ में चोट लग जाती है।
यह देखकर Riya तुरंत David के पास जाती है।
Riya: “सर... आपके हाथ से बहुत खून निकल रहा है। चलिए, अस्पताल चलते हैं।”
David: “पहले इन्हें ऑफिस से बाहर निकालो।”
Assistant: “यस सर।”
असिस्टेंट David की माँ को ऑफिस से बाहर ले जाता है।
Riya: “सर, हमें अस्पताल जाना चाहिए।”
David: “इसकी ज़रूरत नहीं है। मैं खुद ही दवा लगा लूँगा।”
Riya: “सर... अगर आप चाहें, तो मैं आपकी मदद कर दूँ?”
David मन ही मन मुस्कुराता है।
David: “ओके।”
अगला भाग जारी...