जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 21
और वहीं कुछ समय बाद असल दुनिया में
एक बड़ा सा कार
आ कर अस्पताल के दूसरे दरवाजे के
बाहर रुकता है
और उस कार के रुकते ही
सूट बूट में
आंखों में बड़ा सा काला चश्मा लगाए
अभिराज कार के दरवाजा को अपने हाथों से पकढ़ते हुए
खोल कर
और झुकते हुए
अपने कदम आगे बढ़ते हुए
कार से बाहर निकलते ही आ रहा है
और वही बाहर अस्पताल में आते-जाते
कुछ लोग आ रहे हैं
तो कुछ लोग जा रहे हैं
पिछले दरवाजे से भी जहां भीड़ कम होती है
और नर्स रिलैक्स रिलैक्स करने के लिए
वहां बनी हुई के गार्डन में घूमते हैं
और वहां कुछ विआईपि अपने कार को पार कर सकते हैं
और सीधे पिछले दरवाजे से अस्पताल के अंदर आ सकते हैं
और वही
कुछ नर्स है जो बातें करते हुए
अस्पताल से बाहर आ रहे हैं
उन्हें में से दो नर्स एक दूसरे के साथ चलते हुए
और एक दूसरे से बात करते हुए
और एक दूसरे को देखते हुए सीडीओ से नीचे उतारते हुए
आ रही है
उन्हें में से एक नर्स दूसरी नर्स से बातें करते हुए कहती है
पता है मैंने सुना कि
वह जो पेशेंट है ना
जो कुछ दिन पहले एक्सीडेंट की वजह से कोमा में गई है
और वहीं दूसरी नर्स
उस नर्स के साथ चलते हुए
नीचे की तरफ आते हुए
उन्हें देखकर क्यूरियोसिटी में गौर से सुनते हुए
और हामी भरते हुए कहती है
हां
और तभी अचानक कार से अपनी कम नीचे रखते हुए
अभिराज के कानों में यह आवाज जाती है
और वह अचानक से ठहरते हुए
अपने हल्के सर घूमता है
और नजरे उठाकर
उन दोनों नर्स की तरफ देखा है
और वही वह नर्स साथ में आते हुए
और बातों को आगे बढ़ते हुए
कहती है
पता है मैंने सुना की किसी ने उसकी
ऑक्सीजन मार्क्स उसके चेहरे पर से हटा दिया था
और वही उसके साथ के नर्स सुनती हुई आ रही है
और वही अभिराज
अपने ठहराते हुए कदम के साथ उसे नर्स की बात गंभीरता से सुन रहा है
और वही वह नर्स सीडीओ से उतरते हुए
कुछ कदम चलकर मूरते हुए
और अभिराज के बगल से ही गुजर कर जाते हुए
अचानक से अपने दोनों हाथ उठाकर हवा में हल्के लेहरा कर रिएक्ट करते हुए
हल्की आवाज में कहती है
वह तो भला हो डॉक्टर देव की जो समय पर आ गया
और वहीं दूसरी नर्स अचानक से यह सुनते हुए
अपने दोनों हाथ उठाते हुए
और रिएक्ट करते हुए मुंह खोलकर
दोनों हाथों को दोनों साइड अपने चेहरे पर रखते हुए
गंभीरता से हल्की ऊंची आवाज में कहती है
हे भगवान अगर डॉक्टर देव ना आती तो क्या होता
और यह कहते हुए
और वह दोनों आपस में बात करते हुए
हाथों को नीचे करते हुए
चलते हुए आगे बढ़ जाता है
और वही अभिराज हल्के मुर कर उनके बातें सुनते हुए
हैरान है
पर उसे
पक्का यकीन तो नहीं है
पर उसे ऐसा लग रहा है
कि कहीं उसकी बेटी को ही तो मरने की कोशिश
ना किए गया है
वह उन दोनों नर्स की तरफ देखते हुए
अचानक मुड़कर हॉस्पिटल की तरफ देखते हुए
अपनी कदम आगे बढ़ता है
और वहीं दूसरी तरफ
मेघना की दुनिया में
