The Last Promise - 15 CHIRANJIT TEWARY द्वारा क्राइम कहानी में हिंदी पीडीएफ

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The Last Promise - 15

कोमल :-  ऐसे क्यों बोल रही है ! अब तुने ही तो कहा था के किसी नये लड़के को ढुंढ , और जाहिर सी बात है के नये लड़के के बारे एक दिन मे इतना सारा जानकारी कैसे लऊ । पर मैं इतना जरुर जानती हूँ के ये उस राजवीर से बहुत ही ज्यादा अच्छा है और तुझे क्या हो गया क्या तु जानती है ? 

निधी फिर से एक बार रुद्रा की और दैखती है पर रुद्रा एक बार भी निधी की और नही दैखता है --

कोमल फिर से निधी से पूछती है --

कोमल :- क्या बात है निधी  , तु चुप क्यों हो गई ? तु जानती है क्या इसे ?

निधी कोमल से कहती है --

निधी :- हां ! मैं जानती  हूँ । और उस आदमी ने इसे बेटा क्यों कहा । 

कोमल चिड़ते हूए कहती है --

कोमल :-  अब बाप अपने बेटे को बेटा नही तो क्या कहेगा ।

कोमल से इतना सुनकर निधी और भी हैरान हो जाती है क्योकी शिव नारायण ने खुद रोते हूए हॉस्पिटल मे कहा था के उसका उस बेटी के सिवाय और कोई नही है । निधी समझती है के रुद्रा और शिव नारायणयोे सब मिलकर मंत्री के बेटी से शादी करके अपने गुनाह को मंत्री के आड़ मे छिपाएगा और इसको धोका देकर इसका फायदा उठाएगा । निधी और कुछ कोमल से कहती के तभी  वहां पर निधी के पापा भरत आ जाते है , और निधी से कहता है --

भरत :- अरे बेटा निधी सुनो जरा । 

भरत के इतना कहने पर निधी अपनी पूरी बात कह नही पाती है और भरत के पास चली जाती है ।

निधी :- जी पापा ।

भरत :- बेटा इनसे मिलो । ये है मेरा बहोत पुराना और खाश दोस्त , शिव नारायण शास्त्री । और वो जो लड़का खड़ा है ना ( रुद्रा की तरफ हाथ दिखाते हूए ) वो इनका बेटा रुद्रा । जिसके साथ तेरी सहेली का सगाई हूआ है ।

भरत के इतना इतना कहने पर निधी और रुद्रा एक दुसरे की और दैखता है । रुद्रा निधी की और शांत भाव से दैखकर हल्की मुस्कान देता है ।

निधी मन ही मन सौचती है --

" नही .. नही .. मेरी आंखे धोका नही खा सकती , ये वही है , पर ये यहां पर क्यों है ? मेरे पापा भी इसे इनका बेटा बता रहे है ,  पर उस दिन तो इन्होने खुद कहा था के इनका कोई बेटा नही है तो फिर ये सब क्या हो रहा है , मैं बिना सच ताने कोमल से कुछ कह भी नही पाउगीं , और मेरा कहना भी सही नही होगा , क्योकी जब पापा ही बोल रहे है तो अब शक करने की कोई बात ही नही है । पर मुझे पुरा याद है ये वही आदमी है , कही तो गड़बड़ है ।

निधी को इतना सौचते हूए दैखकर भरत निधी से कहता है --

भरत :- क्या बात है बेटा , कहां खो गई तुम ?

निधी ना मे अपना सर हिलाकर कहती है --

निधी :- कुथ नही पापा , बस ऐसे ही कुछ पुरानी बाते याद कर रही थी ।

इतना बोलकर निधी रुद्रा के पास जाती है और उससे कहती है --

निधी :- तुम कौन हो ? और यहां पर क्यों आए हो ? दैखो मैं जानती हूँ के तुम इनके बेटे हो , क्योंकी हॉस्पिटल मे इन्होने मुझसे खुद कहा था के इनका कोई नही है , तो फिर तुम इनके बेटे कैसे हो सकते हो ? सच - सच बताओ , तुम कोमल को कैसे जानते हो और उसके साथ शगाई क्यों कर रहे हो ?

