कोमल के जवाब सुनकर सभी खुश हो जाता है और शिव नारायण अपने दिल पर हाथ रखकर कहता है --
शिव नारायण :- भगवान की कृपा है ।
तभी P k कहता है --
p k :- मुहूर्त का समय हो गया है, अब लड़का - लड़की एक दुसरे को अंगूठी पहनाएगें ।
कोमल अंगूठी लेती है और रुद्रा के पास आकर खड़ी हो जाती है और कोमल हल्की मुस्कुराती हूई रुद्रा को अंगूठी पहना देती है । सभी बहोत खुश हो जाते है और तालियां बजाने लगता है ।
तभी वहां पर कमिशनर भरत और उनकी बेटी निधी भी आ जाती है । निधी और कोमल दोनो दोस्त है । निधी कोमल के पास आती है , कोमल निधी को दैखकर खुश हो जाती है और दोनो एक दुसरी के गले लगती है । निधी कोमल के पास आकर कोमल से कहती है ।
कोमल :- HIIII.....!
निधी :- CONGRATULATION कोमल ।
कोमल :- THANK YOU निधी .. तु अब आ रही है ! वो भी इतना लेट ?
निधी कोमल से कहती है --
निधी :- क्या करु बता .. मैं तो कबसे आने के लिए तैयार बैठी थी पर तु तो जानती है के पापा पुलिस मे है और पुलिस वाले कभी टाईम पर नही आते । बस इसलिए दैर हो गई ।
निधी से अपनी बुराई सुनकर भरत कहता है --
भरत :- दैखा बेटी .. कैसे सारा दोष मेरे उपर उमड़ दिया । पुलिस वाले दैर से कभी नही आते , उसे हर तरफ का काम दैखना होता है ।
निधी इधर उधर दैखती है और फिर कोमल से कहती है ।
निधी :- कोमल ! जिजु से तो मिलाओ , उनको कहां छुपाके रखी है । दिख नही रहे है ।
निधी के इतना कहने पर कोमल रुद्रा को बुलाती है । रुद्रा और पि के दुसरी और मुह करके आपस मे बातें कर रहे थे ।
रुद्रा P K से धिरे से कहता है --
रुद्रा :- ये सब क्या हो गया Pk ।
pk :- मैने तो पहले ही कहा था के चलो भाग चलते है पर तु नही भागा , फस गया तु सुंदरता से जाल मे ।
रुद्रा :- नही यार .. तुने दैखा ना उसकी मासुमियत को , बस इसिलिए मैं नही भाग पाया यार ।
PK :- हां .. हां , बस कर , सब पता है मुझे ।
तभी कोमल रुद्रा के पास आती है और रुद्रा से कहती है --
कोमल :- अरे जरा सुनिये ना ।
कोमल के इस तरह से बुलाने से रुद्रा हैरान हो जाता है । और फिर कोमल की और हल्की मुस्कान लिये दैखता है । रुद्रा को दैखकर निधी चोंक जाती है । क्योंकि निधी रुद्रा को पहले से जानती है । जब भीमा और बाकी सभी रुद्रा को मारके फेंक देता है तब निधी ही रुद्रा को बचाती है ।
रुद्रा कहता है --
रुद्रा :- जी कहिए ।
कोमल :- इन से मिलो ये है मेरी सबसे अच्छी दोस्त निधी । हम दोनो साथ मे ही पड़े है ।
रुद्रा निधी की और दैखता है तो रुद्रा निधी को दैखकर कोई रियक्ट नही करता है , और हाथ जोड़कर नमस्ते करता है ।
रुद्रा :- नमस्ते ! आपसे मिलकर प्रसन्नता हूई ।
रुद्रा के इतना कहने पर निधी एकदम से हैरान थी क्योकी निधी को लगा था के रुद्रा उसे दैखकर चोंक जाएगा । पर ऐसा कुछ भी नही हूआ । तब निधी भी रुद्रा से कहती है ।
निधी :- नमस्ते ।
निधी मन ही मन सौचती है --