रिया मेघना के रूम के पास आते हुए
अपने हाथ बराकर दरवाजे के हैंडल पकढ़ते हुए
दरवाजा खोल कर अंदर जाती है
और थोड़ी सी मूरती हुए दरवाजा को लॉक करती है
और हल्की मुस्कुराते हुए
हल्की आवाज में अपने बहन को आवाज लगाते हुए कहती है
दीदी
और फिर दो चार कदम आगे बढ़कर थोड़ी सी मूरती है
और वहां रखी टेबल के सामने खड़ी हो जाती है
और अपने बाई हाथों में टंगी हुई
पर्श को धीरे-धीरे उतारते हुए
अचानक अपने हाथों से दाएं हाथ में लेते हुए
हल्के झुकते हुए अपने बाएं हाथ पीछे लेते हुए
दाएं हाथ बराकर वही टेबल पर पर्स रख देती है
और फिर अचानक मूरते हुए
फिर से मेघना को आवाज लगाते हुए कहती है
दीदी
और फिर और हल्के मुर कर
मुस्कुराते हुए अपनी कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ती है
वह चलते हुए बिस्तर के पास से गुजरते हुए
बिस्तर के दूसरी साइड जाती है
और जाते हुए फिर से मुस्कुराते हुए
अपनी बहन को आवाज लगाते हुए कहती है
क्या आप आ गए
और यह कहते हुए मुस्कुराते हुए
अचानक वह अपने कदम मूरती है
और अचानक देखती है मेघना के कमरे की
दूसरी साइट बिस्तर से आठ कदम दूर
बहुत चीज बिखरी हुई है
और यह देखते ही अचानक उसकी मुस्कुराहट
अचानक से खत्म हो जाती है
और उसका चेहरा उतर जाता है
वह पूरी तरह से गंभीर हो जाती है
फिर भी वह नजर झुका है हल्के कदम से आगे चलते हुए
नीचे बिखरी हुई चीजों को देखते-देखते हुए जाती है
और तभी उसकी नजर अचानक
कुछ किताबें पर जाती है
और वह देखी है
किसी ने अपनी लहूलुहान हाथों से
सारे किताबों को उठाकर साइड में रखने की कोशिश की है
और यह देखते हुए अचानक से रिया की नजर उठाते हुए
और आईने पर पड़ती है
और तभी अचानक उसकी कदम अपने आप ठहर जाती है
और वो देखती है
पूरी तरह से टूट चुकी है शीशे को
और यह देखते ही
रिया की होश खो जाती है
और वो आचानक घबरा जाती है
उसका चेहरा सख्त हो जाता है
और घबराहट में अचानक पैनीक करते हुए
उसकी नजर अपने आप नीचे झुक जाती है
और वो दिखती है वहां बिखरे हुए शीशे
लाहु लहुआन फर्स्ट
और यह देखते हुए
अचानक घबराहट में उसकी होंठ खुल जाती है
वह कुछ बोल भी नहीं पाती
वह खुली हुई होंठ के साथ देखते हुए
धीरे-धीरे उसकी नजर साइड जाती है
और वही नीचे बुक होल्डर भी गिरी हुई है
और साइड में गिरी हुई लहूलुहान और किताबें
और दूर-दूर गिरे हुए
और भी बहुत सारे किताबें
और यह सब देखकर उसकी जान हलक में अटक जाती है
और उसे समझ में ही नहीं आता कि यह हुआ है
और तभी अचानक वह घबराहट में पीछे मूरती है
और अचानक दौड़ते हुए
दरवाजे की तरह भागती है
कुछ सेकंड में भागते हुए रिया
उस टेबल के पास आती है
जहां उसने अपना पर्स रखा है
अचानक उस टेबल के पास आते ही
वह झुक जाती है
और अपने दोनों हाथ बढ़ाते हुए
टेबल पर रखी हुई पर्स के चैन दोनों हाथों से खोलते हुए अचानक से बाएं हाथ से पर्स पकढ़ते हुए
दाएं हाथ उठाकर पर्स में डालते हुए
