जिंदगी की दूसरे किनारा - 9 AbhiNisha द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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जिंदगी की दूसरे किनारा - 9

जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 9


और फिर कुछ घंटे के बाद मेघना अस्पताल के ग्राउंड फाइल के लोभी में है
उसके दाएं हाथ में प्लास्टर लगा हुआ है
 और वह 
 धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हैं 
आगे जाते हुए घूम रही है
 आसपास नजरे दोहराते हुए 




और वहीं अस्पताल के बाहर तेज बारिश हो रही है 
और तेज हवा भी चल रही है 





और वहीं कुछ लोग अस्पताल में लोभी में ब्रांच पर बैठे हुए हैं
अपनी फैमिली मेंबर की वेट करते हुए 

 ओ वही कुछ नर्स और डॉक्टर आ जा रहे हैं 




और वही मेघना चलते हुए इधर-उधर नजर दोराते हुऐ
लोभी के साइड फ्लोर के किनारे में खंभे के पास बाहर बारिश की तरह देखते हुए जाती है
कुछ कदम जाते ही 
फ्लोर के खंभे के पास अचानक ठहर जाती है
 और बारिश की तरह देखते हुए 
उसके होंठ खामोश है
 तभी वह
बारिश के तेज बंद और आवाज के साथ वह 
धीरे-धीरे उन्हें देखते हुए 
पिछले यादों में चली जाती है 







और वही धुंधले से बारिश की बूंदे के बीच 
 एक दो मंजिलें बिल्डिंग दिखता है
सड़क के दूसरी साइड 
और बाहर जो जोरदार बारिश हो रही है 
और वही मेघाना के दोनों हाथों में हथकड़ियां लगे हैं
और वहा
 पूछताछ वाले रूम में चेयर पर बैठी हुई है
उसेरूम में बस सन्नाटा है 

मेघना
टेबल पर हाथ रखते हुए 
और वह अपनी हल्की नजरे घूमर 
 रूम से बाहर की तरफ
खामोश होटो के साथ 
देख रही है 




और वही
इंटेरोगेशन रूम में कैमरे लगे हुए हैं
 जो उसके हर हरकत पर नजर रख रही है
 बाहर बैठे कुछ ऑफिसर उसे देख रहे हैं 





और तभी अचानक एक ऑफिसर इंटीग्रेशन रूम के
 दरवाजा अपने हाथ बढ़ाकर खोलते हुए
 और अपने दूसरे हाथों में एक फाइल लेते हुए 
उस रूम में अंदर आता है



 और दरवाजा को अपने हाथों से छोड़ते ही 
हाथ फाइल की तरफ बढ़ता है 
 और फाइल वाले हाथ को उठाते हुए  
अपने आगे हाथ धीरे-धीरे करते हुए
और अपनी कदम बढ़ाता है 
दो चार कदम बढ़ते हैं 
और तभी अचानक और मेघना की तरफ देखते हुए 
अपने कदम रोक लेता है 
और फिर वह अपने दोनों हाथों से फाइल पकढ़ते हुए 
 उन फाइलों को धीरे-धीरे अपने चेस्ट के पास लाते हुए 
और ठहराते हुए 
 
 गंभीरता से मेघना के तरफ देखा है
उसके खामोश होंठ के साथ 
 उसे खिड़की के बाहर देखते हुए 





और वही मेघना अब बिल्कुल शांत है
 वह कुछ नहीं बोल रही ना ही कोई सफाई दे रही 
वह खिड़की से बाहर तेज बारिश की तरह देख रही है 
शायद वह समझ चुकी है कि 
 उसे फसाया गया है 
और यह इतनी आसान नहीं




और ही 
वह सीनियर सरकारी ऑफीसर मेघना को देखते हुए
  कुछ सेकंड ठहरने के बाद
धीरे-धीरे अपनी चेस्ट के पास से नीचे अपने फाइल वाले हाथों को लाते हुए 
 और दूसरे हाथ फाइल से हटते हुए 
 और अपनी कदम बढ़ाते हुए
 मेघना की तरफ बढ़ता है 





और वही मेघना उस ऑफिसर की तेज कदम की आवाज सुनते ही 
अचानक से टेबल पर अपने हाथ रखे हुए ही 
नजरे घूम कर उस ऑफिसर की तरह देखा है 
उदास चेहरे के साथ खामोशी के साथ





और वही तभी वह सीनियर ऑफिसर आते ही 
अपने बाएं हाथ नीचे करते हुए 
और दाएं हाथ में फाइल लेते हुए 
मेघना के दूसरी साइट थोड़े मोटे हैं और दो कदम चलते हुए 
टेबल के बगल रखी हुई कुर्सी के सामने
  हल्के झुकते हुए
अपने बाऐ हाथ बढ़ाकर कुर्सी को खींचता है 
और फिर कुर्सी खींचते ही हाथों से कुर्सी छोरता है 
अपने हाथ नीचे करता है 
और 
हल्के मूडते हुए हल्की सी सिद्ध होते हुए खरा होता है 