" ये तो वही है , पर ये यहां पर ... ऐसा कैसे हो सकता है । कोमल के साथ इसकी सगाई ? और ये पंडित के भेष मे कैसे , कुछ तो गड़बड़ है , मुझे निधी को इसके बारे बात करनी होगी । "
कोमल और रुद्रा आपसे मे बात कर रहे थे , निधी कोमल के पास जाती है और उससे कुछ कह पाती तब pk रुद्रा और कोमल से कहता है --
Pk :- अरे-अरे, ये क्या हो रहा है! अभी-अभी सगाई हुई है और बातें तो सीधे शादी की चल रही हैं! भाई रुद्रा, थोड़ा सब्र कर , सांत रह , इतने दिनो से हम लोग कब से बोल रहे थे को शादी करले शादी करले तब तो तु इतना उतावला नही था ? तू पंडित बनकर आया था, और दुल्हा बन के जाएगा । आदर्श दामाद ऑफ द ईयर! और कोमल जी, शॉरी भाभी जी । आपको अभी से इतना बात करने की कोई जरुरत नही , आप भी थोड़ी सी नखरे - वखरे दिखाओ , दैखा नही आपने कैसे ये हां... ना कर रहा था ।
Pk की बात को सुनकर सभी हसने लगता है और निधी नही पर रुक जाती है , निधी बार - बार रुद्रा को घुरे जा रहा था , पर रुद्रा एक बार भी निधी की और नही दैख रहा था ।
इतना बोलकर निधी हैरानी से रुद्रा की और दैखता है । तभी वहां पर शिव नारायण रुद्रा के पास आ जाता है और रुद्रा से कहता है ।
शिव नारायण: - अरे बेटा मुझे तुमसे कुछ बात करना है ।
निधी शिव नारायण को दैखकर भी हैरान हो जाता है । शिव नारायण को दैखकर निधी उसके पास जाती है और शिव नारायण से कहती है ।
निधी :- अंकल आप यहां ?
निधी के ऐसा पूछने पर शिव नारायण पलट कर निधी की और दैखता है तो वो हैरान था । वो निधी को पहचान नही पाता है ।
शिव नारायण बड़े ही शांत भाव से कहता है --
शिव नारायण: - तुम कौन हो बेटा ? मैने पहचाना नही ।
तब निधी दुबारा से कहती है । निधी कोमल को अपने पास बुलाती है और कहती है ।
निधी :- अंकल मैं डॉक्टर हूँ निधी । आपको याद है आप की बेटी प्रेगनेंट थी और मैने ही उसका ऑपरेशन किया था ।
निधी के इतना कहने पर शिव नारायण घबरा जाता है , और कहता है --
शिव नारायण: - ह....हां हा याद आ गया , आ गया ।
इतना बोलतर शिव नारायण वहां से जाना चाहता है पर निधी रौक कर कहती है ।
निधी :- अंकल वो बच्ची कैसी है ?
निधी के बात का बिना कोई जवाब दियो वो वहां से चला जाता है । ये निधी को अजिब सा लगा । तब निधी कोमल से कहती है
निधी :- कोमल तु इससे क्यों शादी कर रही है । तुझे एक नया लड़का ढुंढने को कहा था , पर तुने ये किसे चुन लिया ?
कोमल :- क्यों तुझे क्या हूआ । हेंडसम तो है , तुझे जलन हो रही है क्या ?
निधी :- मुझे कुछ नही हूआ । पर तुझे क्या हो गया । तु इसके बारे मे जानती क्या है । ये कौन है क्या करता है , कहां से आया है , इसका पास्ट क्या है ? बिना जाने तु इससे शादी कैसे कर सकता है ?
कोमल :- ऐसे क्यों बोल रही है ! अब तुने ही तो कहा था के किसी नये लड़के को ढुंढ , और जाहिर सी बात है के नये लड़के के बारे एक दिन मे इतना सारा जानकारी कैसे लऊ । पर मैं इतना जरुर जानती हूँ के ये उस राजवीर से बहुत ही ज्यादा अच्छा है और तुझे क्या हो गया क्या तु जानती है ?
To be continue.....