रुद्रा बड़े ही नम्रता से कहता है --

रुद्रा :- ये आप कैसी बात कर रहे हो ? मैं कुछ समझ नही पा रहा हूँ ।

निधी गुस्से से पर धिरे से कहती है --

निधी :- समझ नही पा रहे हो या समझना नही चाहते हो ? दैखो तुम जो कोई भी हो , पर मेरी एक बात ध्यान रखना , अगर तुमने कोमल को कोई दुख या उससे धोका देने की कोशिश की , तो तुम्हें मुझसे कोई नही बचा सकता ।

रुद्रा :- आपकी चिंता करना जाहिर है , आपके दोस्त है आपको इसकी चिंता है और रही बात मेरी तो आप मुझे जानता नही हो तो मैं समझ सकता हूँ के आप किन कारणो से चिंतित हो । पर मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ के मैं आपके दोस्त को कभी कोई कष्ट नही पहूँचाऊगां ।

निधी रुद्रा की सादगी को दैखकर हैरान हो जाती है और उस पल मे चली जाती है । जहां पर निधी रुद्रा से पहली बार मिली थी ।



निधी रुद्रा की सादगी को दैखकर हैरान हो जाती है , निधी समझ ही नही पा रही थी के रुद्रा इतना कैजुअल रियेक्ट कैसे कर रहा है । निधी बार - बार रुद्रा की और दैख रही थी , क्योकी निधी जिस रुद्रा को जानती थी वो इतना सांत और सिधा नही था । निधी अपने उस पल मे चली जाती है । जहां पर निधी रुद्रा से पहली बार मिली थी ।

कुछ समय पहले शहर से लड़कियों की किडनेपिंग और ड्रग्स का सप्लाई जोरो पर चल रहा था । कॉलेज के नौजवान लड़को का भविष्य ड्रग्स के कारण तबाह हो रहे थे । शहर मे किडनेपिंग का केश बड़ता ही जा रहा था , पुलिस स्टेशन पर किडनेप हूए लड़कियो का परिवार हंगामा करने लगे थे । 

पर पुलिस लाचार थी , उन्होने बहुत कोशिश कि और कुछ लड़कियों को बचा कर भरत एक गाड़ी मे बहोत से लड़कियों  को लेकर जा रहा था । जोरो की बारिश हो रही थी । रास्ता साफ नही था , भरत लड़कियों के लेकर पुलिस स्टेशन की तरफ ही जा रहा था , पुलिस स्टेशन पहूँचकर भरत गाड़ी को रोकता है और लड़कियों से कहता है --

भरत :- तुम सब आओ मेरे साथ ।

भरत के इतना कहने पर वो लड़कियां एक दुसरे का मुह ताकने लगती है , तो भरत फिर से कहता है --

भरत :- दैखो , डरो नही , तुम सब अब Safe हो , आओ मेरे साथ । तुम्हारे घरवालो को Inform कर दिया है , वो लोग जल्दी तुमलोगो को लेने आ जाएगें , तब तक तुम सभी यही पर रहो ।

भरत सभी को अंदर बैठाकर , हाथ मे फाईल लेकर अंदर  आता है  तभी भरत का फोन रिंग होता है । जिसमे भरत की वाइफ निर्मला का फोन था ।


भरत फोन को निकलता है और वहां पर एक सिपाही से कहता है --

भरत :- सुनो ये फाईल वहां अंदर रख दो ।

वो सिपाही भरत से फाईल को ले लेता है और वहां से चला जाता है ।

भरत अपना फोन निकाल कर फोन रिसिव करता है और कहता है ।

भरत :- हां । बोलो निर्मला ।

निर्मला घबराकर कहती है ---

निर्मला :-  सुनिये ना जी । वो निधी अभी तक घर नही आई है ।


To be continue.....18