और वही मेघना टेबल पर वैसे ही हाथ रखते हुए 
हल्की नजर उठा कर ठंडा निगाहों से 
 उसे ऑफिसर की तरह देखा है 




और वही वह ऑफिसर
 फिर एक कदम चलकर आगे बढ़ते हुए 
हल्के झुकते हुए 
और मेघना को कड़ी निगाहों से देखते हुए
 अपने हाथ बढ़ाते हुए 
टेबल पे हल्के जोर से फाइन पटक कर रखते हुए
चेयर पर चेयर बैठता है 






और वही मेघना अधिकारी के ऐसा करते ही 
 अचानक से चकते हुए 
लंबी सांस लेते हुए 
अचानक हल्की पलके छपकता है 
और उसकी बॉडी हल्की रिएक्ट कर उठती है 
और वह पल्के उठाते हुए 
वैसे ही
 बस एक नजर लिए उसे ऑफिसर की तरफ देख देख रही है






और वही वह ऑफिसर बैठते ही सीधे निगाहें करते हुए
 मेघना पर निगाहें अपना टिका देता है 

और कुछ सेकंड उसे देखते हुए
 अचानक अपनी पलके हल्के झुकते हैं 
और अपने हाथ फाइल पर रखते हुए 
फाइलों के पन्ने को 
 अपने हाथों की उंगलियों से पलटाने लगते हैं 
मेघना को देखते हुए



और वही मेघना वैसे ही अपने होंठ खामोश लिए 
 उस ऑफिसर की तरफ देख रही है






और वही बाहर और कुछ ऑफिसर स्क्रीन पर 
मेघना को देख रहा है खामोश चेहरा लिए 
 और अजीब सी मन में सवाली







और वही इंटीग्रेशन रूम में 
वह ऑफिसर फाइल पलटते हुए
 अचानक नजर उठाकर मेघना को देखा है
 और 
अचानक रुक जाता है 
 फाइल पर अपने हाथ रखते हुए 








और वही मेघना भी 
 उस ऑफिसर की तरफ ठंडी भाव के साथ देख रही है 





और वही वह ऑफिसर कुछ सेकंड ठहरने के बाद
ठेहराऊ भरी हल्के तेज आवाज में कहता है 

 
तुमने ऐसा क्यों किया 




और यह सुनते ही मेघना ठंडी का लिए 
उस ऑफिसर की निगाहों पर अपने आंखें टिका देती है 





और वही वह ऑफिसर मेघना को देखते हुए 
2 सेकंड ठहरने के बाद 
 ठेहराऊ भरी लहजे में कहता है 

क्या तुम अपनी गलती मानती हो 





और 
तभी यह सुनते ही मेघना उस ऑफिसर को देखते हुए 
अचानक से अपने पलके झुकते हुए 
और फिर से पलके उठाकर ठहर जाते है 
उस ऑफिसर की आंखों में देखते हुए 





और वही वह ऑफिसर सवाल करते ही
 मेघना के चेहरे पर अपने आंखें टिका दोती है 





और वही मेघना ऑफिसर की तरफ देखते हुए
अचानक से अपने टेबल पे रखे हुए 
हाथों के मुठियों को हल्के बनते हुए 
मुट्ठियों को और पूरी बॉडी के नसों को टाइट कर लेती है 
और फिर हल्की सी फल्के झपकाते हैं 






और वही ऑफिसर मेघना को देखते हुए 
हल्के नजरे झुक कर उनकी बंधी हुई हाथों की मुट्ठीयों को 
देखा है 
और फिर हाथों की मुट्ठियों को देखते हुए 
धीरे-धीरे अपनी नजर उठा कर उसके पलके झुकते हुए 
 चेहरे को देखा है





और वही मेघना कल की छपकाते ही
अपने पलके खोलते हुए 
अपनी बॉडी को और अपने हाथों की बंधी हुई मुठियों को ढीला करती है 
 और 
 अचानक से अपने नजरे झुका लेती है 









और वहीं जूनियर ऑफिसर सभी मेघना को देखते हुए 
आपस में बाहर स्क्रीन की तरह देखते हैं
 एक दूसरे से बात करने लगते हैं
और सवाल करने लगते हैं 

क्या यह सच में गीलटी है 




और वही एक लेडिस अधिकारी स्क्रीन की तरह देखते हुए 
दूसरे ऑफिसर की तरफ हल्के अपने हाथ बढ़ाकर रिएक्ट करते हुए 
हल्की आवाज में कहती है


 पहले देखा तो यह क्या कह रही है 






और वही मेघना अपने दोनों हाथ वैसे ही मुट्ठी बांधकर  
टेबल पर रखते हुए 
और अपनी नजरे झुकते हुए ही
 हल्की आवाज में कहती है 