अचानक पर्स से फोन निकलते हुए
सीधी खड़ी होती है
गहरी सांस लेते हुए
और हाथ मैं राखी फोन को अचानक अपने सामने लाते हुए फोन को इस क्लोज करते हुए
अपनी बहन के नंबर ढूंढने लगती है
और रिया पैनिक और अपने चेहरे को सिकोडड़ते हुए
2 सेकंड बाद अपने बहन को फोन लगाते हुए
फोन को उठाकर कान के पास लगती है
परेशान होते हुए
वही फोन रिंग हो रही है
पर कोई उठा नहीं रहा
और रिया फिर दोबारा कान से नीचे फोन को लाती है
और फिर से स्क्रीन को टच करते हुए
फोन लगाती है
और फिर दोबारा फोन रिंग हो रही है
और दोबारा वह फोन नहीं उठाती रही
और कुछ सेकेंड बाद फिर से फोन कट हो जाती है
और फिर रिया घबराहट में पैनिक होते हुए
फिर से अपने कान के पास फोन नीचे करते हुए
फिर से स्क्रीन पर टाइप करते हुए
फोन कान के पास लगती है
और वह फोन लगाते ही
फिर से फोन रिंग हो रही है
पर कोई उठा ही नहीं रही
और तभी अचानक से रिया के कानों में हल्की सी
वाइब्रेशन की आवाज आती है
और वह अचानक पीछे पलट पलटते हुए
अपने कान के पास लगे फोन के साथ
धीरे-धीरे अपने हाथ नीचे करतीहै
और पलट से ही
देखती है
आवाज उसे अलमारी की तरफ से आ रही है
मेघना कपड़े निकालते समय
जल्दबाजी में कबड़ पर फोन को रख दिया थी
और वो फोन वाइब्रेशन में रखी हुई है
और जल्दबाजी
में उसे होश नहीं रहा
फोन अपने साथ ले जाने के लिए
और वहरिया हल्के अपने हाथ नीचे करते हुए
ठहरते हुए
बस आगे की तरफ देखी जा रही है
और वहीं दूसरी तरफ आसन दुनिया मे मालिका अपने अपार्टमेंट के
बालकनी में ततिरछी खड़ी होकर मुस्कुराते हुए किसी से बात करते हुए
कहती है
हां वह चला गया
और वही उधर से आवाज आता है
एक गंभीर आवाज आता है
वह कहां गया है
और वही मालिका तिरछे खड़े होकर
हल्के डोलते हुए
अपने दूसरे हाथ बढ़ाकर
हल्के बाई शोल्डर पर आगे की तरफ बिखरी हुई
बालों को हल्के हाथों से सहलाते हुए
मुस्कुराते हुए हल्की आवाज में कहती है
शायद अपनी बेटी से मिलने
और
तभी यह कहते ही मालिका
जोलाइन को फ्लेट हुए
तीखी मुस्कान देती है
और वही मेघना की दुनिया में
मेघना सीरियल ऊपर धीरे-धीरे अपनी कदम रखते हुए
निचले फ्लोर से सेकंड फ्लोर पर जा रही है
और वही मेघना के कमरे के दरवाजे की बहार खड़ी
रिया अपने फोन को
अपने काम के पास लगाते हुए
और दूसरे हाथों में
अपनी बहन के फोन रखते हुए
घबराहट में पैनिक होते हुए
रूम के बाहर गलीयारों में चार कदम आगे चलकर जाती है और चार कदम फिर पलट कर पीछे आती है
वह बार-बार वहां राऊन लगाते हुए
किसी को फोन कर रही है
और वही रिया पहले ही हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर चुकी है
और कुछ पुलिस मेघना को उस शहर में ढूंढ रही है
और कुछ पुलीस उस एरिया में घूमते हुए
आसपास लोगों को पूछ रहे है
की कोई उस लड़की को देखा है
पर शायद उस लड़की पर किसी का ध्यान ही नहीं गया
दोपहर के वक्त
सारे यंग लोग कम पर गए हैं