हां यह मेरी गलती है 






और यह 
 सुनते ही हो सरकारी अधिकारी 
अचानक से दंग रह जाता है 
और सोचता है इतनी आसानी से 
यह अपनी गलती क्यों मान रही है 
 और वह ऑफिसर अचंभा और गंभीरता के साथ मेघा की तरफ देख रहा है अपनी निगाहें बड़ी करते हुए







और वही बाहर यह सुनते हुए 
ऑफिसर सभी एक दूसरे से 
 अचानक से बातें करने लगते हैं 
कोई ऑफिसर कहता है 

 क्या कह रही है लड़की 


वही एक ऑफिसर कहता है 

क्या सच में

और एक दूसरे से बात करते हुए वह सभी
अचानक से एक दूसरे की तरफ देखते हैं 
और फिर एक दूसरे को देखते हुए 
मेघना पर अपनी नजर टिका देते हैं 





और वही मेघना
 बोलते हुए कुछ सेकंड ठहर जाती है 
और फिर नजर उठा कर
 उस अधिकारी की तरह देखते हुए
 उदासी में ठंडी भाव के साथ हल्की ऊंची लहजे में कहती है

हां मैंने गलती की
साईद में भूल गई थी मेरा काम 




और वही वह ऑफिसर अपने दोनों हाथ को टेबल पर 
रखकर बांधते हुए 
गहरी नजर से मेघना की तरफ देख रहा है 





और वही मेघना अपनी बातों को बढ़ाते हुए ठंडी भाव से ऑफिसर कि तरफ देखते हुए
 कहती है 


फाइल को पहुंचाना नहीं था
 बल्कि उसे पढ़ना और ठीक से जांच करना 
भी है 







और वही बाहर के सारे ऑफिसर एक दूसरे से बात करते हुए स्क्रीन की तरफ नजर गराते हुए 
आपस में बात कर रहे हैं

और उन्हें में से वह लेडी ऑफिसर मेघना की तरह गंभीरता से देखते हुए 
और अपनी आंखों सिकोड़ते हुए हैरानी के साथ कहता है

आ कितनी मुश्किल है





और वही मेघना ऑफिसर की तरफ वैसे ही देखते हुए 
और 
 अपनी बातों को वैसे ही
 ठंडी भाव के साथ थोरी ठेहराऊ भरी लेहजों में कहती है


मैं बस किसी पर आंखें बंद करके भरोसा कर लिया था
 जो मुझे कभी करना ही नहीं चाहिए था
 पर अब क्या करूं मैं गलती कर दी 





और वही ऑफिसर वैसे ही मेघना के तरफ देखते हुए
 हॉकी होंठ खोलकर अपने अंदर सांस भरता है 





और वही मेघना अपनी मुट्ठी बांधे हुए हाथों को हल्के राउंड करते हुए 
ऑफिसर को देखते हुए 
अचानक से हल्के से पलके झुकती है
और हल्की ठेहराऊ भरी लहजे में कहती है 



मैं मानती हूं 
कि मेरे यह सबसे बड़ी गलती
 फाइल को ना पढ़ना
बिना पढ़े ही मैनेजर के पास पहुंचाना 
और फिर डिप्टी सीएम के पास पहुंचाना 



और यह कहते हुए मेघना 
 अचानक ठहर जाती है 
और ठहरते हुए अचानक से पलके उठा कर 
उस ऑफिसर की आंखों में देखते हुए 




वह ठंडी आंखें जिसमें सवाल है 
और सामने बैठी गई इंसान को 
अपराधी मान चुके फैसला जैसे इरादे 





और वही वह ऑफिसर अपने होंठ खुला रखते हुए ही 
मेघना के अपने तरफ देखते हुए देख रहा है 




और तभी मेघना उस ऑफिसर को देखते हुए 
 अचानक 4 सेकंड के बाद 
ठंडी भाव के साथ ठेहराऊ भरी लेहजे में कहती है 


पर अब मैं क्या करूं ऑफिसर 




और यह कहते हैं अचानक से उस माहौल में 
सन्नाटा फैल जाता है 


और वही वह ऑफिसर खामोशी से 
मेघना के तरफ बस देख रहा है
 सच जाने की चाहत लिए



दोनों एक दूसरे को बस उसे सन्नाटे में खामोशी से देख रहे हैं





और अब वही धीरे-धीरे मेघना बारिश की बूंद के साथ यादों से वापस आ जाती है
 वह अपने बैंडेज लगे हाथों को
 अपने कंधे से लगाते हुए हैं 
और दूसरे हाथ लोभी से बाहर निकलते हुए 
बारिश में रखा है


उसके हाथों पर धीरे-धीरे बारिश की बूंदे गिर रही है
 और उनके हाथों से गिरते हुए
 बंदेनीचे जमीन पर टपकती हुए
 गिर रही है 
और उस बारिश की बंदे के साथ
 मेघना की आंखों में भी आंसू के बंदे फर्श पर गिर रही है