और कुछ बच्चे स्कूल
तो कुछ बुजुर्ग उस मोहल्ले में होंगे
और कुछ बच्चे पर कड़कती धूप में कौन बाहर भटकने होंगे
और वही दूसरी तरफ मेघना के
रूम में भी कुछ पुलीस वाले
चीजों को देखते हुए जांच कर रहे हैं
कमरे में घूमते हुए मोऐना ले रहे हैं तो
कुछ बैठकर लहू लहान कर फर्श को देख रहे हैं
और वहां पर ही किताब को देख रहे हैं
और जांच कर रहे हैं
और वही रिया को लगा कि उसकी बहन को किसी ने मार दिया
या सारे चीजों को तोड़ फोड़ करके
उसके बहन को अपने साथ ले गया
और साथ में उसे नहीं पता कि उसकी बहन के साथ क्या हुआ
उसके फोन भी तो उसके रूम पर ही थी
इसीलिए उसने घबराहट में पैनिक होते हुए
हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया
और वही मेघना नीचे से फ्लोर से चलते हुए
धीरे-धीरे अपने कदम सीडीओ पर रखते हुए
ऊपर की तरफ आ रही है
और तभी अचानक नीचे खड़ी वही
वहीं खड़ा एक हवलदार से बात करते हुए
अचानक सेहॉकी मोड़ते हुए
देखती है
अचानक से उसके नजर सीडीओ पर जाती है
मेघना को हल्के कदम चलकर जाते हुए
वह देखी है
और यह देखते ही
वह आंटी अचानक से पूरी तरह मुड़कर
सीरियस होते हुए
हल्की कदम आगे बढ़ते हुए
रिएक्ट करते हुए जल्दबाजी में चिल्लाते हुए
अपनी दाएं हाथ हल्के ऊपर करते हुए कहती है
मेघना
और
यह सुनते अचानक से
वह हवलदार भी पलट कर मेघना की तरफ देखा है
और यह कहते हुए वह आंटी मेघाना की तरफ
अपना हाथ बड़ाते हुए
अचानक रिएक्ट करते हुए सीडीओ के पास आते हुए
ठहेर जाती है
और वही मेघना के कानों मे अचानक आंटी की आवाज घूजती है
और वो अचानक से अपनी बड़ाते हुए कदम को
वहीं सीडीओ पर ठहेरा देती है
और फिर अचानक हल्के मुड़कर
उसे आंटी की तरफ देखती है
और वही अचानक से आंटी अपने ठहरे हुए
कदम को सीडीओ की तरफ बढ़ते हुए
आगे बढ़ती है
और वही वह हवलदार है मेघना को देखते हुए
शौक होकर अपने तेज कदम बढ़ाते हुए
सीडीओ की तरह बढ़ता है
पर वही मेघना को कुछ समझ नहीं आती
वह बस आंटी की तरफ हल्के सर तिरछी करते हुए देख रही है
और वहीं रिया अचानक से पलटी है
और चलते हुए
उसकी नजर अचानक बीच सीडीओ पर खड़ी अपनी बहन पर पड़ती है
वह अपनी बहन को देखते हुए
अचानक शौक होते हुए ठहर जाती है
और उसके फोन वाली हाथ अपने आप कानों के पास से
नीचे हो जाती है
और वहीं दूसरी तरफ रूम में वह सभी पुलिस ऑफिसर बैठकर सारे शीशे को उठाते हुए
साइड कर रहा है
और किताबों को और उस माहौल को देख रहा है
दो ऑफिसर वही लहू लहान फर्श के बगल में बैठे हुए
अपने हाथ में रखे हुए
एक छोटी सी प्रोटीन की थैली में
दूसरे हाथों से पकड़े हुए चिमटे से
कुछ शीशे चिमटे
से पकढ़ते हुए
एक-एक करके उस थैली में डाल रहे हैं
और वहीं दूसरी ऑफिसर चारों तरफ घूमते हुए देख रहे हैं
पर वही उसे स्थिति के बारे में समझ मैं ही नहीं आ रहा
अगर यह कहानी आप सबको अच्छी लगे तो आगे पढ़ते रहिए
मैं आपकी प्रिय लेखक अभिनिशा❤️🦋💯